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मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स जिससे मां-शिशु दोनों रह सकते हैं स्वस्थ

मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स जिससे मां-शिशु दोनों रह सकते हैं स्वस्थ

प्रेग्नेंसी की शुरुआत के साथ शुरू हो जाती है विशेष तरह की देखभाल। अगर किसी भी महिला को मल्टिपल गर्भावस्था की जानकारी मिलती है तो ऐसे में गर्भवती महिला का अत्यधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। दरअसल मल्टिपल गर्भावस्था में गर्भ में दो, तीन या इससे भी ज्यादा शिशु हो सकते हैं। आज जानेंगे मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स क्या-क्या हैं? भविष्य में क्या-क्या परेशानी हो सकती है और कुछ ऐसे सवालों के जवाब जिसे मल्टिपल प्रेग्नेंसी के दौरान जानना बेहद जरूरी है।

मल्टिपल गर्भावस्था के टिप्स, जो इस तरह की प्रेग्नेंसी के लिए है बेहद जरूरी

  1. न्यूट्रिशन की मात्रा ज्यादा लें

गर्भ में पल रहे शिशु दो, तीन या इससे ज्यादा हो सकते हैं। इन शिशुओं को प्लेसेंटा की मदद से मां से आहार प्राप्त होता है। गर्भ में पलने वाले एक शिशु (सामान्य) की तुलना में मल्टिपल प्रेग्नेंसी के दौरान इन सभी शिशु को मां से ही आहार मिलता है। सभी को सही न्यूट्रिशन मिले इसलिए न्यूट्रिशन का लेवल हाई होना चाहिए। इस दौरान गर्भवती महिला को पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। यह मां और शिशु दोनों के लिए जरूरी है। इस बारे में डायट एक्सपर्ट से सलाह मददगार साबित होगी।

  1. निरंतर निगरानी रखें

जिन महिलाओं के गर्भ में एक से ज्यादा शिशु होते हैं उन्हें डॉक्टर के संपर्क में लगातार रहना चाहिए। ऐसा करने से जन्म लेने वाला शिशु और गर्भवती महिला दोनों हेल्दी रह सकते हैं। डॉक्टर भी स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए समय-समय पर अल्ट्रासाउंड करते रहते हैं। इससे शिशु गर्भ में कितना एक्टिव है या हेल्दी है इसकी जानकारी आसानी से मिल जाती है। इसलिए डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट को मिस न करें। भले ही अपको सब नॉर्मल लग रहा हो।

और पढ़ें: महिलाओं को इन वजहों से होती है प्रेग्नेंसी में चिंता, ये हैं लक्षण

  1. आराम करें

प्रेग्नेंसी कोई भी हो, लेकिन इस दौरान आराम की सलाह डॉक्टर देते हैं। ध्यान रहे अगर गर्भवती महिला की मल्टिपल प्रेग्नेंसी है, तो ऐसे में अत्यधिक आराम करने की सलाह दी जाती है। इसलिए काम करने से नॉर्मल डिलिवरी के चांसेस बढ़ जाते हैं जैसी बातों पर यकीन करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर कसंल्ट करें।

  1. सर्विक्स की स्टिचिंग करवाना

मल्टिपल प्रेग्नेंसी के लिए टिप्स में ये सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर सर्विक्स से जुड़ी कोई परेशानी न हो इसलिए इस दौरान सर्विक्स की स्टिचिंग कर देते हैं।

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  1. मेडिकेशन

सेफ डिलिवरी के लिए डॉक्टर न्यूट्रिशनल सप्लिमेंट्स देने के साथ-साथ हॉर्मोन की दवा जैसे कोरटोकॉस्टेरॉइड्स प्रिस्क्राइब करते हैं। इन्हें बिना देरी किए लेते रहें। इस बात का भी ध्यान रखें कि कोई भी दवा न लें। डॉक्टर से कंसल्ट करने के बाद दवा लें।

और पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान खानपान में इग्नोर करें ये 13 चीजें, हो सकती हैं हानिकारक

मल्टिपल गर्भावस्था से भविष्य में होने वाली परेशानियां क्या हैं?

मल्टिपल गर्भावस्था के बाद निम्नलिखित परेशानी हो सकती है लेकिन, उन परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है।

  1. मल्टिपल गर्भावस्था के दौरान कई बार शिशु का जन्म वक्त से पहले हो जाता है। जिस वजह से शिशु के शारीरिक अंगों का विकास ठीक तरह से नहीं हो पाता है। ऐसे नवजात को निओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में रखा जाता है और डॉक्टर्स की टीम शिशु की सेहत पर नजर बनाय रखते हैं।
  2. ब्रेस्ट फीडिंग करवाना 2 या 2 (ट्विन्स या मल्टिपल प्रेग्नेंसी) से ज्यादा बच्चों को किसी भी मां के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए ब्रेस्ट फीडिंग से जुड़ी जानकारी अपने डॉक्टर से जरूर लें।
  3. ट्विन्स प्रेग्नेंसी या ट्रिप्लेट प्रेग्नेंसी के बाद गर्भवती महिला प्रायः पोस्टपार्टम डिप्रेशन की समस्या से परेशान रहती हैं। इसलिए पति, परिवार के सदस्य और दोस्तों का पूरा-पूरा साथ मिलने से पोस्टपार्टम डिप्रेशन से निकलने में आसानी होती है। मल्टिपल गर्भावस्था के बाद महिला को स्वस्थ और खुश रखने के लिए यह सबसे अच्छा टिप्स है।

और पढ़ें: बच्चे की डिलिवरी पेरेंट्स के लिए खुशियों के साथ ला सकती है डिप्रेशन भी

  1. प्री-मैच्योर बच्चे के जन्म के बाद और भविष्य में भी शारीरिक परेशानियां हो सकती है। नियमित रूप से पोस्टनेटल चेकअप करवाना चाहिए। इससे शिशु को भी हेल्दी रखा जा सके।

मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स अपनाने के साथ-साथ इससे जुड़े कुछ सवालों को समझना भी जरूरी है। इस सवालों में शामिल हैं।

मल्टिपल गर्भावस्था क्यों चिंता का विषय है?

मल्टिपल गर्भावस्था आमतौर पर मां और शिशु दोनों के लिए ही परेशानी भरा होता है। हालांकि नवजात की देखभाल के साथ-साथ मां की भी विशेष देखभाल और निगरानी की आवश्यकता होती है।

क्या मल्टिपल गर्भावस्था के दौरान वजन ज्यादा बढ़ाने की जरूरत होती है?

स्टेंडर्ड मेडिकल रिकमेंडेशन के अनुसार मां का वजन बढ़ना बच्चे के विकास की ओर सकारात्मक ग्रोथ दर्शाता है। मल्टिपल गर्भावस्था के मामले में भ्रूण के विकास को दर्शाने के लिए मां का वजन दोगुना या तिगुना भी बढ़ सकता है। सामान्य प्रेग्नेंसी के में गर्भवती महिला का वजन 11 से 16 किलो तक बढ़ सकता है

क्या मल्टिपल गर्भावस्था के कारण भ्रूण के विकास पर असर पड़ता है?

गर्भ में जगह कम होने के साथ-साथ सभी शिशुओं को पूर्ण पोषण नहीं मिलने के कारण मल्टिपल गर्भावस्था में भ्रूण के विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है।

और पढ़ें: मां और शिशु दोनों के लिए बेहद जरूरी है प्री-प्रेग्नेंसी चेकअप

क्या गर्भवती महिला मल्टिपल गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज कर सकती हैं?

प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज करना गर्भवती महिला के लिए लाभदायक होता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं को कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना चाहिए। हालांकि अगर डॉक्टर गर्भवती महिला को बेड रेस्ट की सलाह देते हैं, तो ऐसी स्थिति में एक्सरसाइज नहीं करना चाहिए। मल्टिपल गर्भावस्था में एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं इस बारे में डॉक्टर से पूछें।

मल्टिपल गर्भावस्था के लिए टिप्स फॉलो कर आसानी से प्रेग्नेंसी के बाद भी मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकते हैं लेकिन, मल्टिपल गर्भावस्था के दौरान और डिलिवरी के बाद भी हेल्थ एक्सपर्ट से लगातार संपर्क में रहने से शारीरिक परेशानी से बचा जा सकता है। अगर आप परफेक्ट बर्थ पार्टनर बनने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और मल्टिपल गर्भावस्था से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 04/08/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड