आपको जरूर पता होना चाहिए, प्रोस्टेट कैंसर के ये प्रभावकारी घरेलू इलाज

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट January 20, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें
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प्रोस्टेट कैंसर प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर है। प्रोस्टेट कैंसर खासतौर पर पुरुषों में पाया जाने वाला कैंसर है।  प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषों के मूत्रमार्ग के आधार पर पाई जाने वाली ग्रंथि होती है। यह केवल पुरुषों में होता है। यह पुरुष शरीर में सेमिनल फ्लूइड बनाने का कार्य करती है। जो वीर्य (स्पर्म) का उत्पादन और पोषण करती है।प्रोस्टेट कैंसर ज्यादातर वयस्कों को प्रभावित करता है। प्रोस्टेट ग्रंथि मूत्रमार्ग के चारों ओर और मलाशय के सामने स्थित होता है। प्रोस्टेट कैंसर इसी क्षेत्र को प्रभावित करता है जिससे सेमिनल फ्लूइड (seminal fluid) बनने की प्रक्रिया बहुत धीरे हो जाती है जो शुक्राणु को बाहर ले जाती है, जो प्रजनन में सहायक होता है।यदि समय पर प्रोस्टेट कैंसर की पहचान हो तो इसका सफल इलाज किया जा सकता है। इसका इलाज आप सर्जरी, दवा के माध्यम से भी करा सकते हैं।यदि आप  प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज चाहते हैं। तो इससे भी इसके जोखिम कम हो सकते हैं।

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ये किस वर्ग के लोगों को अधिक प्रभावित करता है?

65 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में इस बीमारी के साठ प्रतिशत मामले सामने आते हैं। 40 वर्ष से कम उम्र के पुरुषों में यह बीमारी दुर्लभ है। कुछ प्रकार के प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ते हैं। लेकिन कुछ प्रोस्टेट कैंसर आक्रामक होते हैं यह आपके शरीर में जल्दी फैल जाते हैं। इसीलिए इसके लक्षण देखकर इसका इलाज कराना जरुरी है।आज हम जानेंगे की प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज कैसे कर सकते हैं। प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज कभी-कभी बहुत कारगर होते हैं। एक बार आपको जरुर जानना चाहिए। यह कैसे किया जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या हैं?

कभी-कभी प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती दौर पर आपको कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। जब प्रोस्टेट कैंसर गंभीर होने लगता है, तो इस दौरान आपको इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

  • मूत्र त्याग करने में समस्या
  • स्पर्म में ब्लड आना
  • आपके पेल्विक एरिया में दर्द होना
  • स्तंभन दोष होना
  • पेशाब का फ्लो कम होना
  • चैतन्य न रहना

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कैंसर का निदान 

यदि आपके अंदर इनमें से किसी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। तो आपको बिना देरी किए अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। नीचे दिए हुए परीक्षण के माध्यम से डॉक्टर आपकी जांच कर सकता है। 

  • शारीरिक परीक्षण
  • डिजिटल रेक्टल परीक्षा (DRE)
  • प्रोस्टेट बायोप्सी
  • एमआरआई (MRI )

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प्रोस्टेट कैंसर का इलाज

वैसे तो प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करने के कई तरीके है। लेकिन क्या आप प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज के बारें में जानते हैं। आइए जानते हैं प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज कैसे कर सकते हैं।

पाइजियम 

पाइजियम प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज में उपयोगी होता है। इसमें एल्कोहल, फैटी एसिड और स्टेरोल्स जैसे बीटा-साइटोस्टेरॉल की मात्रा होती है। ये पुरुष यूरोजेनिटल मार्ग पर एक एंटीऑक्सिडेंट विरोधी प्रभाव डालता है।यदि आप प्रतिदिन 100 और 200 मिलीग्राम पाइजियम अर्क के बीच का सेवन करते हैं या आप 50 मिलीग्राम की दो खुराक लेते हैं तो यह  प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को कम करने में कार्य कर सकता है।

सर्निलटन

कुछ लोग बीपीएच लक्षणों का इलाज करने के लिए राई-ग्रास पराग से बने हर्बल सप्लीमेंट का उपयोग करते हैं। इसके प्रयोग से आपको मूत्राशय में बाधा डालने वाली समस्या को कम कर सकता है। मूत्राशय के समय में यदि आपको तकलीफ हो रही है तो इससे वो भी कम हो सकती है। सर्निलटन में इसके लक्षणों को कम करने वाले गुण होते हैं। इसकी लोकप्रियता के बावजूद, सर्निलटन को कभी भी बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक अध्ययनों में बीपीएच लक्षणों को प्रभावित करने के लिए नहीं दिखाया गया है। यह प्रोस्टेट के आकार को भी कम करने में सहायक होते हैं।यह पूरी तरह से कार्यरत है या नहीं इसपर अभी शोध की आवश्यकता है।

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सॉ पाल्मेटो

सॉ पाल्मेटो एक लोकप्रिय हर्बल सप्लीमेंट्स है। इसका प्रयोग  प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज में किया जाता है।यह टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को रोकता है और प्रोस्टेट के आंतरिक अस्तर के आकार को कम करता है।यह भी प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को कम करने में कार्य कर सकता है।

ज़ी-शेन पिल (ZSP)

ज़ी-शेन पिल में चीनी दालचीनी सहित तीन पौधों का मिश्रण होता है। इसका अध्ययन चूहों पर किया गया था। यह उनपर असरदार रहा है।अब तक पुरुषों पर पूरी तरह से आजमाया नहीं  गया है।  यह निर्धारित करने के लिए मनुष्यों पर अधिक शोध की आवश्यकता है कि क्या यह प्रभावी है।

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ओर्बिग्न्या स्पेकिओसा 

ओर्बिग्न्या स्पेकिओसा या बाबासू ताड़ के पेड़ की एक प्रजाति है।इसकी उत्पत्ति ब्राज़ील से हुई थी।ब्राजील में पाई जाने वाली कई स्वदेशी जनजातियां ऐसी हैं जो मूत्रजननांगी लक्षणों और स्थितियों का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। इसके उपचार में  पेड़ से सूखे या जमीन गुठली का उपयोग किया जाता हैं।बाबासू टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बाधित करता है। 

हरी चाय

सभी इस बात से वाकिफ होते हैं की ग्रीन टी में बहुत सारे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। जिन्हें कैटेचिन कहा जाता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं और प्रोस्टेट कैंसर की प्रगति को धीमा करते हैं। ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है।

लाइकोपीन

लाइकोपीन कई फलों और सब्जियों में पाया जाता है। इसमें बीपीएच के लक्षण को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। लाइकोपीन की सबसे अधिक मात्रा टमाटर में मौजूद होती है। यह आपको साधारण रुप में उपलब्ध भी हो सकता है। वैसे तो यह कई फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। लेकिन निम्न स्तर पर होते हैं। जिन फल या सब्जी का रंग गुलाबी होता है उनमें लाइकोपीन की मात्रा उतनी ही अधिक होती है। इन फलों में इसके गुण मौजूद होते हैं।

  • खुबानी
  • अमरूद
  • गुलाबी मौसमी
  • गाजर
  • तरबूज
  •  पपीता
  • लाल शिमला मिर्च
  • लाल पत्ता गोभी

कुकुर्बिता पेपो (कद्दू के बीज)

इसको आप साधारण भाषा में कद्दू के बीज कह सकते है।  इसमें बीटा-साइटोस्टेरॉल होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के समान एक यौगिक है। यह कुछ पौधों में भी पाया जाता है। बीटा-सिटोस्टेरोल मूत्र के प्रवाह में सुधार कर सकता है। कुछ अध्ययन में BPH लक्षणों के लिए प्रतिदिन 10 ग्राम कद्दू के बीज के अर्क को लेने की सलाह देते हैं। यह  प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज के रुप में कारगर हो सकता है।

जिंक

जिंक सप्लीमेंट या जिंक वाले आहार का सेवन बढ़ाने से बढ़े हुए प्रोस्टेट के साथ जुड़े मूत्र लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। मुर्गी, सी फूड,नट्स, तिल और कद्दू में जिंक पाया जाता है। यह  प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज के रुप में अच्छा माना जाता है।

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प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव 

यदि आप प्रोस्टेट कैंसर से निपटना चाहते हैं तो इसके इलाज के साथ-साथ आपको अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए आप इस जीवनशैली को फॉलो कर सकते हैं। इससे आपके लिए प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम कम हो सकते हैं।

शाम को पेय पदार्थ सीमित करें

 रात भर आपको शौचालय न जाना पड़े इसलिए सोने से कुछ घंटे पहले आप कुछ न पिएं तो बेहतर हैं। 

फलों और सब्जियों से भरा एक स्वस्थ आहार चुनें

अपने आहार में ज्यादा फैट वाले खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। बल्कि ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जी का सेवन करें। इनसे आपको कई विटामिन्स और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करते है।

कैफीन और शराब को सीमित करें। 

कैफीन और शराब आपके मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं, मूत्राशय में जलन और लक्षणों को खराब कर सकते हैं। इसके सेवन से बचें।

सप्लीमेंट की जगह स्वस्थ खाद्य पदार्थ चुनें

किसी बाजारु सप्लीमेंट को प्रयोग करने से बचें। बल्कि ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जो विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर हों। जिससे आपके शरीर में विटामिन्स का एक अच्छा स्तर बना रहे।

चाय और कॉफी का सेवन

अधिक चाय और कॉफी का सेवन करने से बचें।  इससे मूत्राशय ग्रीवा कठोर होती है जिससे पेशाब करने में दिक्कत होती है।

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डिकंजेस्टेंट्स या एंटीथिस्टेमाइंस को सीमित करें।

ये दवाएं आपके मूत्रमार्ग के आसपास की मांसपेशियों के बैंड को कसती हैं जो मूत्र के प्रवाह में बाधा उत्पन्न करता हैं जिससे पेशाब करना मुश्किल हो जाता है।

गर्म रहने का प्रयास करें

अपने आपको सक्रिय रखने का प्रयास करें। ठंडे मौसम में मूत्र की समस्या बार-बार उत्पन्न होती है।

व्यायाम करें

व्यायाम आपको स्वस्थ रखने में एक अहम भूमिका निभाता है। इसीलिए कोशिश करें पूरे हफ्ते नहीं तो कम से कम 3 से 4 दिन व्यायाम करें। यह आपके वजन को बनाए रखने मं मदद करता है। आपको मानसिक रुप से स्वस्थ रखता है। व्यायाम करने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।

 सोयाबीन 

अपने रोजाना खाने में सोयाबीन शामिल कर सकते हैं। इससे टेटोस्टरोन का लेवल कम हो जाता है।

वजन मेनटेन करें

यदि आप प्रोस्टेट कैंसर से बचना चाहते हैं। तो आपको अपना बढ़ता वजन कम करके मेनटेन होने की जरुरत हाै। मोटापा  न केवल प्रोस्टेट कैंसर बल्कि शरीर की कई और बीमिरियों के होने का कारण होता है। अपने आहार और वर्कआउट पर ध्यान देकर आप आसानी से वजन कम कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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