प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के कारण और इसको दूर करने के 5 घरेलू उपचार

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Update Date जनवरी 30, 2020
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यीस्ट एक प्रकार का फंगस होता है जो महिलाओं के वजायना में पाया जाता है। वजायनल यीस्ट इंफेक्शन को “वजायनल कैंडिडियासिस” वुल्वोवजायनल कैंडिडियासिस और मोनिलियासिस के नाम से भी जाना जाता है। यह गर्भावस्था के दौरान वजायना में बहुत सारी यीस्ट सेल्स की वृद्धि होने पर हो सकता है। यह गर्भवती महिलाओं में पाया जाने वाला आम संक्रमण है क्योंकि गर्भावस्था के हॉर्मोन वजायना में प्राकृतिक रूप से होने वाले जीवाणुओं के संतुलन को प्रभावित करते हैं। गर्भावस्था के दौरान ईस्ट्रोजेन हॉर्मोन के स्तर में वृद्धि की वजह से यह कैंडिडा की तीव्र वृद्धि को बढ़ावा देता है, जिसकी वजह से थ्रश या प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन होने पर किस तरह के लक्षण दिख सकते हैं?  

यीस्ट इंफेक्शन होने पर प्रेग्नेंसी के दौरान निम्नलिखित लक्षण दिखते हैं।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के क्या कारण हो सकते हैं?

गर्भावस्था के दौरान थ्रश आपके शिशु के लिए कोई समस्या पैदा नहीं करता। मगर, यदि इसका उपचार न कराया जाए, तो डिलिवरी के दौरान यह शिशु तक पहुंच सकता है।

क्या फर्टिलिटी यीस्ट इंफेक्शन से प्रभावित होती है?

यीस्ट इंफेक्शन फर्टिलिटी को प्रभावित करता है या नहीं? इसके अभी पर्याप्त सुबूत नहीं मिले हैं। जिससे यह पता चलता हो कि यीस्ट इंफेक्शन से पीड़ित महिलाओं को इनफर्टिलिटी हो सकती है। हालांकि, यीस्ट इंफेक्शन आपके इंटरकोस को असहज बना सकता है।

यीस्ट इंफेक्शन सेक्स लाइफ को कहीं न कहीं प्रभावित करता है। बार-बार यीस्ट इंफेक्शन होने से यह वजायना के अंदर के फ्लोरा को असंतुलित कर देता है, जिससे स्पर्म का यूटरस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। हालांकि,कैंडिडा की ओवरग्रोथ होने से स्पर्म नष्ट नहीं होते हैं लेकिन, इंफेक्शन सर्वाइकल म्यूकस में बार बार बदलाव करता है। इससे स्पर्म को गर्भाशय के मुख तक पहुंचने में मुश्किल होती है।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से बचने के घरेलू उपाय:  

1. एप्पल साइडर सिरका प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से राहत देगा

एप्पल साइडर सिरका नेचर में अम्लीय होता है। जो प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के संक्रमण वाले फंगस को मारने में मदद करता है। एप्पल साइडर सिरका में एंजाइम भी होते हैं जो इन कवक को रोकते हैं। ये वजायना में खुजली और इंफेक्शन को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा यह आपके शरीर के पीएच संतुलन को नियंत्रित भी कर सकता है।

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2. लहसुन भी प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन होने पर राहत देगा

लहसुन हर घर में इस्तेमाल किया जाने वाला औषधीय गुणों से भरपूर एक हर्बल है। जिसका इस्तेमाल हमारे घरों में सब्जी आदि बनाने में किया जाता है। प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन होने पर वजायना में खुजली से लड़ने के लिए यह कारगर साबित होता है। लहसुन कैंडिडा को खत्म करने में सहायक होता है। लहसुन इस प्रकार की समस्या से लड़ने में मदद करता है। इसमें मौजूद ऑर्गनॉसल्फर कैंडिडा को बढ़ने से रोकता है। लहसुन के दो से तीन कलियों को प्रतिदिन खाएं। इसे आप दही के साथ भी इस्तेमाल कर सकती हैं। 

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3. दही के सेवन से प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से बचा जा सकता है

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के वजायना में खुजली और इंफेक्शन के इलाज के लिए दही एक अच्छा उपाय हो सकता है। दही में एसिडोफिलस एलिमेंट्स होती हैं जो अच्छे बैक्टीरिया के विकास को प्रोत्साहित करता है। यह प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के कारण खुजली और अन्य सूक्ष्म जीवों से लड़ने में मदद करता है।

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4. नारियल का तेल इस्तेमाल करें और प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से बचें

नारियल के तेल में एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं जिसके कारण वजायना में खुजली होने और प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन होने में यह बहुत ही अच्छा घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें लॉरिक एसिड और कैपेलिक एसिड इसके एंटीमिक्राबियल गुणों के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले यीस्ट इंफेक्शन से राहत पहुंचाता है।

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5. क्रैनबेरी भी बचा सकती है प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से

क्रैनबेरी में अर्बुटिन नाम का योगिक मौजूद होता है जो कैंडिडा एल्बिकन्स क्रैनबेरी योनि में खुजली और इंफेक्शन के लिए एक बहुत ही प्रभावी उपाय माना जाता है। इनमें अर्बुटिन नामक एक यौगिक होता है जो कैंडिडा एल्बिकन्स को मारने में मदद करता है। क्रैनबेरी की गोलियां या कैप्सूल के इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श कर लें।

प्राेबॉयोटिक सप्लिमेंट्स का सेवन बचा सकता है प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से

कुछ प्रोबॉयोटिक सप्लिमेंट्स यीस्ट इंफेक्शन के लिए नैचुरल सॉल्यूशन माने जाते हैं। दही खाने से नैचुरल प्रोबॉयोटिक बढ़ते हैं। 

यीस्ट इंफेक्शन के बारे में ये भी जान लें

यीस्ट इंफेक्शन पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है। लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं यीस्ट इंफेक्शन से पीड़ित होती है। यीस्ट इंफेक्शन वजायना के अलावा स्तनों पर भी हो सकता है (अगर महिला स्तनपान करा रही है तो संभावना बनती है)। यानी डिलिवरी के बाद भी जब आप स्तनपान करा रही हो तब भी आपको सतर्क रहने की जरूरत है। प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन से बच भी गईं तो ब्रेस्टफीडिंग के समय यह परेशानी आ सकती है। वैसे तो यीस्ट इंफेक्शन सेक्स करने से नहीं फैलता है, पर कुछ मामलों में पाया गया है कि सेक्स करने से यीस्ट इंफेक्शन पार्टनर को हो जाता है। इसलिए हमेशा सुरक्षित सेक्स करना याहिए।

प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के अलावा सबसे ज्यादा इसका खतरा निम्न लोगों को होता है।

यीस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ख्याल

  • एंटीबायोटिक के अधिक इस्‍तेमाल से भी यीस्ट इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। इसलिए जब तक सही में इनकी जरूरत न हो एंटीबायोटिक दवाओं का इस्‍तेमाल ना करें।
  • प्राइवेट पार्ट की ठीक से सफाई न रखने से ये यीस्‍ट संक्रमण की समस्‍या होती है
  • वजायना पर सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। वजायना बहुत नाजुक हिस्सा होता है। कई बार साबुन में मौजूद केमिकल्स वजायना की नाजुक त्वचा के लिए नुकसान पहुंचा सकते हैं। साबुन में मौजूद ये केमिकल्स त्वचा के प्राकृतिक तेल को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार साबुन में मौजूद केमिकल्स वजायना के पीएच लेवल बिगाड़ सकते हैं। इसलिए ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रयोग करें जो माइल्ड हों और जिनमें केमिकल्स की मात्रा बहुत कम हो।
  • साबुन के अलावा भी अगर आप किसी तरह के प्रोडक्ट्स का यूज वजायना पर कर रही हैं तो विशेष एहतिहात बरतें।

हमें उम्मीद है कि प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन के घरेलू नुस्खे पर आधारित यह आर्टिकल आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा। प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। कई बार यह इंफेक्शन घरेलू उपचारों से ठीक नहीं होता। प्रेग्नेंसी में किसी प्रकार का मेडिकेशन लेने से पहले चाहे वह हर्बल हो या एलोपेथिक डॉक्टर से जरूर पूछे। यीस्ट प्रेग्नेंसी में यीस्ट इंफेक्शन संबंधी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

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