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Uterine Cancer: यूटेराइन कैंसर क्या है?

Uterine Cancer: यूटेराइन कैंसर क्या है?

यूटेराइन कैंसर क्या है?

यूटेराइन कैंसर को एंडोमेट्रियल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यूटेराइन कैंसर को गर्भाशय में कोशिकाओं के अनियमित विकास से पहचाना जाता है। यूट्ररस या गर्भाशय वह जगह होती है, जहां पर प्रेग्नेंसी के दौरान भ्रूण विकसित होता है। यूटेराइन कैंसर दो प्रकार के होते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सामान्य प्रकार का यूटेराइन कैंसर एंडोमेट्रियम (यूट्ररस की लाइनिंग) में शुरू होता है।आमतौर पर मेनोपॉज के बाद यूटेराइन कैंसर होता है। मोटी महिलाओं में यूटेराइन कैंसर का होना सबसे ज्यादा सामान्य है। यदि आपने सिर्फ ‘एस्ट्रोजेन हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (मेनोपॉजल हार्मोन थेरेपी) कई वर्षों तक ली है तो आपको इसका खतरा हो सकता है।

जीवन शैली और यूटेराइन कैंसर

एक सक्रिय पारिवारिक जीवन और कार्य क्षेत्र की मांग के बीच महिलाओं के पास अपने आपके लिए मुश्किल से समय बचता है। ऐसे में इसके लक्षणों का अनेदाखा होना एक सामान्य है। इसलिए इसे अनदेखान न करना महिलाओं को इसके संकेतों की अनदेखी और खुद की स्क्रीनिंग काफी अहम है। इसके चलते समय पर आवश्यकता पड़ने पर इलाज भी किया जा सकता है। यूटेराइन कैंसर के सबसे बड़े कारणों हाइपरटेंशन, हाइपरथाइरॉयडिज्म, डायबिटीज और मोटापे को समझना बेहद ही जरूरी है।

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यूटेराइन कैंसर या एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण और संकेत

  • असामान्य वजायनल ब्लीडिंग: वजायना से असामान्य ब्लीडिंग यूटेराइन कैंसर का सबसे सामान्य लक्षण है। भले ही ये पीरियड्स के बीच, सेक्स के बाद या मेनोपॉज के बाद होती हो। असामान्य वजायनल ब्लीडिंग आमतौर पर एडवांस्ड यूटेराइन कैंसर का लक्षण होती है, क्योंकि इसका मतलब होता है कि गांठ फैल रही है। मेनोपॉज के बाद कोई भी ब्लीडिंग, जब तक पुष्टि न हो तब तक कैंसर का संकेत हो सकती है।
  • इंटरकोर्स के दौरान दर्द: यूटेराइन का एक कम सामान्य लक्षण पेट के निचले हिस्से में दर्द और इंटरकोर्स के दौरान दर्द होना होता है। सर्वाइकल कैंसर की तरह पेल्विक की जांच और पेप स्मीयर (PAP Smear) टेस्ट इस प्रकार के कैंसर का पता सटीकता से नहीं लगा पाते हैं। ऐसे में आपकी बॉडी में किसी भी प्रकार के एक सूक्ष्म बदलाव पर निगरानी रखना काफी है।
  • पेल्विक दर्द: कई संभावित कारणों से आपके पेल्विक में दर्द हो सकता है। इसमें यूटेराइन कैंसर भी एक कारण हो सकता है। पेल्विक में अन्य दर्द के अन्य कारणों का पता किया जा सकता है। यदि यूटेराइन कैंसर के अन्य लक्षणों के साथ फिर भी बना रहता है तो डॉक्टर से संपर्क करें। इस प्रकार के लक्षण मुश्किल से बीमारी की बाद की स्टेज में नजर आते हैं।
  • भूख न लगना और थकावट: अन्य लक्षण जैसे भूख में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा का स्तर यूटेराइन कैंसर के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, यह लक्षण सतही हो सकते हैं, ऐसे में इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। पीरियड के सामान्य पैटर्न में बदलाव और मेनेपॉज के बाद ब्लीडिंग होने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • यूरिन पास करने में समस्या: यूरिन पास करने में कठिनाई आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन (UTI) का लक्षण होता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह यूटेराइन कैंसर का एक लक्षण भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • अचानक वजन गिरना: महिलाओं के लिए कुछ किलो वजन कम करना एक खुशी की बात होती है। हालांकि, यह बिना किसी कारण के भी हो सकता है। कई बार अचानक वजन गिरना चिंता का विषय होता है। कुछ मामलों में अचानक वजन गिरना कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे यूट्ररस कैंसर की वजह से हो सकता है।

यूटेराइन कैंसर का कारण

डॉक्टरों को एंडोमेट्रियल कैंसर या यूटेराइन कैंसर के सटीक कारण के बारे में जानकारी नहीं है। इसके कारणों में एंडोमेट्रियल की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव (म्युटेशन्स), जो यूट्ररस की लेयर या लाइनिंग होती हैं। यह म्युटेशन सामान्य होता है। एंडोमेट्रियल की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव होने से यह सामान्य से असामान्य कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाती हैं। स्वास्थ्य कोशिकाएं विकसित होती हैं और कई सेट्स में बन जाती हैं। अक्सर इनमें से एक सेट मृत हो जाता है। असामान्य कोशिकाएं विकसित होती हैं और कई सेट्स के गुणांक के रूप में अनियंत्रित हो जाती हैं। यह असामान्य कोशिकाएं एक नियत समय पर मृत नहीं होती हैं। ऐसे में यह असामान्य कोशिकाएं गांठ (ट्यूमर) के रूप में इक्कट्ठा होने लगती हैं। कैंसर कोशिकाएं अपने आसपास के ऊत्तकों पर आक्रमण करती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने के लिए ट्यूमर से अलग हो जाती हैं।

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यूटेराइन कैंसर के जोखिम के कारक

महिला हार्मोन के संतुलन में बदलाव

महिला की ओवरी प्रमुख रूप से दो हार्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन बनाती हैं। इन हार्मोन के संतुलन में उतार-चढ़ाव होने से एंडोमेट्रियम होता है। यह एक बीमारी या स्थिति है, जिससे एस्ट्रोजेन की मात्रा बढ़ जाती है, लेकिन प्रोजेस्टेरोन का स्तर नहीं बढ़ता है। इससे यूटेराइन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

मासिक धर्म के अधिक वर्ष

12 वर्ष की आयु या इसके बाद मेनोपॉज की शुरुआत यूटेराइन कैंसर के खतरे को बढ़ा देती है। जितना अधिक समय तक आपके पीरियड्स रहते हैं उतना एस्ट्रोजेन से एंडोमेट्रियम होने का खतरा रहता है।

कभी प्रेग्नेंट न होना

यदि आपने कभी भी गर्भधारण नहीं किया है तो आपको यूटेराइन कैंसर या एंडोमेट्रियल कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा है। यह खतरा एक बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है।

अधिक उम्र

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है वैसे आपको यूटेराइन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर यूटेराइन कैंसर मेनोपॉज के बाद होता है।

मोटापा

मोटापे से यूटेराइन कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। बॉडी में अत्यधिक फैट इक्कट्ठा होने से शरीर के हार्मोन्स के संतुलन में बदलाव होता है। इससे आपको एंडोमेट्रियल कैंसर होने का खतरा रहता है।

ब्रेस्ट कैंसर के लिए हार्मोन थेरेपी

ब्रेस्ट कैंसर में हार्मोन थेरेपी दवा टेमोक्सिफेन (tamoxifen) लेने से यूटेराइन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप इस दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसके खतरों के संबंध में अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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यूटेराइन कैंसर का इलाज

यूटेराइन कैंसर के इलाज के संबंध में अपने डॉक्टर से सलाह लें। यूटेराइन कैंसर का इलाज हिस्टेरोक्टॉमी (Hysterectomy), रेडिएशन थेरेपी से किया जाता है। जो इसके इलाज में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार के कैंसर में कीमोथेरेपी की काफी छोटी भूमिका होती है।

स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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