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क्या मरेना के बाद प्रेग्नेंसी संभव है?

क्या मरेना के बाद प्रेग्नेंसी संभव है?

प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कुछ महिलाएं मरेना आईयूडी (intrauterine device) का उपयोग करती हैं। उनके मन में इसको लेकर डर भी बना रहता है। मरेना के बाद प्रेग्नेंसी के बारे में सोचना कोई डर का विषय नहीं है। एक बार आईयूडी को हटा दिया जाए, तो आसानी से प्रेग्नेंट हुआ जा सकता है। जैसे ही डॉक्टर आईयूडी हटाएगा, आपका पीरियड्स और फर्टिलिटी लेवल पहले जैसा हो जाएगा। मरेना के बाद प्रेग्नेंसी को लेकर अगर आपके मन में और भी सवाल हैं तो ये आर्टिकल आपकी मदद कर सकता है।

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी में कितना समय लगता है?

मरेना निकलवाने के बाद महिला को कंसीव करने में करीब चार से छह महीने का समय लगता है। एक साल के बाद 85-90% तक प्रेग्नेंट होने के चांस रहते हैं। मरेना लगवाने के बाद प्रेग्नेंसी की संभावना नहीं रहती है। आईयूडी (intrauterine device) से हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं जो गर्भनिरोधक का काम करते हैं। इसे यूट्रस में प्लेस किया जाता है। ये उपकरण यूट्रस में प्रोजेस्टिन हॉर्मोन रिलीज करता है। ये डिवाइस पांच साल के लिए प्रभावी होती है। मरेना 99 % तक भरोसेमंद होती है।

डिवाइस हटाने से पहले मेडिसिन

मरेना लगाने से प्रजनन क्षमता पर कोई फर्क नहीं पड़ता। डॉक्टर आपको मरेना हटाने से पहले फोलिक एसिड या प्रीनेटल विटामिन्स की गोलियां देंगे। आपको इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। हो सकता है कि कुछ महिलाओं के पीरियड्स की तारीख बदल जाए। कुछ समय बाद सब सामान्य हो जाता है। मरीना हटाए जाने के बाद प्रेग्नेंट होने से बच्चे को कोई नुकसान नहीं होगा।

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी के लिए इसे कैसे निकलवायें?

अगर आपको मरेना निकलवाने का मन है तो डॉक्टर से संपर्क करें। एक बात ध्यान रखें कि इसे कभी खुद से हटाने की कोशिश न करें। ये आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे इंजुरी का खतरा रहता है। कई बार ऐसी कोशिश से प्रेग्नेंसी के दौरान भी खतरा हो सकता है। एक्सपर्ट डॉक्टर से ही मरेना निकलवाएं। डॉक्टर बिना किसी घाव के मरेना को आसानी से निकाल देंगे।

और पढ़ें – प्रेग्नेंसी में हायपोथायरॉइडिज्म डायट चार्ट, हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए करें इसे फॉलो

मरेना होने पर भी प्रेग्नेंसी के चांसेस हो सकते हैं?

मरेना यूज करने के दौरान प्रेग्नेंट होने के चांसेस लगभग न के बराबर होते हैं। हालांकि, कोई भी गर्भनिरोधक 100% प्रेग्नेंसी से छुटकारा नहीं देते हैं। अगर आपको ऐसा लग रहा है कि मरेना का यूज करने के बाद भी आप प्रेग्नेंट हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिले। डॉक्टर तुरंत आपके शरीर से मरेना निकाल देगा। ऐसा न करने पर मिसकैरिज की संभावना बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान मरेना निकालने से भी मिसकैरिज के चांसेज रहते हैं लेकिन ये कम होते हैं।

और पढ़ें – प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले इंफेक्शन हो सकते हैं खतरनाक, न करें इग्नोर

हो सकती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी

मरेना का यूज करने के बावजूद भी अगर आप प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो आपकी प्रेग्नेंसी एक्टोपिक (ectopic) हो सकती है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी खतरनाक होती है। इसका पता नहीं चलता है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में एग वूम्ब की जगह फैलोपियन ट्यूब में इम्प्लांट हो जाता है। इस कारण भ्रूण सर्वाइव नहीं कर पाता। इस दौरान होने वाली मां को भी खतरा रहता है। ऐसे में मां को दर्द की समस्या और खून में कमी महसूस हो सकती है।

किसी भी तरह का गर्भनिरोधक प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें। मरेना का उपयोग करने के बाद प्रेग्नेंसी के चांसेस लगभग न के बराबर होते हैं। कई बार शरीर की किसी समस्या की वजह से डॉक्टर आपको अलग राय दे सकते हैं।

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी से बचने के किया हैं उपाय?

सेफ प्रेग्नेंसी के लिए निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं। जैसे-

पुरुष करें कोंडम का इस्तेमाल

प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कोंडम सबसे से ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है। दरअसल कंडोम किसी भी तरह की अनचाही प्रग्नेंसी से आपको बचाये रख सकता है। इसका इस्तेमाल शादीशुदा लोगों को भी करना चाहिए। इससे गर्भधारण की संभावना कम होती है और सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन या सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का भी खतरा कम हो जाता है। इसलिए इसका प्रयोग मैरेड और अनमैरेड कपल को करना चाहिए।

महिला भी कर सकती हैं कोंडम का इस्तेमाल

पुरुषों के कोंडम के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी वजायनल कोंडम आसानी से उपलब्ध हो जाता है। फीमेल कोंडम के इस्तेमाल से पहले फीमेल कोंडम के पैकेट पर दिए गए इंस्ट्रक्शन को ठीक तरह से पढ़ें और फिर इसे फॉलो करें।

और पढ़ें – प्रेग्नेंट होने के लिए सेक्स के अलावा इन बातों का भी रखें ध्यान

इन दो उपायों के साथ-साथ अन्य विकल्प भी अपनायें जा सकते हैं लेकिन, अगर आप प्रेग्नेंसी प्लानिंग कर रही हैं तो निम्नलिखित टिप्स भी फॉलो करना चाहिए। जैसे-

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी प्लान कर रहीं हैं, तो कपल को आपस में इस बारे में खुलकर विचार करना चाहिए। ये फैसला अकेले नहीं करना चाहिए। क्योंकि बच्चे की परवरिश की के लिए मां और पिता दोनों के बराबर योगदान की जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान भी जिस तरह गर्भवती महिला अपना ख्याल रखती है उस दौरान भी उनके पार्टनर को उनका ख्याल रखना चाहिए। इसलिए बेबी प्लानिंग से पहले इस बारे में अच्छी तरह सोच लें।

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रहीं हैं तो आपको तनाव से दूर रहना चाहिए। तनाव की वजह से आपकी परेशानी बढ़ सकती है और गर्भधारण में समस्या आ सकती है। रिसर्च के अनुसार तनाव की वजह से गर्भधारण में परेशानी हो सकती है वहीं पुरुषों में तनाव का स्पर्म पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए मरेना के बाद गर्भधारण की कोशिश कर रहीं हैं तो कपल को तनाव से दूर रहें

और पढ़ें – ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मालिश तक ये हैं प्रसव पीड़ा को कम करने के उपाय

गर्भधारण करने वाली महिला और पुरुष दोनों को ही अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रोजाना अपने आहार हरी सब्जी, ताजे फल और मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेकर फोलिक एसिड का सेवन करना भी लाभदायक हो सकता है।

गर्भधारण करना चाहती हैं, तो स्मोकिंग और एल्कोहॉल दोनों का सेवन बंद कर देना चाहिए। इसके सेवन से गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है। यही नहीं तंबाकू जैसे पदार्थों के सेवन से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।

जंक फूड और पैक्ड फूड या पैक्ड जूस का सेवन नहीं करना चाहिए। नियमीय रूप से पौष्टिक आहार जैसे दाल, हरी सब्जी, रोटी,सलाद, अंकुरित अनाज, ब्राउन राइस, ताजे फल और जूस का सेवन सेहत के लिए अच्छा विकल्प और हेल्दी प्रेग्नेंसी की निशानी होती है।

मरेना के बाद प्रेग्नेंसी से जुड़े किसी भी सवाल के जवाब के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Mirena (hormonal IUD)/https://www.mayoclinic.org/tests-procedures/mirena/about/pac-20391354/Accessed on 30/01/2020

Mirena/https://www.accessdata.fda.gov/drugsatfda_docs/label/2008/021225s019lbl.pdf/Accessed on 30/01/2020

Review of the safety, efficacy and patient acceptability of the levonorgestrel-releasing intrauterine system/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/Accessed on 30/01/2020

Female Condom Use/https://www.cdc.gov/condomeffectiveness/Female-condom-use.html/Accessed on 30/01/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 25/11/2019
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