मिट्टी या नाखून खाता है आपका लाडला, कहीं यह पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) तो नहीं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मार्च 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चे नादानी में कई बार गलत चीजों को मुंह में डाल लेते हैं। ऐसे में बच्चों पर नजर रखना बहुत जरूरी हो जाता है। कई बच्चे नादानी में मुंह में डाली गई चीजों को रेगुलर खाने की कोशिश भी करने लगते हैं। इसी का नतीजा है कि बच्चों में मिट्टी खाने, दीवार का पेंट चाटने या ऐसी ही कुछ आदतें देखने को मिलती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं बच्चे को पाइका डिसऑर्डर तो नहीं। अगर आपका बच्चा भी इसी तरह से मिट्टी खाता है, दीवार का पेंट चाटने की कोशिश करता है, तो ये लक्षण पाइका डिसऑर्डर के हो सकते हैं। ऐसे में आपको क्या करना चाहिए, क्या इलाज करना चाहिए और इसकी रोकथाम कैसे करनी चाहिए, इन सभी सवालों का जवाब आपको हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में मिलेगा। सबसे पहले जानते हैं पाइका डिसऑर्डर क्या है।

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पाइका डिसऑर्डर (Pica disorder) क्या है?

पाइका डिसऑर्डर(Pica disorder) एक कंपलसिव इटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें लोग नॉनफूड आइटम खाते हैं, जिनमें गंदगी, मिट्टी और दीवार के पेंट की परत सबसे आम चीजें हैं। इसके अलावा इनमें फेविकोल, बॉल, सिगरेट की राख और गंदगी भी शामिल हैं। बच्चों में पाइका डिसऑर्डर एक आम समस्या है। एक से छह साल के बीच के 30 प्रतिशत बच्चों में यह परेशानी हो सकती है। साथ ही ऑटिज्म से जूझ रहे अडल्ट्स को भी यह परेशानी हो सकती है। कभी-कभी गर्भवती महिलाएं अजीब नॉन फूड आयटम की भी डिमांड करती हैं। प्रेग्नेंट महिलाओं में पाइका डिसॉर्डर आयरन और जिंक की कमी के कारण हो सकता है।

पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) के लक्षण क्या हैं?

पाइका डिसऑर्डर नॉनफूड आइटम से संबंधित हैं, इसके लक्षण ये हो सकते हैंः

ये लक्षण नॉन फूड आयटम्स में टॉक्सिक और बैक्टीरिया होने के कारण हो सकते हैं। नॉनफूड आइटम खाने की वजह से आपको ये परेशानियां हो सकती हैं:

  • लैड प्वाइजनिंग (पेंट चिप्स खाने से जिसमें सीसा होता है)
  • इंटेस्टाइन ब्लॉकेज या टियर (कठोर वस्तुओं को खाने से आंत को नुकसान पहुंचना)
  • दांत में इंजरी
  • इंफेक्शन (जीवों और पैरासाइट्स जो शरीर के अंदर जाते हैं और बीमारी पैदा करते हैं)

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पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) को डायग्नोज कैसे किया जाता है?

कई बच्चे अपने नाखून चबाते हैं या अपने खिलौनों और बालों को मुंह में डालते हैं, ये सामान्य आदतें हैं। लेकिन पाइका से पीड़ित व्यक्ति बार-बार नॉनफूड आइटम खाता है, भले ही वह उसे बीमार कर दें। उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाया जाना चाहिए।

  • आपका डॉक्टर आपके बच्चे के शारीरिक लक्षणों को देखेगा। इनमें पेट की खराबी या आंत समस्याएं शामिल हो सकती हैं।
  • अगर आपका बच्चा पाइका के लिए उच्च जोखिम वाले समूह में है (उनके पास बौद्धिक या विकासात्मक अक्षमता है), तो आपका डॉक्टर पूछ सकता है कि क्या आपने अपने बच्चे को नॉनफूड आइटम खाते हुए और कितने समय तक देखा है।
  • अगर यह व्यवहार एक महीने या उससे अधिक समय है, तो आपका डॉक्टर पाइका के रूप में इसको डायग्नोज कर सकता है।
  • आपका डॉक्टर ब्लड टेस्ट या एक्स-रे जैसे परीक्षण करने को कह सकता है। संभव एनीमिया की जांच भी कराई जा सकती है, जो खून मे टॉक्सिक पदार्थों और आंतों में रुकावट का पता लगा सकता है।
  • आपका डॉक्टर आपके बच्चे के आयरन और जिकं के स्तर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट कराने को कह सकता है। इन विटामिनों का पर्याप्त न होना कुछ मामलों में गंदगी और मिट्टी खाने के लिए ट्रिगर का काम करता है।

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पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) का इलाज क्या है?

पाइका के लिए उपचार अलग-अलग स्तर का हो सकता है। डॉक्टर आपके बच्चे की बीमारी को नॉनफूड आइटम खाने की वजह से बताएगा। उदाहरण के लिए, आपका डॉक्टर आपके बच्चे के कब्ज, दस्त, अल्सर, इंटेस्टाइन टियर, संक्रमण या अन्य बीमारियों के किसी भी संयोजन का इलाज करेगा। अगर आपके डॉक्टर को पता चलता है कि आपके बच्चे के पास पर्याप्त आयरन या जिंक नहीं है, तो वह उसे विटामिन सप्लीमेंट और आहार संबंधी बदलाव करने को कहेगा।

पाइका के इलाज के लिए डॉक्टर आपके बच्चे में पाइका डिसॉर्डर का कारण पूछेगा। आपका डॉक्टर बच्चे के घर के माहौल पर चर्चा करेगा, आपको एक अभिभावक के रूप में शिक्षित करेगा और आपके बच्चे से एक व्यवहारिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में उससे बात करेगा।

पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) को रोका जा सकता है?

पाइका को रोका नहीं जा सकता। उचित पोषण कुछ बच्चों को इसे विकसित न होने में मदद कर सकता है। अगर आप खाने की आदतों पर ध्यान देते हैं और उन बच्चों की निगरानी करते हैं जो चीजों को अपने मुंह में डालते हैं, तो आप पाइका डिसऑर्डर को जल्दी पहचान सकते हैं। अगर आपके बच्चे को पाइका का पाया जाता है, तो आप उन वस्तुओं को घर में उसकी पहुंच से दूर रखकर नॉनफूड आइटम खाने के जोखिम को कम कर सकते हैं। अपने बच्चे को बाहर खेलते समय उस पर निगरानी रखने से पाइका डिसऑर्डर को अवॉयड किया जा सकता है।

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पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) के साथ रहना

ज्यादातर बच्चे उम्र के साथ ही पाइका को पीछे छोड़ देते हैं। यह आमतौर पर कुछ महीनों में दूर हो जाता है।

तो अब अगर आपका बच्चा मिट्टी या नाखून खाता हुआ नजर आए, तो उसकी इस आदत को अनदेखा न करें। ये लक्षण पाइका डिसऑर्डर के हो सकते हैं। आप तुरंत बच्चों के डॉक्टर से सही सलाह लेकर उसका सही इलाज कराएं, ताकि ये समस्या इतनी न बढ़ जाए कि उसे नुकसान देने लगे।

उम्मीद है कि आपको पाइका डिसऑर्डर और अपने बच्चे के मिट्टी खाने के पीछे के कारण का पता लग गया होगा। इस आर्टिकल में हमने पाइका डिसऑर्डर की रोकथाम के बारे में भी जिक्र किया है, जो आपके बच्चे की इस आदत को छुड़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपके मन में इस डिसऑर्डर से जुड़े कुछ और भी सवाल हैं तो हमसे हमारे फेसबुक पेज पर जरूर पूछें। हम आपके सवालों का जवाब डॉक्टर की सलाह से लेकर देने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही, आपको हमारा ये आर्टिकल कैसा लगा, हमें इस बारे में जरूर बताएं।

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