राइनोफिमा त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है, यह गंभीर रोसैसिया का एक प्रकार कहा जाता है। यह समस्या अकसर वृद्ध लोगों में देखने को मिलती है, जिनकी उम्र लगभग 50 से 60 वर्ष होती है। नेशनल रोसैसिया सोसाइटी (NRS) के अनुसार लाखों की संख्या में अमेरिकी इससे प्रभावित हैं। इस गंभीर त्वचा की बीमारी में नाक एक बल्ब के आकार की, लाल, बड़ी और उभरी हुई दिखायी देती है। साथ ही नाक सूजी हुई और टेढ़ी मेढ़ी भी नजर आती है। इस बीमारी को एल्कोहलिक नोज या ड्रिंकर्स नोज भी कहते हैं। यह त्वचा रोग रोसैसिया का एक प्रकार है जिसमें त्वचा गंभीर रुप से सूज जाती है। आमतौर पर नाक की रक्त वाहिकाओं के टूट जाने के कारण नाक सूज जाती है और उभरी हुई नजर आने लगती है।

अगर यह समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है तो आपके लिए गंभीर स्थिति बन सकती है । इसलिए इसका समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है। इस बीमारी के भी कुछ लक्षण होते हैं ,जिसे ध्यान देने पर आप इसकी शुरूआती स्थिति को समझ सकते हैं और समय रहते उपचार शुरू कराया जा सकता है।
वैसे तो राइनोफिमा एक गंभीर स्किन डिसॉर्डर है, लेकिन कई बार यह जोखिम पैदा कर सकता है। राइनोफिमा महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों पर अधिक प्रभाव डालता है। पूरी दुनिया में 50 से 70 साल की उम्र के लाखों लोग राइनोफिमा से पीड़ित हैं। यह बीमारी गोरी त्वचा के लोगों और रोसैसिया के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को सबसे अधिक प्रभावित करती है। यही कारण है कि यह अमेरिका के लोगों में यह त्वचा विकार बहुत अधिक देखने को मिलता है। तो आइए जानते हैं राइनोफिमा के लक्षण क्या हैं। ज्यादा जानकारी के लिए अपने स्किन डॉक्टर से संपर्क करें।
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राइनोफिमा त्वचा के कई हिस्सों को प्रभावित करता है। राइनोफिमा आमतौर पर रोसैसिया के अधिक गंभीर रुप धारण करने पर होता है। जिसके कारण ये लक्षण सामने आने लगते हैं, आइए जानते हैं इसके लक्षण क्या है।

कभी-कभी कुछ लोगों में इसमें से कोई भी लक्षण सामने नहीं आते हैं और अचानक से नाक के कनेक्टिव टिश्यू और ऑयल ग्लैंड बढ़ जाते हैं।
इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी सामने आते हैं :
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ऊपर बताएं गए लक्षणों में किसी भी लक्षण के सामने आने के बाद आप डॉक्टर से मिलें। हर किसी के शरीर पर राइनोफिमा अलग प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति के लिए आप डॉक्टर से बात कर लें। यदि आपकी नाक असामान्य रुप से बढ़ रही हो या टेढ़ी मेढ़ी होने के साथ असामान्य उभार नजर आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
राइनोफिमा का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। पहले राइनोफिमा होने का कारण अधिक मात्रा में एल्कोहल का सेवन माना जाता था। लेकिन एल्कोहल न पीने वाले या कम मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने वाले लोगों को भी यह बीमारी प्रभावित करती है। स्किन डिजीज रोसैसिया के गंभीर रुप के कारण राइनोफिमा होता है। यह बहुत असामान्य बीमारी है। उम्र बढ़ने और आनुवांशिक कारणों से यह बीमारी प्रभावित करती है। शुरुआती चरण में व्यक्ति रोसैसिया से पीड़ित होता है फिर धीरे-धीरे राइनोफिमा के लक्षण नजर आने लगते हैं। राइनोफिमा के सटीक कारण अज्ञात हैं, लेकिन कुछ कारक इस दुर्लभ विकार के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इन जोखिम कारकों में शामिल हैं:
आयु: राइनोफिमा (Rhinophyma ) का निदान आमतौर पर 50 से 70 वर्ष की आयु के बीच किया जाता है।
लिंग: महिलाओं की तुलना में पुरुषों को यह स्थिति विकसित होने की अधिक संभावना होती है।
रंग: फेयर-स्किन वाले लोगों में राइनोफिमा होने की संभावना अधिक होती है।
जातीयता: आयरिश, ब्रिटिश, स्कॉटिश, स्केंडिनेविया या पूर्वी यूरोपीय पृष्ठभूमि वाले लोगों में यह होने के जोखिम अधिक होते हैं।
पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार के सदस्यों में जिन लोगों को रोसैसिया या राइनोफिमा हुआ है, उन लोगों में यह होने के अधिक जोखिम होते हैं।
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जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया गया कि राइनोफिमा एक प्रकार की दुर्लभ बीमारी है जो आनुवंशिक कारणों से भी होती है। इसलिए माता-पिता के जीन्स के द्वारा ये बीमारी बच्चों में भी जाती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति भावनात्मक रुप से काफी कमजोर हो सकता है और चेहरे का लुक खराब हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
राइनोफिमा का पता लगाने के लिए डॉक्टर शरीर की जांच करते हैं और मरीज का पारिवारिक इतिहास भी देखते हैं। इस बीमारी को जानने के लिए कुछ टेस्ट कराए जाते हैं :
आमतौर पर, बायोप्सी तब करते हैं, जब कुछ रोगियों की स्थिति उपचार के बाद भी नहीं सुधरती है। बायोप्सी में हम एक माइक्रोस्कोप के तहत जांच करने के लिए त्वचा की कोशिकाओं का एक छोटा-सा सैंपल लेते हैं। कुछ मरीजों में इस बीमारी को जानने के लिए विशेष टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती है। मरीज से लक्षणों और परेशानियों से जुड़े कुछ सवाल पूछकर ही (शारीरिक परीक्षा) राइनोफिमा का निदान किया जाता है।
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राइनोफिमा का कोई सटीक इलाज नहीं है। लेकिन, कुछ थेरिपी, सर्जरी और दवाओं से व्यक्ति में राइनोफिमा के असर को कम किया जाता है। राइनोफिमा का उपचार बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है और इसमें विभिन्न उपचार विकल्पों का संयोजन भी शामिल किया जा सकता है। मौखिक रूप से उपचार आमतौर पर राइनोफिमा में बहुत अच्छी तरह से काम नहीं करते हैं, इसलिए सर्जरी अक्सर बहुत आवश्यक हो जाती है। राइनोफिमा के लिए कई तरह की मेडिकेशन की जाती है।
इसके अलावा सर्जरी राइनोफिमा का सबसे आम इलाज है। रक्त वाहिकाओं और ऊतकों के बढ़ने से नाक टेढ़ी मेढ़ी हो जाती है। यदि प्रभावित हिस्से को हटाया न जाए तो यह स्थायी रुप से नाक को डैमेज कर सकता है। सर्जरी लेजर, स्कैल्पेल और रोटेटिंग ब्रश से किया जाता है। साथ ही क्रायोसर्जरी में असामान्य ऊतक को जमाकर निकालने के लिए ठंडे तापमान का उपयोग किया जाता है। हेलो स्वास्थ द्वारा दी गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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अगर आपको राइनोफिमा है तो आपके डॉक्टर गर्म फूड्स और पेय पदार्थ का सेवन करने से बचने के लिए बताएंगे। इसके साथ ही मसालेदार भोजन, एल्कोहल, कैफीन और बहुत गर्म या ठंडे तापमान से भी बचने की सलाह देंगे। राइनोफिमा के असर को कम करने के लिए अधिक देर तक धूप में नहीं रहना चाहिए और चिंता या तनाव से बचना चाहिए।
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इसके अलावा भारी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। राइनोफिमा के असर को कम करने के लिए रोजाना एसपीएफ 15 या इससे अधिक के सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें या हाइपोएलर्जेनिक स्किन मॉश्चराइजर का प्रयोग करें। सिर्फ इतना ही नहीं आंखों की भी उचित देखभाल करें। राइनोफिमा से बचने के लिए डायट में भी बदलाव जरुरी है। इसलिए आपको निम्न फूड्स का सेवन करना चाहिए:
इस संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं। बिना किसी चिकित्सक सलाह के आप किसी भी घरेलू उपचार या दवा का उपयोग न करें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।
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Current Version
28/04/2021
Anoop Singh द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Manjari Khare