Down Syndrome : डाउन सिंड्रोम क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

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Update Date मार्च 21, 2020
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परिभाषा

डाउन सिंड्रोम (Down Syndrome) क्या है?

डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक कंडिशन है, जिसमें शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी काफी धीरे होता है। यह स्थिति जीवन भर के लिए रहती है लेकिन, प्रॉपर देखभाल के साथ डाउन सिंड्रोम वाले लोग स्वस्थ रूप से बड़े हो सकते हैं और सामान्य तरीके से समाज में उठ बैठ सकते हैं।

डाउन सिंड्रोम कितना सामान्य है?

यह सबसे आम जेनेटिक डिसऑर्डर है। यह बीमारी बचपन में ही सामने आने लगती है।

क्यों होते हैं आनुवंशिक विकार?

हालांकि, यह जानना जरूरी है कि कुछ जन्मदोष विकास में देरी या पिता के दवाइयों के संपर्क में आने से और एल्कोहॉल के सेवन के चलते होते हैं।

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लक्षणों को जानें

डाउन सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?

इसके सामान्य लक्षण हैं जैसे हम आपको नीचे बता रहे हैं:

ऊपर दिए गए कुछ लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको किसी लक्षण से परेशानी है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको नीचे बताए गए लक्षण में से कोई भी लक्षण नजर आए, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए :

आपके बच्चे को तुरंत एक डॉक्टर की जरूर होती है, अगर उसे यह समस्या हों :

  • पेट की समस्याएं जैसे पेट में दर्द, पेट में सूजन, उल्टी।
  • हृदय की समस्याएं जैसे होंठों और अंगुलियों का रंग अलग होना। सांस लेने में प्रॉब्लम या भोजन करने में कठिनाई होना।
  • सामान्य लोगों या बच्चों के मुकाबले अलग बर्ताव करना।
  • डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं नजर आना।

कारण

डाउन सिंड्रोम किन कारणों से होता है?

भ्रूण की प्रत्येक कोशिका 46 गुणसूत्रों से बनती है, जो 23 गुणसूत्र के दो अलग-अलग जोड़े होते हैं। एक भ्रूण को बनाने के लिए 23 गुणसूत्रीय दो कोशिकाएं एक साथ आकर मिलती हैं और 46 जोड़ी जायगोट बनता है। इसके बाद ही यह भ्रूण का रूप लेता है। कुछ मामलों में कोशिकाओं के विभाजन के दौरान गुणसूत्रों का एक अतिरिक्त जोड़ा दोनों गुणसूत्र के जोड़ो में से किसी एक में मिल जाता है। यहां गुणसूत्र के दो जोड़े होने के बजाय तीन जोड़े हो जाते हैं। इस प्रकार की अनियमितता के चलते बच्चे में सामान्य शारीरिक और जन्मजात बदलाव पैदा होते हैं। इसे ही जेनेटिक डिसऑर्डर कहा जाता है।

एक नॉर्मल शरीर में 46 क्रोमोसोम होते हैं, जिनमें से आधे मां से और आधे पिता से होते हैं। 21वें क्रोमोसोम में असामान्य डिवीजन के कारण डाउन सिंड्रोम होता है। इस सिंड्रोम वाले लोगों में 47 क्रोमोसोम होंगे। 21 वें क्रोमोसोम से ही मानसिक और शारीरिक अक्षमता सामने आती है।

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रिस्क फैक्टर्स को समझें

डाउन सिंड्रोम से मेरे लिए जोखिम क्या है?

इसके लिए कई जोखिम कारक हैं, हम आपको कुछ कारण नीचे बता रहे हैं जैसे:

दी गई जानकारी किसी भी मेडिकल एडवाइज का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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डाउन सिंड्रोम का पता कैसे लगाया जाता है?

  • प्रेग्नेंसी के दौरान, एक स्क्रीनिंग टेस्ट और डायग्नोस्टिक टेस्ट किया जाता है, जिसमें इस बीमारी का पता लगाया जाता है।
  • डिलिवरी के बाद, आपके बच्चे का एक ब्लड सैंपल लिया जा सकता है, जिसमें 21वें क्रोमोजोम की जांच की जाती है।

निदान और उपचार

इसका पूरी तरह से इलाज नहीं किया जा सकता है। हालांकि, माता-पिता के लिए इस स्थिति को जल्द से जल्द महसूस करना और अपने बच्चे को पहली उम्र से मदद करना जरूरी है।

अगर आपके बच्चे में डाउन सिंड्रोम है, तो आपको उसे डॉक्टर और उन्हें जरूरी मेडिकल केयर प्रोवाइड करने के लिए अपने डॉक्टर या एक सपोर्टिंग ग्रुप की मदद की जरूरत हो सकती है। इसके साथ ही आपको बच्चे का पूरा ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि खानपान से डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चे का जीवन आसान बनाया जा सकता है।

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लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपचार :

लाइफस्टाइल में बदलाव या घरेलू उपचार क्या हैं, जो डाउन सिंड्रोम से निपटने में मदद कर सकते हैं?

जब आपके बच्चे को हुए डाउन सिंड्रोम का पता चलता है, तो यह आपके लिए पहली बार कठिन हो सकता है। आपको एक सपोर्टिव सोर्स ढूंढना चाहिए, जहां आप आप इस स्थिति के बारे में जरूरी जानकारी ले सकें और अपने बच्चे को स्किल डेवलप करने में मदद करें:

  • प्रोफेशनल या ऐसे लोगों की तलाश करें, जो इसी समस्या से जूझ रहे हों। अपने बच्चे के लिए जानकारी और सॉल्यूशन शेयर करना बेहतर है।
  • उम्मीद बनाए रखें: डाउन सिंड्रोम वाले कई बच्चे अभी भी खुशहाल जीवन जी सकते हैं और समाज के लिए प्रोडक्टिव और सपोर्टिव चीजें कर सकते हैं। अपने बच्चे के भविष्य को लेकर कभी भी उम्मीद न खोएं।

इस आर्टिकल में हमने आपको डाउन सिंड्रोम से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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