Abrasion : खरोंच क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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मूल बातों को जानें

खरोंच (Abrasion ) क्या है ?

अब्रेशन हम खरोंच को कहते हैं जो कि त्वचा के किसी खुरदुरी जगह पर रगड़ने की वजह से हो सकती है। इसे स्क्रैप ( Scrape ) या ग्रेज ( Graze ) भी कहते हैं। अगर खरोंच किसी सख्त जगह जैसे कि सड़क पर रगड़ने की वजह से हुई है तो इसे रोड रैश ( Road Rash ) भी कह सकते हैं।

ऐसी खरोंच दर्दनाक होती हैं। आमतौर पर खरोंच गहरे घावों के मुकाबले कम खतरनाक होती है और ज्यादा खून नहीं बहता इसलिए इसका इलाज घर पर भी किया जा सकता है।

खरोंच लगना कितना आम है ?

खरोंच किसी को भी और कहीं भी हो सकती है। आमतौर पर खरोंच की आशंका शरीर के इन हिस्सों में ज्यादा रहती है :

किसी भी और जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

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लक्षण

घर्षण या फिर खरोंच के लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

प्रथम दर्जे की खरोंच  : पहले दर्जे की खरोच में आपकी त्वचा की केवल ऊपरी परत यानि एपिडर्मिस (Epidermis) ही प्रभावित होगी। पहले दर्जे की खरोंच हलकी होती है और इसमें दर्द भी कम होगा।

द्वितीय दर्जे की खरोंच  : इस तरह की खरोंच में त्वचा की पहली ऊपरी एपिडर्मिस और डर्मिस दोनों ही परतें प्रभावित होती हैं। इस खरोंच में हल्का खून भी आ सकता है।

तीसरे दर्जे की खरोंच  : ये गंभीर हो सकती है और इसे मेडिकल भाषा में Avulsion Wound के नाम से भी जाना जाता है। इसमें बहुत अधिक खून आएगा और आपको डॉक्टर की देखरेख की जरुरत पड़ सकती है।

आप अपने डॉक्टर से कब मिले ?

इनमें से किसी स्थिति के होने पर आप डॉक्टर से मिल सकते हैं :

1. अगर घर्षण किसी गंभीर एक्सीडेंट की वजह से हुआ हो।

2 . अगर खरोंच लगने के बाद बहुत ज्यादा खून आ रहा हो।

अगर आपकी चोट में किसी प्रकार का संक्रमण है और दवा लगाने के बाद भी ये रुक नहीं रहा है तो भी आप डॉक्टर से तुरंत मिलें, जिससे की संक्रमण और अधिक न फैले।

आपके डॉक्टर घाव को साफ कर देंगे और पट्टी करने के बाद आपको आराम मिल जाएगा और संक्रमण के फैलने की सम्भावना भी कम हो जाएगी। संक्रमण अगर बैक्टीरिया से हुआ है तो डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक दवाएं भी देंगे। बहुत अधिक गंभीर परिस्थितियों में संक्रमित हिस्से की त्वचा को सर्जरी करके निकाला भी जा सकता है।

कारण

चलते समय या फिर कभी भी इधर-उधर करते समय अगर आपकी त्वचा किसी सख्त सतह से रगड़ खा जाती है तो खरोंच लग सकती है। खरोंच या घर्षण कितनी गहरी है ये इसपर निर्भर करेगा कि आप कितनी तेजी से टकराए हैं। किसी भी तरह खरोंच से त्वचा की ऊपरी सतह प्रभावित हो सकती है।

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खतरों के कारण

किसी भी सख्त या खुरदुरी जगह पर अगर आप सावधानी नहीं बरत रहे हैं तो आपको खरोंच लग सकती है।

जांच और इलाज

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी और जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

खरोंच कितनी गहरी है इसकी जांच कैसे की जा सकती है ?

आपके खरोंच की जगह को देखकर ही डॉक्टर आपकी चोट के बारे में पता लगा सकते हैं और उस हिसाब से आपका इलाज किया जा सकता है।

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खरोंच का इलाज कैसे किया जा सकता है ?

डॉक्टर खरोंच के आसपास साबुन या एंटीसेप्टिक की मदद से सफाई करेंगे। इसके बाद एंटीबायोटिक लगाकर पट्टी से घाव को ढक दिया जाएगा।

अगर खरोंच बहुत गहरी है तब डॉक्टर ही आपकी पट्टी कर सकते हैं लेकिन घाव में संक्रमण की आशंका बहुत ज्यादा हो सकती है इसलिए कुछ टिप्स आप भी अपनी तरफ से अपना सकते हैं। जैसे कि :

संक्रमण होने के संभावित एरिया में सर्फेक्टेंट जैसे कि 0.9 सोडियम क्लोराइड( Sodium Chloride ) या फिर शर क्लेन्स (Shur Clens ) लगाया जा सकता है। ये इंजेक्शन की मदद से भी शरीर में डाला जा सकता है ताकि ये जल्दी असर करे।

महीन रेशमी कपड़े की मदद से घाव को हलके हाथों से साफ करें। बहुत अधिक न रगड़े इससे टिशूज और ज्यादा रगड़ खा सकते हैं।

साफ होने के बाद हलके पारदर्शी ड्रेसिंग की मदद से घाव की पट्टी की जाएगी। ध्यान रखें की समय-समय पर अपनी पट्टी बदलवाते रहे जिससे संक्रमण न हो। जब तक कि घाव न भर जाए तब तक घाव की जगह पर नमी बना के रखें, जिससे कि घाव जल्दी भरे। इससे दाग पड़ने खतरा भी कम रहता है।

किसी भी खरोंच के बाद टिटनेस (Tetanus) का इंजेक्शन जरूर लगवाएं। टिटनेस फैलाने वाले कीटाणु हर समय हमारे वातावरण में मौजूद रहते हैं। किसी भी गंदगी या नम जगह पर ये बढ़ सकते हैं और संक्रमण फैला सकते हैं इसलिए टिटनेस का इंजेक्शन अवश्य लगवा लें। अगर टिटनेस का इंजेक्शन को लगे हुए छह महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, तो इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य हो जाता है। इससे संक्रमण का खतरा कम रहेगा।

त्वचा के ठीक होने का भी एक निर्धारित क्रम है जिसमें अंदर की परते पहले ठीक होती हैं और बाहरी एपिडर्मिस बाद में पूरी तरह ठीक होती है। घाव भरने के बाद एंटीबायोटिक की जगह मॉइस्चराइजिंग क्रीम या किसी ऐसी क्रीम का इस्तमाल करे जो कि त्वचा की रंगत सुधार सके।

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जीवनशैली और घरेलू उपाय

इन बातों को ध्यान में रखने से आपकी खरोंच में जल्दी सुधार आ सकता है।

  • घाव के निशान से बचने के लिए खरोच का इलाज सही ढंग से करवाएं।
  • कोशिश करें की घाव साफ रहे जिससे संक्रमण न हो।
  • घाव को बार-बार न खरोंचे इससे ठीक होने में ज्यादा समय लगेगा और संक्रमण भी हो सकता है।
  • डॉक्टर से अपनी खरोंच की गंभीरता के बारे में सारी जानकारी लें, जिससे कि सही तरीके से आप अपना ख्याल रख पाएं।

अगर आप खरोंच अब्रेशन से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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