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Stomach cancer Supportive care: जानिए स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

    Stomach cancer Supportive care: जानिए स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

    कैंसर एक गंभीर बीमारी है और यह बीमारी कब शुरुआत से आखरी स्टेज में पहुंच जाए यह कहना मुश्किल है। हालांकि यह हमसभी को समझना चाहिए कि कैंसर के आखरी स्टेज में भी पेशेंट की देखभाल बेहद जरूरी है। इसलिए आज इस आर्टिकल में स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care) के बारे में समझेंगे।

    पेट का कैंसर अन्य तरह के कैंसर के मुकाबले बहुत ही दुर्लभ है, लेकिन शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाई देने के कारण इसका निदान तभी हो पाता है जब यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। इससे इसका उपचार करना और भी मुश्किल हो जाता है। रिसर्च के अनुसार पेट के कैंसर के निदान के बाद 31.5 प्रतिशत लोग पांच या अधिक सालों में पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। वहीं पेट के कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर की भी भूमिका खास होती है। इसलिए आगे समझेंगे स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care) की भूमिकाओं के बारे में।

    • स्टमक कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर के बारे में क्या समझना आवश्यक है?
    • क्या सपोर्टिव केयर की जरूरत सिर्फ पेट के कैंसर के मरीजों के लिए होती है?
    • किन-किन परेशानियों को दूर करने में सहायक है पैलिएटिव केयर?
    • पेट के कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर की क्या भूमिका होती है?
    • स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर क्या सिर्फ एक तरह के होते हैं?

    चलिए अब स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

    स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care): स्टमक कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर के बारे में क्या समझना आवश्यक है?

    सपोर्टिव केयर को मेडिकल टर्म में पैलिएटिव केयर (Palliative care) भी कहते हैं। पेट के कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर यानी पैलिएटिव केयर को अगर सामान्य भाषा में समझें, तो पेशेंट की मेडिकल कंडिशन कितनी भी गंभीर क्यों ना हो, लेकिन ऐसी स्थिति में पेशेंट और उनके परिवार के सदस्यों को इस बात से अवगत करवाना होता है कि सीरियस कंडिशन के बावजूद भी मरीज को बेहतर जीवन दिया जा सकता है। पेट के कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर के लिए डॉक्टर्स की टीम, नर्स एवं इससे जुड़े अन्य एक्सपर्ट हो सकते हैं, मेडिकल एक्सपर्ट के साथ काम करते हुए फेमली मेंबर को भी मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने में मददगार होते हैं।

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    क्या सपोर्टिव केयर की जरूरत सिर्फ पेट के कैंसर के मरीजों के लिए होती है? (Is Supportive care only for Stomach cancer)

    नहीं, ऐसा नहीं है कि सपोर्टिव केयर या पैलिएटिव केयर की जरूरत सिर्फ स्टमक कैंसर पेशेंट के लिए होती है। निम्नलिखित बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवार वालों को पैलिएटिव केयर की मौजूदगी अत्यधिक मददगार होती है। जैसे:

    • कैंसर (Cancer) की समस्या होना।
    • ब्लड और बोन मैरो डिसऑर्डर (Blood and bone marrow disorders) की समस्या होना।
    • हार्ट डिजीज (Heart disease) की समस्या होना।
    • सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic fibrosis) की समस्या होना।
    • डिमेंशिया (Dementia) की समस्या होना।
    • लिवर डिजीज का आखरी स्टेज (End-stage liver disease) की समस्या होना।
    • किडनी फेलियर (Kidney failure) की समस्या होना।
    • लंग डिजीज (Lung disease) की समस्या होना।
    • पार्किंसन डिजीज (Parkinson’s disease) की समस्या होना।
    • स्ट्रोक (Stroke) की समस्या होना।

    इन बीमारियों में भी सपोर्टिव केयर की जरूरत पड़ सकती है।

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    स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care): किन-किन परेशानियों को दूर करने में सहायक है पैलिएटिव केयर?

    स्टमक कैंसर के इलाज के दौरान मरीज को अलग-अलग तरह की शारीरिक परेशानियों को सामना करना पड़ता है। इसलिए निम्नलिखित शारीरिक तकलीफों को दूर करने में पैलिएटिव केयर की मदद ली जा सकती है। जैसे:

    • अत्यधिक दर्द (Pain) की समस्या होना।
    • जी मिचलाने (Nausea) की समस्या होना।
    • बार-बार उल्टी (Vomiting) आना।
    • बहुत ज्यादा एंग्जाइटी (Anxiety) महसूस होना।
    • नर्वसनेस (Nervousness) महसूस होना।
    • डिप्रेशन (Depression) में रहना।
    • हमेशा दुखी (Sadness) रहना।
    • कब्ज (Constipation) की समस्या होना।
    • सांस लेने में कठिनाई (Difficulty breathing) होना।
    • एनोरेक्सिया (Anorexia) की समस्या होना।
    • अत्यधिक थकान (Fatigue) महसूस होना।
    • नींद आने में कठिनाई (Trouble sleeping) महसूस होना।

    इन स्थितियों में पैलिएटिव केयर बेहद सहायक होते हैं।

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    स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care): पेट के कैंसर के लिए सपोर्टिव केयर की क्या भूमिका होती है? (Importance of Stomach cancer Supportive care)

    किसी भी मरीज के पास सपोर्टिव केयर की मौजूदगी बेहतर तरीके से मिलने वाले मेडिकल केयर के ओर दर्शाता है। सपोर्टिव केयर या पैलिएटिव केयर मरीज को हो रही शारीरिक परेशानियों या मानसिक परेशानियों को भी दूर करने में मददगार होते हैं। वहीं अगर पेशेंट सीरियस भी है, तो भी सपोर्टिव केयर मेंबर बेहतर तरीके से मरीज का ख्याल रखने में सक्षम होते हैं।

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    स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर क्या सिर्फ एक तरह के होते हैं? (Types of Stomach cancer Supportive care)

    अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजिस्ट (American Society of Clinical Oncology) स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर टीम अलग-अलग तरह की होती हैं, जो निम्नलिखित तरह से पेशेंट एवं उनके केयर टेकर को सहायता प्रदान करती है। जैसे:

    • सोशल (Social)- कभी-कभी गंभीर बीमारी की वजह से हमलोगों से मिलना-जुलना छोड़ देते हैं, लेकिन सपोर्टिव केयर ऐसी स्थिति में भी सोशल होने की सलाह देते हैं।
    • इमोशनल (Emotional)- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी मरीज के साथ-साथ परिवार वालों को भी भावुक कर देती है, लेकिन ऐसी स्थिति में सपोर्टिव केयर मरीज और परिवार वालों के इमोशन को समझते हैं दोनों का सहारा बनते हैं।
    • स्प्रिचुअल (Spiritual)- कभी-कभी ऐसी परिस्थिति होती है कि हमें यह महसूस होने लगता है कि यह हमारे साथ ही क्यों हुआ। ज्यादातर कैंसर पेशेंट और उनकी फेमली के मन में ऐसी बातें घर कर जाती है, लेकिन स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर स्प्रिचुअल तरीकों से भी ऐसी स्थिति को फेस करने की हिम्मत देते हैं।
    • मेंटल (Mental)- किसी भी परिस्थिति में मेंटल हेल्थ को स्ट्रॉन्ग बनाये रखना बेहद जरूरी है। इसलिए मरीज और उनके परिवार वालों को मानसिक रूप से कैसे मजबूत रहना है इसकी भी जानकारी शेयर करते हैं।
    • फाइनेंशियल (Financial)- कैंसर एक गंभीर बीमारी होने के साथ-साथ इस बीमारी के इलाज में पैसे भी खर्च अत्यधिक होते हैं। अब ऐसी स्थिति में फाइनेंशियल तौर से कमजोर पड़ने की वजह से तनाव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि अगर ऐसी स्थिति के बारे में सपोर्टिव केयर से बात की जाए तो वो ट्रीटमेंट में होने वाले खर्च को कैसे कम करना है इसकी जानकारी देते हैं या फिर देश में ऐसी कई एनजीओ है जो कैंसर पेशेंट्स के लिए काम करती है जिनकी मदद आपभी ले सकते हैं।

    इन अलग-अलग तरीकों से सपोर्टिव केयर मरीज और परिवार वालों के लिए मददगार हो सकते हैं।

    नोट: स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care) या पैलिएटिव केयर (Palliative care) की मदद का अर्थ यह नहीं कि मरीज की मृत्यु होने वाली है। क्योंकि सपोर्टिव केयर मरीज और परिवार वालों को नकारात्मक पहलुओं से दूर रखते हैं और मरीज को हर संभव इलाज के लिए प्रायसरत रहते हैं। वहीं बीमारी की वजह से हो रही तकलीफों को भी दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

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    स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care): सपोर्टिव केयर की कोई फी भी होती है? (Fee of Stomach cancer Supportive care)

    भारत में सपोर्टिव केयर की फी 10,000 रूपए से शुरू होती है।

    अगर आप स्टमक कैंसर (Stomach cancer) या स्टमक कैंसर सपोर्टिव केयर (Stomach cancer Supportive care) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। हालांकि अगर आप स्टमक कैंसर (Stomach cancer) से पीड़ित है, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपके हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखकर इलाज शुरू करेंगे।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/06/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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