घर पर डायबिटीज टेस्ट कैसे करें?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 17, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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ब्लड शुगर लेवल, ब्लड ग्लूकोज लेवल के रूप में भी जाना जाता है। यह एक माप है, जो आपके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को दर्शाता है। ग्लूकोज वो शुगर है जो हमारे भोजन से प्राप्त होती है। हमारा ब्लड शुगर लेवल पूरे दिन बढ़ता और कम होता रहता है। जो लोग डायबिटीज के शिकार होते हैं, उनके ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव अन्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। इसलिए ब्लड शुगर लेवल के बारे में जानकारी डायबिटीज को नियंत्रित करने में रोगी की मदद कर सकती है। इससे गंभीर जटिलताएं होने की संभावनाएं भी कम हो सकती हैं। आप अपनी ब्लड शुगर को जांचने के लिए डायबिटीज टेस्ट आसानी से घर पर भी कर सकते हैं। पाइए, घर पर डायबिटीज टेस्ट के बारे में पूरी जानकारी

घर पर डायबिटीज लेवल का पता करने से पहले जानिए कुछ खास बातें

अपने ब्लड शुगर का समय-समय पर टेस्ट करने से आपको अपनी डायबिटीज की स्थिति पता चलेगी। जिससे आप इसे आसानी से नियंत्रित भी कर सकते हैं। अगर आपका ब्लड शुगर बहुत अधिक या बहुत कम रहता है, तो आपके डॉक्टर आपको अपनी आहार में परिवर्तन, व्यायाम या दवाइयों आदि की सलाह देंगे। आप अपनी शुगर लेवल की जांच स्वयं घर पर कर सकते हैं। घर पर डायबिटीज टेस्ट कैसे करें, जानें:

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  • यह आप फिंगर-प्रिक टेस्ट की मदद से कर सकते हैं। इसमें ग्लूकोज मॉनिटर या एक कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर(CGM) का उपयोग करते हैं।
  • आप इस टेस्ट को दिन में कई बार करेंगे ताकि दिन भर के अपने ग्लूकोज के स्तर पर नजर रख सके। अपने ग्लूकोज के स्तर से आपको यह पता चल पाएगा कि आपका आहार कैसा होना चाहिए और आपको कितनी दवाई लेनी है।
  • हालांकि, डायबिटीज के शिकार सभी लोगों को अपने शरीर में शुगर लेवल को इस तरह से जांचने की जरूरत नहीं पड़ती। इसकी जरूरत तब पड़ती है, जब रोगी कुछ खास तरह की डायबिटीज की दवाइयां या इंसुलिन ले रहा हो। 
  • इस रूटीन चेकअप से आप इस बात को जान सकते हैं कि आपकी शुगर लेवल कब कम(hypo) और कब अधिक(hyper) हो रही है। 

इस टेस्ट के लिए जरूरी चीजें

घर पर डायबिटीज टेस्ट यानी फिंगर-प्रिकिंग टेस्ट से आप उसी समय अपने ब्लड शुगर लेवल को जांच सकते हैं। इस तरीके को अपनाने से पहले इसे अच्छे से जान लें, नहीं तो इसके परिणाम गलत भी हो सकते हैं। अधिकतर लोगों के लिए इस टेस्ट को करना आसान होता है और वो इसे आसानी से कर पाते हैं। लेकिन कई लोगों के लिए यह तनाव भरा होता है और वह इसे समझ नहीं पाते। इस टेस्ट के लिए आपको इन चीजों की आवश्यकता होती है:

एक ब्लड टेस्टिंग मीटर 

बाजार में कई टेस्टिंग मीटर मौजूद हैं। ऐसे में आपको कौन-सा चुनना है यह निश्चित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, सही निर्णय के लिए डॉक्टर की सलाह लें। यदि आपको दृष्टि संबंधी समस्याएं हैं, तो आप कुछ मीटर का उपयोग करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। इसलिए आपके डॉक्टर आपको सही विकल्प सुझा सकते हैं। 

और पढ़ें:डबल डायबिटीज की समस्या के बारे में जानकारी होना है जरूरी, जानिए क्या रखनी चाहिए सावधानी

कुछ टेस्ट स्ट्रिप्स

टेस्ट स्ट्रिप्स एक साथ पचास की संख्या में मिलती है।  इस बात का भी ध्यान रखें कि यह स्ट्रिप आपके मीटर के अनुसार काम करें। 

एक फिंगर प्रिक डिवाइस और एक लांसेट(lancet) (एक छोटी और तेज सुई)

फिंगर प्रिक डिवाइस की मदद से त्वचा में सुई चुभोई जाती है ताकि टेस्टिंग के लिए खून की बूंद मिल सके। इस सुई को लांसेट कहा जाता है। इस सुई को आप खुद एडजस्ट कर सकते हैं, ताकि यह आपकी त्वचा में अच्छे से जा सके। यह सुई कई आकारों और मोटाई में आती है। आप एक सुई को केवल एक ही बार प्रयोग करेंगे।

फिंगर-प्रिक टेस्ट कैसे करें 

जानिए इस घर पर डायबिटीज टेस्ट को कैसे करें:

  • अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छे से धोएं। लेकिन, गीली वाइप्स का प्रयोग न करें। क्योंकि, उनमें मौजूद ग्लिसरीन से टेस्ट रिजल्ट पर प्रभाव पड़ सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि टेस्ट के दौरान आपके हाथ गर्म हों। क्योंकि, इससे खून आसानी से निकलेगा और आपको अधिक दर्द नहीं होगा।
  • अब एक स्ट्रिप लें और मीटर में दिए गए स्लॉट में इसे डाल दें।
  • अब फिंगर प्रिक डिवाइस के ढक्कन को निकालें और इसमें नई लांसेट डालें। इसके बाद इसके ढक्कन को लगा दें।
  • ध्यान रहे अंगूठे से खून न निकालें। इसके साथ ही हर बार खून निकालने के लिए अलग उंगली का प्रयोग करें।
  • अब सुई से अपनी उंगली में से एक बूंद निकालें। टेस्ट स्ट्रिप के साथ मीटर को खून की बूंद के पास ले जाएं और स्ट्रिप से छुएं। जब स्ट्रिप में खून की बूंद जाती है तो बीप की आवाज आती है। 
  • टिश्यू की मदद से खून का बहना रोक दें और उसके बाद मीटर में आई रीडिंग को पढ़ें। सुई को निकाल कर किसी सुरक्षित जगह इसे डिस्पोज कर दें।
  • रीडिंग को नोट कर लें ।
  • स्ट्रिप को भी बाहर निकाल दें। जैसे ही आप स्ट्रिप बाहर निकालेंगे मीटर खुद ही बंद हो जाएगा। इस स्ट्रिप को भी अच्छे से सुरक्षित जगह फेंक दें। आप घर पर डायबिटीज टेस्ट आसानी से कर सकते हैं।

और पढ़ें: गर्भधारण से पहले डायबिटीज होने पर क्या करें?

 इस टेस्ट के फायदे

घर पर डायबिटीज टेस्ट से आपको स्वस्थ रहने और गंभीर डायबिटीज जटिलताओं से बचने में मदद मिलेगी।  यहां जटिलताओं का मतलब है, आपके पैरों और आंखों में गंभीर समस्याएं।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खून में अधिक शुगर के कारण ब्लड वेसलस को नुकसान होता है। जिससे शरीर में खून का प्रवाह सही से होने में मुश्किल होती है। ऐसा होने पर प्रभावित अंग को काटने और आंखों की रोशनी के पूरी तरह से खत्म होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हाई ब्लड शुगर का स्तर गंभीर जटिलताओं का कारण बनके आपके जोखिम को बढ़ाता है। इसलिए अगर आप सही समय और नियमित रूप से  यह टेस्ट करते हैं तो आप इन जोखिमों को कम कर सकते हैं। 

हालांकि डॉक्टर की सलाह के बाद कई लोगों को एक अन्य टेस्ट कराने की सलाह भी दी जा सकती है। जिसे  HbA1c कहा जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से पिछले कुछ महीनों की एवरेज ब्लड शुगर लेवल को मापा जा सकता है।

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ब्लड शुगर टेस्ट करने का समय

आपके डॉक्टर आपको  घर पर डायबिटीज टेस्ट कई दिनों तक रोजाना तीन टाइम करने के लिए कह सकते हैं। टेस्ट करने का समय और तरीका इस तरह होगा-

  • मॉर्निंग फास्टिंग रीडिंग: इससे आपको खाने या पीने से पहले ब्लड ग्लूकोज लेवल की जानकारी मिलती है। कुछ भी खाने से पहले ब्लड ग्लूकोज रीडिंग बेसलाइन नंबर देता है। यह संख्या दिन के दौरान ग्लूकोज में उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी प्रदान करती है।
  • खाने के बाद: खाने के बाद टेस्ट करने से आपको इस बात का आइडिया मिलता है कि खाने से आपके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और क्या आपकी कोशिकाओं तक सही तरीके से शुगर पहुंच रही है। इसके अलावा ब्लड ग्लूकोज रीडिंग से आपको गर्भावधि मधुमेह के बारे में पता चलने में भी मदद मिलती है जो गर्भावस्था में होती है। अधिकतर डॉक्टर खाने के दो घंटे बाद टेस्ट करने की सलाह देते हैं।

ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए

ब्लड शुगर की रेंज हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती हैं और पूरे दिन बदल सकती हैं। आपके डॉक्टर आपको इस बारे में बता सकते हैं कि आपकी ब्लड शुगर रेंज कितनी होनी चाहिए। लेकिन अपने डॉक्टर को तुरंत बताएं अगर:

  • अगर आपकी ब्लड शुगर ( 60 mg/dL) से कम हो या (300 mg/dL) से अधिक हो

और पढ़ें :एलएडीए डायबिटीज क्या है, टाइप-1 और टाइप-2 से कैसे है अलग

आपको ब्लड शुगर का टेस्ट कब कराना चाहिए

यह बात आपकी डायबिटीज पर निर्भर करती है:

टाइप 1 डायबिटीज: इस स्थिति में टेस्ट कराना आपके डॉक्टर पर निर्भर करता है। डॉक्टर आपको दिन में चार से दस बार टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जैसे खाने और स्नैक से पहले, व्यायाम से पहले और बाद में, रात को या सोने से पहले। अगर आप बीमार हैं तो आपको और अधिक बार टेस्ट करने को कहा जा सकता है।

टाइप 2 डायबिटीज: इसमें टेस्ट इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आप डायबिटीज के उपचार के लिए क्या ले रहे हैं,जैसे:  

 इन्सुलिन: आपको दिन में कितनी बार टेस्ट कराना है यह बात आपकी इंसुलिन के प्रकार और मात्रा पर निर्भर करती है। यदि आप रोजाना कई इंजेक्शन ले रहे हैं . तो आप भोजन से पहले और सोते समय टेस्ट कर सकते हैं। यदि आप लंबे समय से इंसुलिन का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको नाश्ते और रात के खाने से पहले केवल दो बार दैनिक टेस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है।

दवाइयां: यदि आप मधुमेह को मैनेज करने के लिए दवाओं का उपयोग करते हैं, तो आपके डॉक्टर आपको सलाह देंगे कि आपको कितनी बार ब्लड शुगर का टेस्ट करना चाहिए।

जीवन शैली में परिवर्तन: यदि आप आहार और व्यायाम का पूरा ख्याल रख रहे हैं, तो आपको प्रतिदिन अपने ब्लड शुगर का टेस्ट करने की आवश्यकता नहीं है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई मेडिकल जानकारी नहीं दे रहा है। मधुमेह से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। ताकि, आपकी बीमारी का सही उपचार हो सके।

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