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सिगरेट की जगह इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने वाले हो जाएं सावधान

सिगरेट की जगह इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने वाले हो जाएं सावधान

भारत सरकार ने स्वास्थ्य के लिए बढ़ते हुए खतरे को देखकर, इलेक्ट्राॅनिक सिगरेट के उत्पादन, आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत ही नहीं अमेरिका जैसे कई देशों में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो ये सिगरेट की तरह ही खतरनाक है।

इस तरह हो रहा फेफड़ो को नुकसान (Lung Disease)

हाल ही में न्यूयार्क में फेफड़ों की बीमारी के 34 मामले सामने आए हैं, जिन्हें वेपिंग से जोड़कर ही देखा जा रहा है। हैरान करने वाली बात ये है कि वेपिंग के दौरान विटामिन-ई एसीटेट (Vitamin E acetate) के नमूने का पता चला है। मतलब साफ है, वेपिंग प्रोडेक्ट में विटामिन-ई एसीटेट का यूज किया जा रहा है। ये फेफड़ों को हार्म पहुंचा रहा है। जब न्यूयॉर्क राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी जांच-पड़ताल की तो विटामिन-ई ऑयल (Vitamin E Oil) के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।

और पढ़ें: स्मोकिंग छोड़ने के लिए वेपिंग का सहारा लेने वाले हो जाएं सावधान!

क्या होती है वेपिंग (Wiping)?

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेपिंग में निकोटिन, प्रोपलीन ग्लाइकोल, ग्लिसरीन और फ्लेवर होता है। लोगों को मानना है कि इसमें पाए जाने वाले फ्लेवर सेहत के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। फेफड़ों के साथ ही ये लिवर को खराब कर पाचन शक्ति को भी प्रभावित करता है। इससे त्वचा में ड्रायनेस आ जाती है, जिससे चेहरे पर झाइयां आनी शुरु हो जाती हैं।

एक बयान में कहा गया कि विटामिन-ई त्वचा में उपयोग के लिए सुरक्षित है। विटामिन-ई के तेलीय गुणों के बारे में जांच अभी जारी है। जांच के दौरान ये पाया गया कि अधिकांश लोगों ने नशे के लिए सभी चीजें काला बाजार से खरीदी थी, इस वजह से वेप उत्पादों के नकली होने की शंका जताई जा रही है। अब तक 25 राज्यों से वेपिंग संबंधी बीमारी के 200 से अधिक मामलें आ चुके हैं। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। कैलिफोर्निया के एक डॉक्टर ने यह भी कहा कि उनमे से कुछ लोग THC,CBD और इनके साथ में बने संयोजन को भी लेते हुए पाए गए है।

रोगियों के साथ बातचीत के दौरान ये बात सामने आई है कि सभी ने पॉप-अप-शॉप, या फिर किसी अजनबी से वेप उप्पादों को खरीदा था। किसी ने भी लाइसेंस वाली शॉप से इसे नहीं खरीदा। पॉप-अप-शॉप एक जगह नहीं रहती है। ये विज्ञापन करती हैं और दूसरी जगह चली जाती हैं।

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इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में आमतौर पर निकोटीन होता है।अधिकांश में स्वाद और अन्य रसायन भी होते हैं, और कुछ में मारिजुआना या अन्य पदार्थ शामिल हो सकता है। आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले नाम वाप्स, ई-हुक्का, वेप पेन, मॉड, टैंक या इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) हैं।

लक्षण (Symptoms)

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेपिंग करने वाले लोगों में आमतौर पर खांसी, सांस की तकलीफ या सीने में दर्द की समस्या होती है । कुछ लोगों को मतली, उल्टी, दस्त, थकान, बुखार और वजन घटाने की समस्या भी हो सकती है। समय के साथ लक्षण विकसित हो सकते हैं । न्यूयार्क के दो राज्यों में, THC या CBD के केस सामने आए हैं। CDC कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर कोई भी पदार्थ या ई-सिगरेट उत्पाद के बीमारी से जुड़े होने की सूचना नहीं है।

और पढ़ें: ई-सिगरेट पीने से अमेरिका में सैकड़ों लोग बीमार, हुई 5 लोगों की मौत

मोम और तेल का हो रहा है इस्तेमाल ( Candle & Oil Uses)

विस्कॉन्सिन में 32 मामलों को 29 अगस्त के रूप में सूचित किया गया था। वहां के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अब तक 27 मरीजों में से 89% ने ई-सिगरेट और अन्य वेपिंग उपकरणों का उपयोग करके टीएचसी उत्पादों, जैसे कि मोम और तेल का उपयोग किया था। इस दौरान रोगियों ने विभिन्न प्रकार के ब्रांड नेम और स्वाद बताए। टीएचसी के साथ वेपिंग कार्टिजस में ऐसे रसायन या योजक शामिल हो सकते हैं जो असुरक्षित, अज्ञात और अनियमित हैं। विस्कॉन्सिन डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ सर्विसेज की एक प्रवक्ता एलिजाबेथ गुडिट कहती हैं कि “जांच जारी है, और हम इस बारें में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।

स्टेरॉयड (Steroids) की ले रहे हैं मदद

CDC के अनुसार, स्टेरॉयड ने उन रोगियों की मदद की है, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उपयोग से फेफड़ों की गंभीर बीमारी थी। टेरिड्स कहते हैं कि स्टेरॉयड के एक कोर्स ने किंग्स काउंटी के कई रोगियों की मदद की। मरीजों को एक हफ्ते से एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था और उनके डिस्चार्ज के बाद भी घर पर इलाज जारी रहा।

और पढ़ें: लौंग सिगरेट कैसे हैं सेहत के लिए हानिकारक? जानिए इससे संबंधित तथ्यों के बारे में

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से जुड़ी अहम बात (Facts related electronic Cigarette)

ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में निकोटीन होता है, जो नशे की लत है और सेवन करने वाले के मस्तिष्क में ट्रिगर करता है। यह गर्भावस्था के दौरान खतरनाक है क्योंकि यह भ्रूण के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

जो लोग इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सेवन करते हैं वो तंबाकू के सेवन के आदि हो जाते हैं।

जो लोग स्मोकिंग छोड़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सेवन करते हैं उन्हें ई-सिगरेट का सेवन न कर हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।

वैसे लोग जो इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सेवन कर चुके हैं या कर रहें हैं उन्हें भी सिगरेट छोड़ने में परेशानी होती है और ज्यादातर लोग सिगरेट का सेवन करना नहीं छोड़ पाते हैं।

और पढ़ें: स्मोकिंग छोड़ने के लिए वेपिंग का सहारा लेने वाले हो जाएं सावधान!

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सेवन वैसे लोगों को नहीं करना चाहिए जिन्होंने कभी स्मोकिंग नहीं की है। इसके सेवन से व्यक्ति को परेशानी हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का भी सेवन न करें।

ई-सिगरेट में सामान्य सिगरेट की तुलना में कम केमिकल होता है। लेकिन इसमें लेड जैसे कई अन्य केमिकल्स की मौजूदगी फेफड़े की बीमारी से जुड़ा हो सकता है। इससे भी कैंसर का खतरा हो सकता है। ई-सिगरेट का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के पास खड़े रहने से सामने खड़े हुए व्यक्ति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये सामान्य सिगरेट की तरह ही शरीर पर बुरा प्रभाव डालता है।

बाजार में ऐसे भी इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट आसानी से उपलब्ध हैं जिन पर लिखा होता है निकोटिन फ्री लेकिन, ऐसा नहीं होता है। उनमें भी निकोटिन मौजूद होता है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट यानी ई सिगरेट के एक नहीं, बल्कि कई तरह के साइड इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है। जैसे:

  • डीएनए पर नेगेटिव प्रभाव पड़ना।
  • सांस, हृदय और फेफड़े से जुड़ी समस्या होना।
  • महिलाओं में गर्भधारण के दौरान परेशानी होना।

ऐसी किसी भी परेशानियों से बचने के लिए स्मोकिंग की लत से दूर रहें।

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेपिंग के अत्यधिक सेवन से अन्य ड्रग्स के भी व्यक्ति शिकार हो सकते हैं। दरअसल ई-सिगरेट के सेवन से आपको ड्रग्स की भी लत लग सकती है।

अगर आप इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

 

Vaping Devices (Electronic Cigarettes)/https://www.drugabuse.gov/publications/drugfacts/vaping-devices-electronic-cigarettes/ Accessed on 22/06/2021

Electronic Cigarettes/https://www.cdc.gov/tobacco/basic_information/e-cigarettes/index.htm/ Accessed on 22/06/2021

E-cigarettes: Facts, stats and regulations/https://truthinitiative.org/research-resources/emerging-tobacco-products/e-cigarettes-facts-stats-and-regulations/ Accessed on 22/06/2021

Vaporizers, E-Cigarettes, and other Electronic Nicotine Delivery Systems (ENDS)/https://www.fda.gov/tobacco-products/products-ingredients-components/vaporizers-e-cigarettes-and-other-electronic-nicotine-delivery-systems-ends/Accessed on 22/06/2021

लेखक की तस्वीर badge
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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