home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

जानें किस स्टेज पर और कैसे होता है प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट?

जानें किस स्टेज पर और कैसे होता है प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट?

यदि प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआत में ही कैंसर का पता चल जाता है तो इसका इलाज करना आसान होता है। यदि यह अक्रामक रुप ले लेता है तो इसके इलाज में जोखिम बढ़ जाते हैं।आपके लक्षणों को देखकर डॉक्टर आपका निदान करके यह पता लगाता है आपका कैंसर किस स्टेज पर है। जब आपके स्टेज का पता चल जाता है उसके आधार पर डॉक्टर इलाज का निर्धारण करता है। कभी-कभी डॉक्टर आपके सामने कई तरह के विकल्प रखते हैं। आप किस प्रकार से प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट (Prostate cancer treatment) कराना चाहते हैं। प्रोस्टेट कैंसर स्टेजिंग कई अलग-अलग कारकों पर आधारित है, जिसमें प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट जैसे डिजिटल रेक्टल परीक्षा या प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) परीक्षण और इमेजिंग अध्ययन जैसे हड्डियों का स्कैन, एमआरआई, सीटी स्कैन और ट्रांस-रेक्टल अल्ट्रासाउंड शामिल हैं।

और पढ़ें – जानें क्या लिवर कैंसर और इसके हाेने के कारण

प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट (Prostate cancer treatment)

प्रोस्टेट कैंसर के कारण,Causes of prostate cancer

यदि आप एक प्रोस्टेट कैंसर बायोप्सी से गुजरते हैं, तो डॉक्टर कैंसर कोशिकाओं के बारे में अधिक जानने के लिए ऊतकों की जांच करेगा। जैसा की हमने आपको बताया कुछ कैंसर दूसरों की तुलना में अधिक आक्रामक हो सकते हैं। यह जांच आपके उपचार में निर्णय लेने के लिए मदद करता है।

ग्लीसन स्कोर

आपका डॉक्टर इलाज के पहले आपके ग्लीसन स्कोर का पता लगाता है। इसके बाद ही आपका इलाज शुरु होता है। जितना अधिक ग्लीसन स्कोर होता है कैंसर उतना अधिक आक्रामक होता है।

  • कैंसर प्रोस्टेट बारीकी से सामान्य प्रोस्टेट ऊतकों जैसा दिखता है। ग्रंथियां छोटी, अच्छी तरह से गठित और बारीकी से पैक की जाती हैं।
  • ऊतक में अभी भी अच्छी तरह से निर्मित ग्रंथियां होती हैं, लेकिन वे बड़े होते हैं और उनके बीच अधिक ऊतक होते हैं।
  • ऊतक में कुछ पहचानने योग्य ग्रंथियां होती हैं। कई कोशिकाएं आसपास के ऊतक पर आक्रमण कर रही हैं।
  • ऊतक में पहचानने योग्य ग्रंथियां नहीं होती हैं। अक्सर आस-पास के ऊतकों में कोशिकाओं की सिर्फ चादरें होती हैं।

और पढ़ें – Stem Cells : स्टेम सेल्स क्या हैं ?

प्रोस्टेट कैंसर के स्टेज (Stage of prostate cancer)

स्टेज 1: प्रोस्टेट कैंसर

प्रोस्टेट कैंसर के स्टेज I में, कैंसर प्रोस्टेट तक ही सीमित रहता है। ये प्रोस्टेट कैंसर छोटे हैं और प्रोस्टेट के बाहर नहीं बढ़े हैं। उनके पास कम ग्लीसन स्कोर और कम PSA स्तर हैं। डिजिटल रेक्टल परीक्षा के दौरान स्टेज I का पता नहीं लगाया जा सकता है। यह आमतौर पर बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है। आमतौर पर कुछ लोगों में स्टेज 1 पर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। स्टेज 1 पर कैंसर बहुत धीरे-धीरे फैलता है।

प्रोस्टेट कैंसर का इलाज या प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट में स्टेज 1 पर इलाज कराने वाले लोगों को विकिरण चिकित्सा या रेडिकल प्रोस्टेटैक्टोमी का विकल्प दिया जाता है। कुछ पुरुषों को, रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी के बाद विकिरण और हार्मोन उपचार का एक कोसर कराया जाता है।

और पढ़ें – स्किन कैंसर के 10 लक्षण, जिन्हें आप अनदेखा न करें

स्टेज 2: प्रोस्टेट कैंसर

यह कैंसर अभी तक प्रोस्टेट के बाहर नहीं बढ़ा है, लेकिन इसका ग्लीसन स्कोर हाई है। स्टेज I कैंसर की तुलना में उच्च पीएसए स्तर है। प्रोस्टेट कैंसर के स्टेज II के साथ, डिजिटल रेक्टल परीक्षा के दौरान कैंसर का पता लगाया जा सकता है। रोग अभी भी प्रोस्टेट तक ही सीमित है, लेकिन कोशिकाएं असामान्य हो सकती हैं और तेजी से बढ़ सकती हैं। प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट का विकल्प इस प्रकार हो सकता है। लेकिन यह विकल्प कम उम्र वाले पुरुषों के लिए हैं।

इलाज-स्टेज II कैंसर जिन्हें सर्जरी या विकिरण के साथ इलाज नहीं किया जाता है।पीएसए स्तर के आधार पर कैंसर की पुनरावृत्ति की अधिक संभावना होने पर सभी विकिरण विकल्पों को हार्मोन थेरेपी के कई महीनों के साथ जोड़ा जा सकता है। प्रोस्टेट कैंसर का इलाज निर्भर करता है की आपका कैंसर प्रोस्टेट के बाहर फैला है या नहीं।

  • केवल ब्रेकीथेरेपी
  • ब्रेकीथेरेपी और बाहरी किरण विकिरण संयुक्त
  • सक्रिय निगरानी
  • केवल बाहरी किरण विकिरण
  • नए उपचारों के नैदानिक ​​परीक्षण में भाग लेना

प्रोस्टेट कैंसर की अधिक जानकारी के लिए खेलें क्विज – Quiz: इस क्विज को खेलें और बहुत सी बातें जानिए प्रोस्टेट कैंसर के बारे में

स्टेज 3 : प्रोस्टेट कैंसर

स्टेज III कैंसर प्रोस्टेट के बाहर बढ़ गया है और मूत्राशय या मलाशय तक पहुंच सकता है। प्रोस्टेट कैंसर के स्टेज III में कैंसर प्रोस्टेट के पास के ऊतकों में होता है। यह वीर्य पुटिकाओं तक भी पहुंच सकता है। इसी कारण वीर्य के उत्पादन में समस्या उत्पन्न होने लगती है। यह अभी लिम्फ नोड्स तक नहीं फैले हैं। इस स्टेज पर प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट के बाद कैंसर दोबारा होने की गुंजाइश होती है।

और पढ़ें – सर्वाइकल कैंसर डिसीज क्या है, जाने इसके लक्षण और उपचार

प्रोस्टेट कैंसर का इलाज प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट के स्टेज III पर आपके पास इलाज के लिए ये विकल्प होते हैं।

  • वृद्ध पुरुषों के लिए कम आक्रामक उपचार जैसे हार्मोन थेरेपी, बाहरी बीम विकिरण
  • हार्मोन थेरेपी के एक कोर्स के साथ विकिरण
  • चयनित मामलों में कट्टरपंथी प्रोस्टेटैक्टोमी के बाद विकिरण चिकित्सा
  • बाहरी किरण विकिरण प्लस हार्मोन थेरेपी

स्टेज 4 : प्रोस्टेट कैंसर

प्रोस्टेट कैंसर के स्टेज IV का मतलब है कि कैंसर आपको शरीर के बाकी हिस्सों में फैल गया है जैसे मलाशय, पास के लिम्फ नोड्स या हड्डी पर भी यह फैल चुका है। यह स्टेज बहुत ही अक्रामक होता है।ज्यादातर मामले में इसका इलाज करके ठीक करना संभव नहीं होता है। यह बाकी स्टेज के मुकाबले जटिल होता है। लेकिन इसका उपचार किया जा सकता है। लेकिन इससे आप अपने जीवन की कठिनाइयों को थोड़ा सुधार सकते हैं। क्योंकि यह आपके शरीर के बाकी हिस्सों को भी प्रभावित कर चुका होता है।

प्रोस्टेट कैंसर का इलाज या प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंटइसको पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसका उपचार किया जा सकता है। इसके विकल्प इस प्रकार से हैं।

  • बाहरी बीम विकिरण के साथ हार्मोन थेरेपी
  • कीमोथेरेपी के साथ हार्मोन थेरेपी
  • हार्मोन थेरेपी
  • कीमोथेरपी

यदि स्टेज IV में ये उपचार काम नहीं कर रहे हैं या आपका कैंसर वापस आता है, तो अन्य उपचारों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि इम्यूनोथेरेपी।

और पढ़ें – Prostatitis: प्रोस्टेटाइटिस क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

प्रोस्टेट कैंसर का निदान (Prostate Cancer Diagnosis)

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आप प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त हैं तो वह इसकी पहचान के लिए आपको निम्न परीक्षण करने की सलाह दे सकते हैं –

  • इमेजिंग टेस्ट – प्रोस्टेट कैंसर के आकार और फैलाव के स्तर को मापने के लिए इमेजिंग टेस्ट बेहद आवश्यक होता है। इस प्रकार के टेस्ट में एमआरआई, सीटी और अल्ट्रासाउंड शामिल होते हैं।
  • बायोप्सी – प्रोस्टेट कैंसर को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर बायोप्सी की मदद से संदेहजनक कोशिकाओं का सैंपल निकालते हैं और फिर उसका परीक्षण करते हैं।

परीक्षण की ही मदद से कैंसर के चरण का पता लगाया जाता है जिससे इलाज की सही प्रक्रिया तय करने में मदद मिलती है। प्रोस्टेट कैंसर ट्रीटमेंट की अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा और उपचार प्रदान नहीं करता है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Stages, types and grades

https://www.cancerresearchuk.org/about-cancer/prostate-cancer/stages

Accessed on 13-05-2020

Prostate Cancer Stages

https://www.hopkinsmedicine.org/health/conditions-and-diseases/prostate-cancer/prostate-cancer-stages

Accessed on 13-05-2020

Prostate cancer stages

https://www.cancercenter.com/cancer-types/prostate-cancer/stages

Accessed on 13-05-2020

Prostate Cancer Treatment (PDQ®)–Patient Version/https://www.cancer.gov/types/prostate/patient/prostate-treatment-pdq

Accessed on 20-07-2020

लेखक की तस्वीर badge
shalu द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड