home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

स्कूल के बच्चों की मेमोरी तेज करने के टिप्स

स्कूल के बच्चों की मेमोरी तेज करने के टिप्स

मेमोरी बच्चों की सीखने की क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह न केवल उन्हें स्कूल में बल्कि भविष्य में भी मदद करती है। तेज बुद्धि व शार्प मेमोरी आपके बच्चे के स्कूल की परीक्षा, काम और बेहतर ग्रेड लाने में मदद करती है। लेकिन हर बच्चा तेज मेमोरी के साथ पैदा नहीं होता है। इस प्रकार के कौशल समय के साथ विकसित होते हैं और अनुभव के साथ बेहतर होते जाते हैं। किसी भी अन्य कौशल के प्रयास की तरह उत्तम बनने के लिए बच्चों को मेमोरी प्रैक्टिस की आवश्यता होती है क्योंकि प्रयास ही हमें कुशल बनाते हैं। इन्हीं प्रयासों के चलते आज हम आपको मेमोरी तेज करने के टिप्स के बारे में बताएंगे।

अपने बच्चे की मेमोरी को तेज बनाने के लिए इस बात को सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक होता है कि वह रोजाना अपनी याद करने की मांसपेशियों का इस्तेमाल करता रहे।

यह भी पढ़ें – बच्चे के मुंह के छाले के घरेलू उपाय और रोकथाम

मेमोरी तेज करने के टिप्स कैसे काम करती है?

हमारे मस्तिष्क की सबसे अजीब बात है कि जिस तरह वह इंफॉर्मेशन को स्टोर करता है और उसके बाद जरूरत पड़ने पर हमें उसकी याद दिलाता है, उस संपूर्ण प्रक्रिया को मेमोरी कहा जाता है। लोगों को लगता है कि हमारा मस्तिष्क किसी कंप्यूटर की ड्राइव की तरह जानकारी को किसी एक स्थान पर स्टोर करता है, जबकि असल में ऐसा बिलकुल नहीं है।

मस्तिष्क एक बेहद अजीब व अद्भुत अंग है, मस्तिष्क के न्यूरल सर्किट में हर जानकारी के लिए अलग स्थान होता है। स्टोर करने की प्राथमिकता जानकारी की तीव्रता पर निर्भर करती है। अगर इनफोर्मेशन बेहद जरूरी या बड़ी होती है तो कई न्यूरोन की मदद से उसे विशिष्ट स्थान पर स्टोर कर लिया जाता है।

बेहद कम लोग ही अपने बचपन के पलों को याद रख पाते हैं। इस स्थिति को मेडिकली चाइल्डहुड एमनेसिया कहा जाता है। यह कम उम्र में मस्तिष्क के लंबे समय तक मेमोरी को स्टोर रखने वाले न्यूरोन सर्किट की असक्षमता के कारण होता है। इसीलिए छोटे बच्चों को सरल काम को भी कई बार करने के लिए कहा जाता है।

यह भी पढ़ें – प्रेग्नेंसी में बीपी लो क्यों होता है – Pregnancy me low BP

मेमोरी के प्रकार

मेमोरी के दो प्रकार होते हैं – पहला शार्ट टर्म मेमोरी और दूसरा लॉन्ग टर्म मेमोरी।

शार्ट टर्म मेमोरी बच्चों में नई जानकारी को प्रोसेस और याद दिलाने में मदद करती है। यह इंफॉर्मेशन आगे चल कर बच्चे की लांग टर्म मेमोरी में तब्दील हो जाती है। यह प्रकिया बच्चे को विशिष्ट विषय के बारे में आगे चल के बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।

जिन छात्रों को मेमोरी संबंधित समस्याएं होती हैं उनमें सुचना, जानकारी और विचारपूर्वक विषयों को समझने में दिक्कतें आती हैं। इसके कारण बच्चे कक्षा में पीछे छूटने लगते हैं और जिसके कारण अन्य कई प्रकार की समस्याएं विकसित होने लगती हैं। यह शिशु को मानसिक तौर से भी बीमार बना सकती है।

हालांकि, अच्छी खबर यह है की आप मेमोरी तेज करने के टिप्स की मदद से अपने बच्चे की याददाश्त की क्षमता को बड़ा सकते हैं। निम्न मेमोरी तेज करने के टिप्स हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चे की याददाश्त के साथ उसकी स्कूल के कार्यों में भी मदद कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें – प्रेगनेंसी में अजवाइन खानी चाहिए या नहीं?

मेमोरी तेज करने के टिप्स

इन 6 मेमोरी तेज करने के टिप्स की मदद से अपने बच्चे को पढ़ाई और जीवन में तेज बनाएं –

कविता या गानें बनाएं

बच्चे को जानकारी के बारे में याद करने के लिए उसकी कविता या गाना बनाने में मदद करें। हमारा मस्तिष्क म्यूजिक और एक जैसे पैटर्न को तेजी से याद कर लेता है। इसीलिए मेमोरी तेज करने के टिप्स में यह सबसे ऊपर है। अपने शिशु की याददाश्त बढ़ाने के लिए इस जानकारी से जुड़े शब्दों की कविताओं और गाने बनाने की कोशिश करें।

बच्चे में उत्साह बढ़ाएं

बच्चे की नई चीजों को लेकर सीखने के उत्साह को प्रोत्साहित करें। ऐसा करने के लिए आप उन्हें लाइब्रेरी और बुक स्टोर ले जा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो उसे नॉलेज की वीडियो भी दिखा सकते हैं। बच्चों में मेमोरी तेज करने के टिप्स में म्यूजियम और आर्ट गैलरी भी शामिल होती हैं। अगर आपका बच्चा किसी विशेष प्रकार की विषय में दिलचस्पी रखता है तो उन्हें उससे जुड़ी जगहों पर लेकर जाएं। इससे उन्हें चीजों को याद रखने में मदद मिलेगी।

एक्टिव लर्निंग

बच्चे की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए रूचि दिखाएं और उससे पूछें की वह अलग-अलग प्रकार के विषयों के बारे में क्या सोचते हैं। विशिष्ट प्रकार के विषय के बारे में रूचि बढ़ाने से उन्हें याद करने में आसानी होती है। इसके साथ ही वह जानकारी को लंबे समय तक स्टोर कर पाता है और कक्षा में सवाल पूछे जानें पर मस्तिष्क तेजी से प्रकिया करता है। मेमोरी तेज करने के टिप्स से आपके बच्चे की याददाश्त बेहतर होगी और वह स्कूल में अच्छा परफॉर्म कर पाएगा।

गेम खेलें

कुछ विशेष प्रकार के खेलों की मदद से आप बच्चे की मेमोरी को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए आप छुपम-छुपाई (hide-and-seek) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप उसे विभिन्न रंगों की गेंद की मदद से भी चीजें याद करवा सकते हैं।

कार्ड्स

उनो (UNO), गो फिश और वॉर जैसे मेमोरी तेज करने वाले गेम से बच्चों की मेमोरी दो तरह से विकसित होने लगती है। इससे वह खेल के नियमों को याद रखते हैं और किस कार्ड का कब इस्तेमाल करना चाहिए व आपकी खेलने की स्किल को देख कर वह खुद में बदलाव और सुधार लाने की कोशिश कर सकते हैं।

रीडिंग

कई बच्चों में शब्दों को याद करने के लिए लिखने से ज्यादा आसान बोलना होता है। अगर आपका बच्चा जानकारी को बार-बार लिख कर भी याद नहीं कर पाता है तो उसे तेज आवाज में पढ़ाने की कोशिश करें। इसके साथ ही विशेष सूचना को हाईलाइट कर के उन्हें बार-बार पढ़ाएं और समझाएं। एक्टिव रीडिंग की मदद से जानकारी लंबे समय तक मस्तिष्क में स्टोर रहती है।

मेमोरी तेज करने की टिप्स की मदद से आप अपने शिशु को चीजे याद रखने में मदद कर सकते हैं। यह प्रयास न केवल उसकी स्कूल की परीक्षा में मदद करेंगे बल्कि जीवन में आगे जा कर कठिन परिस्थितियों का सामने करने के काबिल बनाएगी।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें – शिशु की जीभ की सफाई कैसे करें

और पढ़ें – जानें शिशुओं को घमौरी होने पर क्या करनी चाहिए?

और पढ़ें – बच्चों में हिप डिस्प्लेसिया बना सकता है उन्हें विकलांग, जाने इससे बचने के उपाय

और पढ़ें – बच्चों में याददाश्त बढ़ाने के उपाय

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shivam Rohatgi द्वारा लिखित
अपडेटेड 23/04/2020
x