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गर्भनिरोधक गोलियां खाने से हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स!

गर्भनिरोधक गोलियां खाने से हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स!

यूनाइटेड नेशन द्वारा साल 2015 में हुए एक सर्वे के अनुसार, विश्व में 64 प्रतिशत महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) इस्तेमाल करती हैं। वहीं मेडिकामेंटलिया कान्ट्रसेप्टिव (Medicamentalia Contraceptives) द्वारा 2015 में किए गए सर्वे के अनुसार, भारत में इस साल में 15 से 49 वर्ष की 51 प्रतिशत महिलाओं ने गर्भनिरोधक गोलियां इस्तेमाल की। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फार्मेशन के साल 2019 के सर्वे के अनुसार 15 से 44 आयु वर्ग की तकरीबन 25 प्रतिशत महिलाएं ओरल गर्भनिरोधक दवाइयों का सहारा लेती हैं।

साल 1960 से महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती आ रही हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही समय पर गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल से अनचाहे गर्भ से तो बचा जा सकता है लेकिन, इनको खाने से कई साइड इफेक्ट्स भी देखे जा सकते हैं

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गर्भनिरोधक गोलियां खाने के हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स (Birth control pills side effects)

  • गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) खाने से पीरियड्स (मासिकधर्म) नियमित नहीं रहता है। इनसे एंडोमेट्रियल वॉल कमजोर हो जाता है जिससे गर्भ धारण करने में समस्या हो सकती है। इन गोलियों के सेवन से ब्लीडिंग अधिक होती है। अगर ब्लीडिंग पांच-छः दिनों से ज्यादा हो तब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को कम करने में मुख्य भूमिका निभाती हैं ,जिससे सिर दर्द की परेशानी शुरू हो सकती है।
  • इन गोलियों के सेवन से स्तन में सूजन आ सकती है।
  • इन गोलियों के सेवन से कुछ महिलाओं में वजन बढ़ने की संभावना होती है।
  • इनसे उल्टी की परेशानी हो सकती है।
  • गर्भनिरोधक गोलियों की वजह से मूड स्विंग भी होता है। इसके लिए इन गोलियों में मौजूद सिंथेटिक हॉर्मोन जिम्मेदार है।
  • इन गोलियों का आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। अधिक सेवन करने से आंखों की रोशनी कम होने की संभावना रहती है।
  • प्राइवेट पार्ट्स (वजाइना) में खुजली या सूजन हो सकती है। कभी-कभी पैरों और जांघों में भी खुजली और सूजन हो सकती है।
  • इन दवाओं की वजह से सीने और पेट में दर्द हो सकता है।
  • गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से महिलाओं में कमजोरी और थकावट भी हो सकती है।

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क्या गर्भनिरोधक गोलियां सभी महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं? (Are birth control pills safe for all women?)

  • अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं रहता है या हाई बीपी की शिकायत है, तो गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • हार्ट और लिवर से जुड़ी परेशानी हो चुकी है तो ऐसे में भी गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करना ठीक नहीं है।
  • ब्रेस्ट और यूटरस के कैंसर के मरीजों को भी बर्थ कंट्रोल की मेडिसन से दूरी बनाए रखना चाहिए।
  • माइग्रेन की समस्या होने पर गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन सही नहीं माना जाता।
  • सांस से जुड़ी परेशानी होने पर भी गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) नहीं खानी चाहिए। इसके सेवन से समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) इस्तेमाल करते समय ये बरतें सावधानियां

जल्द शुरुआत करें (Start soon)

जब डॉक्टर आपको यह गोलियां दें, उसी दिन से आप इसकी शुरुआत कर सकते हैं। एक गोली उसी दिन ले लें। दूसरी गोली आप अगले दिन लेंगी। सात दिन इन गोलियों को लेने के दौरान आप किसी अन्य गर्भनिरोधक विकल्प को चुनें, जैसे कंडोम।

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रविवार से करें शुरुआत (Starts from Sunday)

किसी भी रविवार को चुनें, ताकि इस दिन आप अपनी पहली गोली लें। आने वाले सातों दिनों में गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) लें और गर्भनिरोधक विकल्प तैयार रखें।

पीरियड्स के पांचवें दिन (Fifth day of period)

पीरियड्स के पांचवें दिन से भी आप अपनी गर्भनिरोधक गोलियों को लेना शुरू कर सकती हैं।

और पढ़ें : क्या आप जानते हैं कि फीमेल कॉन्डम इन मामलों में है फेल

इस बात का रखें ध्यान (Take care of these things)

  • गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल रोजाना बिना भूले लेना आवश्यक है। रोजाना गोली लेने का समय निर्धारित कर लें जैसे आप ब्रश करने, खाना खाने और सोने का करते हैं।
  • जैसे ही आप गर्भनिरोधक गोलियों के पैक को खोलें, आप कैलेंडर पर निशान लगा लें और मार्क करते रहें, ताकि बिना भूले आप इनका सेवन सही से करें।
  • हर सुबह अपने पैक को चेक करते रहें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कल आपने गोली ली थी या नहीं।
  • अगर आप पिछले दिन गोली लेना भूल गए हों, तो आज दो गोलियां एक साथ लें।

कार्डियों वेस्कुलर प्रॉब्लम (Cardiovascular problem)

बर्थ कंट्रोल पिल्स के लगातार सेवन से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लड क्लॉट जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जो जानलेवा भी हो सकती हैं। जिन महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो या ब्लड क्लॉट, हार्ट अटैक और स्ट्रोक की समस्या हो तो ऐसी स्थिति में बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन न करें।

कैंसर का खतरा (Cancer risk)

गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills) सिंथेटिक होने के कारण भविष्य में कैंसर के खतरे को बढ़वा दे सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये दवाएं ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, लिवर कैंसर और गर्भाशय के कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं।

और पढ़ें: ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामः ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए बस 5 स्टेप्स

गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन से एक नहीं बल्कि कई शारीरिक परेशानी मां और शिशु को हो सकती है, लेकिन अगर आप गर्भनिरोधक दवा से जुड़ी किसी प्रकार की जानकारी चाहती हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

पुरुष गर्भनिरोधक इंजेक्शन की अभी क्या है स्थिति?

हाल ही में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष गर्भनिरोधक इंजेक्शन का क्लिनिकल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसे मंजूरी के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही इसे बाजार में उतार दिया जाएगा। ICMR के सीनियर साइंटिस्ट आर.एस शर्मा के अनुसार, फेज-3 के क्लिनिकल ट्रायल के साथ ही इंजेक्शन के सभी परीक्षण पूरे हो चुके हैं। परीक्षण 303 लोगों पर किया गया और बिना किसी दुष्प्रभाव के इसकी सफलता दर 97.3 प्रतिशत रही। आपको बता दें कि अभी पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक का एकमात्र विकल्प सर्जिकल नसबंदी ही है। वहीं ICMR की ओर से विकसित किए गए पुरुष गर्भनिरोधक इंजेक्शन के 13 साल तक गर्भनिरोधक के रूप में काम करने का दावा किया गया है।

भले ही बदलते वक्त के साथ लोगों के जीने के तौर- तरीकों में बदलाव आया हो लेकिन, अभी भी महिला और पुरुष डॉक्टर के सामने खुलकर बात करने से हिचकिचाते हैं। हर व्यक्ति अलग होता है और सभी की अपनी कुछ ना कुछ मजबूरी होती है। अब वो चाहे फाइनेंशियल हो या पारिवारिक। ऐसे में प्रेग्नेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक दवाइयों को सेवन आपको गर्भधारण से तो बचा सकता है लेकिन, अन्य बीमारियों या परेशानियों में डाल सकता है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा। अपने हिसाब से इन दवाइयों का सेवन किसी अनजान बीमारी को न्योता देना जैसा है। आप गर्भनिरोधक गोलियां या बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth control pills) के बारे में डॉक्टर से अधिक जानकारी ले सकते हैं।

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अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

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(दिन)

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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