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गर्भावस्था में ओरल केयर न की गई तो शिशु को हो सकता है नुकसान

गर्भावस्था में ओरल केयर न की गई तो शिशु को हो सकता है नुकसान

प्रेग्नेंसी से कुछ महिलाओं में दांतों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें मसूड़ों की बीमारी और दांत खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़े हुए हाॅर्मोन दांत की पट्टिका (आपके दांतों पर कीटाणुओं की परत) की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। यदि प्रेग्नेंसी के दौरान मां के अंदर कैल्शियम की मात्रा अपर्याप्त है, तो उसकी हड्डियां और दांत भी कमजोर होंगे और इसका सीधा असर होने वाले बच्चे पर भी पड़ेगा। स्तनपान बंद करने के बाद भी बच्चे में कैल्शियम की कमी होने लगती है। प्रेग्नेंसी, महिलाओं में दंत समस्याओं को जन्म दे सकती है। इसलिए, गर्भावस्था में ओरल केयर पर दंत चिकित्सक से लगातार आपको बात करनी चाहिए ताकि आप प्रेग्नेंसी के दौरान स्वस्थ रहे।

प्रेग्नेंसी में डेंटल केयर को अनदेखा करना शिशु को करता है प्रभावित

गर्भावस्था में दंत रोग एक विकसित होते बच्चे को प्रभावित कर सकते हैं। शोध में पाया गया है कि गर्भवती महिला और उसके बच्चे में मसूड़ों की समस्या हो सकती है। समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं को मस्तिष्क पक्षाघात और आंखों की रोशनी की समस्या सहित कई स्वास्थ्य स्थितियों का खतरा हो सकता है। अनुमान के अनुसार गर्भावस्था में ओरल केयर न करने पर पीरियडोंटल बीमारी के कारण समय से पहले पैदा हुए बच्चों में मसूड़ों का संक्रमण पाया गया है। गर्भावस्था में ओरल केयर से समय से पहले पैदा हुए बच्चों में ओरल समस्या को कम किया जा सकता है।

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गर्भावस्था में ओरल केयर क्यों है जरूरी?

लगभग 60 से 75% गर्भवती महिलाओं में पीरियडोंटल बीमारी का एक प्रारंभिक चरण दिख सकता है। गर्भावस्था के दौरान हाॅर्मोन में परिवर्तन की वजह से मसूड़ों में सूजन आ जाती है। यदि मसूड़े की सूजन का इलाज नहीं किया गया है, तो मसूड़े संक्रमित हो सकते हैं और दांतों का गिरना शुरू हो सकता है। पेरियोडोंटाइटिस की वजह से गर्भावस्था में जटिलताएं भी हो सकती हैं जिसमें प्रीटर्म बर्थ और जन्म के समय शिशु का कम वजन जैसी समस्याएं शामिल है। इसलिए, गर्भावस्था में ओरल केयर करना बहुत जरूरी है।

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पूर्व-प्रेग्नेंसी दंत स्वास्थ्य

यदि आपकी ओरल हाइजीन से जुड़ी अच्छी आदतें हैं, तो आपको प्रेग्नेंसी के दौरान दांतों की समस्या होने की संभावना कम है। सुझावों में शामिल हैं:

  • गर्भावस्था में ओरल केयर के दौरान फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से अपने दांतों को रोजाना कम से कम दो बार ब्रश करें।
  • गर्भावस्था में ओरल केयर के दौरान दांतों की सफाई के साथ-साथ जीभ की सफाई का भी उतना ही महत्व है। मुंह साफ करने के दौरान अपने दांतों की सफाई भी करें।
  • अपने दांतों के बीच फ्लॉस करें।
  • प्रेग्नेंसी में ओरल हेल्थ सही रहे इसके लिए डेंटिस्ट के पास नियमित रूप से जाएं।
  • यदि आप गर्भवती होने के बारे में सोच रही हैं तो पहले डॉक्टर से बात करें। यदि आपको प्रेग्नेंसी के दौरान दंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है, तो पहली तिमाही के साथ ही उपचार प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
  • अगर आप गर्भवती हैं तो अपने डेंटिस्ट से गर्भावस्था में ओरल केयर के बारे में बात करें।

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प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डेंटल प्रॉब्लम

प्रेग्नेंसी के दौरान दंत स्वास्थ्य समस्याओं के सामान्य कारणों में शामिल हो सकते हैं:

  • मसूड़ों की समस्या
  • उल्टी
  • शुगर युक्त खाद्य पदार्थों के लिए क्रैविंग जो दांतों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • दांत ब्रश करते समय दिक्कत।
  • मसूड़ों की समस्या

प्रेग्नेंसी से जुड़े हाॅर्मोन कुछ महिलाओं को मसूड़ों की समस्याओं को बढ़ा सकते है जिनमें शामिल हैं:

  • मसूड़े की सूजन (मसूड़े की सूजन) – यह दूसरी तिमाही के दौरान होने की अधिक संभावना है। लक्षणों में मसूड़ों की सूजन और रक्तस्राव।
  • अनियंत्रित या अनुपचारित पीरियडोंटल बीमारी – प्रेग्नेंसी पुराने गम संक्रमण को खराब कर सकती है, जो अनुपचारित मसूड़े की सूजन के कारण होता है और इससे दांत खराब हो सकते हैं।
  • प्रेग्नेंसी के एपुलिस या पायोजेनिक ग्रैनुलोमा – गम का एक स्थानीयकृत इजाफा, जिसके कारण आसानी से खून बह सकता है। इसके लिए अतिरिक्त पेशेवर सफाई की आवश्यकता हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान, होने वाली मसूड़ों की समस्याएं बढ़े हुए पट्टिका (टार्टर या प्लाक) के कारण नहीं होती हैं, बल्कि हॉर्मोन के स्तर में तेजी के कारण होती है।

अपने दंत चिकित्सक को छोटी से छोटी गम समस्याओं के बारे में बताएं जिससे आप परेशान हैं। एक नरम टूथब्रश इस्तेमाल करें। नियमित रूप से ब्रश करें, हर दिन कम से कम दो बार। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग करे। प्रेग्नेंसी के हाॅर्मोन के कारण होने वाली अधिकांश गम समस्याएं बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाती हैं, लेकिन आपको प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों की समस्या है, तो बच्चे को जन्म देने के बाद अपने मसूड़ों की जांच डेंटिस्ट से करवाना जरूरी है।

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उल्टी से दांत खराब हो सकते हैं

प्रेग्नेंसी के हार्मोन और बार-बार उल्टी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकती है और दंत क्षय के जोखिम को बढ़ा सकती है।

गर्भावस्था में ओरल केयर सुझावों में शामिल हैं:

  • उल्टी के तुरंत बाद अपने दांत ब्रश करने से बचें। सादे नल के पानी से अपने मुंह को अच्छी तरह से रगड़ें।
  • फ्लोराइड युक्त माउथवॉश का इस्तेमाल करें।
  • उल्टी होने के कम से कम एक घंटे बाद अपने दांतों को ब्रश करें।

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मॉर्निंग सिकनेस के साथ ऐसे करें डेंटल केयर

यदि मॉर्निंग सिकनेस के चलते आपको ब्रश करने में आलस आ रहा है तो गर्भावस्था में ओरल केयर के लिए ब्लैंड-टेस्टिंग टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बारे में आप अपने डेंटिस्ट से पूछें।

गर्भावस्था में ओरल केयर के लिए ध्यान दें खानपान पर

शुगर स्नैक्स से बचें। प्रेग्नेंसी के दौरान मीठे की क्रेविंग आम बात है। हालांकि, ध्यान रखें कि आप जितनी ज्यादा बार स्नैक्स लेती हैं, टूथ लॉस की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इसलिए, स्वस्थ, संतुलित आहार लें। आपके बच्चे के पहले दांत गर्भावस्था की पहली तिमाही में विकसित होने लगते हैं। इसलिए, डेयरी उत्पादों, पनीर, और दही युक्त हेल्दी आहार को डायट में शामिल करें। ये सभी स्त्रोत गर्भ में पल रहे शिशु के विकासशील दांतों, मसूड़ों और हड्डियों के लिए अच्छे हैं।

आप प्रेग्नेंसी के दौरान अपना ध्यान रखें और किसी भी गम समस्या को हल्के में न लें। तुंरत नजदीकी डेंटिस्ट से संर्पक करें और अपनी किसी भी दंत समस्या के बारे में सूचित करें। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता।

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28 दिन

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Smrit Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 04/08/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड