पेरिटोनियम (पेट के हिस्से) में सूजन को हम पेरिटोनाइटिस कहते हैं, एब्डोमेन में बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से खराबी आने पर या फिर किसी और बीमारी के चलते पेरिटोनाइटिस हो सकता है। पेरिटोनाइटिस होने पर तुरंत ही इलाज करवाएं, इसे बहुत दिनों तक टालने पर ये और गंभीर हो सकता है।
पेरिटोनिटिस के लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है ताकि संक्रमण को जल्द से जल्द रोका जा सके। इसके उपचार के लिए आमतौर पर एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता और कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है। अगर इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो पेरिटोनिटिस आपके पूरे शरीर में गंभीर रूप से संक्रमण का कारण बन सकता है।

यदि आप पेरिटोनियल डायलिसिस थेरेपी ले रहे हैं, तो डायलिसिस के दौरान, पहले और बाद में पर्सनल हाइजीन का पालन करके पेरिटोनिटिस को रोकने में मदद की जा सकती है।
पेरिटोनाइटिस बहुत ही आम स्थिति है। ये किसी भी उम्र में हो सकती है। इससे जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
इनमें से किसी भी लक्षण के होने पर डॉक्टर से मिलें। हर व्यक्ति का शरीर अलग स्थिति में अलग तरीके से व्यवहार करता है। इसलिए स्थिति के अनुसार सही इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें। यदि इसका शीघ्र उपचार न किया जाए तो पेरिटोनिटिस जानलेवा हो सकता है। यदि आपके पेट में तेज दर्द या पेट में जलन हो या पेट भरा हुआ महसूस हो इसके साथ ही इनमें से कुछ भी महसूस हो तो डॉक्टर से तुरंत ही परामर्श करें जैसे-
और पढ़ें : Hyperthyroidism: हाइपर थाइरॉइडिज्म क्या है?जाने इसके कारण लक्षण और उपाय
पेरिटोनियम का संक्रमण कई कारणों से हो सकता है। ज्यादातर मामलों में पेट की दीवार में चोट लगने की वजह से होता है। इसके अलावा नीचे बताए गए इन कारणों की वजह से भी यह इंफेक्शन हो सकता है-
ऊपर बताई गई कोई भी स्वास्थ्य स्थिति पहले कभी रही है तो पेरिटोनाइटिस के होने की आशंका बढ़ जाती है। एक बार जब आपको पेरिटोनिटिस होता है, तो इसे फिर से विकसित करने का जोखिम उस व्यक्ति की तुलना में अधिक होता है, जिसे कभी पेरिटोनिटिस नहीं हुआ है।
और पढ़ें : किडनी में ट्यूमर कितने प्रकार के होते हैं, जानिए यहां
यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है सही सलाह के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।
पेरिटोनाइटिस की जांच कैसे की जा सकती है ?
पेरिटोनाइटिस के निदान के लिए सबसे पहले डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच और मेडिकल हिस्ट्री (medical history) से जांच करेंगे। इसके अलावा और भी कई टेस्ट करवाए जा सकते हैं :
संक्रमण से आने वाली सूजन या जलन होने पर आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। नीचे दिए गए इन तरीकों से इलाज संभव है :
इस बीमारी से पीड़ित रोगी की रिकवरी इस बात पर निर्भर करती है कि स्थिति कितनी गंभीर है। रोगियों को, जिन्हें पहले ही निदान और ट्रीटमेंट दिया जा चुका है, वे कुछ हफ्तों में ही ठीक हो जाते हैं। हालांकि, उन मरीजों में जिन्हें बाद की स्टेज में पेरिटोनिटिस का निदान किया जाता है या आगे की जटिलताएं होती हैं, उन्हें ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है। रोगियों को जल्दी ठीक होने के लिए देखभाल और उचित दवाओं का सेवन करना बहुत जरूरी है। उपचार के बाद के दिशा निर्देशों में डॉक्टर द्वारा सलाह के अनुसार निर्धारित दवाएं नियमित रूप से लें। दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों के मामले में, डॉक्टर से बात करें। यदि आपके पेट में दर्द गंभीर रूप से हो रहा है कि आप एक आरामदायक स्थिति में बैठने में असमर्थ हैं, तो डॉक्टर से तुरंत परमसरह करें।
उपचार में देरी या अनुचित उपचार घातक साबित हो सकता है और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
अक्सर, पेरिटोनियल डायलिसिस से संबंधित पेरिटोनिटिस कैथेटर के आसपास कीटाणुओं के कारण होता है। यदि आप पेरिटोनियल डायलिसिस ले रहे हैं, तो पेरिटोनिटिस को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। इसके बारे में आप हमें कमेंट बॉक्स में बताएं साथ ही किसी भी और सवाल या ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
[mc4wp_form id=’183492″]
हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी चिकित्सा परामर्श , जांच या इलाज की सलाह नहीं देता है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Peritonitis. http://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/peritonitis/basics/definition/con-20032165. Accessed October 6th, 2016.
Peritonitis. http://www.healthline.com/health/peritonitis. Accessed October 6th, 2016.
Peritonitis. http://www.webmd.com/digestive-disorders/peritonitis-symptoms-causes-treatments#1. Accessed October 6th, 2016.
Peritonitis. http://www.nhs.uk/conditions/Peritonitis/Pages/Introduction.aspx. Accessed October 6th, 2016.
Peritonitis. https://www.kidney.org/atoz/content/peritonitis. Accessed Jan 21, 2020.
Current Version
29/05/2020
Suniti Tripathy द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Shayali Rekha
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar