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क्या परफ्यूम फ्रेगरेंस आपके मूड को प्रभावित कर सकती है?

क्या परफ्यूम फ्रेगरेंस आपके मूड को प्रभावित कर सकती है?

क्या शरीर को सिर्फ साफ-सुथरा रखना ही काफी है? अगर आपका जवाब हां है, तो फिर लोग सुगंध यानी परफ्यूम फ्रेगरेंस का इस्तेमाल क्यों करते हैं? परफ्यूम फ्रेगरेंस के सवाल के तर्क में लोगों के अलग-अलग विचार हो सकते हैं। लेकिन, किसी एक तर्क को सही ठहराना कितना उचित रहेगा, यह चुनना बहुत ही मुश्किल भरा हो सकता है। भले ही लोग परफ्यूम फ्रेगरेंस का इस्तेमाल शरीर की दुर्गंध को दूर करने के लिए करते हों लेकिन, परफ्यूम की महक का सीधा असर हमारे मूड से जुड़ा हुआ है।

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क्या कहते हैं अध्ययन?

कुछ अध्ययनों के अनुसार, परफ्यूम फ्रेगरेंस हमारे मूड को प्रभावित कर सकती है। उनका दावा है कि यह न सिर्फ मूड को प्रभावित करती है बल्कि, कार्य करने के तरीके को भी बदल सकती है। यह व्यक्ति के व्यवहार को बेहतर कर सकती है। वहीं, विज्ञान कहता है कि कुछ लोगों के लिए कुछ तरह की सुगंध किसी तरह की भावनाओं से जुड़ी हो सकती है। तो वहीं, कुछ लोग खुद के मन को शांत करने के लिए परफ्यूम फ्रेगरेंस का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह हर किसी के लिए अलग-अलग तरह से काम करती है।

हाल में किए गए अध्ययनों से पता चला है कि गंध और सुगंध के प्रभाव में आने से न सिर्फ हम बेहतर महसूस करते हैं, बल्कि कभी-कभार हम इसकी मदद से अच्छे फैसले करने में भी सक्षम हो सकते हैं। एक प्रयोग में, शोधकर्ताओं ने पाया कि गंध के प्रभाव से लोगों में उचित और लाभकारी फैसले करने की क्षमता नहीं पाई गई। जबकि, एक अच्छे परफ्यूम फ्रेगरेंस के दौरान लोगों को खुश पाया गया और उन्होंने अपने फैसले लेने में भी सतर्कता दिखाई। एक अच्छे परफ्यूम फ्रेगरेंस से लोगों की मनोदशा और आत्मविश्वास में बदलाव देखा गया।

अपने अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया की अच्छे और खराब सुंगध और दुर्गंध का एहसास हमारे शरीर के नाक के दोनों छेदों में अलग-अलग होता है, जिसकी वजह से मस्तिष्क अपनी प्रतिक्रिया करती है। शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलार्धों में सूंघने वाले कॉर्टिकल न्यूरोन की गतिविधियों में अंतर पाया है जो गंधकों की ‘सुखद रेटिंग’ के साथ जुड़ा पाया गया। इन अध्ययनों के संकेतों से वाज्ञानिकों का मत है कि परफ्यूम फ्रेगरेंस के सकारात्मक भावनाओं को मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध द्वारा संसाधित यानी महसूस किया जाता है, जबकि एक खराब परफ्यूम फ्रेगरेंस के नकारात्मक भावनाओं को अक्सर दाएं गोलार्ध द्वारा संसाधित किया जाता है।

परफ्यूम फ्रेगरेंस मूड को कैसे प्रभावित करती है?

कई तरह के परफ्यूम में एक प्रकार की अरोमा थेरेपी की गुणवत्ता होती है, जो बहुत ही आसानी से हमारे मूड को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, इसी का फायदा उठाते हुए इत्र कंपनियां नई-नई परफ्यूम फ्रेगरेंस बनाने का काम करती रहती हैं, जो मूड को सकारात्मक बना सकती है।

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अरोमाथेरिपी गुणों वाले परफ्यूम की महक का क्या असर होता है?

मूड को खुशनुमा और सकारात्मक बनाने के लिए इस तरह के परफ्यूम के कई प्रभाव देखे जा सकते हैं, जैसेः

  • मन का बहुत ज्यादा सजग रहना
  • मन में नए ख्याल आना
  • आरामदायक अनुभव का एहसास करना
  • प्रेरित महसूस करना

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परफ्यूम फ्रेगरेंस का मूड पर पड़ने वाले प्रभाव

1.भावनात्मक प्रभाव

किसी भी खुशबू या गंध के जरिए हम उससे जुड़ी किसी भी अच्छी या दुखद घटनाओं को बहुत जल्दी याद कर सकते हैं। गंध मजबूत भावनात्मक प्रतिक्रियाएं पैदा कर सकती हैं। साथ ही, परफ्यूम फ्रेगरेंस के जरिए, किसी भी पसंद नापसंद का पता भी लगाया जा सकता है।

दरअसल, हमारे शरीर में गंध का एहसास करने वाले रिसेप्टर्स सीधे लिंबिक सिस्टम यानी दिमाग के सबसे प्राथमिक हिस्से, कॉर्टेक्स से संबंधित होती हैं, जो हमारे दिमाग के सबसे गहरे हिस्सों को उत्तेजित करती है।

2.मानसिक प्रभाव

सुगंध हमारी मानसिक स्थिति पर कैसे प्रभाव डालती है, इसे लेकर कुछ ठोस दावा नहीं किया जा सकता है। हालांकि, हाल के अध्ययनों से यह पता चला है कि गंध कभी-कभी हमारे मूड और स्वास्थ्य लाभ के लाभदायक हो सकता है।

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3.सोच पर प्रभाव

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि अच्छे परफ्यूम फ्रेगरेंस मन में सकारात्मक भावनात्मक बदलाव लाते हैं, जिसका असर व्यक्ति की सोच पर पड़ता है। अच्छे परफ्यूम फ्रेगरेंस के संपर्क में आने के बाद लोगों के सोचने के तरीकों में बदलाव देखा जा सकता है।

4.दिन की धड़कन कंट्रोल करे

अगर आपके दिल की धड़कन अगर किसी वजह से बहुत तेज धड़कने लगे, तो उसे शांत करने के लिए आप परफ्यूम फ्रेगरेंस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको जड़ी-बूटियों की खुशबू वाले फ्रेश परफ्यूम फ्रेगरेंस का चुनाव करना चाहिए।

5. मन को शांत करे

अगर आप बात-बात पर गुस्सा करते हैं या किसी वजह से आपको गुस्सा आ जाता है, तो उसे शांत करने के लिए आप परफ्यूम फ्रेगरेंस का चुनाव कर सकते हैं। मन को शांत करने के लिए आपको लैवेंडर और कैमोमाइल की कोमल सुगंध युक्त परफ्यूम फ्रेगरेंस का चुनाव करना चाहिए। यह मन को कंट्रोल करने वाली इंद्रियों को फ्रेश करने में मददगार होते हैं और आपको पूरा दिन शांत रखते हैं।

अपने लिए कैसे चुनें सबसे अच्छी परफ्यूम फ्रेगरेंस?

सबसे पहले इत्र की खुशबू में सांस लें, अगर आपको सांस लेने में ताजगी या सकारात्मक जैसा एहसास हो, तो यह आ़पके लिए अच्छा हो सकता है। इसके लिए हमेशा अरोमाथेरिपी जैसे मूड को सकारात्मक बनाने वाले गुणों के इत्रों का इस्तेमाल करें।

एक बात का ध्यान रखें कि जब आपका मूड अच्छा हो, तभी परफ्यूम खरीदें। दरअसल, आपका मूड आपके शरीर के PH संतुलन को प्रभावित करता है। जब अच्छे मूड में होते हैं, तो शरीर संतुलित रहता है और किसी भी गंध को पहचनाने की स्थिति बहुत तेज रहती है। लेकिन, जब बुरे मूड में होते हैं, तो तनाव और अन्य कारकों का प्रभाव सूंघने की इंद्रियों में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

कुछ सुगंध आपको शांत और रिफ्रेश फील कराने में मदद कर सकती हैं, जैसे : कैमोमाइल, लैवेंडर, चंदन, वेनीला, रोजवुड, यूकेलिप्टस, लेमन, मिंट, टी ट्री आदि।

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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

The Smell Report. http://www.sirc.org/publik/smell_emotion.html. Accessed on 21 January, 2020.

Influence of Fragrances on Human Psychophysiological Activity: With Special Reference to Human Electroencephalographic Response. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5198031/. Accessed on 21 January, 2020.

Changes in Mood States Are Induced by Smelling Familiar and Exotic Fragrances. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5099920/. Accessed on 21 January, 2020.

What Lavender Can Do for You. https://www.healthline.com/health/what-lavender-can-do-for-you. Accessed on 21 January, 2020.

Can essential oils treat depression?. https://www.medicalnewstoday.com/articles/315481.php. Accessed on 21 January, 2020.

Your perfume affects your mood. https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/beauty/Your-perfume-affects-your-mood/articleshow/9671433.cms. Accessed on 21 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr. Hemakshi J के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Ankita mishra द्वारा लिखित
अपडेटेड 16/08/2019
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