home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Tuberculosis: ट्यूबरक्युलॉसिस (क्षय रोग) क्या है?

Tuberculosis: ट्यूबरक्युलॉसिस (क्षय रोग) क्या है?

ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) यानी टीबी एक ऐसा बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो हमारे बॉडी टिशू पर हमला कर उन्हें नष्ट कर देता है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्युलॉसिस (Mycobacterium tuberculosis) नामक बैक्टीरिया की वजह से होती है, जो हवा के जरिए फैलती है। टीबी के बैक्टीरिया उन पर तेजी से हमला करते हैं, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। खासतौर पर उन्हें जो एचआईवी या कैंसर से पीड़ित रह चुके हों। ज्यादातर यह बीमारी व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करती है। लेकिन, यह हड्डियों, लिम्फ ग्रंथियों, आंतों, दिल, दिमाग के साथ-साथ अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है।

और पढ़ें : जानिए , टीबी को दोबारा होने से कैसे रोका जा सकता है ?

ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) की बीमारी कितनी सामान्य है?

कई मामलों में ट्यूबरक्युलॉसिस का संक्रमण तेजी से फैलता है। जिन लोगों की बीमारी से लड़ने की क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह बीमारी हो सकती है। इसकी शुरुआत होने पर यह बीमारी दूसरों में भी तेजी से फैल सकती है। ऐसे में, नीचे बताए गए लोगों को टीबी होने का खतरा ज्यादा रहता है :

अगर व्यक्ति एचआईवी या इम्यून सिस्टम कमजोर करने वाली किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हो।

  • जो ट्यूबरक्युलॉसिस से पीड़ित लोगों के करीबी हों।
  • जो लोग टीबी के मरीज का ख्याल रखते हैं, जैसे डॉक्टर और नर्स।
  • ऐसे इलाकों में जाना जहां काफी सारे टीबी के मरीज रहते हों।
  • अस्वच्छ और संक्रमित इलाकों में रहने वाले लोग।

जानिए क्या हैं ट्यूबरक्युलॉसिस (symptoms of Tuberculosis) के लक्षण?

ट्यूबरक्युलॉसिस के संक्रमण के बाद शुरुआती दिनों में कोई लक्षण नजर नहीं आते। लेकिन जब यह संक्रमण बीमारी का रूप लेने लगता है, तब इसके लक्षण सामने आना शुरू हो जाते हैं। ये लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि टीबी ने किस अंग को प्रभावित किया है। जैसे- तीन हफ्तों तक खांसी होना, खून में कफ आना, सीने में दर्द होना, बुखार आना, रात को बहुत ज्यादा पसीना आना, वजन कम होना, भूख न लगना, कमजोरी आना, चक्कर आना आदि। इसके अलावा, टीबी के अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या है, तो एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) के लिए कब दिखाएं डॉक्टर को?

अगर आपका वजन अचानक बिना किसी कारण घटने लगे, रात को खूब पसीना आने लगे, तीन हफ्तों तक खांसी न रुके तो ये लक्षण ट्यूबरक्युलॉसिस के हो सकते हैं। ऐसे में आप अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं, क्योंकि कई बार ऐसे लक्षण अन्य बीमारियों के भी हो सकते हैं।

और पढ़ें : ऐसे पहचाने छोटे बच्चों में खांसी के प्रकार और करें देखभाल

जानिए ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) के कारण

किस वजह से होता है ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis)?

ट्यूबरक्युलॉसिस (टीबी) का बैक्टीरिया सबसे ज्यादा हवा के जरिए व्यक्ति के शरीर में आता है। संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। शरीर में जाने के बाद यह वायरस यूं तो लंबे समय तक सोता रहता है और कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन जब शरीर का इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने में नाकाम हो जाता है, तो यह हमला शुरू कर देता है। सबसे पहले यह फेफड़े पर हमला कर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। यहीं से टीबी के लक्षण दिखाई देने शुरू हो जाते हैं।

ऐसे बढ़ जाता है ट्यूबरक्युलॉसिस (Risk factor of Tuberculosis) का खतरा अगरः

  • आपको एचआईवी या एड्स होना
  • आपको डायबिटीज की बीमारी होना
  • किसी प्रकार का कैंसर होना
  • आप कुपोषण का शिकार हैं
  • आप कीमोथेरिपी या अन्य कैंसरी ट्रीटमेंट ले रहे हैं
  • बॉडी वेट कम होना
  • अंग प्रत्यारोपण के लिए दवाओं का सेवन करना
  • स्मोकिंग करना
  • रेग्यूलर एल्कोहॉल का सेवन करना

ऐसा नहीं है कि ऊपर बताई गई किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं है, तो आपको ट्यूबरक्युलॉसिस (टीबी) नहीं हो सकती। हमेशा ऐसे मामले में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

और पढ़ें : ब्रेन स्ट्रोक आने पर क्या करें और क्या न करें?

ऐसे पता चलता है टीबी ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) का

नोट : यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

ट्यूबरक्युलॉसिस (टी.बी.) के उपचार की शुरुआत में डॉक्टर आपसे आम सवाल पूछ कर आपकी मेडिकल हिस्ट्री जानने की कोशिश करते हैं। जैसे आप किसी टीबी रोगी के करीब या आसपास तो नहीं रहते। इसके बाद चेस्ट का एक्स-रे लेकर और थूक या बलगम की लेबोरेटरी जांच की जाती है। इसके अलावा, इंजेक्शन के माध्यम से स्किन में टीबी रिएक्शन देखकर भी इसके होने का पता किया जा सकता है।

ऐसे होता है टीबी ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) का इलाज

आजकल ट्यूबरक्युलॉसिस (टी.बी.) के उपचार के लिए अलग-अलग एंटीबायोटिक्स या एंटीबेक्टेरियल दवाओं का एक साथ प्रयोग किया जाता है। यह उपचार लगातार छह से नौ महीने तक चलता है, जिसे बीच में एक बार भी छोड़ने पर इसके बैक्टीरिया फिर से पनपते लगते हैं। इसलिए, भले ही आपको दवा शुरू करने के कुछ सप्ताह बाद तक बेहतर महसूस होना शुरू हो जाए, लेकिन, इसका पूरा कोर्स करना जरूरी है।

इसके अलावा वायरलेस ऑब्जर्व थेरिपी (Wirelessly Observed Therapy) (WOT) की भी मदद ले सकते हैं।

ट्यूबरक्युलॉसिस के लक्षणों (Tuberculosis symptoms) का पता लगाने के लिए निम्न टेस्ट भी किए जा सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • त्वचा परीक्षण
  • रक्त परीक्षण
  • एक्स-रे

अगर सही तरीके से ट्यूबरक्युलॉसिस का इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

और पढ़ें : जानें स्ट्रोक के लक्षण, कारण और इलाज

टीबी ट्यूबरक्युलॉसिस (Tuberculosis) से निपटने के लिए जीवनशैली में करें ये बदलाव

  • डॉक्टर के कहे अनुसार नियमित रूप से दवाई लें
  • शराब-सिगरेट आदि से दूर रहे
  • खांसते-छींकते वक्त मुंह पर कपड़ा रखें
  • किसी अन्य खांसते या छींकते व्यक्ति के बहुत करीब न जाए
  • संक्रमित व्यक्ति को छूने से पहले या उससे जुड़े किसी भी सामान को छूने से पहले दस्तानें पहनें
  • अगर डॉक्टर ने आपको दवाइयां दी हैं तो सभी दवाइयां समय पर लें और समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श करते रहें
  • अपनी दवाईयां बीच में न छोड़े। अगर आप दवाइयां बीच में छोड़ देते हैं तो कीटाणु दोबारा से सक्रिय हो सकते हैं
  • अगर आप संक्रमित हैं तो कोशिश करें की खांसते और छींकते समय अपना मुंह ढक कर रखें। इससे संक्रमण और अधिक नहीं फैलेगा
  • खांसने या छींकने के बाद अपने हाथ जरूर धोएं
  • खुली हवा और अच्छे वातावरण में रहें इससे संक्रमण में जल्द ही राहत मिलेगी
  • जब तक आप पूरी तरह संक्रमण मुक्त न हो जाएं तब तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तमाल न करें
  • BCG यानि बैसिलस कैलीमैटो ग्यूरीन ट्यूबरक्युलॉसिस का टीका जरूर लगवाएं
  • घर से बाहर निकलते या भीड़-भाड़ इलाके में जाने से पहले चेहरे को फेस मास्क से ढकें
  • ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
  • कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर न रहें और वहां जाने से परहेज करें
  • टीबी के मरीजों से दूरी बनाकर रखें
  • टीबी के मरीज को हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहना चाहिए
  • एसी का इस्तेमाल न करें। हमेशा पंखें में रहें और कमरे की खिड़कियां खुला रखें, ताकि बैक्टीरिया बाहर निकल सके।

अगर आपको अपनी ट्यूबरक्युलॉसि (Tuberculosis) की ससमस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Tuberculosis. https://medlineplus.gov/tuberculosis.html. Accessed on 14 January, 2020.

Tuberculosis. https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/tuberculosis. Accessed on 14 January, 2020.

Tuberculosis. https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/tuberculosis/symptoms-causes/syc-20351250. Accessed on 14 January, 2020.

Tuberculosis (TB) Disease: Symptoms and Risk Factors. https://www.cdc.gov/features/tbsymptoms/index.html. Accessed on 14 January, 2020.

Tuberculosis – https://www.niaid.nih.gov/diseases-conditions/tuberculosis Accessed on 14 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 10/07/2019
x