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Prochlorperazine: प्रोक्लोरपेराजाइन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

जानिए मूल बातें |सावधानियां एवं चेतावनी|प्रोक्लोरपेराजाइन के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?|इन जरुरी बातों को जानें|डॉक्टर की सलाह
Prochlorperazine: प्रोक्लोरपेराजाइन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

जानिए मूल बातें

प्रोक्लोरपेराजाइन का उपयोग किसलिए किया जाता है?

इस दवा का इस्तेमाल गंभीर रूप से मतली और कुछ कारणों से होने वाली उल्टी का इलाज (जैसे सर्जरी या कैंसर के इलाज के बाद) करने के लिए किया जाता है। प्रोक्लोरपेराजाइन दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है जिसे फेनोथियाजिनेस के रूप में जाना जाता है। इस दवा को दो साल से छोटे बच्चों को देने की सलाह नहीं दी जाती या जो सर्जरी से गुजरे हैं, उन्हें ये दवा दी जाती है। इसके अलावा इस दवा का उपयोग साइकोटिक डिसऑर्डर जैसे कि स्किजोफ्रेनिया के उपचार में किया जाता है।

प्रोक्लोरपेराजाइन रेक्टल का इस्तेमाल कैसे होता है

प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल सपोसिटरी के रूप में किया जाता है, इसका इस्तेमाल जैसा डॉक्टर ने बताया है वैसे ही करें। आमतौर पर दिन में दो बार इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा को लेने के बाद कुछ मिनट तक लेटे रहें, और कुछ घंटों या लंबे समय तक के लिए मल त्याग के लिए न जाएं, जिससे कि दवा अच्छे से अवशोषित हो जाए। सपोसिटरी का इस्तेमाल सिर्फ रेक्टल के लिए ही किया जाता है। अगर आपको इस दवा का कोई एलर्जिक रिएकशन होता है तो अपने डॉक्टर को बताएं।

इस दवा की खुराक उम्र, चिकित्सकीय जांच और इलाज के प्रति प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। बच्चों में, खुराक वजन पर भी निर्भर करती है। इस दवा को बिना सलाह के खुद से बढ़ाएं नहीं या फिर जल्दी-जल्दी इस दवा का सेवन न करें। अगर स्थिति लगातार बनी रहती है या बिगड़ जाती है तो अपने डॉक्टर को बताएं। यह दवा वयस्कों को दिन में तीन से चार बार दी जाती है वहीं बच्चों को तीन बार दी जाती है।

मैं प्रोक्लोरपेराजाइन को कैसे इस्तेमाल करूं?

उत्पाद पर लिखी जानकारियों का पालन करें। आपका डॉक्टर कुछ-कुछ समय के लिए खुराक में बदलाव कर सकता है जिससे एक बेहतर परिणाम मिल सके। अगर आप प्रोक्लोरपेराजाइन लंबे समय से ले रहे हैं, तो आपको बार-बार मेडिकल टेस्ट की जरूरत पड़ सकती हैं। डाई की मदद से स्पाइनल कॉलम के लिए अगर आपको एक्सरे या सीटी स्कैन करने की जरूरत पड़ती है, तो आपको ऐसे में कुछ समय के लिए प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल बंद करना पड़ सकता है। इस बात का ध्यान रखे कि आपके डॉक्टर को इस दवाई के आगे लेने के समय के बारे में पता हो।

लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद एकदम से प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल करना बंद न करें, वरना इससे आपको अनचाहे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। जब आप प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें कि कैसे अनचाहे लक्षणों से छुटकारा मिल सकता है।

मैं प्रोक्लोरपेराजाइन को कैसे स्टोर करूं?

प्रोक्लोरपेराजाइन को अच्छा होगा अगर आप घर के तापमान में ही रखें और सीधी रोशनी व नमी से दूर रखें। दवा को खराब होने से बचाने के लिए, आपको प्रोक्लोरपेराजाइन को बाथरूम या फ्रीजर में नहीं रखना चाहिए। प्रोक्लोरपेराजाइन के अलग-अलग ब्रांड हो सकते हैं जिनको स्टोर करने की जरूरतें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवश्यक है कि आप उसे खरीदने से पहले उत्पाद पर लिखी संग्रह करने की जानकारियों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें या फिर फार्मासिस्ट से इसकी जानकारी ले लें। सुरक्षा के लिए, आपको सभी दवाइयां बच्चों और जानवरों से अलग रखनी चाहिए।

आपको प्रोक्लोरपेराजाइन टॉयलेट या किसी सीवर में नहीं डालनी चाहिए तब तक जब तक डॉक्टर आपको सलाह न दे। आवश्यक है कि आप पूरी तरह से दवाई को खत्म कर दें अगर वो एक्सपायर हो गईं हैं या किसी काम के लायक नहीं रही है. इसे सुरक्षित व सही तरह से खत्म करने के लिए एक बार अपने फार्मासिस्ट से बात जरूर करें।

और पढ़ें :Bacillus Coagulans : बैसिलस कॉग्यूलंस क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

सावधानियां एवं चेतावनी

प्रोक्लोरपेराजाइन का उपयोग करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए

कुछ चिकित्सीय स्थिति प्रोक्लोरपेराजाइन के साथ इस्तेमाल नहीं की जाती। अगर किसी भी तरह की चिकित्सीय स्थिति होती हैं, तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं, खासकर अगर आपको निम्नलिखित में से कुछ पता चलता है ;

  • पर्चे वाली या बिना पर्चे वाली दवाई हर्बल प्रिपरेशन या डायटरी सप्लिमेंट अगर लेते हैं।
  • अगर आपको खाने, दवाई, या अन्य घटक से एलर्जी है।
  • अन्य फिनोथियाजिन (जैसे थिओरिडाजिन) लेते समय अगर आपको गंभीर रूप से साइड इफेक्ट्स हुए हैं (जैसे रक्त की समस्या, त्वचा का या आंखों का पीला पड़ना)
  • अगर आपको पहले ह्रदय समस्या रही है (जैसे एंजिना (Angina) , मिट्रल वाल्व समस्या), खून की समस्या (जैसे एनीमिया की समस्या), डायबिटीज की समस्या, लिवर समस्या (जैसे सिरहोसिस), हाई या लो ब्लड प्रेशर, किडनी समस्या, नियोरोलेप्टिक मैलिग्नेंट सिंड्रोम (एमएमएस), टारडीव डिस्कनेसिया (dyskinesia) (टीडी), बोन मैरो समस्या (जैसे सफेद रक्त कोशिकाओं की मात्रा कम होना), प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी हो, मिर्गी की समस्या, यूरिन करने में समस्या, मस्तिष्क या मूड की समस्या (जैसे डिप्रेशन), या एड्रेनल ग्लैंड ट्यूमर (फीयोक्रोमोसाइटोमा) रहा है।
  • अगर आपको अस्थमा, फेफड़ों का इंफेक्शन या फेफड़ों से जुड़ी अन्य समस्या या सांस लेने में दिक्कत (जैसे एम्फिसिमा); आंखों में बढ़ता दबाव या मोतियाबिंद, या फिर आप मोतियाबिंद के खतरे से घिरे हैं।
  • अगर आपको अल्जाइमर की समस्या है, डिमेंशिया, पार्किंसन रोग, या रे सिंड्रोम है।
  • अगर आपका प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ चुका है या कुछ प्रकार का कैंसर पहले हुआ है (जैसे ब्रेस्ट, पैंक्रियास, पिट्यूटरी, मस्तिष्क), या अगर आपको कैंसर का खतरा हो सकता है।
  • अगर आपकी सेहत काफी ज्यादा बिगड़ी हुई है या आप रोजाना अत्यधिक गर्मी के बीच रहते हैं या कुछ प्रकार का इन्सेकटिसाइड्स है (ऑर्गेनोफोस्फोरस इन्सेक्टीसाइड्स)
  • अगर आप पहले कभी एल्कोहॉल की लत में पड़े हैं, एल्कोहॉल पीते हैं या एल्कोहॉल छोड़ने वाले हैं।
  • अगर आप माइलोग्राम लेंगे या माइलोग्राम (रीढ़ की हड्डी का एक्सरे) अभी छोड़ा है।
  • यदि आप कोई ऐसी दवा लेते हैं जो एक निश्चित प्रकार की अनियमित धड़कन (लंबे समय तक क्यूटी इंटरवल) के जोखिम को बढ़ा सकती है। अगर आपको नहीं पता कि किस दवा से असामान्य ह्रदय की गति का जोखिम बढ़ सकती है उस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

क्या प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोक्लोरपेराजाइन लेना सुरक्षित है?

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग : प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पैंक्रिएटिन के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में अभी कोई प्रयाप्त जानकारी नहीं है। जब तक आपकी पैंक्रियाज की समस्या का निदान नहीं किया जाता है बेहतर होगा आप इसका इस्तेमाल न करें।

प्रोक्लोरपेराजाइन के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो आपातकालीन चिकित्सीय जांच जरूर करें।

एलर्जिक रिएक्शन ; हाइव्स; सांस लेने में दिक्कत; चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन।

प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल करना बंद कर दें और एक बार डॉक्टर से बात करें अगर आपको गंभीर रूप से साइड इफेक्ट्स दिखाई देते हैं जैसे ;

  • आंख, होंठ, जीभ, चेहरे, कंधे या पैरों का फड़कना या असंतुलित तरीके से मूवमेंट
  • ट्रेमर (असंतुलित तरीके से कंपकंपाना), दररोलिंग, निगलने में परेशानी, संतुलन या चलने में समस्या ;
  • बेचैन, चिड़चिड़ा या उत्तेजित महसूस करना;
  • तेज बुखार, कड़ी मांसपेशियां, दुविधा, पसीना, तेज या असमान दिल की धड़कन, तेजी से सांस लेना;
  • दौरे पड़ना (ब्लैक-आउट या ऐंठन);
  • रात की रौशनी, टनल विषन कम होना, आंखों से पानी आना, रौशनी से संवेदनशीलता होना ;
  • मतली और पेट दर्द, त्वचा में चकत्ते और पीलिया की समस्या (त्वचा या आंखों का पीला होना)
  • त्वचा का पीला पड़ना, छाले होना या खून निकलना, बुखार आना, गले में खराश, फ्लू के लक्षण दिखाना, पेशाब आमतौर से कम आना या बिलकुल न आना ;
  • जोड़ों में दर्द या बुखार के साथ-साथ सूजन, ग्रंथि में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, छाती में दर्द, उलटी, अनचाहे तरीके से विचार या व्यवहार और पैची स्किन कलर; ह्रदय की गति कम होना, कमजोर ह्रदय की गति, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत (सांस रुकजाना)

कम गंभीर साइड इफेक्ट्स जैसे –

  • चक्कर, सुस्ती, चिंता
  • सोने में दिक्कत (अनिंद्रा), खतरनाक सपने आना ;
  • मुंह सूखना, सर्दी, जुकाम की तरह नाक भर जाना ;
  • आंखों की रौशनी धुंधली होना ;
  • कब्ज की समस्या ;
  • ब्रेस्ट में सूजन या डिस्चार्ज
  • मासिक धर्म का समय पर न आना ;
  • वजन बढ़ना, हाथ या पैरों में सूजन ;
  • आर्गेज्म आने में दिक्कत होना ;
  • हल्की सी खुजली या त्वचा पर चकत्ते ; या

हर कोई इन साइड इफेक्ट्स को अनुभव नहीं करता। कुछ ऐसे साइड इफेक्ट्स भी हैं जो ऊपर नहीं दिए गए हैं। अगर आपको किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नजर आते हैं तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात जरूर करें।

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और पढ़ें : रेनिटिडाइन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

इन जरुरी बातों को जानें

कौन सी दवाएं प्रोक्लोरपेराजाइन के साथ इस्तेमाल नहीं की जा सकती हैं?

अभी आप जो भी दवाइयां ले रहे हैं उसे प्रोक्लोरपेराजाइन के साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इससे दवाई के कार्य करने के प्रभाव पर असर पड़ सकता है और गंभीर साइड इफेक्ट्स का जोखिम बढ़ सकता है। किसी भी दवा के गलत प्रभाव को रोकने के लिए, आपको इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की एक सूची बनाकर रख लेनी चाहिए (जिनमें डॉक्टर के पर्चे की दवाएं, बिना सलाह वाली दवाएं और हर्बल उत्पाद शामिल हैं) और फिर उसे डॉक्टर या फार्मासिस्ट के साथ साझा करें। आपकी सुरक्षा के लिए, बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी दवा अपने आप शुरू, बंद या खुराक में बदलाव न करें।

कई पर्चे और बिना पर्चे वाली दवाएं (जैसे एलर्जी, रक्त के थक्के की समस्या, कैंसर, इंफेक्शन, सूजन, दर्द, ह्रदय की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, असामान्य ह्रदय की गति, मस्तिष्क या मूड की समस्या, मतली या उल्टी, पार्किंसन रोग, मिर्गी, पेट या बोवेल समस्या, ओवरएक्टिव ब्लेडर के इस्तेमाल के लिए), मल्टीविटामिन उत्पाद, और हर्बल या डायटरी सप्लीमेंट (जैसे हर्बल चाय, कोएंजाइम क्यू 10, लहसुन, जिनसेंग, गिंको, सेंट जॉन वोर्ट), प्रोक्लोरपेराजाइन के साथ इस्तेमाल नहीं की जा सकती। प्रोक्लोरपेराजाइन के साथ कोई दवा इस्तेमाल हो सकती है या नहीं, इस बारे में नहीं पता तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

और पढ़ें : Atenolol : ऐटिनोलोल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

क्या भोजन या एल्कोहॉल के साथ प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है?

प्रोक्लोरपेराजाइन दवा के काम करने के तरीके को बदलकर या गंभीर दुष्प्रभावों के लिए जोखिम को बढ़ाकर भोजन या एल्कोहॉल के साथ गलत प्रभाव डाल सकती है। इस दवा को लेने से पहले भोजन या अल्कोहल के साथ किसी भी तरह के सही परिणाम नहीं दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात जरूर करें।

इंटरेक्शन होने के बाद कुछ प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल खाने के आसपास या कुछ प्रकार के आहार के साथ नहीं किया जाता। कुछ प्रकार की दवाइयों के साथ शराब या तंबाकू का इस्तेमाल करने से भी इंटरेक्शन हो सकता है। एल्कोहॉल, आहार, तम्बाकू के साथ इस दवा का इस्तेमाल कैसे करना है इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

प्रोक्लोरपेराजाइन खाने से स्वास्थ्य पर किस तरह का प्रभाव पड़ सकता है?

प्रोक्लोरपेराजाइन आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर गलत प्रभाव डाल सकती है। यह प्रभाव आपकी स्वास्थ्य स्थिति को बिगाड़ सकता है या फिर दवाई के कार्य करने के तरीके को कम कर सकता है। जरूरी है कि आप अपनी स्वास्थ्य स्थिति को डॉक्टर और फार्मासिस्ट को बताएं।

डॉक्टर की सलाह

प्रोक्लोरपेराजाइन कैसे उपलब्ध है?

प्रोक्लोरपेराजाइन खुराक के रूप में और उसके प्रभाव के रूप में उपलब्ध है :

  • टेबलेट ; 5 मिलीग्राम ; 10 मिलीग्राम
  • कैप्सूल : 10 मिलीग्राम 15 मिलीग्राम
  • शीशियां : 2 मिलीलीटर (5 मिलीग्राम/मिलीलीटर); 10 मिलीलीटर (5 मिलीग्राम/मिलीलीटर)
  • सपोसिटरीस : 2.5 मिलीग्राम; 5 मिलीग्राम; 25 मिलीग्राम
  • सिरप : 5 मिलीग्राम/5 मिलीलीटर

इमरजेंसी या ओवरडोज होने की स्थिति में क्या करना चाहिए?

इमरजेंसी या ओवरडोज होने की स्थिति में अपने स्थानीय आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें या अपने नजदीकी इमरजेंसी वॉर्ड जाएं।

अत्यधिक खुराक लेने के लक्षण जैसे ;

  • व्याकुलता
  • घबराना
  • सोने या सोते रहने में दिक्कत
  • चेहरे पर किसी भी तरह के हाव-भाव न दिखना
  • लार टपकना
  • शरीर का अनियंत्रित रूप से कांपना
  • डगमगाकर चलना
  • ज्यादा नींद आना
  • कोमा (कुछ समय के लिए सुध बुध खोना)
  • मिर्गी
  • बुखार
  • कब्ज की समस्या
  • असामान्य ह्रदय गति

अगर एक खुराक लेना भूल जाएं तो क्या करना चाहिए?

अगर प्रोक्लोरपेराजाइन की खुराक लेना भूल जाते हैं तो याद आने पर जल्द से जल्द अपनी खुराक लें। हालांकि, अगर इसके कुछ ही समय बाद आपको अपनी अगली खुराक लेनी हो तो इसे न लें और अपनी नियमित खुराक के अनुसार ही इसका सेवन करते रहें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Prochlorperazine. https://www.drugs.com/mtm/prochlorperazine.html.(Accessed July 26, 2016)

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Prochlorperazine (Oral Route)/https://www.mayoclinic.org/drugs-supplements/prochlorperazine-oral-route/description/drg-20406263(Accessed July 26, 2016)

prochlorperazine – oral, Compazine/https://www.medicinenet.com/prochlorperazine-oral/article.htm(Accessed July 26, 2016)

 

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Anoop Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 15/07/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड