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अस्थमा और हार्ट पेशेंट के लिए जरूरी है पूरे साल फेस मास्क का इस्तेमाल

अस्थमा और हार्ट पेशेंट के लिए जरूरी है पूरे साल फेस मास्क का इस्तेमाल

बीते दिनों दिल्ली समेत एनसीआर क्षेत्रों में वायु का स्तर काफी घट गया है। जिसके कारण वायु प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति दिल्ली वासियों के लिए भी अधिक गंभीर मामला बन चुका है। इन हालातों को देखते हुए, कन्फेडरेशनऑफ मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने लोगों से स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर अपील की है और फेस मास्क के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

उन्होंने अपने आग्रह में लोगों से कहा कि वे बाहरी गतिविधियों में कम से कम शामिल हों। हवा की स्थिति टॉक्सिन लेवल तक पहुंचने से पिछले एक सप्ताह में दिल्ली एक गैस चेम्बर बन चुकी है। एचसीएफआई ने लोगों को सलाह देते हुए कहा है कि वे बेहतर क्वालिटी के फेस मास्क फिल्टर, हेपा फिल्टर वाले एसी और घर पर भी एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। जो लोग एयर प्यूरीफायर खरीदने में सक्षम नहीं हैं, वे अपने घर पर टेबल फेन की मदद ले सकते हैं। टेबल फेन के सामने फिल्टर रखकर एयर प्यरीफायर का बनाया जा सकता है। एसी या वाटर कूलर के सामने मेकशिफ्ट फिल्टर बोर्ड रखकर भी इसे बनाया जा सकता है।

फेस मास्क

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सस्ती दरों पर उपलब्ध एयर प्यूरीफायर फिल्टर

एचसीएफआई की माने तो एयर प्यूरीफायर फिल्टर सस्ती दरों पर भी उपलब्ध हैं और इसे राष्ट्रीय आवश्यक दवाओं की श्रेणी में लाकर और भी ज्यादा सस्ता किया जाना चाहिए।

इस बारे में बात करते हुए पद्म श्री से सम्मानित एंव सीएमएएओ और एचसीएफआई के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने बताया कि “हाल ही में मैं जापना के टोक्यों में था, जहां मैने देखा कि सड़कों पर लोगों ने एंटी पॉल्यूशन मास्क पहना हुआ है। मैं यह कहना चाहता हूं कि अस्थमा और एलर्जी सहित इस तरह की समस्याओं से जुड़े मरीजों को पूरे साल इस तरह के मास्क का उपयोग करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत में वायु प्रदूषण का 60 का स्तर सामान्य माना जाता है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक 10 से भी कम के हैं। दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई लेवल कई बार अपने सेफ लेवल से काफी हायर लेवल पर भी आ चुका है।”

फेस मास्क

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किया जा रहा प्रतियोगिता का आयोजन

बता दें कि एचसीएफआई स्कूली बच्चों में एयर पॉल्यूशन के खिलाफ फिल्टर उपयोग के इनावेटिव तरीकों पर एक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। जिसमें 12 नवम्बरच, तक हिस्सा लिया जा सकता है।

डॉ. अग्रवाल ने बताय कि “यह वह समय है, जब हम सभी मिलकर पीएम स्तर 2.5 को कम से कम 70 से 80 प्रतिशत कम करें। सरकार की ओर से कदम उठाए जाने की आवश्यकता तो है ही हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदार और सजग होने की जरूरत है। प्रदूषण कम करने के लिए हम सभी को अपना योगदान देना चाहिए। इसका पहला कदम यह है कि हम यह सुनिश्चित करें कि अस्थमा, हार्ट पेशेंट और एलर्जी से परेशान लोगों को पूरे साल मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही हमें अपने घरों पर खुद अपने एयर प्यूरीफायर का निर्माण करना ही चाहिए।” हालांकि परेशानी बढ़ने पर इलाज के दवा देना अनिवार्य होता है

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वायु प्रदूषण से बचे रहने के लिए एचसीएफआई की ओर से कुछ सुझाव

  • अपने चेहरे पर फेस मास्क पहनें और टेबल फेन को भी मास्क पहनाएं, इससे घर का प्रदूषण 80 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।
  • आजकल मार्केट में फिल्टर और फेस मास्क 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक उपलब्ध हैं।
  • कोई भी व्यक्ति फिल्टर खरीदकर इसे टेबल फेन को पहना सकते हैं या इस मास्क को हेण्ड फेन के सामने भी फिट कर सकते हैं।
  • कम दूरी की यात्राओं के लिए पैदल ही चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें।
  • कारपूल या सार्वजनिक परिवहनों का इस्तेमाल करें।
  • घर या ऑफिस पर मोमबत्ती, धूपबत्ती या अगरबत्ती न जलाएं।
  • स्मोकिंग न करें।
  • अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।
  • धूल कम करने के लिए मिट्टी वाले क्षैत्रों में घास उगाएं।

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वायु प्रदूषण या फ्लू से बचाव करने में फेस मास्क कितना असरदार हो सकता है?

साल 2009 में जब संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैलते हुए देखा गया, तो उस समय तक इससे बचाव के तरीके उपलब्ध नहीं थे। जब तक इसके कारणों, लक्षणों और उपचार के तरीके का पता नहीं लगाया गया था, तब तक स्वास्थ्य संगठनों ने लोगों को गर्म पानी और साबुन के साथ नियमित रूप से हाथ धोने के निर्देश जारी किए थे। साथ ही, निर्देश दिए थे कि फ्लू के लक्षण विकसित होने पर लोग घरों के अंदर ही रहें और भीड़-भाड़ वाले स्थान में जाने से बचें। क्योंकि फ्लू के वायरस हवा के जरिए ही एक-दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। हालांकि, आज के दौरान में साधारण से लेकर सर्जिकल फेस मास्क काफी आसानी से लोगों के लिए उपलब्ध हैं।

ये फेस मास्क न सिर्फ फ्लू से बाचव कर सकते हैं, बल्कि वायु प्रदूषण से लड़ने में भी कारगर होते हैं। इसकी पुष्टि खुद वैज्ञानिकों ने अपने शोधों के जरिए की है। एक अध्ययन के मुताबिक, फेस मास्क फ्लू और वायु प्रदूषण के जोखिमों से बचाए रखने के लिए शरीर की 80 फीसदी तक मदद करते हैं। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन ने इसी तरह के परिणाम की जानकारी अपने शोध के जरिए जी थी। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में 400 लोगों को शामिल किया था जिनमें फ्लू के लक्षण थे। उन्होंने अपने अध्ययन के दौरान पाया कि फेस मास्क के इस्तेमाल से उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों में फ्लू होने के खतरे को 70 फीसदी तक कम कर दिया था। इस अध्ययन के दौरान उन्हें फ्लू के लक्षण पूरी तरह से ठीक न होने तक फेस मास्क और सर्जिकल फेस मास्क पहनने के निर्देश दिए थे। साथ ही, उन्हें कुछ घंटों के बीच-बीच में साबुन से अपने हाथ धोने के भी निर्देश दिए गए थे।

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कब पहनना चाहिए फेस मास्क और किन लोगों को पहनना चाहिए?

एक बात का ध्यान रखें कि फेस मास्क का इस्तेमाल फ्लू या अन्य तरह के वायु प्रदूषण के जरिए फैलने वाले संक्रमणों से बचाव के लिए किया जाता है। तो फेस मास्क का इस्तेमाल एक स्वस्थ्य व्यक्ति को करना चाहिए। हालांकि, अगर किसी में फ्लू के लक्षण हैं, तो घर से बाहर निकलते समय या भीड़-भीड़ वाले स्थान में जाने के दौरान उन्हें भी फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। ताकि, उनके जरिए उनके फ्लू के लक्षण अन्य लोगों में न फैले।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Masks and N95 Respirators. https://www.fda.gov/medical-devices/personal-protective-equipment-infection-control/masks-and-n95-respirators. Accessed on 23 January, 2020.

Interim Recommendations for Facemask and Respirator Use to Reduce 2009 Influenza A (H1N1) Virus Transmission. https://www.cdc.gov/h1n1flu/masks.htm. Accessed on 23 January, 2020.

Do face masks protect you from bushfire smoke?. https://www.healthdirect.gov.au/blog/do-face-masks-protect-you-from-bushfire-smoke. Accessed on 23 January, 2020.

Five million pollution masks to be handed to Delhi residents. https://www.theguardian.com/world/2019/nov/02/five-million-pollution-masks-to-be-handed-to-delhi-residents. Accessed on 23 January, 2020.

Does Wearing a Mask Prevent the Flu?. https://www.healthline.com/health/cold-flu/mask#1. Accessed on 23 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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