काफी गहरा पड़ता है डिप्रेशन का नींद पर असर, जानिए इसे दूर करने के तरीके

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

जिस तरह शरीर के लिए खाना, पानी व हवा बहुत जरूरी है, उसी तरह शरीर के लिए नींद यानी सोना भी बहुत जरूरी है। पर्याप्त नींद के बिना तन और मन स्वस्थ नहीं रह सकता। इससे आप डिप्रेशन और नींद के गहरे संबंध को समझ सकते हैं। वर्तमान में लोग ठीक से नींद नहीं ले पा रहे । इसके पीछे की वजह है खराब लाइफस्टाइल, दौड़ती-भागती जिंदगी व पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों की वजह से जन्म लेने वाला डिप्रेशन, चिंता व तनाव। नींद न आने की समस्या को स्लीप डिसऑर्डर भी कहते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, एक इंसान को कम से कम 6 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। नींद पूरी न होने से कई तरह की बीमारियां भी जन्म लेती हैं। चूंकि, डिप्रेशन की समस्या आजकल काफी लोगों में देखने को मिलती है, इसलिए यह नींद पर भी असर डालता है। डिप्रेशन का नींद पर असर काफी गहरा पड़ता है। अगर डिप्रेशन का इलाज सही समय पर नहीं किया जाता तो, इससे इंसोम्निया की दिक्कत हो सकती है।

कई रिसर्च में यह सामने आया है कि भारत में डिप्रेशन काफी तेजी से बढ़ा है और इस कारण कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली है। WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत डिप्रेशन के मामले में विश्व में छठे नंबर पर आता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि आखिर किस तरह डिप्रेशन का नींद पर असर पड़ता है। साथ ही  इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि आखिर आप कैसे बिना किसी दवाई के इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

डिप्रेशन का नींद पर असर क्या पड़ता है?

डिप्रेशन का नींद पर असर काफी गहरा होता है। यह बात कई रिसर्च में सामने आ चुकी है। डॉक्टर भी मानते हैं कि अनिद्रा से पीड़ित लोगों में अवसाद और चिंता का स्तर अधिक होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जब नींद बार-बार बाधित होती है, तो यह मस्तिष्क की गतिविधि और न्यूरोकेमिकल्स को बदल सकती है, इससे किसी भी व्यक्ति का मूड व सोच प्रभावित होता है।

क्या हैं इसके नुकसान?

डिप्रेशन का नींद पर असर जब पड़ता है तो शरीर को भी काफी नुकसान पहुंचता है। ठीक से नींद न आना यानी अनिद्रा के शरीर पर कई नुकसान होते हैं। जिन्हें ठीक से नींद नहीं आती शुरुआत में उनके आंखों के नीचे डार्क सर्कल बन जाते हैं। इसके अलावा डिप्रेशन का नींद पर असर पड़ने से एकाग्रता में कमी आने लगती है व थकान महसूस होती है। अनिद्रा कई बीमारियों को भी जन्म देती है। इससे डायबिटिज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कब्ज व याद्दाश्त कमजोर होने जैसी समस्या होने लगती है।

और पढ़ें – नींद में खर्राटे आते हैं, मुझे क्या करना चाहिए?

क्या हैं इसके लक्षण?

डिप्रेशन का नींद पर असर पड़ने से स्लीप डिसऑर्डर (Sleep Disorder)  की समस्या हो सकती है। इसके कई लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में।

  • बिस्तर पर लेटने के काफी देर बाद भी नींद न आना
  •  बार-बार नींद का टूटना
  •  बार-बार उठना
  •  नींद में बोलना
  •  सोते वक्त पैरों का छटपटाना

और पढ़ें : पार्टनर को डिप्रेशन से निकालने के लिए जरूरी है पहले अवसाद के लक्षणों को समझना

डिप्रेशन का नींद पर असर दूर करने के लिए अपनाएं ये तरीके

डिप्रेशन का नींद पर असर हो रहा है और आप आप नियमित रूप से सो नहीं पा रहे हैं तो आपको कई ​बीमारियां हो सकती हैं। अनिद्रा की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों व मनोचिकित्सक के पास पहुंचते हैं। पर हर चीज के लिए दवाई व डॉक्टर जरूरी नहीं। हम यहां आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे उपाय जिनसे आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

  • रात में सोने से पहले अपने हाथ, मुंह व पैर को सही से धो लें। इसके अलावा आप सोने से पहले तलवों पर सरसों के तेल से मालिश कर सकते हैं। इससे दिमाग शांत रहता है, रक्त का संचार बेहतर से होता और नींद ठीक से आती है।
  •  सोने से पहले चाय या कॉफी न पिएं। दरअसल, इससे दिमाग की शिराएं उत्तेजित होती हैं और नींद नहीं आती। इसके अलावा सोने से पहले मीठा खाने से भी बचना चाहिए।
  •  सोने से पहले अगर दूध पीते हैं, तो उसमें एक चुटकी जायफल पाउडर मिला लें। दरअसल जायफल में ट्रायमिरिस्टन नाम का प्राकृतिक रसायन होता है, जो अच्छी नींद के साथ-साथ मांसपेशियों को भी आराम देता है। वहीं दूध में जरूरी अमीनो एसिड होता है, जो बॉडी में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाता है। इससे नींद अच्छी आती है। इसके अलावा आप दूध में केसर के कुछ रेशे मिलाकर पी लें, इससे भी अच्छी नींद आती है।
  •  पके हुए केले पर एक चम्मच जीरे का पाउडर लगाकार खाने से भी अनिद्रा की समस्या दूर होती है।
  •  एल्कोहॉल का सेवन करने से बचें। सोने से 2 घंटे पहले तक इसका सेवन न करें तो बेहतर है।
  •  रोजाना सुबह टहलने की आदत डालें। इसके अलावा आप तैराकी भी कर सकते हैं। इस तरह के शारीरिक व्यायाम से आपको गहरी नींद आएगी।
  •  सोते वक्त ज्यादा सोच-विचार न करें। इससे आपकी मांसपेशियों में तनाव आता है और नींद में खलल पड़ता है। दिमाग को शांत रखकर सोने जाएं। आप गहरी सांस लेकर रिलेक्स हो सकते हैं।
  •  रिलेक्सिंग म्यूजिक सुनें, नींद न आने के बारे में बिल्कुल भी न सोचें। ज्यादा देर मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
  •  सोने में दिक्कत आ रही है, तो एक कागज लें और उस पर अपनी चिंता को लिखें। इसके बाद ये भी लिखें कि इसका हल कैसे निकल सकता है? इस तरह आपके दिमाग से तनाव कम होगा।

आप इन तरीकों को अपनाकर डिप्रेशन का नींद पर असर को कम कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको बेहतर नींद भी आएगी और आप डिप्रेशन से भी धीरे-धीरे बाहर निकलने लगेंगे।

और पढ़ें : डिप्रेशन में हैं तो भूलकर भी न लें ये 6 चीजें

डिप्रेशन का नींद पर असर काफी गहरा होता है। कई लोगों को पहले नींद नहीं आती और फिर वह डिप्रेशन में चले जाते हैं। वहीं कई लोग पहले डिप्रेशन में जाते हैं और इसके बाद उनमें ​नींद की कमी हो जाती है। यदि आप में नींद की कमी आ रही है तो इसे ठीक करने की कोशिश कर सकते हैं। यदि हर कारगर कदम उठाने के बाद भी नींद न आए तो डॉक्टर की सलाह लें। उम्मीद है आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आएगा और आप इस समस्या से बाहर निकलने के लिए ऊपर बताए गए तरीके अपनाएंगे, ताकि आप बेहतर नींद ले सकें। आपको हमारा ये आर्टिकल कैसा लगा, हमारे साथ अपनी प्रतिक्रिया जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

रोज करेंगे योग तो दूर होंगे ये रोग, जानिए किस बीमारी के लिए कौन-सा योगासन है बेस्ट

योग से रोग निवारण, योग से रोग भगाएं, डायबिटीज के योगासन, रोग अनुसार योगासन, माइग्रेन के योगा पोज, पीसीओएस योगासन, डिप्रेशन के लिए योग, थायरॉइड के योगासन, योग व्यायाम या ब्रीदिंग टेक्निक से कहीं ज्यादा एक इंडियन आर्ट फॉर्म है।...yoga poses for diseases

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
योगा, स्वस्थ जीवन जून 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Pedicloryl : पेडिक्लोरील क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

जानिए पेडिक्लोरील की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, पेडिक्लोरील के उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Pedicloryl डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 16, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Prothiaden: प्रोथीआडेन क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

जानिए प्रोथीआडेन (Prothiaden)की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितनी खुराक लें, प्रोथीआडेन डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 9, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

बरगद के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Banyan Tree (Bargad ka Ped)

जानिए बरगद के पेड़े के फायदे और नुकसान, बगरद के पेड़ के औषधीय गुण, वट के पेड़ से घरेलू उपचार, Bargad ka Ped के साइड इफेक्ट्स, Banyan Tree क्या है। Bargad ke ped ki kaise pehchan karen

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

डिप्रेशन के घरेलू उपाय

डिप्रेशन से बचना है आसान, बस अपनाएं यह घरेलू उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
प्रकाशित हुआ जुलाई 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
ऑस्टियो सार्कोमा कैंसर-Osteosarcoma cancer

क्यों और किसे है ऑस्टियो सार्कोमा कैंसर का खतरा ज्यादा?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ जुलाई 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Amixide-H: एमिक्साइड एच

Amixide-H: एमिक्साइड एच क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
प्रकाशित हुआ जून 30, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
Librium 10 : लिब्रियम 10

Librium 10: लिब्रियम 10 क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जून 17, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें