प्रेग्नेंसी में STD (Sexually Transmitted Diseases): जानें इसके लक्षण और बचाव

Medically reviewed by | By

Update Date मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज को साधारण तौर पर एसटीडी (STDs) कहते हैं। ये इंफेक्शन होता है जो STD ग्रस्त व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाता है। सेक्शुअल एक्टिविटी में यह इंफेक्शन माउथ, एनस या वजायना के द्वारा एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। प्रेग्नेंसी और STD का भी संबंध है। इसे सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (sexually transmitted infections) यानी STI भी कहते हैं। प्रेग्नेंसी और STD के कारण न सिर्फ महिला को परेशानी होती है बल्कि होने वाले बच्चे को बर्थ के बाद समस्या हो सकती है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि प्रेग्नेंसी और STD का क्या संबंध है, और इसके लक्षणों का पता कैसे चलता है।

यह भी पढ़ें : हेल्थ इंश्योरेंस से पर्याप्त स्पेस तक प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है इस तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रेग्नेंसी में  STD होने पर में निम्न बीमारियां होती हैं

  • क्लैमाइडिया (Chlamydia)
  • जननांग दाद (Genital herpes)
  • सूजाक( Gonorrhea)
  • हेपेटायटिस बी
  • एचआईवी / एड्स
  • एचपीवी
  • जननांग मस्सा (Genital warts)
  • उपदंश (Syphilis)
  • त्रिचोमोनास वैजिनलिस (Trichomonas Vaginalis)

क्या बच्चे में भी फैल सकती है बीमारी?

प्रेग्नेंसी और STD का गहरा संबंध है। अगर महिला सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से ग्रसित है तो होने वाले बच्चे को भी इंफेक्शन हो सकता है। मां में ये इंफेक्शन उस व्यक्ति से आ सकता है जिसके साथ महिला ने शारीरिक संबंध बनाए थे। ये इंफेक्शन प्रेग्नेंसी से पहले, प्रेग्नेंसी के दौरान और बाद में भी हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान जब महिला डॉक्टर के पास फर्स्ट विजिट में जाती है तो डॉक्टर STDs चेकअप करते हैं। अगर महिला STDs से इंफेक्टेड है तो उसका इलाज किया जाता है। होने वाले बच्चे को किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से बचाने के लिए ट्रीटमेंट जरूरी है।

यह भी पढ़ें : हमारे ऑव्युलेशन कैलक्युलेटर का उपयोग करके जानें अपने ऑव्युलेशन का सही समय

प्रेग्नेंसी में STDs के लक्षण क्या हैं?

प्रेग्नेंसी के दौरान या फिर पहले इंफेक्शन के कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले चेकअप और टेस्ट में इंफेक्शन का पता चलता है। कई महिलाओं को कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे

  • वजायना के आस-पास घाव हो जाना।
  • लिंग या योनि के पास सूजन या लालिमा।
  • त्वचा में लाल चकत्ते।
  • यूरिन पास करते समय दर्द होना।
  • वजन में कमी, लूज मोशन, रात को पसीना आना।
  • दर्द, बुखार और ठंड लगना।
  • त्वचा का पीला पड़ना।
  • लिंग या योनि से अजीब गंध आना।
  • पीरियड्स के अलावा भी ब्लीडिंग होना।
  • सेक्स के दौरान दर्द महसूस होना।
  • लिंग या योनि के पास अधिक खुजली महसूस होना।

यह भी पढ़ें : क्या 50 की उम्र में भी महिलाएं कर सकती हैं गर्भधारण?

प्रेग्नेंसी में STD के कारण होने वाले बच्चे में इफेक्ट

प्रेग्नेंसी में STD के कारण होने वाले बच्चे पर भी प्रभाव पड़ता है। बच्चे का डिलिवरी के समय वजन कम होने के साथ ही आंख में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। अगर सही समय पर प्रेग्नेंसी में STD की पहचान नहीं हो पाती है तो ये महिला और होने वाले बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। प्रेग्नेंसी में STD के कारण बच्चे में निम्न समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

  • जन्म के समय कम वजन (5 पाउंड से कम)
  • आंखों का संक्रमण
  • निमोनिया
  • बच्चे के रक्त में संक्रमण
  • ब्रेन डैमेज
  • शरीर के कॉर्डिनेशन और बॉडी मूवमेंट में कमी
  • अंधापन (Blindness)
  • बहरापन (Deafness)
  • तीव्र हेपेटाइटिस (Acute hepatitis)
  • मस्तिष्कावरण शोथ
  • क्रोनिक लिवर डिजीज (Chronic liver disease), जिससे लिवर सिरोसिस की संभावना रहती है।
  • स्टिलबर्थ (stillbirth)

प्रेग्नेंसी में STD से होने वाले  इंफेक्शन

प्रेग्नेंसी में STD का कारण क्लैमाइडिया (Chlamydia)

गर्भावस्था में क्लैमाइडिया इंफेक्शन के दौरान कुछ लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान ये इंफेक्शन बच्चे को इंफेक्टेड कर सकते हैं। होने वाले बच्चे को आंखों का इंफेक्शन या निमोनिया हो सकता है। इस इंफेक्शन से बचाने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स देते हैं।

प्रेग्नेंसी में STD का कारण जननांग दाद (Genital herpes)

जननांग में दाद होने से प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे को कोई समस्या नहीं होती। डिलिवरी के दौरान इंफेक्शन न फैले, इसलिए सी-सेक्शन का सहारा लिया जाता है। एंटीवायरल मेडिसिन के साथ ही सी-सेक्शन इसका इलाज है।

यह भी पढ़ें : तीसरी प्रेग्नेंसी के दौरान इन बातों का रखना चाहिए विशेष ख्याल

प्रेग्नेंसी में STD का कारण गोनोरिया (Gonorrhea)

इस संक्रमण के कारण मुंह में छाले, बुखार और ब्लड सर्क्युलेशन इंफेक्शन हो सकता है। बच्चा आमतौर पर अप्रभावित रहता है। मां को संक्रमण होने से कई बार होने वाले बच्चे में आंखों का इंफेक्शन हो जाता है। एंटीबायोटिक की हेल्प से  आंख के इंफेक्शन को सही किया जाता है।

प्रेग्नेंसी में STD का कारण हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)

हेपेटाइटिस बी लीवर इंफेक्शन है। अगर ये इंफेक्शन महिला को है तो होने वाले बच्चे में भी इंफेक्शन की संभावना रहती है। अगर समय पर वैक्सीनेशन किया जाए तो होने वाले बच्चे को इंफेक्शन से बचाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : स्टिलबर्थ के खतरे को कैसे करें कम?

प्रेग्नेंसी में STD का कारण एचआईवी संक्रमण

एचआईवी संक्रमण से ग्रसित मां बच्चे को पूरी तरह से संक्रमित कर सकती है। अगर समय पर इस बीमारी का पता चल जाए तो पावरफुल मेडिसिन की हेल्प से इसके संचरण को रोका जा सकता है।

प्रेग्नेंसी में STD की पहचान के लिए प्रीनेटल केयर

प्रेग्नेंसी में STD से बचाव के लिए प्रीनेटल केयर बेहतर उपाय साबित हो सकता है। प्रीनेटल केयर के साथ ही प्रेग्नेंसी में STD और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को रोक सकते हैं। आपका डॉक्टर प्रेग्नेंसी में STD होने और जरूरत पड़ने पर बच्चे के जन्म के करीब परीक्षण करेगा। क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे बैक्टीरिया के कारण होने वाले एसटीआई को एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक किया जा सकता है। कुछ एंटीबायोटिक्स गर्भावस्था के दौरान लेना सुरक्षित है। आपका डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस और ट्राइकोमोनिएसिस के लिए एंटीबायोटिक्स लिख सकता है। वायरस, जैसे जननांग दाद और एचआईवी के कारण होने वाले एसटीआई का कोई इलाज करना मुश्किल होता है।

प्रेग्नेंसी में STD से कैसे करें बचाव?

प्रेग्नेंसी में STD से बचने का एकमात्र तरीका है कि अगर आपके पार्टनर को सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज हैं तो वजायनल, एनल और ओरल सेक्स न करना। अगर आप सेक्शुअली एक्टिव हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।

  1. अगर आपको शंका है कि आपके पार्टनर को इंफेक्शन है तो एक बार डॉक्टर के पास जाकर चेकअप कराएं।
  2. अगर आपको इंफेक्शन के बारे में जानकारी नहीं मिली है तो सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
  3. बेहतर रहेगा कि आप कंसीव करने से पहले चेकअप कराएं।
  4. होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिए समय-समय पर चेकअप कराना बहुत जरूरी है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको इंफेक्शन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  5. डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान ही होने वाले बच्चे को इंफेक्शन से बचाने के लिए ट्रीटमेंट देंगे।
  6. प्रेग्नेंसी के दौरान शराब से दूरी बनाएं। अनसेफ सेक्स आपके लिए घातक साबित हो सकता है।
  7. STD के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें ताकि आप उससे निपट सकें।

प्रेग्नेंसी के दौरान पहली बार जब भी आप चेकअप के लिए जाएंगी, डॉक्टर आपकी पूरी तरह से जांच करेगा। अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान इंफेक्शन के किसी भी तरह के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सक सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और पढ़ें 

5 फूड्स जो लेबर पेन को एक्साइट करने का काम करते हैं

 हनीमून के बाद बेबीमून, इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसे बनाएं यादगार

क्या होता है मल्टीग्रेविडा और प्रेग्नेंसी से कैसे जुड़ा है?

इस तरह फर्टिलिटी में मदद करती है ICSI आईवीएफ प्रक्रिया, पढ़ें डीटेल

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

White soapwort: व्हाइट सोपवोर्ट क्या है?

व्हाइट सोपवोर्ट क्या है? व्हाइट सोपवोर्ट का इस्तेमाल किन बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है? white soapwort के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Mona Narang
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल मार्च 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Ethinyl Estradiol: एथिनिल एस्ट्राडियोल क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

जानिए एथिनिल एस्ट्राडियोल की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, एथिनिल एस्ट्राडियोल उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Ethinyl Estradiol डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anoop Singh
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल फ़रवरी 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

सामान्य प्रेग्नेंसी से क्यों अलग है मल्टिपल प्रेग्नेंसी?

मल्टिपल प्रेग्नेंसी क्या है? सामान्य प्रेग्नेंसी से क्यों अलग है मल्टिपल प्रेग्नेंसी? ऐसी स्थिति में कब हो सकता है शिशु का जन्म? multiple pregnancy के वक्त क्या करना चाहिए?

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Nidhi Sinha
प्रेग्नेंसी स्टेजेस, प्रेग्नेंसी फ़रवरी 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

प्रेग्नेंसी में ड्राई स्किन की समस्या हैं परेशान तो ये 7 घरेलू उपाय आ सकते हैं काम

प्रेग्नेंसी में ड्राई स्किन in hindi. प्रेग्नेंसी में ड्राई स्किन क्यों होती है? प्रेग्नेंसी में रूखी त्वचा की समस्या से कैसे बचा जा सकता है इसके बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है। आइए जानते हैं।

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Nidhi Sinha
डिलिवरी केयर, प्रेग्नेंसी जनवरी 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें