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हार्ट अटैक के बाद डायट का रखें खास ख्याल! जानें क्या खाएं और क्या न खाएं

हार्ट अटैक के बाद डायट का रखें खास ख्याल! जानें क्या खाएं और क्या न खाएं

हार्ट अटैक एक मेडिकल आपातकालीन स्थिति है। जब हृदय में रक्त का प्रवाह अचानक ब्लॉक हो जाता है, तो यह हार्ट अटैक का कारण बनता है। क्योंकि खून न मिलने के कारण दिल ऑक्सीजन प्राप्त नहीं कर पाता। अगर इसका जल्दी इलाज न किया जाए, तो मांसपेशियां मृत होना शुरू हो जाती हैं। लेकिन यदि इसका तुरंत उपचार मिल जाए, तो दिल की मांसपेशियों के नुकसान को कम किया और रोका जा सकता है। हार्ट अटैक के बाद रोगी के लिए अपने आहार और जीवनशैली को बदलना बेहद आवश्यक हो जाता है। इससे आपका दिल सुरक्षित रहता है और फिर से हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है। आइए जानते हैं हार्ट अटैक के बाद आपकी डायट कैसी होनी चाहिए।

हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक के बाद डायट के बारे में जानने से पहले आपको हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए। ताकि जैसे ही आप इन लक्षणों को महसूस करें, तुरंत मेडिकल सहायता प्राप्त कर सकें। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:

और पढ़ें: भारत में हृदय रोग के लक्षण (हार्ट डिसीज) में 50% की हुई बढ़ोत्तरी

  • छाती या बाजू में दबाव, जकड़न, दर्द महसूस होना। यह समस्याएं आपकी बाईं तरफ की गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकती है।
  • मतली, अपच, हार्टबर्न या पेट दर्द
  • सांस लेने में कठिनाई
  • ठंडे पसीने आना
  • थकावट
  • अचानक चक्कर आना

हार्ट अटैक आने पर सभी लोगों को एक जैसे लक्षण महसूस नहीं होते। कई लोगों को गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं, तो कुछ लोगों को हल्के। कुछ लोगों को तो इसके किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं होता। कुछ लोगों को हार्ट अटैक अचानक होता है। लेकिन बहुत से लोगों को कई घंटों, दिनों या हफ्तों पहले ही इसके संकेत दिखना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में इन संकेतों के बारे में जानना और उन्हें समझना बेहद आवश्यक है, ताकि समय रहते प्रभावित व्यक्ति की जान बच सके।

हार्ट अटैक के कारण

हार्ट अटैक तब होता है, जब हार्ट की मांसपेशी का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह डेड हो जाता है। ज्यादातर हार्ट अटैक कोरोनरी हार्ट या धमनी की बीमारी के कारण होता है। हार्ट अटैक का जोखिम कुछ स्थितियों में अधिक बढ़ सकता है, जैसे-

  • अगर आप स्मोकिंग करते हैं
  • अगर आपको डायबिटीज है
  • उम्र (45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और 55 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हार्ट अटैक की संभावना अधिक होती है)
  • कोलेस्ट्रॉल का अधिक होना
  • उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर)
  • ब्लड शुगर के अधिक होना
  • हार्ट अटैक की फॅमिली हिस्ट्री होना
  • कम व्यायाम करना
  • मोटापा

कैसी होनी चाहिए हार्ट अटैक के बाद डायट?

हार्ट अटैक के बाद ऐसे आहार का सेवन करना आवश्यक है, जो आपके दिल के लिए अच्छा और फायदेमंद हो। जानिए हार्ट अटैक के बाद डायट में आपको किन खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए और किन चीजों का बिलकुल भी सेवन नहीं करना चाहिए।

हार्ट अटैक के बाद आहार
हार्ट अटैक के बाद आहार

प्रोटीन से भरपूर हो आपका आहार

हार्ट अटैक के बाद आपको प्रोटीन से भरपूर आहार लेना चाहिए। जैसे रंग-बिरंगी सब्जियां, फल, दालें, मेवे, बींस और बीज(seeds) आदि। इस बात का ध्यान रखें कि इस दौरान आप जो भी खा रहे हैं, उनसे आपको पर्याप्त नुट्रिएंट प्राप्त हों, ताकि आपका शरीर स्वस्थ रहे।

विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ हैं जरूरी

अपने आहार में विटामिन, मिनरल और फाइबर की पर्याप्त मात्रा के लिए सब्जियों, फलों, बींस आदि को अवश्य शामिल करें।

स्वस्थ वसा का करें सेवन

मेवे, अवोकेडो, ओलिव आयल आदि में गुड फैट होता है, जो हमारे दिल को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसलिए, अपने भोजन में इन चीजों का इस्तेमाल भी अवश्य करें।

और पढ़ें: जानिए महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों की तुलना में कैसे अलग होते हैं

साबुत अनाज है लाभदायक

हार्ट अटैक के बाद डायट में साबुत अनाज को शामिल करना न भूलें। इन अनाजों में ओट्स, ब्राउन राइस आदि का समावेश किया जा सकता है। दालें भी आपके दिल को स्वस्थ रखने में सहयोगी हो सकती हैं।

ओमेगा 3 फैटी एसिड न भूलें

दिल के रोगी के भोजन में ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त चीजें होना भी जरूरी है। इसलिए उन्हें ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त चीजें जैसे सालमोन, ट्राउट, टूना मछली आदि खाने की भी सलाह दी जाती है। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपको ओमेगा 3 फैटी एसिड सूरजमुखी के बीज, सूखे मेवे, हरी सब्जियों से प्राप्त हो सकता है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद डायट में इन्हें भी अवश्य शामिल करें।

हार्ट अटैक के बाद किन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें?

हार्ट अटैक के बाद डायट में आपके लिए यह जानना भी आवश्यक है कि इस दौरान आपको क्या नहीं खाना चाहिए। जानिए इस दौरान किन चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए।

बेक की हुई चीजें

हार्ट अटैक के बाद आपको अपने डायट चार्ट से केक, कूकीज आदि को पूरी तरह से निकाल देना चाहिए। इन चीजों में चीनी की बहुत अधिक मात्रा होती है। यही नहीं, इन्हें खाने से ट्राइग्लिसराइड का स्तर भी अधिक हो सकता है। ट्राइग्लिसराइड दिल की समस्याओं को बढ़ा सकता है। मैदा, जो इन वस्तुओं को बनाने की मुख्य सामग्री है, आपके रक्तचाप के स्तर में वृद्धि कर सकता है। इसके साथ ही इन चीजों को खाने के बाद जल्दी भूख लग जाती है। यानि, यह चीजें वजन बढ़ाती हैं। वजन का बढ़ना दिल के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।

सोडा

हार्ट अटैक के बाद अगर रोगी कभी थोड़ी मात्रा में चीनी का सेवन कर ले, तो इसमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन, रोजाना अधिक मात्रा में चीनी युक्त चीजों जैसे सोडा का सेवन करना आपके हार्ट के लिए हानिकारक हो सकता है। यही नहीं, समय के साथ-साथ आपको इससे कई अन्य हार्ट सम्बन्धी समस्याएं भी हो सकती हैं। सोडा पीने वाले लोगों का आमतौर पर अन्य लोगों की तुलना में जल्दी वजन बढ़ जाता है और अगर आप इसका सेवन लम्बे समय तक करते रहे हैं, तो आप मोटापे का शिकार हो सकते हैं। सोडा को टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के स्तर के बढ़ने का कारण भी माना जाता है। ऐसे में सोडा आपके लिए फिर से हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

रेड मीट

बहुत अधिक मीट खाना भी डायबिटीज और दिल संबंधित समस्याओं को बढ़ा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन चीजों में अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसलिए, इन्हें खाने से बचना चाहिए। अगर आप हार्ट अटैक के बाद स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो प्रोसेस्ड मीट का सेवन करना छोड़ दें।

मैदा युक्त चीजें

हार्ट अटैक के बाद सफेद ब्रेड, पास्ता, नूडल्स आदि का सेवन न करें। क्योंकि, यह सब मैदे से बने होते हैं और इनमें विटामिन, फाइबर व मिनरल आदि नहीं होते। आप तो यह जानते ही होंगे कि मैदा शरीर में अनवांटेड वसा के रूप में जमा हो जाता है। ऐसे में अगर आप अधिक मैदे का सेवन करते हैं, तो यह वसा के बढ़ने का कारण बन सकता है। इससे हार्ट अटैक और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए, इनकी जगह ब्राउन ब्रेड, ओट्स आदि का सेवन करें।

जंक फूड

जंक फूड जैसे पिज्जा, पास्ता आदि में वसा, सोडियम के साथ कैलोरीज भी अधिक होती है, इन सब से हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद डायट चार्ट में इन चीजों को बिलकुल भी जगह न दें।

अधिक तरल पदार्थ

हार्ट अटैक के बाद डायट में बहुत अधिक तरल पदार्थों को न लेना भी शामिल है। अधिक तरल पदार्थ लेने से हमारे दिल का काम करना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही इससे भूख कम लगना और सांस लेने में समस्या भी हो सकती है। इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। वो आपको सही सलाह दे सकते हैं कि आपको एक दिन के कितना पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने चाहिए।

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कैफीन

हार्ट अटैक के बाद आपके दिल को बहुत आराम की आवश्यकता होती है। ऐसे में कॉफी, चाय और अन्य कैफीन युक्त चीजों को कम लेकर कैफीन के कारण होने वाली अत्यधिक उत्तेजना से बचें।

कैफीन को कहें न

दिल को रखें स्वस्थ, इन उपायों के माध्यम से

हार्ट अटैक के बाद जल्दी स्वस्थ होने और भविष्य में हार्ट अटैक से बचने के लिए आपको अपनी डायट के साथ अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाना होगा। ऐसे में हार्ट अटैक की डायट के साथ निम्नलिखित चीजों का भी ध्यान रखें-

धूम्रपान छोड़ दें

तंबाकू हार्ट से सम्बन्धित समस्याओं को बढ़ा सकता है और इससे ब्लड वेसल्स को भी नुकसान होता है। इसके कारण खून और ऑक्सीजन भी दिल तक नहीं पहुंच पाते। इसके साथ ही ब्लड क्लॉटस बनने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद स्वस्थ जीवन जीने के लिए धूम्रपान करना बिलकुल छोड़ दें।

एल्कोहॉल की मात्रा हो सीमित

अगर आपका ब्लड प्रेशर अधिक है, तो आप एल्कोहॉल की मात्रा सीमित कर लें। ऐसा ना इससे पर दोबारा हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही, अधिक शराब का सेवन करने से हार्ट फेलियर, उच्च ब्लड प्रेशर, वजन का बढ़ना आदि समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए स्वस्थ जीवन जीने के लिए और अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए तुरंत एल्कोहॉल लेना कम या बंद कर दें।

ब्लड प्रेशर को रखें नियंत्रित

उच्च ब्लड प्रेशर से हार्ट और ब्लड वेसलस पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर आपको ऐसी दवाईयां भी दे सकते हैं, जिनसे ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में आपको मदद मिले। इसे नियंत्रित करने के लिए आपको व्यायाम और सही डायट की भी सलाह दी जाती है।

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कोलेस्ट्रॉल लेवल होना चाहिए संतुलित

कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से भी दिल संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आप हार्ट अटैक की समस्या से गुजरे हैं, तो डॉक्टर आपको कुछ दवाईयां दे सकते हैं, ताकि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित रहें।

ब्लड शुगर के लेवल को सही बनाए रखें

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसका संबंध इंसुलिन हार्मोन लेवल से होता है। अगर आपको टाइप 2 डायबिटीज है, तो आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पा रहा होगा और न ही इसका ठीक से प्रयोग कर रहा होगा। डायबिटीज के बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ब्लड ग्लूकोज को नियमित रूप से चेक करें और अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

रोजाना व्यायाम है आपके लिए फायदेमंद

नियमित रूप से व्यायाम करने से आपका दिल मजबूत बनता है। इसलिए वाकिंग, जॉगिंग , स्विमिंग आदि की आदत डालें। व्यायाम करने से आपका हार्ट ठीक से ब्लड पंप करने के साथ शरीर में भरपूर ऑक्सीजन भेज पाएगा। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर का स्तर कम रहेगा। इससे वजन भी कम हो सकता है जो हार्ट संबंधी रोगों का एक कारण है। हार्ट अटैक के बाद व्यायाम शुरू करने के लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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तनाव से बचे

हार्ट अटैक एक जानलेवा समस्या है। इसलिए हार्ट अटैक के दौरान और बाद में आप शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि चिंता और तनाव फिर से हार्ट समस्या के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

हार्ट अटैक से पीड़ित व्यक्ति को सामान्य गतिविधियां आदि शुरू करने में दो या तीन महीने भी लग सकते हैं, हालांकि यह रोगी की स्थिति पर निर्भर करता हैहार्ट अटैक के बाद डायट में परिवर्तन आपको जल्दी ठीक होने में मदद करेगा। लेकिन सही डायट के साथ अन्य तरीकों को अपनाना न भूलें। हार्ट अटैक के रोगी को पूरी तरह से स्वस्थ होने में कुछ समय लग सकता है। हालांकि यह बदलाव शुरू में आपके लिए थोड़े मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन यह आपकी सेहत और जीवन को पूरी तरह से बदल देंगे। यह परिवर्तन अच्छे के लिए है। लेकिन हार्ट अटैक के बाद डायट और अपनी जीवनशैली में बदलाव से आप जल्दी ही अच्छा महसूस करेंगे।

ऊपर दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए किसी भी योग को करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Anu sharma द्वारा लिखित
अपडेटेड 21/08/2020
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