डायबिटीज के लिए योगासन कैसे करें?

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अपडेट डेट जुलाई 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कंट्रोल करें मधुमेह, अपनाएं डायबिटीज के लिए योगासन

दुनिया भर में डायबिटीज की बीमारी तेजी से फैल रही है। बदलते लाइफस्टाइल, कसरत में कमी और गलत खान-पान की आदतों के कारण लोगों की एक बड़ी संख्या इस बीमारी से ग्रसित हो रही है। हैरान कर देने वाली बात है कि इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार 7 करोड़ से ज्यादा भारतीय इस बीमारी से ग्रस्त हैं। समय पर काबू न पाने से यह बीमारी, दूसरी कई बड़ी बीमारियों को जन्म देती है| हालांकि, डायबिटीज के लिए योगासन को अपनाकर आप इससे राहत पा सकते हैं।

योग विभिन्न बीमारियों का इलाज है। स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के लिए सदियों से योग एक प्राचीन और असरदार इलाज रहा है| कहा जाता है कि, योग पिछले 5,000 साल से अधिक पुराना है| योग के अभ्यास में ध्यान, प्राणायाम आदि चीजों से डायबिटीज को भी कंट्रोल कर सकते हैं।

और पढ़ें : Diabetes insipidus : डायबिटीज इंसिपिडस क्या है ?

डायबिटीज के लिए योगासन :

1.डायबिटीज के लिए योगासन – कपालभाति:

डायबिटीज के लिए योगासन एक बेहतरीन विकल्प है। डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति नियमित रूप से इस तकनीक का अभ्यास करे तो वह अपना शुगर स्तर कंट्रोल में रख सकता है। यह प्राणायाम का बहुत असरदार रूप है। पैरों को मोड़ कर क्रॉस-लेग्ड स्थिति में फर्श पर बैठ जाएं। एक गहरी सांस लें और फिर एक ध्वनि बनाते हुए, जल्दी से सांस छोड़ें। कपालभाति करते समय हमेशा याद रखें, आपको धीरे-धीरे गहरी सांस लेना है और जल्दी-जल्दी सांस छोड़ना है। ऐसा10 बार तक करते रहें और फिर छोड़ दें|

2. डायबिटीज के लिए योगासन – अनुलोम-विलोम:

डायबिटीज के लिए योगासन में यह योगा  डायबिटीज कंट्रोल में रखने का दूसरा असरदार तरीका है। अनुलोम विलोम को वैकल्पिक नाक श्वास के रूप में भी जाना जाता है। यहां, आपको दाएं नथुने को बंद करना है और बाएं नथुने से सांस लेना है। फिर तुरंत बाएं नथुने को बंद करें और दाएं नथुने से सांस छोड़ें। 

3. डायबिटीज के लिए योगासन – मंडुकासन:

वज्रासन स्थिति में फर्श पर बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों की मुट्ठी बनाएं और उन्हें अपने पेट पर इस तरह रखें कि दोनों हाथों का जोड़ नाभि पर आ जाए। अपने पेट के खिलाफ दोनों मुट्ठियों को दबाएं। अब अपने माथे से जमीन को छूने की कोशिश करें। जितना हो सके नीचे जमीन की ओर झुकें। ऐसा 20 सेकंड के लिए करें और फिर छोड़ दें| डायबिटीज के लिए योगासन को रोजाना करें। 

और पढ़ें : बढ़ती उम्र और बढ़ता हुआ डायबिटीज का खतरा

4. डायबिटीज के लिए योगासन – अर्ध मत्स्येन्द्रासन: 

डायबिटीज के लिए योगासन में अपने पैरों को सीधा करके फर्श पर बैठ जाएं। घुटनों को मोड़ें, अपने पैरों को जमीन पर रखें और फिर अपने बाएं पैर को अपने दाहिने पैर के नीचे स्लाइड करें। बाएं पैर को फर्श पर रखें। दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर ले जाएं और इसे अपने बाएं कूल्हे के बाहर जमीन पर रखें। दाहिने हाथ को अपने दाहिने कूल्हे के ठीक पीछे फर्श पर दबाएं, और अपनी बाईं जांघ को दाहिनी जांघ के बाहर घुटने के पास सेट करें। दाहिना घुटना छत की ओर रुख करेगा|  यहां, आपको सांस छोड़ते हुए अपनी दाहिनी जांघ के अंदरूनी हिस्से की ओर झुकना होगा। लगभग 30 सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें और फिर छोड़ दें। इसे दूसरी तरफ से भी करने की कोशिश करें।

5. डायबिटीज के लिए योगासन – वक्रासन:

डायबिटीज के लिए योगासन में आपको एक आरामदायक क्रॉस-लेग की स्थिति में बैठना होगा। अब, अपने दाहिने हाथ को अपने बाएं घुटने पर अपने बाएं हाथ पर रखें। अपने शरीर को बाईं दिशा में मोड़ने का प्रयास करें। अपनी पीठ को सीधा रखना न भूलें। दाहिनी दिशा में भी ऐसा करने का प्रयास करें।

और पढ़ें : क्या है नाता विटामिन-डी का डायबिटीज से?

डायबिटीज के लिए योगासन के साथ आप मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए अपने हिसाब से घरेलू इलाज भी कर सकते हैं। 

दालचीनी 

दालचीनी डायबिटीज के घरेलू उपाय के लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है। यह शरीर में नुकसानदायक कोलेस्ट्रॉल को कम करती है और खून में मधुमेह शर्करा (DIABETIC  शुगर) को कम करती है। चुटकी भर दालचीनी पाउडर को उबाल कर उसकी चाय बना कर पीने से डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सकता है। दरअसल दालचीनी में मौजूद 11 प्रतिशत पानी, 81 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 4 प्रतिशत प्रोटीन और 1 प्रतिशत फैट शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है। 

करेला

करेला में मौजूद पोषक तत्व  रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम करने की खूबी रखता है। करेला पूरे शरीर में न केवल ग्लूकोज मेटाबोलिज्म को कम करता है बल्कि यह इंसुलिन को भी बढ़ाता है। रोजाना सुबह एक गिलास करेला का जूस पीना चाहिए। इसके अलावा अपने खाने में करेले से बनी सब्जी शामिल करके आप उसके ज्यादा से ज्यादा फायदे हासिल कर सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार करेले के सेवन से खून भी साफ होता है। 

मेथी

मेथी भारतीय रसोई में आमतौर पर इस्तेमाल होती है जिसके कई फायदे हैं। यह मधुमेह को नियंत्रित करने, ग्लूकोज सहनशीलता में सुधार लाने, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और ग्लूकोज पर निर्भर इंसुलिन के स्राव को प्रोत्साहित करने में मदद करती है। शरीर में मौजूद ग्लूकोस लेवल को कम करने के लिए 2 चम्मच मेथी के दाने रात में भिगो कर रख दें और सुबह खली पेट उस पानी को बीज के साथ पी लें। मेथी के दानों एक पाउडर बना कर उसे ठंडे या गरम पानी के अलावा दूध के साथ भी पिया जा सकता है। दरअसल इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। कुछ अध्ययन में पाया गया है कि मेथी का सेवन करने से पेट में शुगर का अवशोषण कम हो जाता है और इंसुलिन उत्तेजित हो जाती है, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। मेथी की खास बात यह है कि यह डायबिटीज के टाइप-1 और टाइप-2 दोनों में काम आती है।

और पढ़ें: सेहत के लिए शुगर या शहद के फायदे?

अलसी के बीज (फ्लेक्स सीड)

अलसी का बीज फाइबर से भरपूर होता है। फाइबर पाचन में तो मदद करता ही है साथ ही फैट और शुगर के अवशोषण में भी सहायक सिद्ध होता है। कहा जाता है कि, अलसी के बीज के आटे का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों में शुगर की स्तर लगभग 28 प्रतिशत तक कम हो सकती है। रिसर्च के अनुसार यह शाकाहारी लोगों के लिए वरदान है, क्योंकि मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड अलसी में मौजूद होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और अल्फा लिनोलिक एसिड भी मौजूद होता है, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है।

 अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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