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हेयर स्मूदनिंग से पहले रखें इन बातों का ख्याल

हेयर स्मूदनिंग से पहले रखें इन बातों का ख्याल

बदलते वक्त के साथ-साथ बालों का स्टाइल भी बदल रहा है, पहले जहां घुंघराले बाल पसंद किए जाते थे। वहीं अब खुले बालों का फैशन है। टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो गई है कि घुंघराले बालों को स्ट्रेट (सीधा) कर लिया जाता तो स्ट्रेट बालों को घुंघराला (कर्ल)। लेकिन, बालों पर कुछ नया ट्राई करने से पहले चाहे वह कर्लिंग हो या स्ट्रेटनिंग यह जरूर पता होना चाहिए कि इसके लिए बालों पर जो हीट दी जा रही है वह कितनी सेफ है और इसका बालों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा? बालों का उपचार केवल एक्सपर्ट हेयर स्टाइलिस्ट द्वारा ही किया जाना चाहिए। रिबॉन्डिंग और स्मूदनिंग एक ऐसा ट्रीटमेंट है जिससे बाल सीधे और मुलायम हो जाते हैं लेकिन, हेयर स्मूदनिंग से पहले और बाद में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इसकी जानकारी होना चाहिए। “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में हेयर स्मूदनिंग से जुड़ी सारी जानकारी दी जा रही है।

हेयर स्मूदनिंग क्या है?

हेयर स्मूदनिंग (hair smoothening) यानि बालों को सीधा करना। कर्ली, वेवी या फ्रिजी बालों (frizzy hair) की परमानेंट हेयर स्ट्रेटनिंग (permanent hair straightening) के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सैलून ट्रीटमेंट है। हेयर स्मूदनिंग बालों को नेचुरल शाइनी और सिल्की बनाए रखने का अच्छा तरीका है। इससे बालों को आसानी से मैनेज भी किया जा सकता है। ये बालों को दो मुंहा, फ्रिजी और डल होने से बचाता है। यह हेयर रिबॉन्डिंग (hair rebonding) से ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। हेयर स्मूदनिंग छह से आठ महीनों तक बनी रहती है। मार्केट में हेयर स्मूदनिंग प्राइस आठ हजार से शुरू है। बालों की लंबाई के हिसाब से रूपए बढ़ते हैं।

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हेयर स्मूदनिंग से पहले ध्यान देने योग्य बातें

  • किसी हेयर एक्सपर्ट् से ही हेयर स्मूदनिंग करवाएं क्योंकि हेयर एक्सपर्ट अच्छे से जानते हैं कि कब और कितनी देर बालों पर प्रोडक्ट लगाना है। स्मूदनिंग प्रोडक्ट्स में केमिकल होते हैं जिसकी मात्रा अगर सही न हो तो बालों को नुकसान पहुंचता है।
  • बालों की स्ट्रेटनिंग का प्रभाव आपकी त्वचा पर भी हो सकता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत इस्तेमाल किए गए केमिकल्स से आपको परेशानी भी हो सकती है। इस वजह से हेयर स्मूदनिंग करने से पहले एलर्जी टेस्ट (allergy test) जरूर करना चाहिए।
  • कोशिश करें हेयर स्मूदनिंग सर्दियों में ही कराएं क्योंकि गर्मियों में बालों को खुला रखना और मैनेज करना बहुत मुश्किल होता है। पसीना निकलने की वजह से बालों से स्मूदनिंग धीरे-धीरे हटने लगती है।
  • गर्म पानी से बालों को न धुले। इससे बाल रूखे हो जाएंगे।

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हेयर स्मूदनिंग के तुरंत बाद ऐसे करें बालों की देखभाल

हेयर स्मूदनिंग के तुरंत बाद बालों को पानी के संपर्क से बचाए रखना जरूरी होता है। तकरीबन तीन दिनों तक बालों को पानी से बचाने के साथ-साथ उन्हें मुड़ने से भी बचाएं। जिससे हेयर स्मूदनिंग को सेट होने में टाइम मिल सके। इसके साथ ही बालों को तीन दिनों तक न बांधें, न बालों को कान के पीछे ले जाना चाहिए। बालों में क्लिप या रबर बैंड लगाने की भी मनाही होती है।

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हेयर स्मूदनिंग के बाद ध्यान देने योग्य बातें

हेयर स्मूदनिंग कई दिनों तक बनी रहे इसके लिए नीचे बताई गई बातों का ध्यान रखें-

  • अनसुलझे बालों को सीधा करने के लिए चौड़े दांतदार कंघी का प्रयोग करना ठीक रहेगा।
  • हेयर स्मूदनिंग के बाद शैम्पू के बाद कंडीशनर और सीरम लगाना न भूले। हो सके तो अपने हेयर एक्सपर्ट से अच्छे हेयर प्रोडक्ट के बारे में सलाह लें।
  • यदि दो मुंहे बाल (split ends) आना शुरु हो जाएं तो उन्हें काट दें।
  • स्कूटी या बाइक पर बैठने से पहले बालों को ठीक तरह से कवर कर लें। इससे बाल उलझेंगे नहीं और टूटेंगे भी नहीं।
  • चार महीने तक बालों में मेहंदी (heena) या हेयर कलर (hair color) का उपयोग न करें।
  • हो सके तो महीने में एक बार हेयर स्पा (hair spa) जरूर करवाए। आप चाहे तो घर पर भी हेयर स्पा कर सकती हैं।
  • बालों को कस कर मत बांधे और जरूरी न हो तो हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें।
  • बालों को धूप और बारिश से बचाएं।

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हेयर स्मूदनिंग से होने वाले नुकसान

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन के अनुसार कुछ केरेटिन हेयर प्रोडक्ट्स में फॉर्मल्डिहाइड केमिकल होता है, जिससे अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है। हेयर स्मूदनिंग की वजह से सिर में दर्द, आंखों से पानी आना और त्वचा संबंधित परेशानी शुरू हो सकती हैं।

हेयर स्मूदनिंग टेक्निक उन लड़कियों या महिलाओं के लिए अच्छा ऑप्शन है जिनके बाल थोड़े स्ट्रेट या वेवी हैं। इसका इफेक्ट तकरीबन चार महीने तक रहता है। इस टेक्निक में सबसे पहले बालों पर फॉर्मल्डिहाइड (formaldehyde) सॉल्यूशन लगाया जाता है और इसके सूखने के बाद फ्लैट आयरन से बालों को स्ट्रेट पॉजिशन में रखा जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला केमिकल बालों को बाकी ट्रीटमेंट की तुलना में कम नुकसान पहुंचाता है और उनका नेचुरल लुक बना रहता है। अगर आपके बाल बहुत मोटे और कर्ली हैं तो यह ट्रीटमेंट नहीं करवाना चाहिए।

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प्राकृतिक(Natural) तरीके से कैसे करें बालों की देखभाल?

  • खाने-पीने का ध्यान रखें पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त खाने का सेवन करें।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। कम से कम एक दिन में सात से आठ ग्लास पानी पीना चाहिए।
  • बालों में सप्ताह में कम से कम तीन बार तेल लगाएं।
  • टेंशन से बचें। स्ट्रेस की वजह से बाल झड़ने लगते हैं।
  • स्टीम करें (गरम पानी में तौलिया गीला कर सिर में लपेट लें)
  • बालों को हमेशा साफ रखें और सप्ताह में कम से कम तीन बार शैम्पू से वॉश करें।

हेयर स्मूदनिंग, रीबॉन्डिंग जैसे हेयर ट्रीटमेंट का चलन कई दिनों में खूब बढ़ा है। हालांकि, इन हेयर ट्रीटमेंट्स में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स हेयर फॉलिकल्स (hair follicles) पर असर डालते हैं। इसलिए, हेयर स्मूदनिंग करवाने के बाद बालों को देखभाल और पोषण की ज्यादा जरूरत होती है। बालों को स्ट्रेट बनाने के लिए स्ट्रेट थेरेपी हमेशा के लिए नहीं हैं। यह सिर्फ कुछ महीने तक ही बालों को सीधा रखने में सहायक है। इसके अलावा आप बालों को सीधा करने के घरेलु उपाय भी आजमा सकते हैं। अगर हेयर स्ट्रेट कराने के बाद बालों से संबंधि​त कोई समस्या आ रही है तो एक्सपर्ट और डॉक्टर से जरूर मिलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 26/04/2021 को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड