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सोते समय पसीना आना गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं!

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Suniti Tripathy द्वारा लिखित · अपडेटेड 15/07/2021

सोते समय पसीना आना गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं!

पसीना आना कोई चिंता की बात नहीं है। गर्मी के मौसम में पसीना आना आम बात है। लेकिन कुछ लोगों को रात को सोते समय कमरे का सामान्य तापमान होने के बावजूद पसीना आता है। कुछ मामलों में तो ये पसीना इतना अधिक होता है कि ये इंसान के कपड़ों के साथ चादर को भी भिगा देता है। अगर आप भी सोकर उठने के बाद खुद को पसीने से लथपथ महसूस करते हैं तो ये खतरे की घंटी हो सकती है। सोते समय पसीना आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इसलिए इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। इस आर्टिकल में जानें कि ऐसी कौनसी परिस्थितियां हैं जिनकी वजह से आपको सोते समय पसीना आ सकता है:

मेनोपॉज: (Menopause)

40 से पार हो चुकी महिलाओं में मेनोपॉज की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान हाॅर्मोन में बदलाव होने के कारण शरीर में कई बदलाव आते हैं। इसके कारण भी महिलाओं में रात में पसीने की शिकायत हो सकती है।  इन्हीं में एक है रात में पसीना आना। हालांकि यह नुकसानदायक नहीं है। इसलिए अगर ऐसा हो रहा है तो घबराएं नहीं। अगर आपके मन में कोई शंका है तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया: (Obstructive sleep apnea)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया या OSA से पीड़ित लोगों को सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है। इस बीमारी में मरीज जब सोता है या रिलैक्स करता है तो गले की मांशपेशियां श्वास नली को ब्लॉक कर देती है। इसका सीधा असर शरीर की ऑक्सीजन सप्लाई पर पड़ता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित 30.6% पुरुष और 33.3% महिलाएं रात के पसीने से परेशान रहते हैं। वहीं सामान्य पुरुषों और महिलाओं में यह आंकड़ा क्रमशः 9.3% और 12.4% रहता है।

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इडियोपैथिक हायपरहाइड्रॉसिस (Idiopathic Hyperhidrosis)

इस परिस्थिति में शरीर में बिना किसी मेडिकल समस्या के आपको रात में सोते समय पसीना आएगा।

संक्रमण (Infection):

एंडोकार्डाइटिस (Endocarditis), ट्यूबरक्यूलॉसिस और ऑस्टोमायलेटिस (Osteomylitis) होने पर भी रात को पसीना आ सकता है। ये HIV संक्रमण का भी लक्षण हो सकता है।

कैंसर:

कुछ तरह के कैंसर में सोते समय पसीना आना इसके शुरुआती लक्षण में से एक है। सोते समय पसीना आने से जुड़े कैंसर का सबसे आम प्रकार लिंफोमा है। इस कैंसर की शुरुआत में रात को पसीना आ सकता है।

गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD):

गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज एक गैस्ट्रोइंटेस्टिनल डिसऑर्डर है। इस बीमारी में रात को सोते वक्त पेट में जमा एसिड भोजन नलिका में वापस आता है, जिससे सीने में जलन की शिकायत होती है। इसके साथ ही सोते समय अत्यधिक पसीना भी आता है। गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज का इलाज आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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दवाओं के प्रभाव से

कई बार एंटी- डिप्रेस्सेंट(Antidepressant Drugs), डायबिटीज की दवाएं, पेनकिलर, स्टेरॉयड और एस्पिरिन (Aspirin) लेने की वजह से भी रात को पसीना आ सकता है। निम्नलिखित दवाओं को लेने से रात को पसीने की शिकायत हो सकती है:

इसलिए अगर इन दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो रात को पसीना आने पर परेशान ना हो।

हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia):

ब्लड शुगर की मात्रा में गिरावट आने से भी रात को सोते समय पसीना आ सकता है।

हाॅर्मोनल संतुलन बिगड़ना (Hormonal imblance)

हायपरथायरॉइडिज्म, कार्सिनोइड सिंड्रोम  की स्थिति में भी रात को पसीना आ सकता है।

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पाचन संबंधित परेशानी होने पर (Digestive Problems)

यदि आपके पाचन तंत्र में किसी तरह की कोई परेशानी है तो सोते समय पसीना आने का कारण यह भी हो सकता है। क्योंकि खाना पचाने के लिए मेटाबॉलिज्म को रात में भी काम करना होता है। सोते समय खाने को पचाने की यह प्रक्रिया बहुत धीमी होती है। इस वजह से डायजेशन सिस्टम को बहुत जोर लगाना पड़ता है। यही कारण है कि रात को सोते समय पसीना आने लगता है।

स्ट्रेस (Stress)

तनाव, चिंता और घबराहट की वजह से भी रात को सोते समय पसीना आ सकता है। कई बार नींद पूरी न होने के बाद भी घबराहट से पसीना आ सकता है। यदि ऐसा बार-बार हो रहा है तो आपको कई दूसरी परेशानी भी हो सकती है। अत: इस बारे में अपने डॉक्टर से तुरंत कंसल्ट करें।

न्यूरोलॉजिक स्थिति

ऑटोनोमिक डिसरिफ्लेक्सिया (Autonomic Dysreflexia), स्ट्रोक (Stroke), ऑटोनोमिक न्यूरोपैथी (Autonomic Nuropathy) की परिस्थिति में भी रात को सोते समय पसीना आ सकता है।

रात को पसीना आने के पीछे निम्नलिखित कारण भी हो सकते हैं…

  • एंग्जायटी डिसऑर्डर (Anxiety Disorder)
  • ओबेसिटी (Obesity)
  • कार्डियोवैस्कुलर रोग (Cardiovascular Disease)
  • लो ब्लड शुगर  (Low Blood Sugar)
  • पार्किंसन डिजीज (Parkinson’s Disease)

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ट्रीटमेंट

रात को पसीने आने का ट्रीटमेंट मेडिकल स्थितियों पर डिपेंड करता है। जैसे जिन लोगों का हार्मोनल संतुलन बिगड़ा है उन्हें हार्मोनल को बैलेंस करने की दवा रिकमेंड की जाती है। अगर अत्यधिक पसीने के आने के पीछे कोई कारण नहीं है तो नीचे बताई बातों का ध्यान रखें…

  • ऐसी जगह पर सोएं जहां ठंडक हो और आप अच्छे से सांस ले सकें।
  • सोने के लिए आरामदायक कपड़ों का चयन करें। सिंथेटिक कपड़ों को न पहनें। सोते वक्त गर्म कपड़ों को पहनने से बचें।
  • अपने नीचे कॉटन की चादर बिछाकर सोएं। इसके साथ ही ऊपर ओढ़ने के लिए भी हल्की चादर का इस्तेमाल करें।
  • अपना वजन मेंटेन रखें।
  • रोजाना स्नान करें। आप चाहे तो सोने से पहले भी स्नान कर सकते हैं। इससे नींद भी अच्छी आएगी और पसीने की समस्या भी नहीं होगी।
  • दिन भर में जितना हो सके पानी पीएं। खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थों को लें।
  • सोते वक्त एसी या पंखा चलाकर सोएं।
  • सोने से पहले ब्रीथिंग एक्सरसाइज करें।
  • एल्कोहॉल, कैफीन और मिर्च मसाले वाले खाने को एवॉइड करें।
  • सोने जाने से दो से तीन घंटे पहले खाना खा लें।
  • अगर आपको भी रात को सोते समय बेवजह और बहुत ज्यादा पसीना आता है तो डॉक्टर से मिलें और अपनी जांच करवाएं, जिससे आपकी स्थिति के अनुसार पसीना आने का कारण पता लगाया जा सके। डॉक्टर की सलाह को मानें और आगे दिए  निर्देशों का पालन करें। कई बार हम ऐसे छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में परेशानी का कारण बन जाते हैं। जरूरी नहीं कि रात को पसीना आना किसी गंभीर बीमारी का ही संकेत हो, लेकिन इस बारे में डॉक्टर की राय अवश्य लें।

    हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा और सोते समय पसीना आने का क्या कारण होता है इससे संबंधित जानकारियां मिल गईं होगी। अगर आप इससे जुड़ी और कोई जानकारी चाहते हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। आप चाहे तो हमारे फेसबुक पेज पर कमेंट कर पूछ सकते हैं।  हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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