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स्टाइल के साथ-साथ पैरों का भी रखें ख्याल, फ्लिप-फ्लॉप फुटवेयर खरीदने में बरतें सावधानी!

स्टाइल के साथ-साथ पैरों का भी रखें ख्याल, फ्लिप-फ्लॉप फुटवेयर खरीदने में बरतें सावधानी!

आज के दौर में स्टाइलिश फ्लिप-फ्लॉप फुटवेयर की बहार है। दिनभर भारी भरकम बंद जूते और चुभती हुई सेंडल्स पहनने के बाद फ्लिप फ्लॉप पहनना काफी सुखद लगता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि स्टाइल और कंफर्ट देने वाले ये फ्लिप-फ्लॉप आपके पैरों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं? अगर नहीं? तो आपको ये जानना बेहद जरूरी है कि गलत फ्लिप-फ्लॉप के चयन से आप फ्लैट फीट सिंड्रोम का शिकार हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि फ्लिप-फ्लॉप खरीदते वक्त आपको इसका चयन सावधानी से करना चाहिए। जानें इस बारे में क्या कहते हैं आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रदीप मूनोट।

गलत फ्लिप-फ्लॉप दे सकता है ये परेशानियां

लिगामेंट्स में खिंचाव (एड़ियों-टखनों का दर्द)

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गलत फ्लिप-फ्लॉप पहनने से लंबे समय तक पैरों को पर्याप्‍त सर्पोट नहीं मिल पाता, जिससे लिगामेंट्स में खिंचाव आ सकता है। यह एड़ियों और टखनों में दर्द का सबसे प्रमुख कारण है। पैरों को पूरा सहारा न मिल पाने से टखना एक ओर घूम सकता है। इससे लिगामेंट्स टूटने का खतरा होता है या टखनों की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।

और पढ़ें – पैरों को मजबूती देने के लिए करें प्लियोमेट्रिक एक्सरसाइज, कुछ इस तरह

हैमरटोज (Hammertoes)

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अगर आपको चलते समय फ्लिप-फ्लॉप पर ग्रिप बनाने के लिए अपनी पैर की उंगलियों को खींचना पड़े, तो इससे आपके पंजों की मांसपेशियों पर अत्‍यधिक दबाव आ जाएगा। इससे हैमरटोज़ की समस्‍या हो सकती है। पैरों की इस विकृति में दूसरी, तीसरी या चौथी उंगली, जोड़ की ओर से मुड़ जाती है और हैमर या हथौड़े के समान दिखने लगती है।

और पढ़ें – हाथ और पैर के नाखून भी बताते हैं स्वास्थ्य का हाल

कमर और कूल्‍हों में दर्द

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गलत साइज की फ्लिप-फ्लॉप पहनने से घुटनों, कुल्‍हों या कमर में दर्द हो सकता है। इससे लिगामेंट्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। घुटनों और कमर के निचले हिस्‍सों की मांसपेशियों पर भी दबाव पड़ता है।

और पढ़ें :पीरियड्स के दौरान स्ट्रेस को दूर भगाने के लिए अपनाएं ये एक्सपर्ट टिप्स

कैसे चुनें सही फ्लिप-फ्लॉप?

अपनी जरूरत को समझें

अगर आपको इसका उपयोग थोड़े समय के लिए करना है तो मुलायम फ्लिप-फ्लॉप का चयन करें। अगर आपको इसे पहनकर बहुत अधिक चलना है तो ऐसी फ्लिप-फ्लॉप पहनें जो मजबूत हो और आपके पैरों को उपयुक्‍त सहारा दे।

सोल को जांचें

फुटवेयर को ‘फुटबेड’ कहा जाता है इसलिए फुटवेयर का सोल किस मटेरियल का है, वह सबसे अधिक महत्‍वपूर्ण है। प्‍लास्‍टिक फोम का सोल पैरों के तलवे को उपयुक्‍त सहारा नहीं दे पाता है। इथीलीन और इथीलीन विनाइल एसिटेट से बना सोल सबसे बेहतर माना जाता है। यह मुलायम और लचीला होता है तथा पैरों को उचित सहारा देता है।

सोल का डिजाइन भी है महत्‍वपूर्ण

सही सोल के चयन के साथ सोल की डिजाइन भी उतनी ही महत्‍वपूर्ण है। कुछ अच्‍छे सोल नीचे से चिकने होते हैं, जिससे गीली सतह पर फिसलने और गिरने का खतरा होता है। ऐसे सोल वाले फ्लिप-फ्लॉप खरीदें जिसकी नीचे की ओर ग्रिप डिजाइन किया गया हो। यह सतह के साथ थोड़ा घर्षण उपलब्‍ध कराती है और इससे फिसलने का खतरा भी कम होता है, खासकर बारिश में।

स्‍ट्रैप्‍स को जांचें

पैरों को अच्‍छा सहारा और आराम देने के लिए ऐसे फ्लिप-फ्लॉप का चयन करें जिसके स्‍ट्रैप्‍स मोटे हों और आपके पैर में फिट आएं। ये अंदर की ओर मुलायम भी हों ताकि इससे आपके पैरों की त्‍वचा को नुकसान न पहुंचे। अगर आपको स्ट्रैप्स पहनने में आरामदायक नहीं लग रहे हैं तो आप उसे बिल्कुल भी न लें। स्ट्रैप्स सही नहीं होने पर कुछ ही समय बाद आपको पैरों में दर्द का एहसास होने लगेगा।

और पढ़ें : साइटिका के घरेलू उपाय को आजमाएं, जानें क्या करें और क्या नहीं

सही हील चुनें

आप मध्‍यम और ऊंची एड़ी का चयन भी कर सकते हैं। हील का चयन करते समय कम्‍फर्ट लेवल का भी ध्‍यान रखें। अगर आपको पैरों में या फिर एड़ी में पहले से ही कोई समस्या है तो बेहतर होगा कि आप इस बारे में एक बार डॉक्टर से भी जरूर राय लें। कई बार लोग पैरों की समस्या के बावजूद पैरों में फुटवियर पहनते हैं, जिसके कारण उनकी समस्या अधिक बढ़ जाती है। आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय तक एक ही फ्लिप-फ्लॉप को न पहनें। अगर फ्लिप-फ्लॉप टूट जाए, घिस जाए तो नई खरीद लें।

क्‍या न करें?

ड्राइविंग के वक्त न पहनें फ्लिप-फ्लॉप

फ्लिप-फ्लॉप पहनकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए। अगर आप फ्लिप-फ्लॉप पहनकर गाड़ी चलाएंगे तो ब्रेक लगाते समय आपको दिक्कत होगी और साथ ही जल्दबाजी के चक्कर में आपकी एड़ी भी चोटिल हो सकती है। गाड़ी चलाते समय किसी भी तरह के लूज फुटवियर नहीं पहनने चाहिए। आरामदायक फुटवियर के साथ ही आपको ऐसे फुटवियर का यूज करना चाहिए जो आपके पैरों को अच्छे से बांध सके।

और पढ़ें :क्रेविंग्स और भूख लगने में होता है अंतर, ऐसे कम करें अपनी क्रेविंग्स को

कोई खेल खेलते समय फ्लिप-फ्लॉप न पहनें

भले ही फ्लिप-फ्लॉप फुटवियर आरामदायक होते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इसे हर समय नहीं पहना जा सकता है। अगर आप फ्लिप-फ्लॉप को पहनकर फुटबॉल खेलेंगे तो अधिक संभावना है कि आपकी एड़ियां चोटिल हो जाएं। जी हां, इससे पैर या एड़ियां मुड़ सकती हैं। खेल के वक्त पैर को बंधा होना चाहिए। यानी स्पोर्ट्स शूज पहनकर ही खेल खेलना चाहिए। ऐसा नहीं कि आप केवल फुटबाल ही स्पोर्ट्ज शूज पहनकर खेलें, बल्कि हर खेल के वक्त शूज जरूर पहनें और फ्लिप-फ्लॉप को इग्नोर करें।

बगीचे में न पहनें फ्लिप-फ्लॉप

कुछ लोग यार्ड में काम करते समय या फिर बगीचे में काम करते समय फ्लिप-फ्लॉप का उपयोग करते हैं। अगर आपके बगीचे बहुत घने हैं तो बेहतर होगा कि आप फ्लिप-फ्लॉप का उपयोग न करें। हो सकता है कि अचानक से सांप या फिर अन्य इनसेक्ट आपके पैर में कांट लें। ऐसे में आपको पैर को पूरी तरह से कवर करने वाले फुटवियर पहनने चाहिए। आप सावधानी के तौर पर इस बात पर ध्यान दें और अगली बार जब भी बगीचे में जाएं तो इस बात पर जरूर ध्यान रखें।

और पढ़ें : कार्बोहाइड्रेट से परहेज करना, शरीर में इन समस्याओं को देता है दावत

न लगाना भूलें सनस्क्रीन

अगर आपने फ्लिप-फ्लॉप फुटवियर पहने हैं तो बेहतर होगा कि आप पैरों में सनस्क्रीन लगाना न भूलें। गर्मियों के दिनों में फ्लिप-फ्लॉप पहनना आरामदायक होता है, लेकिन लोग अक्सर स्किन को धूप से बचाना भूल जाते हैं। अगर आप छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आप आसानी से फ्लिप-फ्लॉप को एंजॉय कर सकते हैं। अगर आपकी स्किन को धूप से दिक्कत हो रही है तो बेहतर होगा कि आप फ्लिप-फ्लॉप को इग्नोर करें।

इन एक्टिविटी के दौरान सेफ नहीं हैं फ्लिप-फ्लॉप

अगर आप कुछ खास तरह की गतिविधियां कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि ऐसे समय में फुटवियर का चयन करते समय विशेष सावधानी रखें। जानिए कब फ्लिप-फ्लॉप से बचना चाहिए।

  • एक्सरसाइज के दौरान न पहनें फ्लिप-फ्लॉप।
  • फ्लिप-फ्लॉप को मशीनी उपकरण या फिर मोटर का उपयोग करते वक्त न पहनें।
  • फ्लिप-फ्लॉप पहन कर कोई भी भारी सामान न उठाएं।
  • अगर आपको किसी लंबी यात्रा में जाना है तो ऐसे में इस फुटवियर का चयन न करें।
  • अगर आपको लगता है कि फुटवियर के रूप में आप फ्लिप-फ्लॉप हमेशा पहन सकते हैं तो आप गलत हैं। बेहतर होगा कि सिचुएशन के अनुसार ही फ्लिप फ्लॉप का चयन करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको फ्लिप-फ्लॉप फुटवियर से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। साथ ही आप हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट में स्वास्थ्य संबंधित आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं। अगर आप किसी विशेष समस्या से जूझ रहे हो तो बेहतर होगा कि डॉक्टर से जांच कराएं और उनकी सलाह मानें।

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सूत्र

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Footwear https://medlineplus.gov/foothealth.html  Accessed on 12/2/2020

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Footwear  https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3907140/Accessed on 12/2/2020

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डॉ. प्रदीप मूनोट द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/08/2020 को
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