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Eye stye: आई स्टाइ (गुहेरी) क्या है? जानें इसके लक्षण व कारण

परिभाषा|लक्षण|निदान/उपचार|जोखिम|बचाव
Eye stye: आई स्टाइ (गुहेरी) क्या है? जानें इसके लक्षण व कारण

परिभाषा

आई स्टाइ (Eye stye) आंखों में होने वाला इंफेक्शन है, जिसकी वजह से आंख की निचली पलकें प्रभावित होती हैं। इसे गुहेरी भी कहते हैं। पलक के ऑयल ग्लैंड्स को प्रभावित करते हुए यह पिंपल्स या फोड़े जैसी दिखाई देती है। अक्सर स्टाइ (गुहेरी) के अंदर पस (मवाद) भरा होता है। आमतौर पर यह पलकों के बाहर होता है, लेकिन कभी-कभार अंदर की तरफ भी हो सकता है। स्टाइ से आंखों को कितना नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है और इसके लक्षण और उपचार क्या है? जानिए इस आर्टिकल में।

आई स्टाइ (गुहेरी) क्या है?

आई स्टाइ लाल और पीड़ादायक पस भरी गांठ होती है, जो इंफेक्शन की वजह से होती है। स्टाइ को होर्डियोलम भी कहा जाता है। वैसे तो यह अधिकांश लोगों को पलकों के बाहर होता है, लेकिन कुछ को पलकों के अंदर भी हो सकता है। स्टाइ के कारण बहुत दर्द होता है और आपको पलकें भारी-भारी और असहज महसूस होती हैं। स्टाइ आमतौर पर कुछ दिनों में अपने-आप गायब हो जाता है। इस बीच दर्द और असहजता से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े से पलकों को सेंक सकते हैं।

आई स्टाइ दो प्रकार के होते हैः

बाहरी स्टाइ (होर्डियोलम)

यह स्टाइ पलकों के बाहरी हिस्से पर होता है। इसमें पस भरा होता है और मुंहासे या फोड़ी जैसा दिखता है। इसे छूने पर दर्द होता है। यह स्टाइ इनमें से किसी में इंफेक्शन के कारण होता है-

आईलैश फॉलिकल

जहां से आपकी पलकें विकसित होती हैं, त्वचा के उस हिस्से में छोटा छेद होता है उसे आईलैश फॉलिकल कहते हैं।

एपोक्राइन (मोल) ग्लैंड

यह ग्लैंड पलकों को सूखने से रोकने में भी मदद करता है। यह एक पसीने की ग्रंथि है जो आईलैश फॉलिकल में खाली हो जाती है।

सेबेशियस (जीस) ग्लैंड

यह ग्लैंड आईलैश फॉलिकल से जुड़ी होती है और सीबम का उत्पादन करती है। सीबम पलक को चिकनाई देने और इसे सूखने से रोकने में मदद करता है।

आंतरिक आई स्टाइ (होर्डियोलम)

इसमें पलकों के अंदर सूजन होती है। आमतौर पर आंतरिक स्टाइ बाहरी स्टाइ की तुलना में अधिक पीड़ादायक होती है। यह मेइबोमियन ग्लैंड में इंफेक्शन के कारण होता है। यह ग्लैंड एक स्राव पैदा करती है जो आंख को ढंकने वाले फिल्म का हिस्सा है। मरीज को आंखों में जलन, पलक के किनारे का झुकाव, पलकों का फड़कना, आंखों की रोशनी कमजोर होना, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता और पलक झपकाने में असहजता होती है।

और पढ़ें: मल्टिपल मायलोमा क्या है?

लक्षण

आई स्टाइ (गुहेरी) के लक्षण

आई स्टाइ के लक्षणों में शामिल है-

  • पलकों के नीचे लाल रंग की गांठ जो पिंपल्स या फुंसी की तरह दिखता है
  • पलकों में दर्द
  • पलकों में सूजन
  • आंख से पानी आना
  • आंख में जलन
  • खुजली
  • पलकें झपकाने में असहजता
  • धुंधला दिखाई देना

पलकों में सूजन का एक अन्य कारण है कलेजियन (पलकों की गांठ)। पलकों के पीछे आईलिड की मार्जिन के छोटे ऑयल ग्लैंड में ब्लॉकेज के कारण यह समस्या होती है। स्टाइ की तरह कलेजियन में दर्द नहीं होता है और यह पलकों के अंदर की तरफ होता है।

आई स्टाइ और कलेजियन में अंतर

आई स्टाइ और कलेजियन में मुख्य अंतर दोनों के होने का कराण है। स्टाइ आमतौर पर पलकों के किनारे पर होता है और यह लाल, पीड़ादायक गांठ होती है। इसमें आइलैश फॉलिकल प्रभावित होता है, जिसमें सूजन आ जाती है। यदि स्टाइ पलकों के अंदर की तरफ हुआ है तो इसे इंटरनल होर्डियोलम कहते हैं। यदि मेइबोमियन ग्लैंड में ऑयल का बैकअप होता है तो इसकी वजह से भी स्टाइ हो सकता है, जिससे सूजन होती है। पलकों के अंदर बहुत छोटे ग्लैंड होते हैं जिनका काम आंखों की नमी बनाए रखने के लिए ऑयल प्रदान करना है।

कलेजियन ग्रीक शब्द है जिसका मतलब होता है, ‘छोटी गांठ’। पलकों के पास यह गांठ तब बनती है जब तेल पैदा करने वाले ग्लैंड में सूजन आ जाती है और ऑयल इसकी ओपनिंग को ब्लॉक कर देता है। स्टाइ की तुलना में यह धीमी गति से बढ़ता है। यह पलकों के किनारे से थोड़ा आगे हो सकता है और यह स्टाइ की तुलना में बड़ा होता है। इसके अलावा स्टाइ असहज हो सकता है, लेकिन कलेजियन से आमतौर पर किसी तरह की असहजता महसूस नहीं होती है। इसलिए जरूरी है कि आंखों की इस समस्या का इलाज कराना जरूरी होता है।

और पढ़ें: Blepharitis : ब्लेफेराइटिस (पलकों की सूजन) क्या है?

निदान/उपचार

आई स्टाइ (गुहेरी) का निदान

अधिकांश आई स्टाइ नुकसानदायक नहीं होते हैं और इससे आपकी देखने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है। आई स्टाइ होने पर खुद अपना ध्यान रखें, जैसे- गर्म पानी में भिगोए कपड़े से इसे सेंके और 5-10 मिनट तक आंखे बंद करके गर्म पानी में भिगोया साफ कपड़ा पलकों पर रखें और इससे हल्के से मसाज करें। लेकिन आपको निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना अनिवार्य है:-

  • यदि 48 घंटे के बाद भी स्टाइ में थोड़ा भी सुधार नहीं आया है
  • सूजन और लालिमा पलकों से बढ़ते हुए आपके गालों और चेहरे के दूसरे हिस्से तक पहुंच जाए।

निदान

डॉक्टर आपकी आंखों की स्थिति देखकर ही आई स्टाइ यानी गुहेरी का पता लगा लेगा। ज्यादा तकलीफ होने पर डॉक्टर आपको दर्द की दवाई के साथ आई ड्रॉप्स देगा।

उपचार

अगर डॉक्टर द्वारा दी गई आई ड्रॉप या एंटीबैक्टीरियल क्रीम से भी आपको आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर सूजन वाली जगह पर बारीक सा छेद कर सकता है, जिससे पस बाहर निकल जाए और व्यक्ति को आराम मिले।

जोखिम

आई स्टाइ (गुहेरी) से जुड़े जोखिम

आपको आई स्टाइ का खतरा अधिक है यदिः

  • बिना हाथ धोए आंखों को छूते हैं
  • कॉन्टेक्ट लेंस को ठीक तरह से साफ करके इस्तेमाल नहीं करते और इसे गंदे हाथों से छूते हैं
  • रातभर आई मेकअप ऐसे ही रहता है
  • पुराने और एक्सपायर कॉस्मेटिक का इस्तेमाल
  • ब्लेफेराइटिस है, पलक के किनारे एक पुरानी सूजन

रोसिया, एक स्किन कंडिशन है जिसमें चेहरा लाल हो जाता है।

और पढ़ें: आईजीए नेफ्रोपैथी (इम्युनोग्लोबुलिन ए) क्या है?

बचाव

आई स्टाइ (गुहेरी) से बचाव

आंखों के संक्रमण से बचने के लिएः

  • आंख को छूने से पहले हाथ साबुन, गरम पानी या एल्कोहॉल बेस्ड सैनिटाइजर से धोएं। अपने हाथों को आंखों से दूर रखें।
  • कॉस्मेटिक के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतें इससे आई इंफेक्शन बार-बार नहीं होगा। अपना ब्यूटी प्रोडक्ट दूसरों के साथ शेयर न करें और न ही मेकअप लगाकर रात को सोएं।
  • यह सुनिश्चित करें कि आपका कॉन्टेक्ट लेंस बिल्कुल साफ है। लेंस लगाने से पहले भी हाथों को अच्छी तरह धोएं
  • यदि आपको पहले भी स्टाइ हो चुका है तो आंखों को गर्म पानी से नियमित रूप से सेकें ऐसा करने से स्टाइ दोबारा नहीं होता है।
  • ब्लेफेराइटिस मैनेजमेंट – यदि आपको ब्लेफेरइटिस है तो आंखों की देखभाल के लिए डॉक्टर के दिए दिशा-निर्देशों का पालन करें
  • आंखों के संक्रमण का मुख्य कारण है गंदगी, इसलिए बाहर जाते समय गॉगल अवश्य पहनें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
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Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 10/09/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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