backup og meta

बच्चे की लंबाई और वजन उसकी उम्र के अनुसार कितना होना चाहिए?

के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. अभिषेक कानडे · आयुर्वेदा · Hello Swasthya


Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 29/06/2021

बच्चे की लंबाई और वजन उसकी उम्र के अनुसार कितना होना चाहिए?

बच्चे का स्वास्थ्य उसके शरीर की लंबाई और वजन के हिसाब से ही पता चलता है। बच्चे की लंबाई और वजन लिंग और उम्र के आधार पर अलग-अलग होती है। यानी कि, लड़के का वजन और लंबाई, लड़की के वजन और लंबाई से अलग होती है। बच्चे का ग्रोथ चार्ट पेरेंट्स के लिए एक जरूरी टूल है। अक्सर पेरेंट्स बच्चे की लंबाई और वजन को लेकर असमंजस में रहते हैं। आपकी इस कंफ्यूजन को हैलो स्वास्थ्य दूर करेगा। आइए जानते हैं कि बच्चे की लंबाई और वजन (Kid’s height and weight) किस उम्र में कितना होना चाहिए।

और पढ़ेंः बच्चों के लिए इनडोर एक्टिविटी हैं जरूरी, रखती हैं उन्हें फिजीकली एक्टिव

बच्चे की उम्र के अनुसार लंबाई और वजन (Kid’s height and weight)

बच्चे की लंबाई और वजन-Kid's height and weight

जन्म से लेकर 4 दिन तक के लिए (4 Days Baby)

अमूमन नवजात की लंबाई 19.5 इंच होती है। साथ ही वजन 3.300 किलोग्राम रहता है। नवजात शिशु (New Born Baby)अगर लड़का है तो उसकी भी लंबाई और वजन दोनों लड़की के बराबर होगी। लेकिन, नवजात शिशु के शरीर का वजन ( Baby Weight) जन्म से चार दिनों के भीतर पांच से दस फीसदी तक घटता भी है।  बच्चों में लिंग के आधार पर शुरुआत में ज्यादा अंतर नहीं होता है। जब बच्चों में प्यूबर्टी शुरु होती है तब वजन और लंबाई (Kid’s height and weight) में ज्यादा अंतर दिखाई देता है।

5 दिन से 3 महीने तक के लिए ( 3 – 5 Month)

बच्चे का वजन जन्म के पांचवे दिन से बढ़ना शुरू हो जाता है। जो हर महीने कुछ-कुछ ग्राम बढ़ता रहता है। बच्चे की लंबाई पहले महीने में 21.6 इंच हो जाती है, जो दूसरे महीने में बढ़कर 23 इंच हो जाती है। वहीं, तीसरे महीने में बच्चे की लंबाई 24.2 इंच हो जाती है। वहीं, एक माह के बच्चे का वजन 4.400 किलोग्राम रहता है। जो दूसरे महीने में बढ़कर 5.600 किलोग्राम हो जाता है। वहीं, तीसरे महीने में बच्चे का वजन 6.400 किलोग्राम हो जाता है।

और पढ़ेंः क्या नवजात शिशु के लिए खिलौने सुरक्षित हैं?

3 से 6 महीने तक के लिए ( 3 to 6 month)

तीसरे से छठे महीने (6 Moth baby) में आते-आते बच्चे की वजन लगभग दो गुना हो जाता है। चौथे महीने में बच्चे (4 Month baby)की लंबाई 25.2 इंच और वजन 7 किलोग्राम हो जाता है। वहीं, पांचवें महीने में बच्चे का कद 26.2 इंच और भार 7.500 किलोग्राम होना चाहिए। छठे महीने में बच्चे की लंबाई 26.6 इंच और वजन 7.900 किलोग्राम होता है।

7 माह से 1 साल तक के लिए ( 7 month to 1 year)

सातवें महीने से मां स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार भी देना शुरू कर देती है। इसलिए बच्चे का वजन (Baby weight) तेजी से बढ़ना शुरू होता है। सात से आठ माह तक बच्चे की लंबाई बढ़कर 27.8 इंच हो जाती है। वहीं, वजन में 8.600 किलोग्राम हो जाता है। नौ से दस माह के बच्चे की लंबाई 28.3 इंच हो जाती है और वजन 9.100 किलोग्राम हो जाता है। बच्चे के पहले जन्मदिन तक उसकी लंबाई 29.8 इंच और वजन 9.600 किलोग्राम होना चाहिए।

और पढ़ेंः बच्चों की मालिश के लिए तेल चुनते वक्त रखें इन बातों का ख्याल

1 साल के बच्चे के लिए (1 year)

इस उम्र के बाद बच्चे की लंबाई और वजन बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। इसलिए 23 महीने के बच्चे की लंबाई 34.2 इंच ही बढ़ती है। वहीं, बच्चे का वजन 11.900 किलोग्राम हो जाता है।

2 साल के बच्चे के लिए (2 year)

दो साल के बच्चे का वजन 12.5 किलोग्राम हो जाता है। वहीं, उसके शरीर की लंबाई 34.2 इंच रहती है। जो ढाई साल में एक से डेढ़ इंच ही बढ़ पाती है।

3 साल के बच्चे के लिए (3 year)

तीन साल के बच्चे की लंबाई में मात्र तीन इंच का इजाफा होता है। बच्चे की लंबाई 34.2 इंच से बढ़कर 37.5 इंच हो जाती है। वहीं, उसका वजन लगभग 14 किलोग्राम हो जाता है। बच्चे के वजन में ये इजाफा ठोस और संतुलित आहार लेने के कारण होता है।

4 साल के बच्चे के लिए (4 Year)

चार साल के बच्चे की लंबाई 40.3 इंच होती है। वहीं, वजन 16.300 किलोग्राम होता है। इस उम्र में बच्चे के हाथों-पैरों की लंबाई के साथ वजन में भी इजाफा होता है।

5 साल और उसके ऊपर के बच्चे के लिए (Above 5 year)

पांच साल तक के बच्चे स्कूल जाने लगते हैं और उनकी शारीरिक क्रियाविधि भी बढ़ जाती है। पांच साल के बच्चे के शरीर की लंबाई (Height)43 इंच होती है और वजन 18.400 किलोग्राम होता है। वहीं, छठे साल में लंबाई 45.5 इंच और वजन 20.6 किलोग्राम हो जाता है। सातवें वर्ष में बच्चे की लंबाई 48 इंच हो जाती है और वजन 22.900 किलोग्राम हो जाता है। आठ वर्ष के बाद लिंग के आधार पर बच्चे के वजन और लंबाई में इजाफा होता है। लड़के के शरीर की लंबाई और वजन लड़की से शरीर से अलग होता है।

पेरेंट्स को इस बात को समझना होगा कि बच्चे का वजन और लंबाई दोनों एक साथ बढ़ना जरूरी है। अगर सिर्फ बच्चे की लंबाई बढ़ रही है और वजन स्थाई है तो ये ठीक बात नहीं है। कई बार पैरेंट्स बच्चे के वजन को देखकर सोचते है कि बच्चे का विकास हो रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है। बच्चे का वजन और लंबाई दोनों का सही विकास होने से ही उसका सही विकास होगा।

और पढ़ें: बच्चों की स्वस्थ खाने की आदतें डलवाने के लिए फ्रीज में रखें हेल्दी फूड्स

[mc4wp_form id=”183492″]

बच्चे की लंबाई और वजन (Kid’s height and weight) के अनुसार आहार

बढ़ते बच्चे की लंबाई और वजन हर पेरेंट्स की चिंता बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप बच्चे के पालन-पोषण का भी ख्याल रखें। बच्चे की लंबाई और वजन का विकास ठीक से हो इसके लिए जरूरी है कि आप उसकी डायट में कुछ फूड शामिल करें:

पालक (Spinach)

पालक आयरन (Iron) का एक अच्छा सोर्स है। रेग्यूलर पालक खाने से बच्चे की लंबाई और वजन पर ठीक ढ़ग से बढ़ता है। लेकिन वहीं बच्चों को पालक खिलाना भी आसान नहीं होता है। बच्चों को अक्सर इसका स्वाद पसंद नहीं होता है। ऐसे में बच्चा अगर पालक खाने से मना करता है, तो आप बच्चे को पालक सेंडविच या दाल में डालकर भी खिला सकते हैं।

अंडा (Egg)

बच्चे की लंबाई और वजन (Kid’s height and weight) ठीक से बढ़े इसके लिए जरूरी है कि आप उसकी डायट (Diet) में अंडे को शामिल करें। अंडा प्रोटीन (Protein) का एक अच्छा सोर्स है। बच्चे को रेगुलर अंडा देने से उसके विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सोयाबीन (Soybean)

सोयाबीन भी बच्चे की लंबाई और वजन बढ़ाने में फायदेमंद साबित हो सकती हैं। ये बच्चे की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने का भी काम करती हैं।

चिकन (Chicken)

चिकन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन्स होते हैं। चिकन बढ़ते बच्चे की हड्डियों (Bone) के लिए अच्छा साबित होता है। ऐसे में चिकन को बच्चे की डायट में जरूर शामिल करें।

दूध (Milk)

दूध बच्चों के बेस्ट फूड ऑप्शन माना जाता है। रोजाना सोने से पहले बच्चे को दूध (Milk) पिलाने उसकी हड्डियां मजबूत होती हैं। बढ़ते बच्चे की लंबाई और वजन के लिए दूध कारगर साबित होता है।

इन अलग-अलग खाने और पीने की चिजों को नियमित सेवन करवाने से बच्चे की लंबाई और वजन दोनों ठीक हो सकते हैं। हलाकि अगर आपके बच्चे को कोई शारीरिक परेशानी है, तो ऐसी स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट बच्चे की सेहत देखकर बेहतर इलाज शुरू कर सकते हैं। कई बार खाने-पीने की चीजों से बच्चों को संपूर्ण पोषण नहीं मिल पाता है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर बच्चे को सप्लिमेंट्स लेने की भी सलाह दे सकते हैं। बाजार में इनदिनों कई अलग-अलग तरह के सप्लिमेंट्स आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं, लेकिन किसी भी सप्लिमेंट्स के सेवन से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना ना भूलें।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड

डॉ. अभिषेक कानडे

आयुर्वेदा · Hello Swasthya


Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 29/06/2021

ad iconadvertisement

Was this article helpful?

ad iconadvertisement
ad iconadvertisement