ब्राउन राइस (ब्राउन चावल) बिना या पॉलिश किए हुए व्हाइट चावल हैं। इसमें अनसैचुरेटेड फैटी एसिड (Unsaturated fatty acid), प्रोटीन (Protein), मिनिरल (Mineral), विटामिन और स्टार्च होता है। ये सभी चावलों को पॉलिश करते वक्त हटा दिए जाते हैं। इसे भोजन के रूप में खाने के साथ दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

ब्राउन राइस (Brown Rice) ग्लूटेन फ्री होता है। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। नेशनल न्यूट्रिएंट डेटाबेस के अनुसार, ब्राउन राइस मैंगनीज, आयरन, फॉस्फोरस, कैल्शियम, सेलेनियम और पोटेशियम जैसे खनिजों से भरपूर होता है। यह प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होने के साथ इसके आहार से शरीर को अच्छी मात्रा में फाइबर मिलता है।
ब्राउन राइस (ब्राउन चावल) के फायदे बहुत से होते हैं। ब्राउन राइस के फायदे में मुख्य रूप से हार्ट हेल्थ (Heart Health), स्ट्रोक (Stroke) का कम खतरा, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) में कंट्रोल, ब्लड प्रेशर (Blood pressure) में कंट्रोल आदि फायदे पहुंचते हैं।
वजन कम करने में सहायक:
ब्राउन राइस में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। इसे डायट में शामिल करने से मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बेहतर होता है और वजन अपने आप कम होता चला जाता है।
डायजेशन को करे बेहतर:
ब्राउन राइस पाचन तंत्र (Digestive) को बेहतर बनाए रखने में मददगार है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज (Constipation) और एसिडिटी (Acidity) को खत्म करने के साथ डायजेशन को बेहतर बनाने में मददगार है।
मधुमेह के रोगियों के लिए लाभदायक:
ब्राउन राइस में लगभग 300 एंजाइम होते हैं, जो शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन (Insulin) की मात्रा को बनाएं रखते हैं। एक शोध के अनुसार, मोटापे (Obesity) से ग्रस्त लोगों को जब सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस दिए गए तो पाया गया कि इन लोगों में ग्लूकोज का स्तर और सीरम इंसुलिन में कमी आई।
हड्डियों को बनाए मजबूत:
ब्राउन राइस मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत है। मैग्नीशियम हड्डियों (Bone) को मजबूत बनाने के लिए एक आवश्यक तत्व है। इसलिए इसका सेवन बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी करना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल लेवल करे कम:
कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से शरीर कई बीमारियों की चपेट में आ जाता है। ये कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol) को कम कर धमनियों को ब्लॉक नहीं होने देता है। इससे दिल संबंधित बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है।
दिल संबंधित बीमारियों को करे दूर:
कई अध्ययन में स्पष्ट हुआ है कि इसके सेवन से दिल (Heart) स्वस्थ रहता है। इसमें सेलेनियम होता है, जो ह्दय संबंधित रोगों की संभावना को कम करता है। इसलिए इसका सेवन नियमित रूप से और संतुलित किया जा सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार:
इसमें शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। इसका नियमित सेवन कोशिकाओं को ऑक्सीजन मुक्त कण और फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाते हैं।
और पढ़े : क्या बच्चों को ब्राउन राइस खिलाना चाहिए?
अल्जाइमर (Alzheimer) के पेशेंट्स के लिए वरदान:
इसमें गामा-अमीनोब्यूटिरिक (Gamma-aminobutyric) एसिड पाया जाता है जो अल्जाइमर के लक्षण दूर करने में सहायक है। अल्जाइमर जैसी बीमारी के लिए कोई खास दवा उपलब्ध नहीं है और यह बीमारी उम्र बढ़ने के साथ-साथ शुरू हो सकती। इसलिए इसका सेवन बुजुर्गों और वयस्कों को करना चाहिए।
कैंसर को रोकता है:
ये कोलोन कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) को कोसों दूर रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स (Antioxident) और हाई फाइबर शरीर में कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक टॉक्सिन्स को नष्ट करते हैं।
अनिद्रा (Sleepless):
ब्राउन राइस में हार्मोन मेलाटोनिन नामक तत्व होता है जो नसों को आराम पहुंचाकर नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। अगर आपको नींद न आने की परेशानी है तो अपने आहार में इस चावल का उपयोग किया जा सकता है।
पीलिया (Jaundice):
इस राइस का सेवन जॉन्डिस के पेशेंट को अवश्य करना चाहिए। इसमें मौजूद पोषक तत्व इस बीमारी से लड़ने में सहायता पहुंचाता है।
इन बीमारियों के इलाज में भी है फायदेमंद:
कई अध्ययनों में पाया गया कि ब्राउन राइस एंटी-डायबीटिक एंटी-कोलेस्ट्रॉल, कार्डियोप्रोटेक्टिव और एंटी-ऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। खाद्य विज्ञान और पोषण में 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि होल ग्रेन्स (Whole grains) जैसे ब्राउन राइस में फेनोलिक यौगिक होते हैं जो दिल संबंधित बीमारियां, मधुमेह (Diabetes) और कैंसर (Cancer) जैसे रोगों को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं।
और पढ़ें: Chia Seeds : चिया बीज क्या है?
इस पर जितने भी शोध हुए हैं उनमें अभी तक कोई दुष्परिणाम नहीं सामने आए हैं। इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है। सीमित मात्रा में इसका सेवन सुरक्षित है। जरूरत से ज्यादा इसका सेवन न करें। अगर आप गर्भवती हैं या फिर स्तनपान (Breastfeeding) करवा रही हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसके साइड इफेक्ट के बारे में जरूर जानकारी प्राप्त करें। इसमें आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा होती है जिसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
खान-पान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए नीचे दिए वीडियो लिंक पर क्लिक करें
और पढ़ें :Jiaogulan: जागुलन क्या है?
ब्राउन राइस (ब्राउन चावल) का सेवन से निम्नलिखित साइड इफेक्ट होते हैं। जैसे-
[mc4wp_form id=’183492″]
और पढ़ें : Eucalyptus: नीलगिरी क्या है?
हर्बल सप्ल्मिेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्ल्मिेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
ब्राउन राइस (ब्राउन चावल) निम्नलिखित तरह से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। जैसे-
और पढ़ें : Garcinia : गार्सिनिआ क्या है ?
ब्राउन राइस निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
अगर आप ब्राउन राइस का सेवन करते हैं और इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Brown Rice as Useful Nutritional Source/https://www.cabi.org/gara/FullTextPDF/2021/20210076337.pdf/Accessed on 24/08/2021
White Rice vs. Brown Rice/https://nutritionfacts.org/2019/03/19/white-rice-vs-brown-rice/Accessed on 24/08/2021
Amazing Benefits Of Brown Rice https://food.unl.edu/now-youre-cooking-brown-rice Accessed on 12/12/2019
15 Impressive Benefits Of Brown Rice/https://www.organicfacts.net/health-benefits/cereal/brown-rice.html/Accessed on 12/12/2019
Brown rice/https://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/food-features/rice/Accessed on 12/12/2019
Brown rice https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6025443/ Accessed on 12/12/2019
Current Version
24/08/2021
Mona narang द्वारा लिखित
Updated by: Nidhi Sinha