प्रेग्नेंसी वीक 27 के दौरान आपके शिशु का वजन 900 ग्राम और लंबाई 36.6 सेंटीमीटर के करीब होती है। गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के इस पहले हफ्ते में आपके शिशु की दिखावट विकसित हो चुकी होती है और वह जन्म के समय भी ऐसा ही दिखेगा। हालांकि, प्रेग्नेंसी वीक 27 में शिशु के फेफड़े, लिवर और इम्यून सिस्टम को पूरी तरह से मैच्योर होने में वक्त लगेगा, लेकिन अगर बच्चे का जन्म प्रेग्नेंसी वीक 27 में होता है तो उसके सर्वाइव करने की अच्छी संभावना है।

प्रेग्नेंसी वीक 27 के दौरान भी आपके शिशु की सुनने की क्षमता काफी हद तक विकसित हो चुकी होती है। इस समय वह अपने माता-पिता की आवाज पहचानने लगता है। इस समय भी शिशु के कान वैक्स की एक मोटी परत से ढके होते हैं, ताकि एम्नियोटिक फ्लूड की वजह से उन्हें नुकसान न पहुंच सके। इसलिए, आपका शिशु प्रेग्नेंसी वीक 27 में जो आवाज सुनता है वो दबी-दबी होती है।
अभी भी पूरी तिमाही का विकास बाकी है, जिसमें काफी अंग और कार्यप्रणाली विकसित होनी बाकी है। ताकि, शिशु जन्म के बाद शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और मजबूत हो। प्रेग्नेंसी वीक 27 में शिशु के मुंह में टेस्ट बड्स का विकास पूरा हो चुका होता है। जन्म या भविष्य की तुलना में इस समय आपके शिशु के टेस्ट बड्स ज्यादा होते हैं। लहसुन या खड़े मसाले जैसे मजबूत महक वाले खाद्य पदार्थ एम्नियोटिक फ्लूड के जरिए शिशु तक पहुंचते हैं। आपके खाना खाने के दो घंटे बाद शिशु को खाना पहुंचता है, जिसका जवाब वो हिचकियों के सहारे देता है।
गर्भावस्था के दौरान आपका शरीर शिशु को पोषण और सुरक्षा देने का काम करता है। हालांकि, नवजात की देखभाल करना एक स्किल है, जिसे आपको सीखना पड़ता है। इसलिए, प्रेग्नेंसी वीक 27 में आपके स्थानीय अस्पताल या कंयूनिटी सेंटर में चाइल्डबर्थ क्लास के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए। इसमें आपको लेबर, दर्द से राहत पाने के विकल्प और अन्य सलाह मिलेगी, जिससे आपकी डिलीवरी आसान बन सकती है। यहां पर आपको नवजात से संबंधित नई समस्याओं, स्तनपान, फॉर्मूला फीडिंग और इंफेंट सीपीआर के बारे में भी जानकारी मिलेगी। प्रेग्नेंसी वीक 27 के आसपास आपको जन्म और शिशुओं से संबंधित जितनी जानकारी मिल सकती है, आप उतनी प्राप्त करें। इन जानकारियों के बाद आप ज्यादा आत्मविश्वासी महसूस करेंगी, खासतौर से पहली बार मां बनने की स्थिति में।
गर्भावस्था के मध्य से अंत तक आपका शिशु डिलीवरी के लिए एक सुविधाजनक स्थिति में स्थिर हो जाता है। हालांकि, ऐसा करने के लिए आपके शिशु का सिर और बढ़े हुए यूट्रस का वजन लोअर बैकबोन की साइटिका नस (Sciatic nerve) पर स्थिर होना चाहिए। इसीलिए, प्रेग्नेंसी वीक 27 में साइटिका नस पर प्रेशर होने की वजह से दर्द, कूल्हों और कमर में क्रैंप और पैरों में फैलाव हो सकता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकती हैं।
बैठना- प्रेग्नेंसी वीक 27 में बैठकर आराम करने से आपके पैर, कमर और साइटिका के दर्द में राहत मिल सकती है। लेटने से भी इस प्रेशर को तबतक के लिए कम किया जा सकता है, जबतक कि आप कोई बेस्ट पोजीशन नहीं ढूंढ लेती।
सेंकना- प्रेग्नेंसी वीक 27 में पैरों में दर्द से राहत पाने के लिए उन्हें सेंकना बेहतर तरीका है या गर्म पानी में पैर रखने से भी राहत मिलती है। लेकिन, ध्यान रखें कि पानी ज्यादा गर्म न हो, वरना आपकी त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है।
एक्सरसाइज- पेल्विक एक्सरसाइज या कुछ स्ट्रेचिंग करने से साइटिका पर पड़ने वाले प्रेशर को कम किया जा सकता है। लेकिन, प्रेग्नेंसी वीक 27 में एक्सरसाइज का चुनाव अपनी ऊर्जा और शारीरिक स्थिति के मुताबिक ही करें या किसी फिटनेस ट्रेनर की मदद ले सकती हैं।
स्विमिंग- कूल्हों के दर्द से राहत पाने के लिए स्विमिंग या अंडरवाटर एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है। प्रेग्नेंसी वीक 27 में स्विमिंग करने से कमर की मांसपेशियों में स्ट्रेच और मजबूती मिलती है और दर्द से भी राहत मिलती है।
अन्य तरीके- एक्यूपंक्चर या काइरोप्रैक्टिक मसाज की मदद से साइटिका नसों का दर्द कम किया जा सकता है। लेकिन, इन्हें ट्रेंड स्पेशलिस्ट से ही करवाना चाहिए।
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प्रेग्नेंसी वीक 27 के दौरान प्री-मैच्योर डिलीवरी की संभावना काफी कम होती है। लेकिन फिर भी, आपको प्री-मैच्योर बर्थ के लक्षणों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। जैसे-
हालांकि, आमतौर पर जिन महिलाओं में प्री-मैच्योर बर्थ के लक्षण दिखते हैं, जरूरी नहीं वो प्री-मैच्योर बर्थ ही करें।
प्रेग्नेंसी वीक 27 में कुछ नए टेस्ट को भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, आपको तीसरी तिमाही में भी पिछले हफ्तों में किए गए चेकअप को भी जारी रखना होता है।
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गर्भावस्था के दौरान इलेक्ट्रोलिसिस सुरक्षित है या नहीं, इसके बारे में पर्याप्त अध्ययन अभी उपलब्ध नहीं है। इलेक्ट्रोलिसिस लगभग 100 सालों से ज्यादा समय से होती आ रही है। लेकिन अभी तक गर्भवती महिलाओं पर इलेक्ट्रोलिसिस एपिलेशन के हानिकारक प्रभावों के बारे में कोई भी मामला सामने नहीं आया हैं।
गर्भावस्था के दौरान आपको एक्रेलिक नेल्स की इच्छा हो सकती है, लेकिन इससे आपको एलर्जी हो सकती है । जिसमें आपके नाखून के आसपास फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। इससे आपके शिशु को शायद नुकसान नहीं पहुंच सकता, लेकिन आपको मैनीक्योर और पेडीक्योर के लिए डिलीवरी तक इंतजार करना चाहिए।अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 28 के बारे में बात करेंगे।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Stages of pregnancy – https://www.womenshealth.gov/pregnancy/youre-pregnant-now-what/stages-pregnancy – Accessed on 26/12/2019
What happens in the seventh month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-seventh-month-pregnancy – Accessed on 26/12/2019
Pregnancy- Week by Week – https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/pregnancy-week-by-week – Accessed on 26/12/2019
Fetal development – https://medlineplus.gov/ency/article/002398.htm – Accessed on 26/12/2019
Current Version
24/07/2020
Aamir Khan द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Bhawana Awasthi
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar