क्यों बेहतर है व्हाइट राइस की जगह ब्राउन राइस खाना?

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Update Date मई 25, 2020 . 3 मिनट में पढ़ें
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ब्राउन राइस खाने के फायदे

ब्राउन राइस की लोकप्रियता और उसके प्रति लोगों की उत्सुकता हर दिन बढ़ रही है। जिससे यह तो सीधे तौर पर समझा जा सकता है कि ब्राउन राइस सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। यह एक किस्म के अनपॉलिश्ड और अनरिफाइंड चावल हैं जिससे सिर्फ धान के छिलके हटाए जाते हैं। ब्राउन राइस में व्हाइट राइस की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर ,प्रोटीन , मैग्नीज और मैग्नीशियम पाया जाता है। एक कटोरी ब्राउन राइस में ​​​​​निम्न पोषक तत्व पाएं जाते हैं। 

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1.कैलोरी: 216

2.कार्ब्स: 44 ग्राम

3.फाइबर: 3.5 ग्राम

4.वसा: 1.8 ग्राम

5.प्रोटीन: 5 ग्राम

6.थियामिन (B1): डेली डोज का 12%

7.नियासिन (B3): डेली डोज का 15%

8.पाइरिडोक्सिन (B6): डेली डोज का 14%

9.पैंटोथेनिक एसिड (B5): डेली डोज का 6%

10.लोहा: डेली डोज का 5%

11.मैग्नीशियम: डेली डोज का 21%

12.फास्फोरस: डेली डोज का 16%

13.जिंक: डेली डोज का 8%

14.कॉपर: डेली डोज का 10%

15.मैंगनीज: डेली डोज का 88%

16.सेलेनियम: डेली डोज का 27%

ये तत्व शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं। आइए जानते हैं खाने में भूरे चावल का इस्तेमाल करने के क्या-क्या फायदे हैं। 

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ब्राउन राइस से घटाए वजन 

ब्राउन राइस की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि ब्राउन राइस वजन घटाने में बहुत मददगार है।  इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं। एक कप ब्राउन राइस खाने से आपके शरीर को लगभग 3.5 ग्राम फाइबर मिलता है जबकि व्हाइट राइस खाने से 1 ग्राम से भी कम। इससे आपको पेट भरे होने का एहसास होता है जिससे आप बार -बार कुछ न कुछ खाकर एक्सट्रा कैलोरी नहीं लेते। जिससे वजन को घटाने में काफी मदद मिलती है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज ज्यादा खाते हैं उनका वजन कम साबुत अनाज खाने वालों की तुलना में कम रहता है। बेली फैट को कम करने के लिए ब्राउन राइस खाना अच्छा होता है।   

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ब्राउन राइस हार्ट को रखता है हेल्दी –

भूरा चावल कई सारे पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर है जो हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मददगार हैं। 5,60,000  से अधिक लोगों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात पता चली कि अधिक फाइबर वाले फूड प्रोडक्ट्स खाने से हार्ट और सांस संबंधी बीमारी और कैंसर का खतरा 24 -59 % तक कम हो सकता है। इन अध्ययनों की समीक्षा से यह भी पता चला कि जो लोग अपने खाने में भूरे चावल का इस्तेमाल करते हैं उनमें कोरोनरी हार्ट प्रॉब्लम का खतरा 21 % तक कम रहता है। भूरे चावल में लिग्निन कंपाउंड पाए जाते हैं, जो हार्ट डिसीज की रिस्क को कम करने के लिए जाने जाते हैं। भूरे चावल में काफी मात्रा में मैग्नीशियम भी पाया जाता है जो कि स्ट्रोक, हार्ट फेल जैसे जोखिम को कम करता है। 

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डायबिटीज को नियंत्रित करता है – 

जो लोग डायबिटीज से परेशान हैं उन्हें अपने खानपान का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे में कम कार्ब का  सेवन करना एक अच्छा विकल्प है। यह ब्लड शुगर मेनटेन रखने में मदद करता है। सफेद चावल  की जगह भूरा चावल का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। ब्राउन राइस में लोअर ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जिसकी वजह से यह धीमी गति से पचता है और ब्लड शुगर को ज्यादा अफेक्ट नहीं करता। 

ब्राउन राइस ग्लूटन फ्री होता है –

बहुत सारे साबुत अनाज जैसे व्हीट,बार्ली में ग्लूटन प्रोटीन होता है। कुछ लोगों को ग्लूटन से एलर्जी होती है। उन्हें इससे पेट का दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी दिक्क्तें शुरू हो जाती हैं। इसलिए ऐसे में वे लोग ग्लूटन फ्री डाइट लेना पसंद करते हैं और ब्राउन राइस नेचुरली ग्लूटन फ्री होता है।   

भूरे चावल की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे की वजह तो अब तक आप समझ ही गए होंगे। ब्राउन राइस का सेवन शरीर पर कई सकारात्मक प्रभाव डालता है। अपनी डाइट में थोड़ा सा फेरबदल करके हम बढ़ते वजन के साथ -साथ खुद को कई बीमारियों से बचा सकते हैं। 

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