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Bisoprolol: बिसोप्रोलोल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

उपयोग

बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) का इस्तेमाल किस लिए होता है?

बिसोप्रोलोल का इस्तेमाल अन्य दवाओं के साथ या बिना हाई ब्लड प्रेशर (हापरटेंशन) के इलाज में किया जाता है। यह ब्लड प्रेशर को कम करके स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी की समस्या से बचाती है। बिसोप्रोलोल बीटा ब्लॉकर्स क्लास की दवा है। यह बॉडी में कुछ प्राकृति कैमिकल्स जैसे एपिनेफ्रीन को हार्ट और ब्लड वेसेल्स पर ब्लॉक करके काम करती है। इससे हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव कम पड़ता है।

Bisoprolol: बिसोप्रोलोल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

अन्य उपयोग

इस सेक्शन में इस दवा के कुछ ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताया गया है, जिनकी प्रोफेशनल लेबलिंग में मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन आपका डॉक्टर इसकी सलाह दे सकता है। यदि आपका डॉक्टर इस दवा का सेवन करने की सलाह देता है, तभी इसका इस्तेमाल सिर्फ इस सेक्शन में बताई गई चीजों के लिए ही करें। बिसोप्रोलोल का इस्तेमाल हल्के हार्ट फेलियर के इलाज में भी किया जाता है।

मुझे बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) कैसे लेनी चाहिए?

  • बिसोप्रोलोल को खाली पेट या खाने के साथ दिन में एक बार लिया जा सकता है। यह सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।
  • बिसोप्रोलोल का डोज आपकी मेडिकल कंडिशन और इलाज में बॉडी की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
  • इसका अधिकतम फायदा लेने के लिए बिसोप्रोलोल का इस्तेमाल नियमित रूप से करें। अपने आपको याद दिलाने के लिए रोजाना एक ही समय पर इस दवा का सेवन करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इसका फायदा मिलने कई हफ्तों का वक्त लग सकता है। यदि आपको शुरुआती दिनों में फायदा मिलता है तो इसके बाद भी नियमित तौर पर डॉक्टर की सुझाई गई समय सीमा तक इसका सेवन करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित ज्यादातर लोगों को बीमार होने का अनुभव नहीं होता है। यदि आपकी स्थिति में सुधार नहीं होता या यह बदतर होती है तो अपने डॉक्टर से तुंरत संपर्क करें। उदाहरण के लिए ब्लड प्रेशर का लेवल हाई रहना या बढ़ना।

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बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) को कैसे स्टोर करूं?

बिसोप्रोलोल को स्टोर करने का सबसे बेहतर तरीका है, इसे कमरे के तापमान पर रखना। इसे सूर्य की सीधी किरणों और नमी से दूर रखें। दवा को खराब होने से बचाने के लिए आपको बिसोप्रोलोल को बाथरूम या फ्रिज में नहीं रखना है। बिसोप्रोलोल के अलग-अलग ब्रांड्स को अलग तरीकों से स्टोर किया जाता है। इसे रखने से पहले सबसे बेहतर होगा कि आप दवा के पैकेज पर छपे निर्देशों को पढ़ लें या फार्मासिस्ट से पूछें। सुरक्षा की दृष्टि से सभी दवाइयों को अपने बच्चों और पेट्स से दूर रखें। जब तक कहा न जाए, तब तक सुरक्षा की दृष्टि से आपको बिसोप्रोलोल को टॉयलेट या नाली में नहीं बहाना है। आवश्यकता ना रहने या एक्सपायरी की स्थिति में दवा का समुचित तरीके से निस्तारण जरूरी है। सुरक्षित तरीके से इसका निस्तारण करने के लिए अपने फार्मासिस्ट से सलाह लें।

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सावधानियां और चेतावनी

बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

बिसोप्रोलोल का इस्तेमाल करने से पहले यदि आपको निम्नलिखित दिक्कते होती हैं तो अपने डॉक्टर को सूचित करें:

  • यदि आपको बिसोप्रोलोल या किसी अन्य दवा से एलर्जी है।
  • यदि आप डॉक्टर की सुझाई और बिना लिखी हुई दवाइयां जैसे विटामिन्स, न्यूट्रिशनल सप्लिमेंट्स और हर्बल प्रोडक्ट्स का सेवने कर रहे हैं तो उनकी सूचना अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को दें।
  • यदि आपको कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स जैसे डिल्टिआजेम (कार्डिजेम (Cardizem) डिल्टिजेम (diltiazem), डिलाकोर (Dilacor) , टिआजेक (Tiazac) या अन्य, वेरापामिल (verapamil), केलेन (Calan), आइसोप्टिन (Isoptin), वेरेलन (Verelan), क्लोनिडाइन (clonidine), केटाप्रेस (Catapres), गुएनथिडाइन (guanethidin), इसमेलिन (Ismelin), हार्ट बीट की अनियमितता में इस्तेमाल होने वाली दवा जैसे डिसोपायरामाइड (disopyramide), नोरपेक (Norpace) या अन्य बीटा ब्लॉकर्स जैसे रेसेरपाइन (reserpine), सेरपालान (Serpalan), सेरपासिल (Serpasil), सेरपाटेब्स (Serpatabs) और रिफाम्पिन (rifampin) (रिफाडिन (Rifadin), रिमेक्टेन (Rimactane) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस स्थिति में आपका डॉक्टर दवा के डोज में बदलाव या इसके साइड इफेक्ट्स पर बारीकी से नजर रख सकता है।
  • यदि आपको कभी दमा, स्लो हार्ट रेट, हार्ट फेलियर, हार्ट, लिवर, किडनी की बीमारी, डायबिटीज, गंभीर एलर्जी, सर्क्युलेशन की समस्या, ओवएक्टिव थाययरॉइड ग्लैंड (हाइपरथाइरॉयडिज्म) की समस्या रही हो।
  • यदि आप प्रेग्नेंट हैं, गर्भधारण की योजना बना रही हैं या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं।
  • यदि आप बिसोप्रोलोल का सेवन करने के दौरान गर्भवती हो जाती हैं तो अपने डॉक्टर को सूचित करें।
  • यदि आपकी दांत की सर्जरी हुई है, तो अपने डॉक्टर या डेंटिस्ट को बताएं कि आप बिसोप्रोलोल का सेवन कर रही हैं। आपको इसका का पता होना चाहिए कि बिसोप्रोलोल आपको उनिंदा बना सकती है। इस स्थिति में गाड़ी न चलाएं, मशीन का इस्तेमाल करें या इसकी जगह पर कुछ वैकल्पिक करें, जब तक कि आप इन चीजों को सुरक्षित रूप से करने के लिए सक्षम नहीं हो जाते।

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क्या प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) को लेना सुरक्षित है?

प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बिसोप्रोलोल लेना कितना सुरक्षित है, इसको लेकर अभी तक पर्याप्त अध्ययन नहीं किए गए हैं। बिसोप्रोलोल को लेने से पहले इसके संभावित फायदों और नुकसान का आंकलन करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के मुताबिक, बिसोप्रोलोल प्रेग्नेंसी रिस्क कैटेगरी में ‘C’ में है।

FDA प्रेग्नेंसी रिस्क कैटेगरी की लिस्ट नीचे दी गई है:

A=No risk (कोई खतरा नहीं)

B=No risk in some studies (कुछ अध्ययनों में खतरा पाया गया)

C=There may be some risk, (कुछ खतरे हो सकते हैं)

D=Positive evidence of risk, (खतरे के पॉजिटिव एविडेंस मौजूद हैं)

X=Contraindicated, (कॉन्ट्रेनडिकेटेड)

N=Unknown (पता नहीं)

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साइड इफेक्ट्स

बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?

दुनियाभर में किए गए अध्ययनों में बिसोप्रोलोल के निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स पाए गए:

  • सेंट्रल नर्वस सिस्टम: चक्कर आना, अस्थिरता, सिर चकराना, बेहोशी, सिरदर्द, पेरेस्थेसिया, हाइपोस्थीसिया, हाइपरस्थेसिया, उनींदापन, नींद में दिक्कत आना, चिंता/बेचैनी, एकाग्रता/याद्दाश में कमी आना।
  • ऑटोमेटिक नर्वस सिस्टम: मुंह सूखना, ब्रैडिकार्डिया, पालपिटेशन, रिद्म में गड़बड़ी की समस्याएं, कड़ी ठंड लगना, अकड़न, हाइपोटेंशन, ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन, छाती में दर्द, कनजेस्टिव हार्ट फेलियर, सांस लेने में परेशानी।
  • साइकेट्रिक: इनसोम्निया (अनिद्रा) डिप्रेशन, विविड ड्रीम्ज।
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल: गेस्ट्रिक/ एपिगेस्ट्रिक/पेट दर्द, गेस्ट्रिटिस, डायसपेपसिया, उबकाई, उल्टी, डायरिया, कब्ज और पेप्टिक अल्सर।
  • मसक्युस्केलेटल: मसल्स/ जोड़ों का दर्द, कमर/ गर्दन दर्द/ मांसपेशियों में ऐंठन, कंपन।
  • स्किन: रैश, मुंहासे, एग्जिमा, सोरायसिस, स्किन में जलन, प्रुरिटस, निस्तब्धता, पसीना आना, एलोपेसिया, जिल्द की सूजन, एंजियोएडेमा, एक्सफोलीएटिव डरमेटिटिस, कटेनइअस वसकुलिटिस।
  • स्पेशल सेंस: देखने में व्यवधान,ओक्युलर पेन/प्रेशर, असामान्य लेक्रिमेशन, टिनिटस, कम सुनाई देना, कान का दर्द, स्वाद में असामान्यता आना।
  •  मेटाबॉलिक: गाउट
  • रेस्पिरेटरी: अस्थमा/ ब्रोनकोस्पास्म, ब्रोनकाइटिस, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, ग्रसनीशोथ, साइनसाइटिस, यूआरआई (Upper Respiratory Infection)
  • जेनिटूरिनरी: लिब्डो में कमी/नपुंसकता, पेरोनी की बीमारी, सिस्टिटिस, रेनल कोलिक, पॉल्यूरिया।
  • हेमोटोलॉजिक: पुरपुरा
  • सामान्य: थकान, अस्थमा, सीने में दर्द, मेलासिस, एडिमा, वजन बढ़ना, एंजियोडेमा।

उपरोक्त साइड इफेक्ट्स के अलावा भी असामान्य दिल की धड़कन का इलाज करने वाली दवाइयों के गंभीर साइड इफेक्ट्स समाने आए हैं और इन साइड इफेक्ट्स को ZEBETA (bisoprolol fumarate) के संभावित साइड इफेक्ट्स के रूप में माना जाना चाहिए।

सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र): केटाटोनिया (एक मानसिक विकार) से मानसिक अवसाद का वापस आना, हेलोसिनेशन (hallucinations) का अहसास होना, यह एक ऐसी स्थिति है जब किसी वस्तु का वहां मौजूद होने का अहसास होना, जो कि हकीकत में वहां उपस्थित नही होती है, मूड में बदलाव, स्पष्ट रूप से सोचने या ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता।

एलर्जिक रिएक्शन: बुखार, गले में दर्द और घाव के साथ आना, वोकल कॉड में ऐंठन या बोलने में परेशानी, रेस्पिरेटरी से संबंधित परेशानियां।

रक्त रोग: खून में ग्रान्युलोकायटिस (granulocytes) की कमी (Agranulocytosis), ब्लड में प्लेटीलेट्स की कमी (thrombocytopenia),

जठरांत्र (Gastrointestinal): आंत में आर्ट्रीज से ब्लड सप्लाई में आने वाली बाधा (Mesenteric arterial thrombosis), बड़ी आंत में सूजन (ischemiccolitis)। आम भाषा में जठरांत्र मनुष्य एवं अन्य जन्तुओं की बॉडी में पाया जाने वाला अंग तंत्र है, जो भोजन को ग्रहण करता है।

विविध (Miscellaneous): ‘oculomucocutaneous syndrome’ जिसे केराटकोनजक्टिविटीज सिक्का से चिन्हित किया जाता है। यह स्कार, फाइब्रोसिस (fibrosis), मेटाप्लासिय (metaplasia) को बनाता है और कोन्जक्टिवा (conjunctiva) को सिकोड़ देता है। यह बीटा-ब्लॉकर्स प्रेक्टोलोल से संबंधित है, जो कि व्यापक खोजी उपयोग और विदेशों में मार्केटिंग अनुभव में इससे जुड़ा हुआ नहीं पाया गया।

प्रोयगशाला की असामान्यताएं: क्लीनिकल ट्रायल्स में बार बार इसके सीरम ट्राइग्लिसराइड में इजाफे का पता चला लेकिन, यह सुसंगत खोज नहीं थी।

हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी बिसोप्रोलोल के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

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रिएक्शन

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बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) के साथ कौन सी दवाइयां रिएक्शन कर सकती हैं?

बिसोप्रोलोल आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकती है, जिन्हें आप ले रहे हैं। यह इनके कार्य करने के तरीके को बदल सकती है या गंभीर दुष्परिणाम की संभावना बढ़ा सकती है। इसके साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए आपको उन सभी दवाइयों की लिस्ट बनानी हैं, जिनका सेवन आप कर रहे हैं। इनमें डॉक्टर की लिखी हुई, गैर लिखी हुई और मार्केट में खरीद के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के उपलब्ध हर्बल प्रोडक्ट को भी शामिल करिए। इस लिस्ट को अपने डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ साझा कीजिए। अपनी सुरक्षा के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा को शुरू, बंद और डोज में परिवर्तन ना करें जब तक कि डॉक्टर इसकी सलाह न दे।

हालांकि, कुछ दवाइयों को एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अन्य मामलों में साइड इफेक्ट्स होने के बावजूद दो अलग दवाइयों का सेवन एक साथ किया जा सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर आपकी दवा के डोज में बदलाव कर सकता है या इसमें एहतियात बरतना जरूरी होगा।

विशेषकर यदि आप निम्नलिखित दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसकी सूचना अपने डॉक्टर को अवश्य दें। संभावित रिएक्शन के आधार पर इन दवाइयों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है और यह जरूरी नहीं है कि इसमें सभी दवाइयों को शामिल किया गया हो।

आमतौर पर निम्नलिखित दवाइयों के साथ इस दवा के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है। लेकिन, कुछ स्थितियों में इन्हें एक साथ लेने की जरूरत पड़ सकती है। यदि दोनों दवाइयों को एक साथ प्रेस्क्राइब किया गया है तो डॉक्टर इसके डोज में परिवर्तन कर सकता है या दोनों दवाइयों के लेने में परिवर्तन किया जा सकता है।

  • अलबुटरोल (Albuterol)
  • एमिओडारोन (Amiodarone)
  • एरफोरमोटरोल (Arformoterol )
  • बामबुटरोल (Bambuterol )
  • क्लीनबुटरोल (Clenbuterol )
  • क्लोनिडाइन (Clonidine )
  • कोल्टरोल (Colterol)
  • क्रिजोटिनिब (Crizotinib)
  • डिल्टिआजेम (Diltiazem )
  • ड्रोनेडारोन (Dronedarone)
  • एनोलडोपेम (enoldopam)
  • फेनोटरोल (Fenoterol)
  • फिंगोलिमोड ( Fingolimod)
  • फोर्मोटेरोल (Formoterol)
  • हेक्सोप्रेनालाइन (Hexoprenaline)
  • इंडेकेटरोल (Indacaterol)
  • आइसोथाराइन (Isoetharine)
  • लेकोसामाइड (Lacosamide)
  • लेवाब्युटरोल (Levalbuterol)
  • मेटाप्रोटारनोल (Metaproterenol)
  • ओलोडाटरोल (Olodaterol )
  • पिरबुटरोल (Pirbuterol)
  • प्रोकेटरोल (Procaterol)
  • रिप्रोटरोल (Reproterol)
  • रिटोड्राइन (Ritodrine)
  • सालमेटरोल (Salmeterol)
  • टेरबुटालाइन (Terbutaline)
  • ट्रेटोक्युनोल (Tretoquinol)
  • टुलोबुटरोल (Tulobuterol)
  • वरेपामिल (Verapamil)
  • विलानटरोल (Vilanterol)

बिसोप्रोलोल क्या फूड या एल्कोहॉल के साथ रिएक्शन करती है?

बिसोप्रोलोल फूड या एल्कोहॉल के साथ रिएक्शन कर सकती है। इससे दवा के कार्य करने के तरीके में बदलाव या गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने से पहले फूड या अल्कोहोल के साथ होने वाले बिसोप्रोलोल के रिएक्शन के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें। इस दवा से आपको चक्कर आ सकते हैं। अल्कोहोल या भांग से आपको अधिक चक्कर आ सकते हैं।

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बिसोप्रोलल हेल्थ पर क्या असर डालती है?

बिसोप्रोलल आपकी हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। बॉडी में इसके गंभीर रिएक्शन हो सकते हैं या दवा के कार्य करने के तरीके में बदलाव आ सकता है। इस स्थिति में यह बेहद ही जरूरी है कि आप अपनी मौजूदा मेडिकल कंडिशन की जानकारी डॉक्टर को दें। विशेषकर निम्नलिखित परिस्थितियों में यह और भी जरूरी हो जाता है:

  • यदि आपको एंजायना (Angina) (गंभीर सीने का दर्द) है, तो इस स्थिति में दवा को तुरंत बंद करने से सीने का दर्द बढ़ सकता है।
  • यदि आपको ब्लड वेसेल्स की बीमारी हो। इसमें सावधानी पूर्वक इसका इस्तेमाल क रें। यह दवा आपकी हेल्थ को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
  • ब्राडकार्डिया (स्लो हार्टबीट)
  • हार्ट ब्लॉक
  • हार्ट फेलियर- इस स्थिति में बिसोप्रोलोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • हाइपरथाइरॉयडिज्म (ओवरएक्टिव थायरॉयड)
  • हाइपोग्लाइसेमिया (लो ब्लड शुगर)- इससे कुछ लक्षण नजर नहीं आएंगे और इस बीमारी के लक्षण जैसे दिल की धड़कन का तेजी से भागना छुप सकता है।
  • किडनी की बीमारी
  • लिवर की बीमारी- अहतियात के साथ इस्तेमाल करें। बिसोप्रोलोल का सेवन धीरे-धीरे घटा देने से इसका प्रभाव बढ़ सकता है।
  • फेफड़ों की बीमारी- फेफड़ों के मरीज में इसका इस्तेमाल करने से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

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डोसेज

ऊपर बताई गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती है। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

अडल्ट्स और बच्चों के लिए बिसोप्रोलोल (Bisoprolol) का क्या डोज है?

पीडियाट्रिक्स मरीजों में इसके डोज को तय नहीं किया गया है। यह बच्चों के लिए असुरक्षित हो सकती है। इस दवा का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा यह जरूरी है कि सुरक्षा के बारे में जानकारी हासिल कर लें। इसकी अधिक जानकारी के डॉक्टर से संपर्क करें।

हाइपरटेंशन (Hypertension) में अडल्ट्स के लिए बिसोप्रोलोल का डोज:

  • शुरुआती डोज: 5mg प्रतिदिन मौखिक रूप से।
  • डोज अनुपात: अपेक्षित नतीजे ना मिलने पर बिसोप्रोलोल के डोज को 10mg तक बढ़ाया जा सकता है।
  • अधिकतम डोज: अपेक्षित नतीजे ना मिलने पर बिसोप्रोलोल के डोज को 20 mg तक प्रतिदिन लिया जा सकता है।

बच्चों में यह दवा कितनी सुरक्षित है इसका अभी तक आकलन नहीं किया गया है।

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बिसोप्रोलोल किस रूप में उपलब्ध है?

बिसोप्रोलोल निम्नलिखित रूप और डोज में उपलब्ध है:

ओरल: 5 और 10mg की टेबलेट

आपात स्थिति या ओवरडोज होने पर मुझे क्या करना चाहिए?

आपात स्थिति या ओवरडोज होने पर अपनी स्थानीय आपातकीलन सेवा या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

बिसोप्रोलोल का डोज मिस हो जाए तो क्या करूं?

बिसोप्रोलोल का डोज मिस हो जाता है, तो जल्द से जल्द इसे लें। हालांकि, यदि आपका अगली खुराक का समय नजदीक आ गया है, तो भूले हुए डोज को ना खाएं। पहले से तय नियमित डोज को लें। एक बार में दो खुराक न खाएं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या इलाज मुहैया नहीं कराता है।

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डॉ. प्रणाली पाटील
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
फार्मेसी · Hello Swasthya
Sunil Kumar द्वारा लिखित · अपडेटेड 25/05/2020