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महिलाएं गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज, हो सकता है ये खतरा

महिलाएं गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज, हो सकता है ये खतरा

जब सिस्टोलिक प्रेशर 140 तथा डायस्टोलिक 90 mmHG से अधिक हो तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। यह गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना चाहिए क्योंकि गर्भावस्था ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने पर प्रीक्लेम्पसिया के खतरे को बढ़ावा मिलता है। इसे टॉक्सेमिया भी कहते हैं। इससे मस्तिष्क के साथ शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर होना मां के साथ बच्चे के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

और पढ़ें :क्या हैं आंवला के फायदे? गर्भावस्था में इसका सेवन करना कितना सुरक्षित है?

गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर के क्या कारण हो सकते हैं?

गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

प्रेग्नेंसी में हाई बल्ड प्रेशर की परेशानी होना सामान्य है क्योंकि इस दौरान महिलाओं का शरीर बहुत सारे बदलावों से गुजर रहा होता है। ऐसे में डॉक्टर भी महिलाओं को सलाह देते हैं कि अधिक एक्टिव रहें और लो-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करें। प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर होना आगे चलकर गर्भवती महिला के पेट में पर रहे बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

और पढ़ें- हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए डायट चार्ट

प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं?

प्रेग्नेंसी में हाई बीपी का होना कुछ हद तक गर्भावस्था में होने वाली समस्याओं में से एक है। हालांकि इसे वक्त पर नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे खतरा बढ़ने के चांसेस रहते हैं। निम्नलिखित रिस्क फैक्टर्स इसकी संभावना को बढ़ा सकते हैं।

1. जीवन शैली

गर्भावस्था के दौरान जीवनशैली गड़बड़ होने से उच्च रक्तचाप हो ने का खतरा हो सकता है। अधिक वजन या मोटापा या फिजिकली बहुत कम एक्टिव रहना भी इसके प्रमुख जोखिम के कारक हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अधिक एक्टिव रहना चाहिए। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर के चांसेस को कम किया जा सकता है।

2. गर्भावस्था का प्रकार

पहली बार प्रेग्नेंट होने वाली महिलाओं में गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि जब वही महिला दूसरी बार गर्भवती होती हैं तो उस दौरान इसका खतरा काफी हद तक कम होता है।

मल्टिपल प्रेग्नेंसी में भी महिला को हाई ब्लड प्रेशर की अधिक संभावना होती है। क्योंकि शरीर एक से अधिक शिशु को पोषण देने के लिए मशक्क्त कर रहा होता है। जिसके कारण गर्भावस्था में महिलाओं पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ जाता है।

दुनिया भर में प्रसिद्ध अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन ट्रस्ट सोर्स के अनुसार आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करने वाली महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर की संभावना बढ़ सकती है।

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3. उम्र

प्रेग्नेंसी में हाई बीपी होने का एक कारण गर्भवती महिला की उम्र भी हो सकती है। 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भवती होने वाली अधिकतर महिलाएं इसके जोखिम के बहुत करीब होती हैं। जिन महिलाओं को गर्भावस्था से पहले ब्लड प्रेशर की शिकायत थी, वे गर्भावस्था के दौरान सामान्य रक्तचाप रखने वाली महिलाओं की तुलना में ज्यादा जोखिम में होती हैं। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर की वजह अधिक उम्र होती है। लाइफस्टाइल में बदलाव के चलते जो महिलाएं ज्यादा उम्र में प्रेग्नेंट होती है उन्हें गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर के चांसेस ज्यादा होती है।

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प्रेग्नेंसी में हाई बीपी के प्रकार

गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर को तीन अलग-अलग स्थितियों में बांटा जा सकता है।

प्रेग्नेंसी में हाई बीपी: क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर

कभी-कभी गर्भवती होने से पहले महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसे क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है और आमतौर पर दवा के साथ इलाज किया जा सकता है। गर्भावस्था के पहले 20 हफ्तों में क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर होता है। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर का एक प्रकार क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर भी है जो बहुत सी महिलाओं में सामान्य है।

जेस्टेशनल हाइपरटेंशन

गर्भधारण के 20 वें सप्ताह के बाद गर्भकालीन उच्च रक्तचाप (Gestational Hypertension) विकसित होता है। यह आमतौर पर प्रसव के बाद अधिकतर मामलो में खुद ठीक भी हो जाता है। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर जेस्टेशनल डायबिटीज की तरह है जो प्रेग्नेंसी के बाद खुद ही ठीक हो जाता है।

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प्रेग्नेंसी में हाई बीपी: प्री-एक्लेम्पसिया

जिन महिलाओं का ब्लड प्रेशर गर्भवती होने से पहले बढ़ जाता है, वे प्रीक्लेम्पसिया की शिकार हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान यूरिन में प्रोटीन आना इसका लक्षण माना जाता है। गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर से पहले होने पहले वाली यह समस्या प्री-एक्लेम्पसिया के तौर पर जाना जाता है।

प्रेग्नेंसी में हाई बीपी होने पर इन टिप्स को अपनाएं:

  • गर्भावस्था के दाैरान अत्यधिक मात्रा में नमक का सेवन न करें। हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत होने पर दिन में 3 ग्राम से अधिक नमक न लें।
  • अधिक-से-अधिक पानी पिएं। साथ ही तरल पदार्थों जैसे जूस आदि पीने की आदत डालें। यह ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं।
  • गर्भ पल रहे शिशु के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए सोयाबीन, अखरोट, अलसी तथा पालक जैसी हरी सब्जियों का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है।
  • गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित करने के लिए कॉड लिवर ऑयल, अखरोट, टोफू आदि का सेवन जरूर करें।
  • लहसुन धमनियों की थकान को कम करता है तथा हृदय गति को नियंत्रित करता है जिससे रक्तचाप कम होता है।
  • गर्भावस्था में वर्कआउट करना भी प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर होने पर राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शरीर सक्रिय रहता है और दिमाग एक्टिव रहता है। सुबह-शाम टहलने की आदत डालें और इस दौरान गहरी सांस लेकर छोड़ने की कोशिश करें।

गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर से राहत पाने के लिए कुछ लक्षण मिलते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस दौरान स्ट्रेस कम करने के लिए लाइट और सॉफ्ट म्यूजिक सुनें। साथ ही सुबह या शाम किसी वक्त थोड़ी देर के लिए ध्यान लगाएं। अगर आप प्रेग्नेंसी में हाई बीपी की समस्या से बचना चाहती हैं तो बेहतर होगा कि हेल्दी लाइफस्टाइल का चयन करें। खाने में ऐसे फूड को एवॉइड करें जो बीपी को बढ़ा सकते हैं। साथ ही डॉक्टर से पूछ कर एक्सरसाइज और योगा को नियमित रूप से करें। अगर आपको डॉक्टर ने दवा खाने की सलाह दी है तो रोजान समय पर बीपी की दवा का सेवन जरूर करें।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

High blood pressure and pregnancy: Know the facts https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/pregnancy-week-by-week/in-depth/pregnancy/art-20046098/ Accessed on 02/01/2020

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Preeclampsia and High Blood Pressure During Pregnancy https://www.acog.org/Patients/FAQs/Preeclampsia-and-High-Blood-Pressure-During-Pregnancy?IsMobileSet=false Accessed on 02/01/2020

 

 

लेखक की तस्वीर
Dr. Abhishek Kanade के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nikhil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 06/11/2019
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