प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान गर्भ में शिशु की लंबाई 34.6 सेंटीमीटर और उसका वजन 660 ग्राम के करीब पहुंच जाता है। शिशु के शरीर में फैट स्टोर होना शुरू हो जाता है और उसकी बोन मैरो ब्लड सेल्स का निर्माण शुरू कर देती है। प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान शिशु के फेफड़ों की लोअर एयरवेज भी आकार लेने लगती हैं।

गर्भावस्था के 25 वे हफ्ते के दौरान आपको महसूस हो सकता है कि आपका शिशु कुछ देर के लिए ही जागता है। ज्यादातर समय शिशु सोता रहता है। प्रेग्नेंसी वीक 25 में आराम करने की स्थिति में आपको अपने शिशु की गर्भ में हलचल आसानी से महसूस हो सकती है। शिशु की सुनने की क्षमता विकसित होती रहती हैं और इस समय वो आपकी आवाज सुन सकता है। प्रेग्नेंसी वीक 25 में शिशु आपके द्वारा स्पर्श का जवाब आराम से दे सकता है। आपके शरीर में पाचन और श्वसन प्रणाली की आवाज और बाहर से आ रही आवाज में शिशु अंतर पहचान सकता है। इसके अलावा, गर्भावस्था के 25 वे हफ्ते में शिशु आपकी और किसी दूसरे की आवाज के बीच भी अंतर पहचान सकता है। इसी वजह से जन्म के बाद भी शिशु अपनी जैविक मां की आवाज के प्रति ज्यादा संवेदनशील रहता है।
प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान पाचन क्रिया के दुष्प्रभावों की वजह से कुछ परेशानी महसूस हो सकती है। आपके शरीर में प्रोजेस्ट्रोन न सिर्फ पेट को जल्दी खाली करता है, बल्कि स्टोमक वॉल्व एंट्रेंस को रिलैक्स भी कर देता है, जिससे वो पूरी तरह से बंद नहीं हो पाता। इससे पेट के एसिडिक तत्व ओसोफैगस की तरफ आसानी से चले जाते हैं, जिससे आपको सीने में जलन की परेशानी हो सकती है। गर्भावस्था के कुछ आखिरी महीनों में यूट्रस का आकार बढ़ने से आपके पेट पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है। इसलिए इस समय के दौरान आपको एक बार में कम और छोटी-छोटी मील में खाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आपको प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान तीखा और फैटयुक्त फूड खाने से मना किया जाता है।
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गेस्टेशन पीरियड में काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। यह उतार-चढ़ाव न सिर्फ आपके मूड और शारीरिक ताकत में देखने को मिलते हैं, बल्कि इससे आपके शरीर की ऊर्जा भी प्रभावित होती है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में होने वाली थकान दूसरी तिमाही में दूर हो जाती है और आप थोड़ा बेहतर महसूस करने लगती हैं। इसलिए यह समय एक्सरसाइज और इंटरकोर्स करने के लिए अच्छा होता है, क्योंकि इसके लिए जरूरी ऊर्जा आपके अंदर होती है। हालांकि, गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं को भारी ज्यादा लगता है, जिस वजह से वो आराम करना ज्यादा पसंद करती हैं।
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हमेशा की तरह थकान होने पर आपको शरीर की सुननी चाहिए और आराम करना चाहिए। एक्सरसाइज रोजाना करनी चाहिए, लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह एक्सरसाइज रूटीन आपकी ऊर्जा के हिसाब से बनाया गया हो। खाली पेट दौड़ना या एक्सरसाइज करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि करने से पहले स्वस्थ आहार लेना न भूलें। चीज क्रैकर, ड्राई फ्रूट्स और योगर्ट स्मूदी का सेवन करके ब्लड शुगर को मेंटेन किया जा सकता है। हालांकि, कॉफी या कैफीन प्रोडक्ट का सेवन करने से बचना चाहिए। ध्यान रखें कि, गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में शरीर में थकान महसूस होना आम प्रक्रिया है। दरअसल, इस तरह शरीर डिलीवरी या उसके बाद के लिए ऊर्जा स्टोर कर रहा होता है। क्योंकि, आपको डिलीवरी के लिए और उसके बाद के समय में काफी ऊर्जा की जरूरत होती है।
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प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान आपको त्वचा पर स्ट्रेच मार्क्स और खुजली हो सकती है। लेकिन आपको इसके बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकी जैसे-जैसे डिलीवरी का समय पास आता है, यह लक्षण दिखना आम बात है। आमतौर पर, पेट, जांघों, हाथों और कूल्हों पर स्ट्रेच मार्क्स होते हैं। अपने डॉक्टर से बात करें, वो आपको इस समस्या से राहत पाने के लिए कैलामाइन लोशन या कोई अन्य क्रीम इस्तेमाल करने की सलाह दे सकता है।
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गर्भावस्था के 25 वे हफ्ते के दौरान आपका डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट करवाने सलाह दे सकता है। इसके अलावा आपको कुछ अतिरिक्त टेस्ट्स और करवाने की सलाह दी जा सकती है, क्योंकि आप इस समय प्रेग्नेंसी की एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी होती हैं। जैसे-
प्रेग्नेंसी वीक 25 के दौरान या उसके बाद आप सिर्फ उतना वजन ही उठा सकती हैं, जितना आपके डॉक्टर ने बता रखा है। प्रेग्नेंसी के दौरान और चाइल्ड बर्थ के बाद अपने शरीर को फिट रखने का यह बेहतर तरीका है। ध्यान रखें कि, प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज करने की सलाह सिर्फ बॉडी वेट को मेंटेन करने के लिए दी जाती है न कि मसल्स बनाने के लिए।
गर्भावस्था के 25 वे हफ्ते के दौरान आपको मड बाथ (Mud Bath) जैसी स्पा थेरेपी से बचना चाहिए। मड बाथ, हॉट टब या सॉना जैसी स्पा थेरेपी जो आपके शरीर का तापमान बढ़ाती है, प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित नहीं होती। इन स्पा थेरेपी से आपका बॉडी फ्लूड थो सकता है और आपको डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो सकती है या फिर आपके शरीर का उच्च तापमान आपके और आपके शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है।
अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 26 के बारे में बात करेंगे।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Stages of pregnancy – https://www.womenshealth.gov/pregnancy/youre-pregnant-now-what/stages-pregnancy – Accessed on 25/12/2019
What happens in the fourth month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-fourth-month-pregnancy – Accessed on 25/12/2019
What happens in the sixth month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-sixth-month-pregnancy – Accessed on 25/12/2019
Pregnancy – week by week – https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/pregnancy-week-by-week – Accessed on 25/12/2019
Fetal development – https://medlineplus.gov/ency/article/002398.htm – Accessed on 25/12/2019
Current Version
23/07/2020
Aamir Khan द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Mona narang
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar