बच्चों के कपड़े खरीदते समय रखें इन बातों का ख्याल

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अपडेट डेट अगस्त 28, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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बच्चों की देखभाल करना मुश्किल होता है, खासकर तब जब आप न्यू पेरेंट्स हों। ऐसे में कई बार शिशु के लिए कपड़े खरीदना काफी मुश्किल हो जाता है। माता-पिता शिशु के कपड़े लेने के संबंध में बहुत चिंतित हो जाते हैं। बच्चे के लिए कौन से कपड़े लें, क्या न लें, यह सोच उन्हें बहुत परेशान कर सकती है। डॉ श्रीनिवास (डॉक्टर, बिहार सरकार) ने हैलो स्वास्थ्य से बात करते हुए बताते हैं कि, “शिशु के शरीर का विकास शुरुआती सालों में बहुत तेजी से होता है। जैसे-जैसे शिशु बड़ा होता है, जल्दबाजी में लिए गए कपड़े उन्हें छोटे होने लगते हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए यह जरूरी होता है कि बच्चों के लिए कपड़े समझदारी से कपड़े खरीदें, ताकि शिशु उन्हें काफी दिनों तक पहन सके।”

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बच्चों के कपड़े खरीदते समय रखें साइज का ख्याल

बच्चों के कपड़े खरीदते समय उनकी लंबाई और वजन का खास ध्यान रखना चाहिए। शिशु के शरीर का विकास बहुत तेजी से होता है। बच्चे के आकार को ध्यान में रखते हुए बच्चे के लिए स्ट्रेचेबल कपड़े खरीदें। साथ ही बच्चों के कपड़े खरीदते समय यह भी ध्यान दें कि बच्चों के कपड़ों में जिप या चेन न हों। इसकी जगह इलास्टिक हो, तो बेहतर होगा।  

बटन या टाई वाले कपड़े न खरीदें 

बच्चों के कपड़े खरीदते समय यह भी देखें कि उनमें बटन, टाई या रिबन न हों। यह बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। अकेले होने पर संभव है कि वे अपने कपड़ों के बटन को तोड़ कर मुंह में डाल सकते हैं। इसके अलावा टाई या रिबन को बच्चे मुंह में डालते हैं और यह भी सेफ नहीं होता। शिशु के कपड़े खरीदते समय हमेशा नॉर्मल गले वाले व हल्के कपड़े खरीदना चाहिए। दो से तीन साल के बच्चे अपने कपड़े की एक्सेसरीज के साथ खेलते हैं और फिर उन्हें हटाने की कोशशि भी करते हैं। ऐसे में ड्रेस तो खराब होगी ही और साथ ही मैटल की एक्सेसरीज से बच्चे को चोट लगने का भी खतरा रहता है। अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो बेबी क्लोथ खरीदना आपके लिए बहुत आसान हो जाएगा। 

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बच्चों के कपड़े खरीदते समय सॉफ्ट फैब्रिक को ही प्राथमिकता दें

नवजात बच्चे की त्वचा बहुत कोमल व मुलायम होती हैं। इसलिए उन्हें पॉलिस्टर और सिंथेटिक आदि फैब्रिक के बने कपड़े पहनाने से बचना चाहिए। इन कपड़ों में बच्चे के शरीर की गर्मी बाहर नहीं आ पाती और उन्हें घमौरियां होने का खतरा  बना रहता है। बच्चों के कपड़े सूती या मिक्स्ड कॉटन के हो, तो ही सही है। डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं, कि बच्चे को सूती और मुलायम कपड़े पहनाने से उनमें स्किन-प्रॉब्लम के जोखिम कम रहते हैं। अगर आप बच्चे को अन्य फैब्रिक पहना रहे हो तो ध्यान रखें कि उसे नीचे कॉटन की अंडर शर्ट जरूर पहनाएं। ऐसा करने बच्चे को अन्य फैब्रिक के कपड़े पहनने से समस्या नहीं होगी। 

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बच्चों के कपड़े वहीं चुनें, जिनमें डायपर चेंज करना आसान हो

शिशु कपड़े बहुत गीला करते हैं। ऐसे में कपड़े का चुनाव करते समय इसे भी ध्यान में रखें। बच्चे के कपड़े चुनते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि उन कपड़ों में डायपर आसानी से बदला जा सके। इसके लिए आपको एलास्टिक कमर-बंद वाले कपड़े ही खरीदने चाहिए। 

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बच्चों के कपड़े खरीदते समय मौसम भी देखें

 बच्चों के कपड़े खरीदते समय उनके जन्म के महीने का खयाल रखें। साथ ही आने वाले मौसम के लिए भी अभी से ही तैयारी कर लें। जब भी फैब्रिक का चुनाव करें, तो यह ध्यान में रखें वह मौसम के अनुकूल हो। गर्मियों में बेशक सूती कपड़े अच्छे रहते हैं, इसी तरह सर्दियों के कपड़े गरम और बच्चे के लिए कम्फर्टेबल होने चाहिए। आप सर्दियों में बच्चों को एक साथ बहुत सारे कपड़े न पहनाएं। अगर आप बच्चे को नीचे कॉटन फैब्रिक पहना रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि ऊपर ऐसे कपड़े पहनाएं, जिनसे कुछ हवा अंदर तक पास होती है। अगर थोड़ी हवा अंदर नहीं पहुंचेगी तो बच्चा स्वेटिंग करेगा और फिर उसे चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है। 

बच्चों के लिए कपड़े खरीदते समय कलर्स का भी रखें ख्याल

बच्चों के कपड़े खरीदते समय कलर्स का ख्याल रखना भी जरूरी हो जाता है। बच्चों के कपड़े खरीदते समय पेरेंट्स को याद रखना चाहिए कि बच्चे कपड़ों को जल्दी गंदा करते हैं। कई बार तो फीडिंग के समय पेरेंट्स से ही बच्चों के कपड़े गंदे हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि पेरेंट्स ऐसे कलर के कपड़े खरीदें, जिन पर दाग ज्यादा न दिखें। डार्क कलर के कपड़े इस परिस्थिति में पेरेंट्स के काम आ सकते हैं।

 बेबी क्लोथ : कपड़े ऐसे हों जिन्हें पहनाना-उतारना आसान हो

बच्चों के कपड़े खरीदते समय यह भी देखना होगा कि कपड़े ऐसे होने चाहिए जिन्हें पहनना और उतारना दोनों आसान हो। क्योंकि बच्चे दिन में कई बार कपड़े गंदे करते हैं या फिर उन्हें गीला कर लेते हैं। ऐसे में बच्चों के कपड़ों को दिन में कई बार बदलने की जरूरत हो सकती है। अगर कपड़े पहनाने और उतारने आसान होंगे, तो यह बच्चे और पेरेंट्स दोनो के लिए बेहतर होगा। कई बार यह भी देखा जाता है कि कपड़े बदलते समय बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं, तो ऐसे में अगर कपड़े उतारना और पहनाना आसान रहेगा, तो बच्चा भी चिड़चिड़ा नहीं होगा।

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 बेबी क्लोथ : ऑनलाइन शॉपिंग से बच्चों के कपड़े न ही मंगाए

आज हम अपनी छोटी से छोटी जरूरतों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग का ही सहारा लेते हैं, लेकिन बच्चों के कपड़े खरीदते समय इससे दूर रहना ही बेहतर होगा। ऑनलाइन शॉपिंग में पेरेंट्स इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाएंगे कि बच्चों के कपड़ों का फैब्रिक क्या इस्तेमाल किया गया है। साथ ही बच्चों के कपड़ों में यह देखना भी जरूरी होता है बच्चों को कपड़ों से रैशेज भी हो सकते हैं।

बेबी क्लोथ :  एक साथ ज्यादा न खरीदें कपड़े

बच्चों के कपड़े खरीरते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि बच्चे की हाइट बढ़ती जाती है। आपको बच्चे के कपड़े एक साथ बहुत सारे नहीं खरीदने चाहिए। आगर आप एक साथ कपड़े खरीद लेंगी और उन्हें आप पैक करके रख देंगी तो एक साल बाद ही वो बच्चे को छोटे हो सकते हैं। अगर आप किसी अनुभवी मां से इस बात की जानकारी लेंगे तो आपको यही जवाब मिलेगा कि बेबी क्लोथ कभी भी एक साथ बहुत ज्यादा न लें। आप तीन से चार महीने के अंतराल में भी बच्चे के कपड़े खरीद सकती हैं। आप अगर बच्चों के एक साथ कपड़े खरीदना ही चाहती हैं तो कपड़े के साइज थोड़ा बढ़ा कर भी कपड़े खरीदें ताकि वो रखने के बाद भी यूज किए जा सके। 

बच्चों के कपड़े धोते समय रखें इन बातों का ख्याल

बच्चों के कपड़ों को गुनगुने पानी में धोना चाहिए। इसके अलावा बच्चों के कपड़े धोने के लिए माइल्ड डिटर्जेंट का प्रयोग करें। बच्चों के कपड़े धोने के लिए कभी भी हार्श केमिकल्स का इस्तेमाल भी न करें। केमिकल्स से बच्चों को एलर्जी होने का खतरा बना रहता है और साथ ही उनकी स्किन पर रैशेज भी हो सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के कपड़े धोते समय एंटीसेप्टिक सोल्यूशन्स का भी इस्तेमाल करें। साथ ही बच्चों के कपड़ों को बाकी सभी परिवार के लोगों के कपड़ों के साथ वॉशिंग मशीन में धोने के बजाए अलग से हाथ से धोने चाहिए। वॉशिंग मशीन में बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो कपड़ों के जरिए बच्चों के संपर्क में आ सकते हैं और बीमारी का कारण बन सकते हैं। बच्चों के कपड़े कई बार मशीन में साफ भी नहीं हो पाते हैं, तो ऐसे में उन्हें हाथ से रब करके धोने की जरूरत हो सकती है।

एक से दो साल के शिशु के लिए कपड़े चुनते समय मौसम, स्वास्थ्य आदि को ध्यान में रखें। बच्चे का शरीर बहुत तेजी से विकसित होता है। ऐसे में जब भी बच्चे के कपड़े लेने जाएं, तो साइज को भी ध्यान में रखें।

उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको बच्चों के कपड़े से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे।

नए संशोधन की समीक्षा डॉ. प्रणाली पाटिल द्वारा की गई है।

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