home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

गर्भधारण से पहले शराब पीना क्यों है खतरनाक?

गर्भधारण से पहले शराब पीना क्यों है खतरनाक?

गर्भधारण से पहले शराब पीना डाल सकता है शिशु पर बुरा प्रभाव

रिसर्च के अनुसार भारत में साल 2016 में एल्कोहॉल की कुल खपत 5.4 बिलियन थी। वहीं साल 2020 तक भारत में यह आंकड़ा 6.5 बिलियन हो सकता है। एल्कोहॉल का सेवन करना हर किसी के लिए हानिकारक है, लेकिन गर्भधारण से पहले शराब पीना सिर्फ आपके लिए ही नहीं बल्कि गर्भ में पलने वाले शिशु के लिए भी हानिकारक होता है। गर्भधारण से पहले शराब पीना महिला की सेहत के लिए ठीक नहीं है। वैसे गर्भधारण से पहले शराब पीना पुरुषों के लिए भी शारीरिक परेशानियों के साथ-साथ स्पर्म की क्वॉलिटी पर असर डाल सकता है। इसलिए गर्भधारण से पहले शराब पीना महिला और पुरुष दोनों को बंद कर देना चाहिए।

गर्भधारण से पहले शराब पीना डाल सकता है शिशु पर बुरा प्रभाव

आइए जानते हैं गर्भधारण के पहले शरीब पीना कितना नुकसानदायक हो सकता है। बेबी प्लानिंग से पहले एल्कोहॉल का सेवन क्यों बंद कर देना चाहिए?

और पढ़ें: सेकेंड बेबी प्लानिंग के पहले इन 5 बातों का जानना है जरूरी

महिलाओं में एल्कोहॉल के सेवन से होने वाले नुकसान क्या हैं?

रिसर्च के अनुसार गर्भधारण से पहले जो महिलाएं शराब का सेवन करती हैं उनके बच्चों में हाई ब्लड शुगर लेवल की संभावना ज्यादा होती है। चूहे पर किए गए रिसर्च में ये बात भी सामने आई है कि ऐसे बच्चों को कम उम्र में ही डायबिटीज की समस्या शुरू हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड की प्रोफेसर सराह रॉबर्ट्सन अपने एक इंटरव्यू के दौरान कहती हैं कि अपने शिशु के सेहत का ख्याल उसके गर्भ में आने से पहले किया जाए तो यह सबसे बेहतर विकल्प होगा बेबी को हेल्दी रखने के लिए।

गर्भधारण से पहले शराब पीना मिसकैरिज की समस्या, स्टिलबर्थ, प्रीमैच्योर बर्थ, नवजात का वजन कम होना और फीटल एल्कोहॉल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (FASD) जैसी अन्य बीमारियों का कारण हो सकता है। एल्कोहॉल के ज्यादा सेवन से वजन भी बढ़ सकता है।

रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि एल्कोहॉल के कम से कम सेवन से भी महिलाओं के फर्टिलिटी पर असर पड़ता है। इससे नवजात के सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। एल्कोहॉल के सेवन से ऑव्युलेशन पर असर पड़ता है जिससे गर्भधारण में परेशानी हो सकती है । इसलिए बेबी प्लानिंग के साथ ही गर्भधारण से पहले शराब पीना भी बंद कर दें। इसको लेकर एक मिथ भी है।

मिथ: महिलाओं को एल्कोहॉल का सेवन गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए लेकिन, अगर कोई कॉम्पिलकेशन ऐसा नहीं है तो शराब का सेवन किया जा सकता है।

फैक्ट: यह धारणा गलत है। एल्कोहॉल के सेवन से गर्भधारण में समस्या हो सकती है। प्रेग्नेंसी प्लानिंग के पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान एल्कोहॉल का सेवन नहीं करना चाहिए।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में रागी को बनाएं आहार का हिस्सा, पाएं स्वास्थ्य संबंधी ढेरों लाभ

कंसीव करने से पहले शराब : महिलाओं के लिए गर्भधारण से पहले शराब पीना कैसे हानिकारक है?

कंसीव करने से पहले शराब : पुरुषों के लिए पिता बनने से पहले शराब पीना कैसे हानिकारक है?

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में हायपोथायरॉइडिज्म डायट चार्ट, हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए करें इसे फॉलो

कंसीव करने से पहले शराब : पुरुषों में एल्कोहॉल के सेवन से होने वाले अन्य नुकसान

कई पुरुषों का मानना है कि गर्भधारण महिला करती है इसलिए सिर्फ महिलाओं को ही एल्कोहॉल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी बातें जो कम पढ़े-लिखे लोग करें तो समझ आता है, लेकिन समझदार पुरुष भी यही सोच रखते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो 5.4 बिलियन एल्कोहॉल सेवन करने वाले लोगों की संख्या नहीं होती। गर्भधारण पुरुष के स्पर्म और महिला के ओवम के मिलने से होता है। अगर दोनों में से किसी एक को भी कोई परेशानी हो जैसे महिला में ऑव्युलेशन ठीक तरह न होना वहीं पुरुष के स्पर्म की क्वॉलिटी या काउंट कम होना इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। जिससे बेबी प्लानिंग में परेशानी हो सकती है।

पुरुषों में उनकी लाइफ पार्टनर का गर्भधारण से पहले शराब पीना कई परेशानियों को बढ़ा सकता है। इनमें परेशानियों में शामिल है टेस्टोस्टोरेन लेवल में कमी आना, टेस्टिस का सिकुड़ना, अर्ली इजाकुलेशन या इजाकुलेशन कम होना के साथ-साथ हेल्दी स्पर्म के मूवमेंट पर भी असर पड़ता है।

प्रेग्नेंसी प्लानिंग के साथ ही शराब जैसी किसी भी अन्य पदार्थों के सेवन से परहेज करना चाहिए। महिलाओं और पुरुषों को प्रेग्नेंसी प्लानिंग के साथ ही हेल्दी प्रेग्नेंसी के टिप्स जरूर अपनाने चाहिए।

और पढ़ें: प्रेग्नेंट महिलाएं विंटर में ऐसे रखें अपना ध्यान, फॉलो करें 11 प्रेग्नेंसी विंटर टिप्स

कपल्स बेबी प्लानिंग के पहले क्या करें?

गर्भधारण से पहले शराब पीना हानिकारक होता है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रहें हैं तो एल्कोहॉल छोड़ने के साथ-साथ निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रोसेस्ड मीट

प्रोसेस्ड मीट में शामिल हॉट डॉग, सालमी, बीफ जर्की या बेकन का सेवन नहीं करना चाहिए। वैसे डॉक्टर्स कई स्वास्थ्य समस्याओं में इनका सेवन वर्जित नहीं करते हैं, लेकिन स्पर्म काउंट को लेकर हुए शोध में कहा जाता रहा है कि इन आहारों में बहुत अधिक गर्मी होती है। जो पुरुषों के स्पर्म को नुकसान पहुंचा सकती है।

ट्रांस फैट वाले फूड्स

जंक फूड के अधिक सेवन से शुक्राणु की क्वॉलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए ट्रांस फूड जैसे केक या पेस्ट्री जैसे अन्य खाद्य पदार्थ जो बेक किए जाते हैं उनके सेवन से बचना चाहिए।

सोया के उत्पाद

सोया प्रोडक्टस में फाइटोएस्ट्रोजेन-एस्ट्रोजेन जैसे यौगिक होते हैं जो पौधों से आते हैं। एक रिसर्च के अनुसार सोया प्रोडक्ट के अत्यधिक सेवन से स्पर्म काउंट में कमी हो सकती है।

पेस्टीसाइड और बिसफेनॉल-ए (Bisphenol-A)

बिस्फेनॉल-ए अधिकांश पैक्ड फूड में पाए जाते हैं। कीटनाशकों के भीतर BPA और रसायन दोनों ही एक्सिनोएस्ट्रोजेन रसायन के रूप में कार्य करते हैं। एक्सिनोएस्ट्रोजेन स्पर्म काउंट को गिरा सकता है।

उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद

उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, क्रीम, बटर और पनीर शुक्राणु की मोबिलिटी में कमी का एक कारण हैं। इसलिए डेयरी प्रोडक्ट का भी इस्तेमाल संतुलित करना चाहिए।

गर्भधारण से पहले शराब पीना माता-पिता के साथ ही शिशु को जन्म से ही शरीरिक परेशानी में डाल सकता है। इसलिए हेल्दी प्रेग्नेंसी और हेल्दी बेबी के लिए एल्कोहॉल का सेवन न करें। इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको प्रेग्नेंसी के पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान शराब के सेवन और उससे होने वाले नुकसान के बारे में जानना है तो बेहतर होगा कि एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Accessed on 05/12 /2019

Alcohol and Pregnancy Questions and Answers .https://www.cdc.gov/ncbddd/fasd/faqs.html Accessed on 05/12 /2019

Influence of paternal preconception exposures on their offspring: through epigenetics to phenotype.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4913293/ Accessed on 05/12 /2019

Drugs and male fertility. (2017).
clevelandclinic.org/health/articles/15229-drugs-and-male-fertility Accessed on 05/12 /2019

Infertility FAQs. (2019).gov/reproductivehealth/Infertility/ Accessed on 05/12 /2019

Nonalcoholic fatty liver disease and alteration in semen quality and reproductive hormones.
ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/26062079 Accessed on 05/12 /2019

What is excessive alcohol use? cdc.gov/alcohol/onlinemedia/infographics/excessive-alcohol-use.html Accessed on 05/12 /2019

 

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
अपडेटेड 09/12/2019
x