बार-बार होने वाले मुंह के छाले की वजह से हो सकता है कैंसर?

    बार-बार होने वाले मुंह के छाले की वजह से हो सकता है कैंसर?

    अगर आप बार-बार मुंह के छाले की समस्या से परेशान हैं, तो एक बार डॉक्टर को दिखा ले क्योंकि ये कैंसर का कारण बन सकता है। हर बार मुंह में होने वाले छाले सिर्फ पेट की गर्मी या खाना ना पचने की वजह से ही नहीं होते हैं। कई बार गंभीर घाव लगने और तंबाकू या किसी नशीलें पदार्थों के खाने से भी छाले हो सकते है। जो आगे चलकर ओरल कैंसर में बदल सकते है। मुंह के छाले दर्दनाक और परेशान करने वाले हो सकते हैं। वे एक गंभीर असुविधा से लेकर एक खतरनाक जटिलता तक पैदा कर सकते हैं। आज हम इस लेख में मुंह में छालों और कैंसर से उसके संबधों के विषय में बताएंगे।

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    कैंसर से संबंधित मुंह के छाले क्या हैं?

    कैंसर से संबंधित मुंह में छाले आपके मुंह के अंदर या आपके होठों पर होते हैं। ये मुंह के छाले जले हुए दिखाई देते हैं और यह दर्दनाक हो सकते हैं, जिससे खाना, बात करना, निगलना और सांस लेने में मुश्किल हो जाती है। आपके होंठ, मसूड़े, जीभ और मुंह के उपरी हिस्से या किसी भी नरम ऊतकों पर घाव या छाले हो सकते हैं। घाव या छाले आगे चलकर अन्नप्रणाली तक भी बढ़ सकते हैं, जिनके रास्ते पेट में भोजन पहुंचता है।

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    मुंह में छालों (Mouth Sores) का कारण है?

    यदी आप ज्यादा मात्रा में खैनी, गुटखा, पान मसाला चबाते हैं तो मुंह में छाले होने की बहुत संभावना है। इसके अलावा यदि आप कैंसर का इलाज करा रहे है तो कभी-कभी कीमोथेरेपी के कारण भी मुंह में छाले हो सकते हैं। आपके शरीर में कुछ स्वस्थ कोशिकाएं होती हैं और तेजी से बढ़ती हैं। इनमें वे कोशिकाएं भी शामिल होती हैं जो आपके मुंह के अंदर की सतह बनाती हैं। दुर्भाग्य से ये स्वस्थ कोशिकाएं कीमोथेरिपी और विकिरण से भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं जिसके कारण मुंह में छाले या घाव हो सकता हैं।

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    मुंह में कोशिकाओं को नुकसान कीटाणुओं को रोकना मुश्किल बना देता है, जिससे घाव और संक्रमण हो जाते हैं। कीमोथेरेपी और विकिरण दोनों आपके शरीर की रोगाणु से लड़ने वाली प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को खराब कर सकते हैं। बिगड़ी हुई प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ, वायरस, बैक्टीरिया और कवक आपके मुंह को आसानी से संक्रमित कर सकते हैं, जिससे मुंह के घाव या छाले हो सकते हैं।

    बोन मेर्रो ट्रांसप्लांट, जिसे स्टेम सेल प्रत्यारोपण के नाम से भी जाना जाता है। अगर इसका इलाज समय रहते न किया जाए तो आप ग्राफ्ट-बनाम-होस्ट बीमारी (जीवीएचडी) से पीड़ित हो जाते हैं तो मुंह के घाव या छाले हो सकते हैं। जीवीएचडी में, प्रतिरोपित कोशिकाएं आपके शरीर की सामान्य कोशिकाओं को अस्वीकार करने का प्रयास करती हैं। प्रत्यारोपित कोशिकाएं आपके शरीर की कोशिकाओं को अलग रूप में देखती हैं और उन पर हमला करती हैं। मुंह के छाले जीवीएचडी के सिर्फ एक संकेत हैं। कीमोथेरिपी से होने वाले मुंह के छाले ट्रीटमेंट शुरू होने के कुछ दिन बाद होते हैं और ट्रीटमेंट बंद होने के बाद दो से तीन सप्ताह के बाद ठीक होते हैं।

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    मुंह में छालों (mouth sores) के अन्य कारण को जानें

    • जरूरी नहीं कि जिस कारण से किसी एक व्यक्ति को मुंह के छाले हुए हों, दूसरे व्यक्ति को भी उसी कारण से हों। कई बार पेट की गर्मी से भी ऐसे छाले हो जाते हैं।
    • एलर्जी करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी मुंह के छालों का कारण बन सकता है।
    • ज्यादा गर्म खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ आदि का सेवन करने से भी ये समस्या उत्पन्न होती है।
    • एलोपैथिक दवाओं के साइड इफेक्ट्स से भी मुंह में छाले हो सकते हैं, खासकर लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने से। अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करने से आंतों में गुड बैक्टीरिया की संख्या कम हो जाती है। नतीजतन मुंह में छाले हो जाते हैं।
    • अत्यधिक मिर्च-मसालों का उपयोग भी इसके लिए जिम्मेदार होता है, क्योंकि यदि पेट की क्रिया सही नहीं है, तो उसकी प्रतिक्रिया मुंह में छालों के रूप में दिखाई दे सकती है।
    • कई बार कोई चीज खाते समय दांतों के बीच जीभ या गाल का हिस्सा आ जाता है, जिसकी वजह से छाले उत्पन्न हो जाते हैं। ऐसे छाले आमतौर पर मुंह की लार से खुद ही ठीक हो जाते हैं।
    • कभी-कभी दांतों की गलत संरचना की वजह से भी मुंह में छाले होना आम बात है। यदि दांत नुकीले, टेढ़े-मेढ़े या आधे टूटे हुए हैं और इसकी वजह से वे जीभ या मुंह में चुभते हैं या उनसे लगातार रगड़ लगती रहती है, वहां छाले हो जाते हैं। इसकी पूरी जांच और उपचार जरूरी हो जाता है।
    • दांतों की ठीक तरह से सफाई न करने और अधिक एसिडिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी ये समस्या पैदा हो जाती है।
    • सुपारी आदि खाने के बाद बिना कुल्ला किए रात को सो जाने से भी छाले हो जाते हैं। इसके अलावा तंबाकू, पान-मसाला और स्मोकिंग भी मुंह में छालों का कारण बनती है।

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    मुंह में होने वाले छालों से बचाव

    कैंसर थेरिपी के नए रूप, जैसे लक्षित थेरिपी ड्रग्स जो कैंसर से लड़ने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करते हैं । साइड इफेक्ट के रूप में भी मुंह के घाव या छाले पैदा कर सकते हैं। मुंह के छालों से बचाव के लिए नीचे बताई गई बातों पर ध्यान दें। जैसे-

    • अगर पहले भी कभी आपको माउथ सोर की समस्या रही है तो डॉक्टर को बताइए
    • डेंटल चेकअप नियमित रूप से कराएं।
    • दांतों की देखभाल करें।
    • स्मोकिंग बंद करें।
    • खाने में विटामिन-सी का प्रयोग करना चाहिए।
    • ज्यादा मसालेदार और तले-भुने खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
    • ज्यादा फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें।
    • खूब पानी पिएं।

    अगर आप बार बार मुंह में छालों (mouth sores) की समस्या से दो चार हो रहे है तो इसे अनदेखा ना करें। डाॅक्टरी सलाह और दवाओं से आप बहुत जल्दी छालों की नियमित समस्या और कैंसर से बच सकते है। अगर आप खैनी तंबाकू आदी का सेवन करते है तो उसे तुरंत बंद करें या बहुत कम करें। रात में मुंह में तंबाकू या उसे जुड़े किसी पदार्थ को होंठों के बीच दबा के ना सोए। रात में सोने से पहले कुल्ला करें और चिपके हुए खाने या तंबाकू के ट्रेसेस को साफ करें। ये छोटे-छोटे कदम से कैंसर और मुंह के छालों से बचा जा सकते हैं।

    मुंह में छालों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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    Smrit Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/04/2021 को
    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड