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बच्चे के मुंह के छाले, जानिए आसान उपाय यहां!

बच्चे के मुंह के छाले, जानिए आसान उपाय यहां!

बच्चे के मुंह में छाले होना एक आम बात है। अक्सर छोटे बच्चों के अधिक तले हुए व गर्म चीजें खाने के कारण ऐसा होता है। छोटे बच्चों को मुंह में छाले बहुत परेशान करते हैं। इस स्थिति में बच्चे के मुंह के अंदर मसूड़ों, होंठों या जीभ पर सफेद रंग के दाने नजर आता है। यह दाना न केवल दिखने में दर्दनाक होता है बल्कि बच्चों को बेहद परेशान कर सकता है। ये आमतौर पर बीच से सफेद होता है और चारों तरफ लालिमा से घिरा होता है। इन्हें छूने पर दर्द और अधिक बढ़ सकता है व इलाज की प्रक्रिया में देरी आ सकती है। बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) के कारण के बारे में इस आर्टिकल से जानें।

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बच्चों के मुंह में छाले के कारण (Cause of Baby mouth ulcers)

गर्म खाना – गर्म खाने की वजह से मुंह, जीभ, मसूड़े या गाल के भीतर का हिस्सा जल सकता है। ऐसे में बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) घाव का रूप ले सकते हैं।

पेट में तकलीफ – यदि आपके शिशु को लंबे समय से पेट की कोई समस्या है तो मुंह के छाले उसके लक्षण के रूप में दिखाई दे सकते हैं।

दवाओं का सेवन – यदि शिशु किसी कारण बीमार है और लंबे समय से दवा ले रहा है तो गर्मी के कारण पेट में पित्त बन सकता है जिसकी वजह से उसके मुंह में छाले होने की आशंका बढ़ जाती है।

सिट्रिक फलों के सेवन – सिट्रिक फल जैसे नींबू, संतरा और मौसंबी के सेवन से छोटे बच्चे के मुंह में छाले होने की आशंका बढ़ जाती है।

विटामिन की कमी – छोटे बच्चे अक्सर अपना खाना खत्म करे बिना ही छोड़ देते हैं। इसके कारण उनमें विटामिन बी12, फॉलेट, आयरन और जिंक की कमी हो सकती है। इन पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों में मुंह के छाले की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

तनाव और चिंता – बच्चों में अक्सर पढ़ाई या नए दोस्त न बना पाने को लेकर तनाव रहता है जिसके कारण छोटे बच्चों के मुंह में छाले होना एक आम बात होती है।

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मुंह की चोट – मुंह के आसपास या उसके अंदर के अंगों जैसे दांत, जबड़ा, मसूड़े, होंठ और जीभ पर चोट लगने के कारण घाव बच्चे में छाले के रूप में नजर आ सकते हैं।

हालांकि बच्चे के मुंह में छाले होने पर घबराना नहीं चाहिए क्योंकि यह इंफेक्शन नहीं होते जिस कारण यह फैल नहीं सकते हैं। इनका इलाज आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह के बिना भी घर पर ही ठीक कर सकते हैं। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें क्योंकि यह किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति का भी संकेत हो सकता है।

आज हम आपको बच्चे के मुंह में छाले होने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप घर पर ही अपने बच्चे के मुंह के छालों का इलाज कर संकेगे।

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शहद है बच्चे के मुंह में छाले का घरेलू उपाय

यदि आपका शिशु 1 वर्ष की आयु से बड़ा है तो आप उसके मुंह के छाले के लिए शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं। शहद को दिन में 3 से 4 बार प्रभावित हिस्से पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिसकी मदद से छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं। ध्यान रखें कि यदि आपका शिशु 1 वर्ष की आयु से कम है तो उसे शहद न दें।

हल्दी से करें बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) का घरेलू इलाज

हल्दी हर भारतीय घर में आसानी से मिल जाती है। यह एक ऐसी औषधि है जिसकी मदद से कई गंभीर घावों को ठीक किया जा सकता है। हल्दी को आप चाहें तो सीधा मुंह के घाव पर भी लगा सकते हैं और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे शहद के साथ मिला सकते हैं। हल्दी के एंटीइंफ्लामेट्री, एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण घाव, छालों और चोट को जल्दी भर के इलाज की प्रक्रिया में तेजी लाते हैं।

नारियल तेल है छोटे बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) का देसी नुस्खा

नारियल तेल एक और ऐसी सामग्री है जो आपको हर भारतीय घर में आसानी से मिल जाएगी। इस साधारण से तेल की मदद से आप आसानी से अपने बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) का इलाज कर सकेंगे। नारियल तेल को सीधा अपने मुंह के छाले पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। इस प्रक्रिया को दिन में 3 से 4 बार दोहराएं। ध्यान रहे केवल वर्जिन नारियल तेल का ही इस्तेमाल करें। यदि आपके पास वर्जिन कोकोनट ऑयल नहीं है तो आप चाहें तो अपने शिशु को नारियल पानी के गरारे भी करवा सकते हैं।

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बच्चे के मुंह में छाले का इलाज है एलोवेरा

घरेलू उपचार में एलोवेरा को एक बेहतरीन औषधि का दर्जा दिया गया है। एलोवेरा किसी भी प्रकार के घाव, चोट, छाले और त्वचा के निशान के इलाज में बेहद कारगर होता है। एलोवेरा जेल दर्द निवारक गुणों से भरा होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और औषधीय होती हैं जो मुंह के छाले को ठीक करने में मदद करती हैं।

सबसे पहले एलोवेरा पौधे की एक टहनी लें। इस टहनी को बीच से काट लें और बाहर निकले जैल (तरल पदार्थ) को डीबी या किसी बर्तन में भर लें। अब इस जैल को शिशु के प्रभावित हिस्से पर लगाएं और कुछ समय के लिए छोड़ दें। आप चाहें तो इसे पानी के साथ मिलाकर इससे दिन में 3-4 बार अपने बच्चे को गरारे करवा सकते हैं। इस उपाय के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें।

देसी घी है बच्चे के मुंह के छाले (Baby mouth ulcers) का देसी इलाज

देसी घी के गुणों के बारे में बेहद कम लोग जानते हैं। बता दें कि इसकी मदद से आप अपने बच्चे को कुछ ही पलों में दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। ½ चम्मच घी लें और उसे छाले पर सीधे लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। इस प्रक्रिया को दिन में कम से कम 3 से 4 बार अपनाएं।

तुलसी है छोटे बच्चों के मुंह के छाले का घरेलू उपचार

तुलसी में कई प्रकार के एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो आपके छाले को आसानी से ठीक कर सकते हैं और इलाज की प्रक्रिया में तेजी लाते हैं। शिशु को तुलसी के पत्ते चबाने के लिए दें या तुलसी के रस में पानी मिलाकर गरारे करवाएं।

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बच्चे के मुंह में छाले का रामबाण इलाज है नमक के गरारे

गले में खराश, दर्द और सूजन को ठीक करने के लिए अक्सर नमक के गरारे करने की सलाह दी जाती है। ठीक उसी तरह पानी में नमक मिला कर बच्चे को गरारे करवाने से मुंह के छालों से छुटकारा पाया जा सकता है। 1 गिलास पानी में 1 बड़ी चम्मच नमक मिलाएं। दिन में इस मिश्रण से 3-4 बार गरारे करवाएं। नमक के गरारे से बच्चे को कुछ देर के लिए दर्द से राहत मिलेगी।

बेकिंग सोडा है बच्चे के मुंह के चले का घरेलू उपाय

नमक के गरारे की जगह आप चाहें तो अपने बच्चे को बेकिंग सोडा के गरारे भी करवा सकते हैं। बेकिंग सोडा घर की रसोई में आसानी से मिल जाता है और इसके एंटीबैक्टीरियल गुण छाले को ठीक करने में मदद करते हैं। ½ कप पानी में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और इससे दिन में 2-3 बार गरारे करवाएं।

ठंडी सिकाई है बच्चे के मुंह के छाले का घरेलू उपचार

एक तौलिया लें और उसमें बर्फ के कुछ टुकड़ो को लपेट लें। अब इसे बच्चे के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। प्रेशर देने के लिए अधिक बल उपयोग न करें क्योंकि इससे दर्द बढ़ सकता है। ठंडी सिकाई नसों को सुन्न कर के हो रहे दर्द को कम कर देती है जिससे शिशु को आराम पहुंचता है। ध्यान रहे कि बर्फ को छाले पर सीधा न लगाएं, इससे त्वचा क्षतिग्रस्त हो सकती है और स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी।

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रोकथाम के लिए टिप्स

बच्चे के मुंह में छाले को रोका नहीं जा सकता है लेकिन कुछ विशेष प्रकार की सावधानियों को बरतने से इसकी आशंका को कम किया जा सकता है। नीचे कुछ ऐसी बाते बताई गईं हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चे के मुंह में छाले होने की स्थिति को कम कर सकते हैं। इनकी मदद से साथ में पहले से हुए छालों के इलाज में तेजी भी लाई जा सकती है। इसके अलावा अगर आपके शिशु को अधिक दर्द महसूस हो रहा तो उसे भी कम किया जा सकता है।

  • रोजाना नियमित रूप से शिशु के मुंह की सफाई करें। ऐसा करने के लिए आप अच्छी क्वालिटी का टूथब्रश और टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बच्चे को अपने दांत आराम से साफ करने की सलाह दें। ज्यादा जोर लगाकर दांत करने से दांत खराब होने की आशंका रहती है।
  • शिशु को ऐसे आहार का सेवन न करने दें जिनकी तासीर गर्म हो। एसिडिक, नमकीन, मसालेदार और मीठी चीजों का सेवन न कराएं।
  • जब तक छाले पूरी तरह से ठीक न हो जाएं बच्चे को कुछ भी चभाने न दें या अधिक से अधिक परहेज की कोशिश करें।
  • ठोस, मजबूत और क्रंची चीजें खाने को न दें। आहार में मुलायम चीजों को शामिल करें।
  • बच्चे को ऐसे आहार का सेवन करवाएं जो चबाने में आसान हों और जिन्हें आसानी से निगला जा सके। डॉक्टर की सलाह लेकर छाले के इलाज के लिए एंटीसेप्टिक जैल का इस्तेमाल करें।

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ऊपर दिए गए घरेलू उपायों के साथ इन नियमों का पालन करना जरूरी है। इनकी मदद से इलाज की प्रक्रिया में तेजी आती है और बच्चे को जल्दी आराम मिलता है। 3 से 4 दिन तक घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी यदि छाले ठीक न हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मुंह के छाले वैसे भी बहुत तकलीफ देते हैं और छोटे बच्‍चों केे लिए तो ये समस्‍या और भी ज्‍यादा तकलीफदेह हो जाती है इसलिए आपको बच्चे के मुंह में छाले (Baby mouth ulcers) होने से रोकने की कोशिश करनी चाहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Shivam Rohatgi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड