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Ventricular fibrillation (V-fib): वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन क्या है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Bhawana Sharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 04/08/2021

Ventricular fibrillation (V-fib): वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन क्या है?

परिचय

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) क्या है?

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) दिल की धड़कन से जुड़ी एक समस्या है। इसके कारण हृदय की गति तेज हो जाती है या अनियमित तरीके से दिल धड़कने लगता है। कभी-कभी दिल का दौरा पड़ने के कारण या वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) से आपके ब्लड प्रेशर पर दबाव पड़ता है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में रक्त का संचार ठीक से हो नहीं पाता है।

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन(Ventricular Fibrillation), एक गंभीर स्थिति है जिसमें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है। यह बीमारी व्यक्ति को सेकंड में बेहोश कर सकती है। यह कार्डियक अरेस्ट का कारण बनती है। इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के अलावा डिफिब्रिलेटर नामक डिवाइस के साथ दिल को झटका दिया जाता है। दवाओं से दिल की धड़कन को सामान्य किया जा सकता है।

कितना सामान्य है वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन(Ventricular Fibrillation)?

वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन एक आम बीमारी नहीं है। दिल के मरीजों को अक्सर ये समस्या होती है। इसके अलावा डॉक्टर आपको सही जानकारी दे सकते हैं।

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) की तरह ही एट्रियल फाइब्रिलेशन होता है। लोग इन दोनों फर्क में नहीं कर पाते हैं। एट्रियल फाइब्रिलेशन के बारे में भी जानकारी होना जरूरी है। तभी सही इजाज हो सकता है।

हृदय के ऊपरी कक्षों में बाएं और दाएं एट्रियल होता है। वहीं वेंट्रिक्युलर हृदय के निचले कक्षों में होता है। ये चारों कक्ष एक साथ शरीर से खून लेकर पंप करते हैं।

जब ऊपरी कक्ष में पंप करने की गति अनियमित हो जाती है तो उसे एट्रियल फाइब्रिलेशन कहते हैं। वहीं ​जब दो निचले कक्ष अनियमित रूप से धड़कते हैं तो उसे वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (VFib) कहते हैं। यह दोनों दिल की अनियमित धड़कन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) में दिल ठीक से काम नहीं कर पाता है जिससे शरीर में खून पहुंचना भी बंद हो जाता है। दिल की धड़कन ही दिल को नियमित रूप से चलाए रखने के लिए जिम्मेदार है। ऐसा ना होने पर दिमाग सहित शरीर के कई अंगों में खून की आपूर्ति रुक जाती है।

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लक्षण

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) के लक्षण क्या हैं?

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन का सामान्य लक्षण हैं- बेहोशी। ऐसी स्थिति जिसमें आपके दिल का निचला हिस्सा बहुत तेजी से धड़कता है। ये वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) को जन्म दे सकते हैं। आपके दिल के निचले कक्ष को तेजी से धड़कने को वेंट्रिक्युलरटैचीकार्डिया कहते हैं। इसके लक्षण हैं: 

इनके अलावा और भी कई ऐसे कारण भी हो सकते हैं जो यहां नहीं दिए गए हों। इसलिए अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से मिलें।

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

ऊपर दिए लक्षणों में अगर कोई भी लक्षण आपको दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। हर किसी का शरीर अलग तरह से काम करता है जिसके कारण वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) के सभी लक्षणों को इस सूची में शामिल नहीं किया जा सकता है। इसलिए स्थिति का सही पता लगाने के लिए डॉक्टर के पास जाएं।

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कारण

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) के कारण क्या हैं?

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेश होने के कई कारण हो सकते हैं। जिनमें निम्न मुख्य रूप से शामिल हैं –

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जोखिम

कौन सी स्थितियां वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) के जोखिम को बढ़ा सकती हैं?

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) के कई जोखिम कारक हैं, जैसे

  •  वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) पहले भी कभी हुआ हो
  •  पहले भी कभी दिल का दौरा पड़ चुका हो
  •  कुछ लोगों में पैदा होने के साथ हृदय रोग 
  •  हृदय की मांसपेशी की बीमारी (कार्डियोमायोपैथी)
  •  चोटें जो हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाती हैं, जैसे कि इलेक्ट्रोक्यूशन
  •  कोकीन या मेथामफेटामाइन जैसी अवैध ड्रग्स का उपयोग

आप चाहें तो जीवनशैली में बदलाव व घरेलू उपायों की मदद से इनका परहेज कर सकते हैं। ध्यान रहे की वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) एक गंभीर स्थिति है जिसके इलाज के साथ आपको इसके जोखिम कारक से बचना पड़ सकता है।

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उपचार

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) का निदान कैसे किया जाता है?

वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) का इलाज हमेशा आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। यदि आपको वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन है तो डॉक्टर उसे पता लगाने के लिए ये चीजे करेंगे-

  •  वो हार्ट की जांच करेंगे।
  •  हृदय मॉनिटर से आपके दिल की धड़कन को जांचा जाएगा और ये पता लगाया जाएगा कि हृदय की गति कैसी है। यह दिखाएगा कि आपका दिल गलत तरीके से धड़क रहा है या सही।

पल्स चेक करके भी वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) का पता लगाया जा सकता है। यह जानने के लिए कि आपके वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन के कारण क्या है, इसके अलग परीक्षण होंगे:

  •  इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) – यह आपकी त्वचा से जुड़ी इलेक्ट्रोड के माध्यम से दिल की गतिविधि को रिकॉर्ड करता है। इसका परिणाम एक मॉनिटर पर तरंगों के रूप में दिखता है।
  •  ब्ल्ड टेस्ट इसमें डॉक्टर आपका कुछ ब्ल्ड टेस्ट करते हैं।
  •  एक्स-रे-  डॉक्टर आपके सीने का एक्सरे भी करवा सकते हैं, जिसमें उनको आपके हृदय और उसके रक्त वाहिकाओं की स्थिति के बारे में पता चलेगा।

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वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) का इलाज कैसे होता है?

  • वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन का तुरंत उपचार होना जरूरी है। इससे पहले आपके मस्तिष्क और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचे, जल्द से जल्द रक्त को पूरे शरीर में पहुंचाने की कोशिश की जाती है।   
  •  यदि आपके हृदय में ब्लड र्सक्युलेशन फिर से शुरू हो जाता है तो आपके पास वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) को ठीक करने के लिए कई विकल्प होंगे। 
  •  छाती के माध्यम से हृदय तक बिजली का झटका देने से दिल की तेज धड़कन धीमी हो जाती है। यह सामान्य हृदय गति को फिर से शुरू कर देता है।
  •  दवाई के माध्यम से भी डॉक्टर इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। ब्ल्ड  में सुधार करने के लिए एक और प्रक्रिया कोरोनरी बाईपास सर्जरी है। 

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घरेलू उपाय

जीवनशैली में होने वाले बदलाव क्या हैं, जो मुझे वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) को रोकने में मदद कर सकते हैं?

जीवनशैली बदलाव और घरेलू उपाय

  •  वेंट्रिक्युलर फाइब्रिलेशन (Ventricular Fibrillation) जैसी बीमारी हर किसी को नहीं होती है।
  •  इसके लिए अच्छे खान-पान और व्यायाम की जरूरत है।
  •  अपने दिल को सही रखने के लिए ज्यादा तली-भुनी चीजें खाने से परहेज करें।
  •  फल और हरी सब्जियां अपनी रोज की डायट में शामिल करें।
  •  इसके अलावा समय-समय पर अपने डॉक्टर की सलाह भी लेते रहें।

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो उसकी बेहतर जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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