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आप भी चाह रही हैं इस प्रक्रिया काे अपनाना? तो वॉटर बर्थ प्रॉसेस के फायदे और नुकसान जानें यहां

आप भी चाह रही हैं इस प्रक्रिया काे अपनाना? तो वॉटर बर्थ प्रॉसेस के फायदे और नुकसान जानें यहां

वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) के दौरान मां पूल या फिर बाथ टब में पानी के अंदर बच्चे को जन्म देती है। बता दें कि लेबर के दौरान पानी में बैठने से प्रेग्नेंट महिला को आराम मिलता है। साथ ही अचानक से पेट के निचले हिस्से में आने वाले संकुचन में भी राहत महसूस होती है। इसका एक और फायदा है कि पानी में प्रेग्नेंट लेडी के भार को पूरा सपोर्ट मिलता है और साथ ही महिला पानी में आसानी से मूमेंट भी कर सकती है।

किसी भी महिला के लिए वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) को अपनाना उसका निजी फैसला होता है। साथ ही डॉक्टर की राय भी मायने रखती है। जिस महिला को प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी प्रकार का कॉम्प्लिकेशन या अन्य समस्या रही हो, उन महिलाओं को वॉटर बर्थ प्रॉसेस की सलाह नहीं दी जाती है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि वॉटर बर्थ प्रॉसेस के फायदे और नुकसान क्या हैं।

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वॉटर बर्थ प्रॉसेस के बेनिफिट्स (Benefits of Water birth process)

वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process)

  • गर्म पानी मां को रिलैक्स फील कराता है।
  • पानी में मां का मूमेंट अच्छी तरह से हो सकता है। साथ ही महिला को ऊर्जा का अनुभव होता है। महिला को वजन भी कम महसूस होता है।
  • वॉटर बार्थ प्रॉसेस के दौरान ब्लड सर्क्युलेशन (Blood circulation) बेहतर हो जाता है और साथ ही यूट्रस की मसल्स में बेहतर आक्सिकरण होता है।
  • मां को अधिक ऑक्सिजन मिलती है और साथ ही बच्चे को भी लाभ मिलता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के दौरान भी रिलैक्स महसूस होता है।
  • पानी तनाव से संबंधित हार्मोन को भी कम करने का काम करता है।
  • पानी के कारण पेरिनियम इलास्टिक और रिलैक्स हो जाती है। इस कारण महिला को किसी भी प्रकार के घाव होने का खतरा कम हो जाता है।
  • जब महिला को शारीरिक रिलैक्स मिलता है तो वह बेहतर रूप से बर्थ प्रॉसेस की ओर ध्यान दे पाती है। महिला के अंदर का डर और चिंता भी वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) के दौरान कम हो जाती है।

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वॉटर बर्थ डिलिवरी से होने वाले नुकसान (Side effects of Water birth process)

वॉटर बर्थ प्रॉसेस महिला को लेबर पेन के दौरान रिलैक्स देने के साथ ही संकुचन के दर्द को कम करने में भी मदद करती है, लेकिन वॉटर बर्थ के कारण कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। किसी भी महिला को वॉटर बर्थ प्रॉसेस के फायदे के साथ ही नुकसान की जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। यहां जानिए वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) अपनाने से महिला और होने वाले बच्चे को किस तरह के नुकसान हो सकते हैं।

  • महिला या बच्चे को संक्रमण (Infection) होने का खतरा रहता है।
  • बच्चे के पानी से बाहर आने से पहले अंबिकल कॉर्ड (Umbilical cord ) स्नैप कर सकती है।
  • आपके बच्चे के शरीर का तापमान (Body temperature) बहुत अधिक या बहुत कम हो सकता है।
  • बच्चा पानी में सांस ले सकता है। ऐसा करने पर उसके अंदर पानी जाने का खतरा रहेगा।
  • बच्चे को दौरे पड़ सकते हैं या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
  • ये सब ऐसी संभावनाएं हैं जो वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) के दौरान होने वाले बच्चे के साथ घटित हो सकती हैं। ऐसा सबके साथ हो ये जरूरी नहीं है।

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वॉटर बर्थ डिलिवरी (Water birth process) के दौरान आ सकती हैं ये समस्याएं

वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान कुछ बातें महिलाओं के एक्पीरियंस से भी जुड़ी होती हैं। कुछ फैक्टर महिलाओं को वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) से दूर रखने का काम कर सकते हैं। अगर आपको कुछ कॉम्प्लिकेशन हैं तो भी ये बात ध्यान देने वाली है। यहां कुछ फैक्टर दिए जा रहे हैं जिन पर गौर करने की जरूरत है।

  • अगर उम्र 17 से कम और 35 से अधिक है।
  • प्रीक्लेम्पसिया या फिर डायबिटीज (Diabetes) की समस्या जैसा कोई कॉम्प्लिकेशन है।
  • ट्विन्स या फिर मल्टिपल प्रेग्नेंसी (Multiple pregnancy) है।
  • बच्चा ब्रीच पुजिशन (Breech position) में है तो वॉटर बर्थ के दौरान प्रॉब्लम फेस करनी पड़ सकती है।
  • अगर बच्चा प्रीमैच्योर है तो भी ये एक समस्या का विषय है।
  • अगर बच्चे का साइज बड़ा है तो ये स्थिति समस्या पैदा कर सकती है।
  • स्किन इंफेक्शन की समस्या होने पर भी वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) सही नहीं रहती है।
  • किसी तरह का कॉम्प्लिकेशन होने पर वॉटर बाथ टब में निगरानी नहीं की जा सकती है।

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वॉटर बर्थ डिलिवरी: वॉटर वर्थ प्रॉसेस अपनाने में खर्चा? (Expense on Water birth process)

वॉटर बर्थ प्रॉसेस से बच्चे को जन्म देना काफी महंगा हो सकता है। इसके लिए कपल को अच्छा-खासा खर्चा करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) में करीब 80,000 से 1.25 लाख रुपए तक का खर्च हो सकता है। अगर आपको वॉटर बर्थ के बारे में जानकारी नहीं है और अधिक खर्च नहीं करना चाहते हैं तो इस बारे में न सोचें।

वॉटर बर्थ डिलिवरी: सभी महिलाएं नहीं अपना सकती हैं वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process is for everyone)

वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान डॉक्टर की सलाह के साथ ही प्रक्रिया के दौरान कुछ बातों का ध्यान भी रखा जाता है। वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान ज्यादा गरम पानी यूज बिलकुल नहीं करना चाहिए। हॉट वॉटर से मां और होने वाले बच्चे को खतरा हो सकता है। यह डीहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या और ओवर हीटिंग समस्या का कारण बन सकती है। वॉटर बर्थ प्रॉसेस अपनाने के समय पानी का 95.00 ° F (35 ° C) होना चाहिए। बर्थिंग पूल्स को स्पेशली इसी तौर पर डिजाइन किया जाता है ताकि पानी का टेम्प्रेचर अधिक न हो।

वॉटर बर्थ प्रॉसेस सभी महिलाएं नहीं अपना सकती। वॉटर बर्थ लेने के लिए लो रिस्क प्रेग्नेंसी (Low risk pregnancy) के साथ ही डॉक्टर की राय भी जरूरी होती है। वॉटर बर्थ लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। जब डॉक्टर कहें कि वॉटर बर्थ प्रॉसेस से आपको या होने वाले बच्चे को कोई नुकसान नहीं है, तभी वॉटर बर्थ प्रॉसेस आपके लिए सेफ प्रॉसेस साबित होगी। महिला लेबर के दौरान वॉटर में और डिलिवरी वॉटर के बाहर चुन सकती है। महिलाओं के लिए ये ऑप्शन भी अच्छा साबित हो सकता है। अगर आप लेबर के दौरान हाइड्रोथेरिपी चाहती हैं तो ये प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसे में हास्पिटल में महिला को पानी में लेबर की इजाजत दी जा सकती है।

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वॉटर बर्थ डिलिवरी: वॉटर बर्थ के दौरान ध्यान रखने वाली बातें (Tips for Water birth process)

  • लेबर के दौरान ही बाथ टब में जाना चाहिए।
  • जब भी वॉटर बर्थ की प्रक्रिया अपनाई जा रही हो, तब साथ में एक्सपर्ट का होना जरूरी है।
  • एक्सपर्ट के पास वॉटर प्रूफ डॉप्लर होना चाहिए ताकि वह पानी के अंदर भी बच्चे की दिल की धड़कन (Baby’s heartbeat) सुन सके। जैसे ही बच्चा डिलिवर हो जाए, महिला को उसे पानी से बाहर निकाल कर संभालना चाहिए।
  • इस समय पार्टनर को हेल्प के लिए मौजूद रहना चाहिए।
  • अगर होने वाली मां को 100.4 ° F (38 ° C) या उससे अधिक का बुखार हो तो वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) की सलाह नहीं दी जा सकती।
  • अगर महिला को ज्यादा मात्रा में योनि से खून निकल रहा हो।
  • भ्रूण के दिल की धड़कन (Heart beat) का पता लगाने में कठिनाई हो रही हो।
  • अगर महिला का शोल्डर डिस्टोसिया (shoulder dystocia) का इतिहास रहा हो।
  • गर्भ में एक से ज्यादा बच्चे हो।
  • गर्भ में पल रहा बच्चा ब्रीच पुजिशन (Breech position) में हो।

वॉटर बर्थ प्रॉसेस के अपने बेनिफिट्स और रिस्क हैं। वॉटर बर्थ लेने से पहले इस बारे में डॉक्टर से विचार करना बहुत जरूरी है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ कॉम्प्लिकेशन हैं तो डॉक्टर वॉटर बर्थ प्रॉसेस (Water birth process) के लिए मना भी कर सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/09/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड