बार-बार रो रहा है बच्चा तो उसे पेट और आंत में हो सकती है तकलीफ

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Update Date जुलाई 8, 2020 . 3 मिनट में पढ़ें
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बच्चा जब भी रोता है तो मन में बस यही सवाल आता है कि ‘अब क्या हो गया इसे’? कई बार बच्चे पेट दर्द की वजह से भी रोते हैं। बच्चों के पेट और आंतों में समस्या हो जाने से दर्द की स्थिति बनती है। बच्चे ये बातें नहीं समझ पाते हैं और रोने लगते हैं। बच्चों के पेट की समस्याओं के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिनमें से अधिकांश खतरनाक नहीं होते हैं। लेकिन एपेंडिसाइटिस से बच्चों को खतरा हो सकता है। इस वजह से पेट की सभी समस्याओं को अनदेखा न करें। साथ ही कुछ भी समस्या होन पर अपने चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

पेट की समस्या के लक्षण

हार्टबर्न (Reflux Disease)

बच्चों में हार्टबर्न के लक्षण काफी सामान्य हैं। 3 से 5 प्रतिशत बच्चों को इस रोग का अनुभव होता है। सीने और ऊपरी पेट की तकलीफ तब होती है जब पेट की अम्लीयता (Acidity) का स्तर ऊपर की ओर बढ़ता है। इस कारण पेट में जलन का अनुभव हो सकता है। रिफ्लक्स वाल्व (एसोफैगल स्फिंक्टर) कमजोर होने के कारण ऐसा हो सकता है। मोटापे की वजह से अन्नप्रणाली में बांधा आ जाती है। ऐसे समय में आहार लेना दिक्कत पैदा करता है।

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हार्टबर्न (Reflux Disease) का उपचार

यदि आपका बच्चा इस रोग से ग्रस्त है तो आप डॉक्टर की सलाह से दवा का उपयोग कर सकती है। साथ ही कुछ सावधानियां जैसे एसिडिक फूड या फैटी फूड से बच्चों को बचाएं। ध्यान रखें कि आपका बच्चा सोने से पहले खाना खा लें। सोते समय उसका सिर बिस्तर से ऊंचा रखे। अगर आपका बच्चा मोटापे से ग्रस्त है तो वजन घटाने में उसकी मदद कर सकते हैं।

लाइफस्टाइल में चेंज करके आपके बच्चें को राहत नहीं मिल रही है तो आपको डॉक्टर के परामर्श से ओटीसी की दवाओं का उपयोग करना चाहिए।

एंटएसिड्स( Antacids)

ये दवा पेट की अंदर के अम्लीय गुणों को बेअसर करने का काम करती है। एंटएसिड में सक्रिय अवयवों में एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (12 वर्ष और अधिक आयु के बच्चों में) और कैल्शियम कार्बोनेट (2 वर्ष और अधिक आयु के बच्चों में ) शामिल हैं।

हिस्टामाइन रिसेप्टर (H2) ब्लॉकर्स

यह पेट को एसिड उत्पन्न करने से रोकता है।

H2 ब्लॉकर्स में सक्रिय अवयवों में शामिल हैं:

  • Cimetidine
  • Ranitidine
  • Famotidine
  • Nizatidine

इन दवाओं को 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए हैं। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इलाज के बारे में एक डॉक्टर से पूछें।

प्रोटॉन पंप इनहिबिटर ( Proton Pump Inhibitors )

ओटीसी लेबल केवल वयस्कों द्वारा उपयोग के लिए हैं। वे पेट की अस्तर की दीवार पर छोटे एसिड पंपों को अवरुद्ध करके पेट की एसीडिटी को कम करने का काम करता है। पीपीआई सामग्री में ओमेप्राज़ोल, सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ ओमेप्राजोल और लैंसोप्राजोल शामिल है।

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कब्ज( Constipation)

कब्ज एक बहुत ही आम समस्या है। लो फाइबर डायट की वजह से बच्चों में ये समस्या हो जाती है । 3 से 5 प्रतिशत बच्चों में ये समस्या पाई जाती है। हालांकि लोग अक्सर कब्ज को कठोर मल का पर्याय मानते हैं। कब्ज की चिकित्सा परिभाषा अधिक विशिष्ट है। यदि सप्ताह में कम से कम एक या दो बार ये लक्षण दिखें

  • प्रति सप्ताह दो या उससे कम बार शौच होना।
  • दर्दनाक या कठोर मल त्याग का इतिहास
  • मलाशय में एक बड़े fecal द्रव्यमान की उपस्थिति
  • बड़े-व्यास के मल का इतिहास

डायरिया

डायरिया बच्चों में पाई जाने वाली एक समस्या है। डायरिया यानि दस्त, यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के अंदर पानी और नमक दोनों ही खत्म हो जाता है। गलत खान-पान या बदलते मौसम के कारण बच्चों को डायरिया हो जाता है लेकिन इससे परेशान होने की जरूर नहीं। आप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप बच्चों की इस समस्या को दूर कर सकते हैं। ओआरएस के घोल के साथ ही बच्चें को दाल का पानी, चावल का मांड, दही केला, हल्का पाचक भोजन दें सकते हैं।

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