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लॉकडाउन में लोगों ने स्टॉक कर ली सिगरेट और तंबाकू, हो सकते हैं दुष्परिणाम

लॉकडाउन में लोगों ने स्टॉक कर ली सिगरेट और तंबाकू, हो सकते हैं दुष्परिणाम

कोरोना वायरस को लेकर एहतियात के तौर पर देशभर को लाॅकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में राशन, मेडिकल और सब्जी जैसे जरूरी सामान न मिलने के डर के चलते लोगों ने इन चीजों को स्टोर कर लिया है। यहां तक तो ठीक है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पान, गुटका, खैनी, तंबाकू और सिगरेट तक को स्टॉक कर लिया है। जिसके चलते वे नॉर्मल दिनों की तुलना में इन नशीली चीजों का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। जिससे उनके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना के इस दौर में अत्यधिक स्मोकिंग लंग्स को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जो पहले से स्मोकिंग करते थे, यदि वे वायरस की चपेट में आते हैं तो उनके बचने की संभावना कम हो जाती है। लाॅकडाउन, कोरोना वायरस के बचाव के बीच एक्सपर्ट के हवाले से कोरोना के दौरान स्मोकिंग कितनी घातक है जानते हैं।

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कैसे बढ़ रहा खतरा?

ब्रह्मानंद हृद्यालय नारायणा मल्टी स्पेश्यलिटी हास्पिटल जमशेदपुर के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ आशीष बताते हैं कि, ‘यदि सामान्य दिनों में कोई व्यक्ति एक से दो सिगरेट प्रतिदिन पीता था तो वहीं इस लाॅकडाउन के बीच उसने घर में ही सिगरेट को स्टोर कर लिया है तो वह औसतन 8-10 सिगरेट पी लेगा। यह उसके शरीर के लिए घातक साबित होगा। सामान्य लोगों की तुलना में उसे कोरोना वायरस के संक्रमण का तो खतरा है ही साथ ही उसमें एंग्जायटी, गुस्सा, डिप्रेशन (तनाव) और हाइपरटटेंशन की समस्या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि लाॅकडाउन के दौरान स्मोकिंग कम करें।

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जो लोग स्टॉक नहीं कर पाए उनके लिए भी खतरा

देशभर में पीएम मोदी ने अचानक लाॅकडाउन कर दिया था है। कई लोग ऐसे भी हैं जो सिगरेट, पान, गुटका, तंबाकू, खैनी आदि का सेवन तो करते हैं, लेकिन वे इसका स्टॉक नहीं कर पाए। अब ऐसे लोग इन चीजों की तलब से परेशान हैं। कैंसर स्पेशलिस्ट डाॅ आशीष बताते हैं कि, कोरोना के दौरान स्मोकिंग हर मायने में गलत है। ऐसे लोग जिन्होंने नशीले पदार्थों को स्टाॅक नहीं किया है और वे घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं तो ऐसे लोगों के लिए यह एक मौका है। यदि दो से तीन दिनों से किसी स्मोकर ने स्मोकिंग नहीं की या कम की है तो वह अपनी इच्छाशक्ति को बढ़ाकर इसे कम से और कम कर सकता है। ऐसे लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा दिनों तक स्मोकिंग न करें।

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कोरोना में स्मोकिंग से इन बीमारियों का खतरा

कैंसर स्पेशलिस्ट डाॅ आशीष बताते हैं कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग से कई प्रकार की बीमारी हो सकती है, जिनमें सबसे ज्यादा खतरा लंग कैंसर, ओरल कैंसर और किडनी के कैंसर का है। वहीं कोरोना के दौरान स्मोकिंग से पेशाब की थैली का भी कैंसर हो सकता है। इसके अलावा हार्ट अटैक की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग न की जाए।

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तनाव के दौरान तंबाकू का बढ़ता है सेवन

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सदर अस्पताल जमशेदपुर के साइकेट्रिस्ट डॉ दीपक कुमार गिरि बताते हैं कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग काफी खतरनाक है। जिन लोगों ने पहले से ही घरों में तंबाकू के पदार्थ का स्टाक कर लिया था। उन्होंने अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर ली हैं। लाॅकडाउन में सभी लोग कोरोना वायरस के चलते तनाव में जी रहे हैं। सोशल मीडिया और न्यूज के माध्यम से मिलने वाली खबरों के कारण लोगों में तनाव बढ़ा है ऐसे में जिन लोगों ने घर में ही तंबाकू के पदार्थ या शराब रखी है वे इसका यूज ज्यादा कर सकते हैं। मरीज जिनको पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन है या वे किसी तनाव से जूझ रहे हैं तो उन लोगों के लिए सिगरेट और तंबाकू का सेवन करना काफी खतरनाक हो सकता है। वहीं यदि कोई पहले से ही किसी दवा का सेवन कर रहा है तो इस स्थिति में यानि कोरोना के दौरान स्मोकिंग करने से दवा का असर भी कम होगा।

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कोरोना के दौरान स्मोकिंग न कर पाने से घबराहट

साइकेट्रिस्ट डा दीपक बताते हैं कि ऐसे लोग जो रेगुलर स्मोकर तो हैं, लेकिन किसी कारणवश उन्होंने सिगरेट आदि का स्टाॅक नहीं करके रखा है तो वे घबराहट महसूस कर रहे होंगे। जरूरी है कि ऐसे लोग इस बैचेनी पर काबू पाएं। यदि ये लोग इस समय को बिना सिगरेट के गुजार देते हैं तो आने वाले समय में भी वो अपने मन पर काबू पा सकते हैं।

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इंफेक्शन का कारण बनती है स्मोकिंग

स्मोकिंग करने वालों व शराब का सेवन करने वालों पर एक शोध किया गया जिसमें यह देखा गया है कि इसका सेवन करने से वायरस इंफेक्शन होता है। 391 लोगों पर किए गए इस शोध से पता चला कि पांच में से एक व्यक्ति सांस संबंधी वायरस से ग्रसित था वहीं 26 लोगों को सलाइन तक चढ़ानी पड़ी थी। इससे यह पता चला कि यदि ऐसे लोगों को आइसोलेट न किया गया तो यह दूसरों को भी वायरस फैलाएंगे।

शोध से यह पता चला कि स्मोकर्स में संक्रमण के फैलने का खतरा सामान्य की तुलना में ज्यादा था। वहीं हाल ही में किए गए शोध से यह भी पता चला है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोना वायरस के केस ज्यादा हैं। वुहान में ही कोरोना से हुई मौतों से पता चला कि वहां महिलाओं की तुलना में पुरुषों की अधिक मौतें हुई। वहीं 140 कोरोना वायरस मरीजों पर किए शोध से पता चला है कि वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को है जो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग न की जाए।

कोरोना के दौरान स्मोकिंग को रोकने के लिए जापान में बैन

डाॅ आशीष कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस और ज्यादा सिगरेट पीने से लंग्स पर असर पड़ता है। वहीं जो लोग अत्यधिक सिगरेट पीते हैं उनको कोरोना वायरस का संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है। क्योंकि सामान्य व्यक्ति की तुलना में उनका लंग कमजोर होता है। यही वजह भी है कि जापान में लोग सिगरेट ना पिएं इसलिए स्मोकिंग पर बैन लगा दिया है। ऐसा कोरोना वायरस से बचाव को लिए किया है। भारतीय सरकार को भी दूसरे देशों को देखते हुए देश में तंबाकू व इसके पदार्थों पर बैन लगाना चाहिए।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। ।

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सूत्र

Why Covid-19 might make you rethink your smoking habits/https://edition.cnn.com/2020/04/06/opinions/smoking-vaping-covid-19-coronavirus-maa/index.html/accessed 7th April

Smoking, alcohol consumption, and susceptibility to the common cold/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1694990/accessed 7th April

Men represent the majority of coronavirus cases so far, according to a new study. Researchers have a few guesses as to why/https://www.businessinsider.in/science/news/men-represent-the-majority-of-coronavirus-cases-so-far-according-to-a-new-study-researchers-have-a-few-guesses-as-to-why-/articleshow/74072586.cms/accessed 7th April

Reduce your risk of serious lung disease caused by corona virus by quitting smoking and vaping/https://tobacco.ucsf.edu/reduce-your-risk-serious-lung-disease-caused-corona-virus-quitting-smoking-and-vaping/accessed 7th April

Dr ashish kumar, cancer specialist, bramhananda hridyalaya narayana multispeciality hospital Jamshedpur, tamuliya, ex cancer specialist meherbai tata cancer hospital Jamshedpur

Dr Deepak kumar giri, psychiatrist,district mental health programme, sadar hospital, Jamshedpur, ex psychiatrist mahatma gandhi memorial college & hospital jamshedour

 

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Satish singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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