पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) मानसिक स्थिति को दर्शाता है, इसमें अक्सर पिछली बातों को याद कर पीड़ित पैनिक हो उठते हैं। PTSD की समस्या से पीड़ित हमेशा परेशान, चिंतित, घबराया और डरा हुआ महसूस करते हैं। कई बार पीड़ित पुरानी घटनाओं जैसे किसी की मौत या दुर्घटना को याद कर भी डर जाते हैं। ऐसी परिस्थिति में पीड़ित को संभालना कठिन हो जाता है। लेकिन, ऐसा नहीं है की इस समस्या से निजात न मिले। इसलिए बेहतर देखरेख और इलाज से पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से छुटकारा पाया जा सकता है।
पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर बड़ी समस्या या बीमारी नहीं है। पुरुषों की तुलना में पीटीएसडी महिलाओं में ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं ज्यादा संवेदनशील होती हैं। पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर किसी भी उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है, यहां तक की बच्चों में भी। पीटीएसडी के कारणों को समझकर इसे ठीक किया जा सकता है। बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

इन लक्षणों के अलावा और भी लक्षण हो सकते हैं। इसलिए स्थिति बिगड़ने से पहले डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
मेंटल कंडीशन के मरीज डॉक्टर से मिलना भी नहीं चाहते हैं। लेकिन, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर का इलाज किया जाता है और इस समस्या से छुटकारा भी पाया जाता है। इसलिए लक्षण या परेशानी समझ आने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वैसे निम्नलिखित लक्षणों से भी पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर को समझा जा सकता है:
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PTSD के कारण अभी साफ नहीं है की आखिर ऐसा क्यों होता है। लेकिन, अगर कोई परेशानी या अप्रिय घटना पहले हो चुकी है तो उनके बारे में सोंचना और परेशान रहना एक वजह हो सकती है। कई बार पीड़ित किसी अपने चाहने वाले की मौत की वजह से या फिर खुद उनके साथ यौन हिंसा जैसी घटना हो सकती है।
पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर कई कारणों से बढ़ सकते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर की परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है। उन कारणों में शामिल है:
बदलते जीवनशैली में बढ़ते तनाव की वजह से पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसी परेशानी हो सकती है। वैसे PTSD की परेशानी बढ़ने के पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
कई अन्य दर्दनाक घटनाएं भी PTSD की समस्या शुरू करने केलिए काफी है, जैसे प्राकृतिक आपदा, कार दुर्घटना, विमान दुर्घटना, अपहरण, आतंकवादी हमला या फिर इनसब से जुड़ी कोई अन्य घटना।
दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का निदान कैसे किया जाता है?
PTSD का निदान घटना घटने के कुछ दिनों बाद किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है की एक महीने तक का वक्त लग सकता है किसी भी घटना से निकलने के लिए। ऊपर बताए गए लक्षणों के आधार पर पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर समझा जा सकता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर विकल्प होता है। लक्षण समझ आने पर डॉक्टर अपनी ओर से इलाज शुरू कर सकते हैं। इस दौरान कुछ बॉडी चेकप भी की जा सकती है। जिससे बीमारी कौन से स्टेज में है समझा जा सकता है।
अगर कोई शारीरिक बीमारी नहीं पाई जाती है, तो आपको मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या अन्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के पास भेजा जा सकता है जो विशेष रूप से मानसिक बीमारियों के निदान और उपचार के लिए प्रशिक्षित होते हैं। मनोचिकित्सक और मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझते हुए इलाज शुरू करेंगे। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर पीटीएसडी का निदान कर सकते हैं।
पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का इलाज कैसे किया जाता है?
PTSD का इलाज कर डॉक्टर आपको पहले की तरह स्वस्थ बना सकते हैं। PTSD से पीड़ित मरीजों को सबसे पहले साइकोथेरपी और दवाओं से इलाज शुरू किया जाता है। इससे आपके लक्षणों में सकारात्मक बदलाव आएगा। एक्सपर्ट आपको भी समझाएंगे की परेशानी के दौरान क्या करना चाहिए। इससे अगर आपको ड्रग्स या एल्कोहॉल की आदत है तो वह भी ठीक होगी और अगर डिप्रेशन या आप चिंतित रहते हैं तो इससे भी बाहर आ सकते हैं।
पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर की समस्या दूर करने के लिए कॉग्नेटिव थेरिपी और एक्सपोजर थेरिपी की सलाह देते हैं। कॉग्नेटिव थेरिपी की मदद से यह समझना आसान हो जाता है की आप किस बात को लेकर परेशान हैं। एक्सपोजर थेरिपी की मदद से यह समझा जाता है की आप किस बात से परेशान हैं।
इन थेरिपी के अलावा कुछ और भी थेरिपी हैं जिनकी मदद से इलाज किया जाता है।
यदि बीमारी से जुड़े कोई प्रश्न हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
10/07/2020
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Ankita mishra
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar