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गर्भावस्था के दौरान खानपान में इग्नोर करें ये 13 चीजें, हो सकती हैं हानिकारक!

गर्भावस्था के दौरान खानपान में इग्नोर करें ये 13 चीजें, हो सकती हैं हानिकारक!

एक प्रेग्नेंट महिला जो कुछ भी खाती है, उसका सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। कई बार कुछ चीजें भले ही होने वाली मां को हानि न पहुचाएं लेकिन, शिशु के लिए वे नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। ऐसे कई हेल्दी माने जाने वाले खाद्य पदार्थ हैं, जिनको प्रेग्नेंसी के दौरान खाना खतरे को दावत देने जैसा होता है। ‘हैलो स्वास्थ्य’ के इस आर्टिकल में ऐसे ही 13 खानपान की चीजें बताई जा रही हैं, जिनको गर्भावस्था के दौरान अवॉइड करना चाहिए।

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कौन-सी चीजें प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं खानी चाहिए?

1. मछली को कहे न

यूं तो लो-मरकरी फिशेज गर्भावस्था के दौरान अच्छी मानी जाती हैं, जिनका सेवन हफ्ते में दो बार किया जा सकता है लेकिन, प्रेग्नेंसी के समय में हाई-मरकरी फिश को खाने से बचना चाहिए। जैसे कि स्पेनिश मेकरल, सैल्मन, मार्लिन या शार्क, किंग मैकेरल, स्मोक्ड ट्यूना, स्मोक्ड ट्राउट आदि मछलियों में मरकरी का स्तर ज्यादा होता है। गर्भावस्था के दौरान इस तरह की मछलियों को खाने से भ्रूण के विकास में बाधा आ सकती है।

2. कच्चे मीट का सेवन न करें

अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो कच्चा या अधपका मांस बिलकुल भी न खाएं। गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy) में अगर मीट शामिल कर रही हैं तो यह सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह से पका हुआ हो। कच्चा मांस आपको टॉक्सोपलॉस्मोसिस से संक्रमित कर सकता है। यह पैरासाइट आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए खतरा साबित हो सकता है। इससे अंधापन, मिर्गी, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के होने की आशंका होती है। इससे गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है। ये भी पढ़ें-

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3. कच्चे अंडे को करें इग्नोर

प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चा अंडा नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे साल्मोनेला इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। इस इंफेक्शन से गर्भवती महिला को उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है। अंडा खाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह से पका हुआ हो। इसके अलावा कुछ तरह के सॉस, मायोनीज, सलाद ड्रेसिंग, केक आइसिंग आदि में भी कच्चा अंडा मिला होता है। इन खाद्य-पदार्थों के इस्तेमाल करने से पहले पैकेज पर लगे लेबल को ध्यान से पढ़ें।

4.गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy): दूध कर सकता है हार्म

कच्चे दूध और क्रीम वाले दूध से बने पनीर का सेवन गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें लिस्टेरिया, साल्मोनेला नाम के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इन बैक्टीरिया की वजह से गर्भपात और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ सकता है। इंफेक्शन के जोखिम को कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को केवल पाश्चुरीकृत दूध का सेवन करने की सलाह दी जाती है। ये भी पढ़ें-

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5. शराब से दूर रहें

गर्भवती महिलाओं को केवल शराब से ही नहीं बल्कि हर तरह के नशे से बिलकुल दूर रहना चाहिए। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सट्रीसियन एंड गाइनेकोलोजिस्ट और अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की रिसर्च के अनुसार शराब से भ्रूण के दिमागी और शारीरिक विकास में बाधा आती है। यहां तक कि विशेषज्ञों का दावा है कि प्रेग्नेंसी के दौरान शराब की एक बूंद भी गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। एल्कोहॉल और सिगरेट पीना मिसकैरिज का कारण बन सकते हैं।

6. गर्भावस्था के दौरान खानपान: कैफीन को कहें न

गर्भावस्था में कैफीन की मात्रा बिलकुल कम कर देनी चाहिए। चाय, कॉफी और चॉकलेट जैसी चीजों में कैफीन होता है। ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से मिसकैरिज का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा कैफीन का ज्यादा सेवन करने से जन्म के समय शिशु का वजन कम रह सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान रोजाना 200 मिलिग्राम तक कैफीन के सेवन को सुरक्षित माना गया है।

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7. बिना धुली हुई सब्जियां और फल न खाएं

फल और सब्जी को खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना न भूलें। बिना धुली सब्जी और फल में टॉक्सोप्लास्मोसिस गोंडी नाम का पैरासाइट मौजूद होता है। जिससे शिशु के विकास में बाधा आती है।

8.गर्भावस्था के दौरान खानपान: कच्चा पपीता न खाएं

गर्भावस्था में कच्चा या अधपका पपीता खाना असुरक्षित हो सकता है। कच्चे पपीते में लेटेक्स होता है। जिससे यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन शुरू हो जाता है। इसकी वजह से प्रेग्नेंसी में समय से पहले ही लेबर पेन शुरू हो सकता है और गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy) में पपीता खाने से बचें। पपीता को प्रसव हो जाने के बाद ही खाएं।

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9. कच्ची अंकुरित चीजें भी इस समय हो सकती हैं हानिकारक

यूं तो अंकुरित खाद्य-पदार्थ सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं लेकिन, प्रेग्नेंसी में कच्ची अंकुरित चीजें खाने से बचना चाहिए। दरअसल, कुछ कच्चे अंकुरित पदार्थों (मूली, मूंग आदि) में लिस्टेरिया, साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। इसके कारण प्रेग्नेंट महिला को उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है और मां के साथ-साथ शिशु की सेहत पर भी बुरा असर हो सकता है।

10. मूंगफली से हो सकती है एलर्जी

यदि आप प्रेग्नेंसी के दौरान मूंगफली या मूंगफली से बना हुआ कोई खाद्य-पदार्थ (जैसे-पीनट बटर) खाना चाहती हैं, तो आप अपनी डायट में इसे एक संतुलित मात्रा में उपयोग कर सकती हैं। बशर्ते आपको इससे एलर्जी न हो या डॉक्टर इसके सेवन की सलाह दें। सामान्य तौर पर, डॉक्टर गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों (जिनसे एलर्जी होने की संभावना हो) को शामिल करने के लिए मना ही करते हैं, जिनसे एलर्जी होने की संभावना हो सकती हो।

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11. पहले से पैक्ड सलाद

गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy) में पहले से कटे हुए फल या सब्जी का सलाद खाना अवॉयड करें क्योंकि ऐसे खाद्य-पदार्थों में लिस्टेरिया के होने की संभावना अधिक होती है। जिससे फूड पॉइजनिंग की शिकायत हो सकती है।

12. एनर्जी ड्रिंक्स को बिग नो

प्रेग्नेंसी के दौरान एनर्जी ड्रिंक्स पीने के लिए डॉक्टर मना करते हैं क्योंकि इसमें कैफीन की उच्च मात्रा हो सकती है। एनर्जी ड्रिंक्स में पाई जाने वाले अन्य पदार्थ भी गर्भवती महिलाओं के लिए उचित नहीं होते।

13. सीफूड न खाएं

साशिमी (sashimi), सुशी (sushi), रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक, रेडी-टू-ईट प्रॉन्स जैसे सीफूड्स में लिस्टेरिया के होने का खतरा अधिक रहता है इसलिए प्रेग्नेंसी के समय सीफूड न खाने की सलाह दी जाती है।

अगर मैंने पहले ही इनमें से कोई फूड खा लिया है, तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आपने जाने-अनजाने में कोई ऐसा कुछ खा लिया है जो आपको गर्भावस्था के दौरान नहीं खाना चाहिए था तो घबराएं नहीं। उस फूड ने आपको किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया है तो भी अपने डॉक्टर को यह बात जरूर बताएं।

ये कुछ ऐसे फूड प्रोडक्ट्स थे जिनका गर्भावस्था के दौरान खानपान (Food during pregnancy) में शामिल नहीं करना चाहिए या अगर करना हो तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें। इससे आप एक हेल्दी प्रेग्नेंसी की उम्मीद कर सकती हैं।

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/09/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड