वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ क्या हैं?

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Update Date दिसम्बर 16, 2019 . 5 मिनट में पढ़ें
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वॉटर बर्थ प्रॉसेस नैचुरल प्रोसेस है। वॉटर बर्थ में बच्चे को पानी में जन्म दिया जाता है। वॉटर बर्थ प्रक्रिया के दौरान महिला को गुनगुने पानी के पूल या फिर बाथ टब में बिठाया जाता है। लेबर की शुरुआत होते ही महिला को वॉटर बाथ टब में बिठाया दिया जाता है। लेबर के दौरान डिफरेंट पुजिशन अपनाने से कहीं अच्छा लेबर के दौरान पानी में बैठना होता है, लेकिन लोगों के मन में वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ भी रहते हैं। कुछ वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ ऐसे होते हैं जैसे वॉटर बर्थ के दौरान बच्चे को खतरा होता है या फिर वॉटर बर्थ की प्रक्रिया कोई भी महिला अपना सकती है आदि। वॉटर बर्थ की प्रक्रिया को लेकर अगर आपके मन में कोई मिथ हो तो ये आर्टिकल जरूर पढ़ें ।

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मिथ- वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, जा सकता है बच्चे के शरीर में पानी

वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में लोगों के मन में ये धारणा होती है कि वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान बच्चे के शरीर में पानी जाने का खतरा रहता है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में ये सबसे कॉमन मिथ है, जो कि सही नहीं है। जब बच्चा मां के शरीर में रहता है तो एम्निऑटिक फ्लूड के अंदर रहता है। ये कहा जा सकता है कि बेबी एक एक्वॉटिक एनिमल होता है। बच्चे के शरीर का तापमान और वॉटर बर्थ के दौरान गुनगुना पानी एक जैसा ही होता है। जब बच्चा बाहर आता है तो उसके लिए तापमान एकदम सही रहता है। 

बच्चा प्लासेंटल सर्क्युलेशन की हेल्प से ऑक्सिजन प्राप्त करता रहता है। प्लासेंटा फिल्टरेशन सिस्टम की तरह का काम करता रहता है और भ्रूण को भी ऑक्सिजन पहुंचाता रहता है। वॉटर बर्थ के दौरान जब तक बच्चा पानी के बाहर नहीं आ जाता है, तब तक ऑक्सिजन लेना शुरू नहीं करता है। बच्चा पानी को शरीर के अंदर तब खींच सकता है जब कॉर्ड किसी तरह से क्षतिग्रत हो गई हो। अगर कोई भी प्रोशेनल वॉटर बर्थ प्रोसेस करा रहा है तो बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी।

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मिथ-  वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, हो सकता है इंफेक्शन का खतरा

वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में इंफेक्शन होना भी जुड़ा हुआ है। ऐसा कहना सही नहीं होगा। इस बात का आधार है कि बच्चे को जन्म देते समय मां को कुछ मात्रा में यूरिन या फिर स्टूल पास हो जाता है, लेकिन ऐसा सभी महिलाओं के साथ नहीं होता है। अगर वॉटर बर्थ किसी एक्सपर्ट के हाथों हो रहा है तो किसी भी विषय में चिंता करने की जरूरत नही है। इस तरह की रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि वॉटर बर्थ के दौरान होने वाले बच्चे को केवल एक प्रतिशत इंफेक्शन होने का चांस रहता है। गुनगुने पानी में इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। इस वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ को नकारा जा सकता है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ का सच जरूर जानें।

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मिथ-   बाथिंग टब में लेबर की स्पीड तेज या फिर धीमी पड़ सकती है।

ये दोनों ही बातें सही हो सकती है, लेकिन इसे वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ से ही जोड़ा जाएगा। कुछ विषेशज्ञों का मानना है कि जब तक 6 सेमी तक डायलेशन न हो जाए, तब तक बाथिंग टब में नहीं जाना चाहिए। कई बार वॉटर बर्थ के दौरान वार्म वॉटर की वजह से लेबर स्लो डाउन हो जाता है। 6 सेमी तक डायलेशन के बाद जब महिला बाथिंग टब में जाएगी तो उसकी मसल्स भी रिलैक्स होंगी। वॉटर बर्थ के दौरान लेबर बर्थ तेजी से होगा या धीमे, ये बात कई बार परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इस बारे में एक राय बनना सही नहीं रहेगा। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ महिला को डराने का काम कर सकते हैं। इस बारे में जानकारी प्राप्त करें।

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मिथ- वॉटर बर्थ के दौरान लुब्रिकेशन न होने की वजह से ज्यादा दर्द होता है।

ये गलत धारणा है। वॉटर बर्थ के दौरान गुनगुने पानी की वजह से पेल्विक मसल्स को रिलैक्स फील होता है। वॉटर बर्थ के दौरान दर्द अधिक होगा या नहीं इस विषय में कहना मुश्किल है। साथ ही वॉटर बर्थ के दौरान टियरिंग होने का खतरा कम रहता है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में दर्द की ज्यादा समस्या भी सामने आती है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ आपको परेशान कर सकते हैं, एक्सपर्ट या डॉक्टर से इस बारे में परामर्श करें।

मिथ- वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, पानी के अंदर नहीं पता चलती है समस्या

ये भी वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में से प्रचलित मिथ है। वॉटर बर्थ के दौरान अगर महिला किसी एक्सपर्ट की हेल्प ले रही है तो उसे इस प्रकार की समस्या नहीं हो सकती है। ज्यादातर वॉटर बर्थ एक्सपर्ट पानी के अंदर मिरर का यूज करते हैं। मिरर का यूज करने से होने वाली किसी भी प्रक्रिया को देखा जा सकता है। वहीं कुछ एक्सपर्ट ट्रांसपेरेंट पूल का यूज भी करते हैं। ऐसा करने से वॉटर के बर्थ के दौरान किसी प्रकार की कॉम्प्लिकेशन नहीं होती है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ के बारे में एक्सपर्ट से एक बार बात कर लें।

मिथ- वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, पार्टनर की हेल्प नहीं मिलती

वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में पार्टनर की हेल्प न मिल पाना भी जुड़ा हुआ है। वॉटर बर्थ के दौरान आपका पार्टनर आपकी हेल्प कर सकता है। डायलेशन के बाद वॉटर में जाते समय पार्टनर महिला का हाथ पकड़कर रिलैक्स कराने में हेल्प कर सकता है। अगर महिला ऐसा चाहती हैं तो एक्सपर्ट के साथ पार्टनर भी कुछ काम में महिला की हेल्प कर सकता है। वॉटर बर्थ से जुड़े रिस्क में परिवार के सदस्यों का साथ न पाना भी जोड़ा जाता है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ के बारे में डॉक्टर से जरूर पूछें।

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मिथ-  वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, नहीं पड़ती है एक्सपर्ट की जरूरत

जब घर में दाई बच्चों का जन्म कराती थीं, तब भी कई प्रकार के रिस्क होते थे। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में एक्सपर्ट को न होना जुड़ा है। वॉटर बर्थ के दौरान एक्सपर्ट का होना जरूरी होता है। अगर कोई महिला बिना एक्सपर्ट के ही वॉटर बर्थ प्रॉसेस अपनाना चाहती है तो हो सकता है अचानक से किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उससे निपट न पाए। कई बार वॉटर बर्थ के दौरान अचानक से ज्यादा ब्लड लॉस हो सकता है। कई बार बच्चा डिलिवर होने के दौरान कॉर्ड के डैमज होने की समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट इस परिस्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं। अगर कोई भी वॉटर बर्थ के लिए रुचि रखता है तो वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ की जानकारी लेना जरूरी है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ कई बार समस्या खड़ी कर सकते हैं।

वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ- सभी महिलाओं को अपनानी चाहिए ये विधि

हो सकता है कि आपकी दोस्त का वॉटर बर्थ एक्सपीरियंस बहुत ही अच्छा रहा हो, लेकिन आपका वॉटर बर्थ एक्सपीरियंस अच्छा होगा, ये जरूरी नहीं है। वॉटर बर्थ अपनाने के लिए डॉक्टर से राय लेना बहुत जरूरी होता है। अगर महिला को किसी भी प्रकार का कॉम्प्लिकेशन है तो डॉक्टर वॉटर बर्थ की प्रॉसेस के लिए मना कर सकते हैं। मां या फिर बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर डॉक्टर वॉटर बर्थ की सलाह नहीं देता है। ये बात वॉटर बर्थ के बारे में सोच रही महिला को याद रखनी चाहिए। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में इस बात पर भी जोर दिया जाता है कि जिन महिलाओं में दर्द सहने की क्षमता ज्यादा होती है, वो इसे अपना सकती हैं। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ और सच की जानकारी एक बार जरूर लें।

 मिथ- वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ, ट्रेडीशनल लोग ही करते हैं इस्तेमाल

वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ में वॉटर बर्थ को पुराना बताया गया है। ये बात सच है कि पानी में बच्चे पैदा करने की प्रथा पुरानी है, लेकिन वॉटर बर्थ की प्रक्रिया विदेशों में ज्यादातर लोग अपनाते हैं। जिन महिलाओं को वॉटर बर्थ के बारे में जानकारी होती है, वो इसे अपनाने में नहीं हिचकिचाती है। जानकारी के अभाव में भारत में वॉटर बर्थ का चलन कम ही है। वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ को सही न मानें, सही जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

वॉटर बर्थ के बारे में जानने के लिए एक्सपर्ट से बात करना बेहतर रहेगा। वॉटर बर्थ प्रक्रिया हर महिला के लिए पॉसिबल नहीं होती है। अगर कोई भी वॉटर बर्थ के लिए रुचि रखता है तो वॉटर बर्थ से जुड़े मिथ और सच की जानकारी लेना जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से राय लेना उचित रहेगा।

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