बच्चे को बॉटल फीडिंग के दौरान हो सकते हैं इस तरह के खतरे, जानें क्या करें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 29, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

बच्चे के लिए स्तनपान सबसे फायदेमंद और जरूरी होता है कम से कम 6 महीने तक, लेकिन कई बार किन्हीं कारणों से मां बच्चे को स्तनपान नहीं करा पाती या उसके स्तनों में बच्चे के पेट भरने जितना दूध नहीं उतरता तो बच्चे को फॉर्मूला मिल्क देना पड़ता है। आमतौर पर यह बोतल से ही दिया जाता है, वैसे कई मांए ब्रेस्ट मिल्क को भी बोतल में डालकर पिलाती हैं। यदि आप भी ऐसा ही करती हैं तो आपको बोतल से मिल्क फीडिंग के खतरे और फीडिंग का सही तरीका पता होना चाहिए।

बोतल से दूध क्यों पिलाया जाता है?

यदि बच्चा हमेशा सीधे ब्रेस्टमिल्क नहीं पी पाता है तो ऐसी मांएं बोतल से फॉर्मूला मिल्क या ब्रेस्ट मिल्क ही बोतल में डालकर पिलाती हैं, जिससे स्तनों में दूध की आपूर्ति होती रहती है और बच्चे को भी स्तनपान का फायदा मिलता है। मिल्क चाहे जो भी हो, लेकिन बोतल से मिल्क फीडिंग के खतरे को कम करने के लिए बोतल को सही तरीके से साफ करना और स्टेरलाइज करना जरूरी है। साथ ही आपको फॉर्मूला मिल्क बनाने का सही तरीका और बोतल से कैसे दूध पिलाया जाता है यह भी पता होना चाहिए। यदि आप भी अपने नवजात को बोतल से दूध पिलाने की तैयारी में है तो जान लीजिए बोतल से फीडिंग का सही तरीका।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

और पढ़ें- मां को हो सर्दी-जुकाम तो कैसे कराएं स्तनपान?

बोतल से मिल्क फीडिंग कराने से पहले मिल्क फ्लो चेक करें

बोतल में चाहे फॉर्मूला मिल्क हो या ब्रेस्ट मिल्क बच्चे को पिलाने से पहले बोतल को उल्टा करके उसका फ्लो चेक कर लें। यदि फॉर्मूला मिल्क डाला है तो सुनिश्चित करें कि यह कमरे के तापमान जितना ही गर्म हो और इसका फ्लो धीरे-धीरे हो ताकि यह बच्चे के मुंह में इकट्ठे जमा न हो जाए। यदि फ्लो बहुत धीमा है तो बच्चा अपनी जरूरत के मुताबिक, दूध पीने से पहले ही सो जाएगा। यदि दूध पीते समय बच्चे के मुंह के किनारे से थोड़ा दूध बाहर निकलता है तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं, उम्र बढ़ने के साथ ही यह बंद हो जाएगा।

बोतल पकड़ाना

पहले खुद सहज होकर बैठ जाएं और बच्चे को अपने पास चिपकाकर अच्छी तरह पकड़ें। बोतल के निप्पल को बच्चों के होंठों के बीच में रखें, वह अपना मुंह खोलेगा और दूध चूसना शुरू कर देगा। बोतल को एक कोण में रखें। बोतल को मुंह में लगाते समय उसे थोड़ा ऊपर की ओर ही उठाकर रखें ताकि बहुत हवा शिशु के मुंह में न जा सके। बोतल को इस तरह से पकड़े कि निप्पल में दूध भरा रहे।

बोतल साफ करना है जरूरी

दूध पिलाने से पहले बच्चे को बोतल और निप्पल को कीटाणुमुक्त करना जरूरी है। इसके लिए बोतल और निप्पल को गर्म पानी में 10 मिनट तक उबालें। फॉर्मूला मिल्क के साथ आने वाली चम्मच को धोना भी जरूरी है।

और पढ़ें- क्या डिलिवरी के बाद मां को अपना प्लासेंटा खाना चाहिए?

बोतल खत्म नहीं करता तो चिंता न करें

कई बार बच्चा दूध पीते-पीते सो जाता है। ऐसे में उन्हें कंधे पर रखें, उनकी पीठ रगड़ें या उनके सिर, पैर और पेट को सहलाकर उठाने की कोशिश करें। नैपी भी बदल सकती हैं जिससे उनकी नींद खुल जाएं। एक बार उठने पर उसे दोबारा बोतल पकड़ाए, लेकिन यदि वह दूध नहीं पी रहा है तो समझ लीजिए कि उसका पेट भर गया है, क्योंकि बच्चों को खुद पता होता है कि उन्हें कितनी भूख लगी है। बोतल से फीडिंग के बाद बच्चे हुए दूध को एक घंटे बाद फेंक दें, उसे दोबारा पिलाने की भूल न करें।

बच्चे को कितनी बार बोतल से मिल्क फीडिंग करानी चाहिए?

आमतौर पर बच्चे एक दिन में 6-8 बार बोतल से दूध पीते हैं, लेकिन यह कोई जरूरी नहीं है कि सभी बच्चे इतना ही दूध पीएं। हर बच्चा अलग-अलग मात्रा में फॉर्मूला या ब्रेस्ट मिल्क पीते हैं। बस इस बात का ध्यान रखिए कि बच्चे को कब भूख लगती है, जब भी वह भूखा हो उसे दूध पिला दीजिए।

और पढ़ें- क्या नॉर्मल डिलिवरी के समय अच्छे बैक्टीरिया पहुंचते हैं बच्चे में?

बोतल से मिल्क फीडिंग के फायदे

बोतल से दूध पिलाने के कुछ फायदे भी हैं जैसे-

  • कोई भी बच्चे को दूध पिला सकता है।
  • फॉर्मूला मिल्क देने की स्थिति में मां की सेहत का बच्चे पर कोई असर नहीं होगा।
  • पब्लिक प्लेस पर आसानी से दूध पिलाया जा सकता है।
  • बच्चा कितना दूध पी रहा है इस पर नजर रखी जा सकती है।
  • मां को अपनी डायट में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई कम होने पर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं होती।

बोतल से मिल्क फीडिंग के खतरे

कई अध्ययन के मुताबिक बोतल से मिल्क फीडिंग कराने से बच्चे को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

  • यदि बच्चा बोतल से दूध पीते-पीते सो जाता है तो लिक्विड उसके फेफेड़ों में जाकर अटक सकता है जिससे सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। यह स्थिति बच्चे कि लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है।
  • जब बच्चे बोतल से मिल्क फीडिंग करते-करते सो जाते हैं तो फॉर्मूला मिल्क धीरे-धीरे बच्चे के मुंह में भरता जाता है जिससे बच्चे के दांत खराब हो सकते है।
  • कान में संक्रमण का भी खतरा रहता है। यदि आप बच्चे को बिस्तर पर सुलाकर दूध पिला रही हैं तो दूध उनके ईयर कैविटी में जा सकता है जिससे कान में संक्रमण हो सकता है।
  • बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में अस्थमा, टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी ब्रेस्टफीड करने वाले बच्चों से अधिक होता है।
  • इसके अलावा एग्जिमा और मोटापे की भी समस्या हो सकती है।
  • निचले श्वसन तंत्र में भी संक्रमण का खतरा रहता है।

बोतल से मिल्क फीडिंग के अन्य खतरे

  • यदि बच्चे को फॉर्मूला दूध पिला रही हैं तो जान लीजिए कि यह ब्रेस्टमिल्क की तरह आसानी से और जल्दी नहीं पचता है। यद ज्यादा समय तक पेट में रहता है जिससे बच्चा यदि ब्रेस्टफीड करता भी है तो वह बहुत कम करेगा जिससे स्तनों में दूध की आपूर्ति कम हो जाएगी।
  • यदि बच्चे को बोतल से फॉर्मूला मिल्क दे रही हैं तो उसके चूसने का तरीका भी बदल जाएगा। बोतल से दूध पीने के बाद वह ब्रेस्ट को सही तरीके से खींच नहीं पाता है और बच्चे के लिए ब्रेस्टफीडिंग थोड़ी मुश्किल हो जाती है।

जो बच्चे सिर्फ मां का दूध पीते हैं वह दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहते हैं और उन्हें अस्थमा, डायबिटीज, कान का संक्रमण, एग्जिमा, मोटापा और श्वसन तंत्र संक्रमण जैसी स्वास्थय समस्याएं कम होती है। ब्रेस्टफीडिंग से नवजात में सडेन इनफैंट डेथ सिंड्रोम और चाइल्डहूड ल्यूकेमिया (खून का कैंसर) का खतरा भी कम हो जाता है।

हमेशा लें एक्सपर्ट की सलाह 

शिशु को बॉटल फिडिंग की आवश्यकता कब पड़ती है, कितनी मात्रा में उसे दूध पिलाना चाहिए। पाउडर मिल्क में कौन से ब्रैंड के दूध का चयन के साथ अन्य महत्तवपूर्ण बिंदुओं पर बात करने के लिए लोगों को एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। उसके बाद ही उन्हें बॉटल फिडिंग की ओर रुख करना चाहिए। वैसे तो शिशु के लिए मां का दूध ही सुरक्षित होता है, लेकिन एक्सपर्ट की सलाह लेकर शिशु को बॉटल फिडिंग करा सकते हैं। 

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Quiz: क्या आप सेक्स करने के लिए दिमागी रूप से हैं तैयार?

सेक्स क्विज: सेक्स हमारी शारीरिक जरूरत है। लेकिन इस शारीरिक जरूरत के लिए आपको मानसिक रूप से तैयार होने की जरूरत भी है। आइए, इस क्विज के जरिए जानते हैं कि आप सेक्स के लिए तैयार हैं या नहीं?

के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
क्विज अक्टूबर 17, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

क्या आपकी सेक्स ड्राइव है कम? ऐसे लगाएं पता

सेक्स ड्राइव क्विज: क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी सेक्स ड्राइव कम है, ज्यादा है या फिर सामान्य? तो खेलें हमारी ये क्विज। sex drive in men, sex drive in women

के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
क्विज अक्टूबर 16, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

हेल्दी एंड टेस्टी लो कैलोरी फूड रेसिपी

हेल्दी एंड टेस्टी लो कैलोरी फूड के सेवन से रहें हेल्दी और फिट। फोर्टिस हॉस्पिटल की क्लिनिकल डायटीशियन श्वेता महाडिक से जानिए हेल्दी लो कैलोरी फूड रेसिपी।

के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
आहार और पोषण, स्वस्थ जीवन अक्टूबर 16, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

हाथों की स्वच्छता क्यों है जरूरी, जानिए एक्सपर्ट की राय

जो लोग नियमित हाथों की सफाई रखते हैं उन्हें कोल्ड और फ्लू की समस्या कम होती है। जानिए हाथों की सफाई क्यों है जरूरी। HAND WASH

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन अक्टूबर 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स,Micronutrients and Macronutrients

मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स है पोषण के दो अहम सोर्स, जानिए एक्सपर्ट की राय

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 22, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
आयोडीन आहार

इन 6 फूड्स के सेवन से आयोडीन की कमी को दूर किया जा सकता है

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shivam Rohatgi
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
PM Modi addressed on Coronavirus, Janta Curfew- कोरोना वायरस पर पीएम मोदी का संबोधन, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू

कोरोना वायरस पर पीएम नरेंद्र मोदी बोले- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 20, 2020 . 2 मिनट में पढ़ें
शरीर पर त‍िल -Skin Mole

शरीर पर त‍िल कैसे जुड़ा है सेहत के साथ? जाने क्‍या कहता है साइंस

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 20, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें