स्टडी: शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की संभावना 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है!

    स्टडी: शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की संभावना 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है!

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) एवं बैंग्लोर के नैशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फॉर्मेशन एंड रिसर्च (National Centre for Disease Informatics and Research) द्वारा पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में 13.9 लाख कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं साल 2025 तक कैंसर पेशेंट्स की संख्या बढ़कर 15.7 लाख हो सकती है। देखा जाए तो कैंसर के कई कारण हैं, लेकिन अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society) द्वारा पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते वजन के कारण कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। वैसे तो शरीर के बढ़ते वजन के कारण कई बीमारियां दस्तक दे देती हैं पर अब मोटापा के कारण कैंसर की भी बीमारी हो सकती है। आज इस आर्टिकल में शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर (Weight and Cancer Risk) से जुड़ी जानकारी शेयर करेंगे।

    • मोटापा क्या है?
    • हाइट के अनुसार वेट चार्ट।
    • किस कैंसर का बढ़ता है खतरा?
    • शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की समस्या क्यों हो सकती है?
    • बढ़ते वजन के कारण कैंसर का खतरा कितना बढ़ सकता है?

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    मोटापा के कारण कैंसर (Weight and Cancer Risk) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

    मोटापा (Obesity) क्या है?

    बढ़ते वजन के कारण कैंसर (Weight and Cancer)

    मोटापा यानी शरीर का बढ़ता अतिरिक्त वजन। शरीर का बढ़ता वजन कई बीमारियों जैसे डायबिटीज (Diabetes), हार्ट डिजीज (Heart disease), कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या जैसी कई गंभीर बीमारियों को अपना दोस्त और आपका दुश्मन बनाने के लिए तैयार रहती है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार शरीर का बढ़ता वजन कैंसर के खतरे को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। साल 2021 में यूनाइटेड स्टेट्स में किये गए रिसर्च में यह देखा गया है कि शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की बीमारी 40 प्रतिशत लोगों में डायग्नोस हुई। हालांकि ऐसे में घबराएं नहीं और शरीर का वजन संतुलित बनाये रखें।

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    हाइट के अनुसार वेट चार्ट (Weight and height guide chart)

    नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार हाइट के अनुसार शरीर का वजन इस प्रकार होना चाहिए। जैसे:

    हाइट (Height) सामान्य वजन kg में (Weight in kg)

    4 फीट 10 इंच 41 से 52 kg

    4 फीट 11 इंच 42 से 53 kg

    5 फीट 43 से 55 kg

    5 फीट 1 इंच 45 से 57 kg

    5 फीट 2 इंच 47 से 59 kg

    5 फीट 3 इंच 48 से 61 kg

    5 फीट 4 इंच 49 से 63 kg

    5 फीट 5 इंच 51 से 65 kg

    5 फीट 6 इंच 53 से 67 kg

    5 फीट 7 इंच 54 से 69 kg

    5 फीट 8 इंच 56 से 71 kg

    5 फीट 9 इंच 58 से 73 kg

    5 फीट 10 इंच 59 से 75 kg

    5 फीट 11 इंच 61 से 78 kg

    6 फीट 63 से 80 kg

    6 फीट 1 इंच 65 से 82 kg

    6 फीट 2 इंच 67 से 84 kg

    6 फीट 3 इंच 68 से 87 kg

    6 फीट 4 इंच 70 से 89 kg

    ये है हाइट यानी लंबाई के अनुसार वजन।

    नोट : यहां सिर्फ हाइट के अनुसार शरीर के वजन की जानकारी दी गई है। वहीं सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार 2 साल से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोरों को बढ़ते उम्र के अनुसार बॉडी वेट चेक की जाती है। चलिए अब जानते हैं शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की कौन-सी बीमारी आपको अपना शिकार बना सकती है।

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    शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर: किस कैंसर का बढ़ता है खतरा? (Cancer due to overweight)

    बढ़ते वजन के कारण कैंसर (Weight and Cancer)

    सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार 13 अलग-अलग तरह के कैंसर का बढ़ता है खतरा। जैसे:

    1. खाने की नाली एसोफैगस में एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma of the Esophagus)
    2. ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)
    3. कोलन एवं रेक्टम कैंसर (Colon and rectum Cancer)
    4. यूटरस में कैंसर (Uterus Cancer)
    5. गॉलब्लैडर में कैंसर (Gallbladder Cancer)
    6. अपर स्टमक में कैंसर (Upper stomach Cancer)
    7. किडनी में कैंसर (Kidneys Cancer)
    8. लिवर कैंसर (Liver Cancer)
    9. ओवरी कैंसर (Ovaries Cancer)
    10. पैंक्रियाज में कैंसर (Pancreas Cancer)
    11. थायरॉइड कैंसर (Thyroid Cancer)
    12. मेननजिओमा (Meningioma Cancer) कैंसर (एक तरह का ब्रेन कैंसर)
    13. मल्टिपल मायलोमा (Multiple myeloma)

    इन अलग-अलग तरह के कैंसर का खतरा मोटापा के कारण भी बढ़ सकता है। इसके अलावा इन ऊपर बताये कैंसर का खतरा हॉर्मोन लेवल (Hormone levels) इम्बैलेंस होने की वजह से, जीन म्यूटेशन (Genes Mutation), ज्यादा दिनों तक इंफेक्शन होना (Long-lasting infections), तंबाकू (Tobacco) का सेवन करना और एल्कोहॉल (Alcohol) के सेवन से भी इन सभी कैंसर का खतरा बना रहता है।

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    शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की समस्या क्यों हो सकती है? (Relation between weight gain and cancer)

    सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते वजन के कारण कैंसर की समस्या निम्नलिखित कारणों से हो सकती है। जैसे:

    • शरीर के अंदुरुनी हिस्से में सूजन (Inflammation) होना।
    • इंसुलिन लेवल (Insulin level) सामान्य से ज्यादा होना।
    • सेक्स हॉर्मोन (Sex hormones) से जुड़ी समस्या होना।
    • सेल (Cell) और ब्लड वेसल (Blood vessel) का ग्रोथ ज्यादा होना।
    • मोटापा के कारण सेल्स ज्यादा वक्त तक जीवित रहना।

    वहीं नैशनल कैंसर इंस्टिट्यूट ऑफ यूएसए (National Cancer Institute, USA) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 में यूनाइटेड स्टेट्स में 28,000 पुरुष एवं 72,000 महिलाओं में कैंसर की समस्या डायग्नोस की गई। इस स्टडी में यह देखा गया कि 54 प्रतिशत महिलाओं में गॉलब्लैडर कैंसर (Gallbladder cancer) और 44 प्रतिशत पुरुषों में एसोफेगस एंडोकार्सिनोमा (Esophageal adenocarcinoma) डायग्नोस किया गया। वहीं साल 2016 में फिर से एक सर्वे किया गया। इस सर्वे में अन्य देशों की तुलना में यूनाइटेड स्टेट्स बढ़ते वजन के कारण कैंसर पेशेंट्स की संख्या ज्यादा बताई गई।

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    बढ़ते वजन के कारण कैंसर का खतरा कितना बढ़ सकता है? (Risk of Cancer due to weight gain)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार शरीर के बढ़ते वजन के कारण कैंसर की संभावना 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। रिसर्च रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोटापा के कारण शरीर में होने वाले कई नेगेटिव बदलाव कैंसर को इन्वाइट करने का काम कर सकते हैं। इसलिए वजन संतुलित बनाये रखना बेहद जरूरी है।

    मोटापा के कारण कैंसर की समस्या से कैसे बचा जाए? (Tips to prevent Cancer due to Obesity)

    सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार मोटापा के कारण कैंसर की समस्या ना हो, इसलिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो कर बॉडी वेट बैलेंस बनाये रखने की जरूरत है। शरीर के वजन को संतुलित बनाये रखने के लिए न्यूट्रिशन से भरपूर खाद्य पदार्थों (Nutritional food) का सेवन करना फायदेमंद होगा और इसके साथ ही नियमित फिजिकल एक्टिविटी (Physical activity) भी करना जरूरी बताया गया है।

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    शरीर का वजन और कैंसर: कैसे रखें वजन संतुलित? (How to maintain weight)

    अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (American Society of Clinical Oncology) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार शरीर का वजन संतुलित बनाये रखने के लिए निम्नलिखित टिप्स फॉलो करना चाहिए। जैसे:

    • ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां (Vegetables), फल (Fruits), लीन प्रोटीन (Lean proteins) एवं साबूत अनाज (Whole grains) का सेवन करें।
    • हेल्दी फैट जैसे नट्स (Nuts), फिश (Fish) एवं ऑलिव ऑयल (Olive oil) को अपने डायट में शामिल करें।
    • प्रोसेस्ड फूड (Processed foods) जैसे चिप्स (Chips), वाइट ब्रेड (White breads), कुकीज (Cookies) एवं पैक्ड फूड (Packaged foods) का सेवन ना करें, क्योंकि इनमें आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स (Artificial ingredients) का इस्तेमाल किया जाता है।
    • सोडा जैसे अन्य मीठे पेय पदार्थों का सेवन ना करें। अगर आप कॉफी (Coffee) या एल्कोहॉल (Alcoholic) का सेवन करते हैं, तो इस दौरान ध्यान रखें कि इनमें कैलोरी (Calories) की मात्रा कितनी है।
    • रोजाना 30 से 60 मिनट यानी आधे से एक घंटे फिजिकल एक्टिविटी करें। आप अपने डेली रूटीन में वॉकिंग (Walking), एक्सरसाइज (Exercise) या योगासन (Yogasan) को शामिल कर सकते हैं, जिससे वजन कम होने के साथ-साथ बढ़ते वजन के कारण कैंसर का खतरा कम होगा।

    इन बातों को ध्यान रखें और डॉक्टर से इस बात की जानकारी जरूर लें कि आपके हेल्थ के अनुसार आपको किस तरह के डायट का ध्यान रखना चाहिए और कितने कैलोरी का सेवन रोजाना करना आपके लिए आवश्यक है।

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    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Howard University) द्वारा जब जानवरों पर रिसर्च किया गया, तो यह जानकारी मिली कि मोटापे की वजह इम्यून सिस्टम की वैसे सेल्स कमजोर पड़ने लगते हैं, जो कैंसर से लड़ती हैं। इसलिए अगर शरीर में फैट (Fat) ज्यादा होने की स्थिति में शरीर में मौजूद CD8+T सेल्स (Cytotoxic T lymphocytes, or CTLs) की संख्या कम होने लगती है और ब्रिटिश सोसाइटी फॉर इम्यूनोलॉजी (British Society for Immunology) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार यही सेल ट्यूमर से लड़ने में सक्षम होती हैं। वहीं बॉडी फैट बढ़ने से कैंसर सेल्स फैट से एनर्जी लेकर डेवलप होने लगती है, जो धीरे-धीरे कैंसर का कारण बनने लगते हैं। इसलिए वजन को संतुलित रखें और गंभीर बीमारियों से रहें।

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/01/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड