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गौमूत्र से कोरोना रोकथाम की मिल रही सलाह, लेकिन डॉक्टर्स द्वारा सिद्ध उपाय ही अपनाएं

गौमूत्र से कोरोना रोकथाम की मिल रही सलाह, लेकिन डॉक्टर्स द्वारा सिद्ध उपाय ही अपनाएं

जब देश में नोवल कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा था, तब कई लोगों ने यह बताया था कि गोमूत्र और गोबर से नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम की जा सकती है। क्या कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर का उपाय काम करता है? क्या इससे कोरोना वायरस की रोकथाम की जा सकती है? जानें इस आर्टिकल में

कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : एंटी-वायरल गुण होने का दावा

भारत में कोविड-19 का प्रकोप शुरू हुआ, तो कई लोगों ने गोमूत्र और गोबर के उपयोग की सलाह दी। देश भर में कई स्थानों पर इन उपायों को लोगों ने आजमाया भी। कुछ नेताओं ने भी लोगों को कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर का इस्तेमाल करने के बारे में कहा। दिल्ली में तो गोमूत्र पार्टी का ही आयोजन कर दिया गया। लोगों का तर्क है कि गोमूत्र और गोबर में एंटी-वायरल गुण होते हैं और इसलिए ये नोवल कोरोना वायरस की रोकथाम या इलाज कर सकता है। कई स्थानों से गोमूत्र और गोबर के बेचे जाने की खबरें भी आईं।

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कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम का दावा

कई लोगों ने यह भी दावा किया था कि गोमूत्र और गोबर घातक से घातक बीमारी ठीक की जा सकती है। इसलिए गोमूत्र और गोबर से कोरोना वायरस को भी ठीक किया जा सकता है। लोगों का कहना था कि गोमूत्र और गोबर का सेवन संक्रामक कोरोना वायरस के प्रभाव को रोक देगा। यहां तक कहा गया कि इलाज के लिए केवल भारतीय गायों का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। खासकर वैसी गायों का गोमूत्र और गोबर अधिक फायदा पहुंचाएगा, जो सड़क से कचरा नहीं खाती हैं।

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कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : गोमूत्र पीने की सलाह

यह भी कहा गया कि माइग्रेन या डिप्रेशन जैसी समस्याओं के इलाज में भी गोमूत्र और गोबर से लाभ हो सकता है। तर्क दिया गया कि मांसाहारी भोजन के कारण इस तरह की बीमारियां पैदा होती हैं और मांसाहारी भोजन ही सभी बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। यह भी कहा गया कि नोवल कोरोनो वायरस संक्रमण के मामले में मरीजों को गोमूत्र पीना चाहिए। शिव मंत्रों भी का जाप करना चाहिए। इसके अलावा कोरोना मरीज अपने सिर या पूरे शरीर पर गोबर भी लगा सकते हैं। यह एक प्राकृतिक उपचार है, जिससे लोगों को लाभ होगा।

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कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : क्या इससे नोवल कोरोना वायरस का इलाज है संभव?

इतने दावों के बाद यह सवाल उठना जरूरी है कि क्या सच में कोविड-19 के इलाज के रूप में गोमूत्र और गोबर का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है और क्या इससे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम या इलाज किया जा सकता है? तो जवाब है कि इस बारे में कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। हालांकि, आयुर्वेद में गोमूत्र के फायदों का जिक्र है।

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कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नहीं किया कोई दावा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, नोवल कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ता जा रहा है और अभी तक इस बीमारी का इलाज नहीं ढूंढ़ा गया है। दुनिया भर के डॉक्टर घातक नोवल कोरोना वायरस का इलाज खोजने में जुटे हैं।

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कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर : लोगों के डर का फायदा लेने की कोशिश

ताजा आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में कोरोना महामारी के कारण 30 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 2 लाख से अधिक लोगों की इससे मौत हो चुकी है। ऐसे में देश भर में कोविड-19 के लोग दशहत में है। यह हमेशा देखा जाता है कि किसी भी जगह जब लोगों के दिलों में डर बैठ जाता है, तो वे अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय करना चाहते हैं।

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कई रिसर्च के अनुसार, गोमूत्र में कई ऐसे गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। कई शोधों में भी इस बात की पुष्टी हो चुकी है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, भारत सरकार के आयुष डिपार्टमेंट और इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड फार्मास्युटिकल साइंसेस में प्रकाशित शोध में गौमूत्र को कई बीमारियों के इलाज के लिए फायदेमंद बताया गया है, लेकिन यह कोरोना वायरस के लिए उपयोगी है इस बात को कोई प्रमाण नहीं है। दुनिया भर के वैज्ञानिक रोज कोरोना वायरस का ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कई वैक्सीन के ट्रायल का दूसरा फेज चल रहा है। इस बीच रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है। रूस ने ‘स्पूतनिक वी’ नामक वैक्सीन बनाई है। दवा को लेकर देश के राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया है कि यह पूरी तरह से असरदार और सुरक्षित है। दूसरी तरफ कई एक्सपर्ट्स इस वैक्सीन के पूरी तरह सुरक्षित होने पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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रूस द्वारा जारी की गई वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि यह कम से कम दो सालों तक कोरोना वायरस से सुरक्षा प्रदान करेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, गामालेया अनुसंधान केंद्र के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा, ‘रूस की कोरोना वैक्सीन का असर सिर्फ छह महीने या सालभर तक के लिए नहीं होगा, बल्कि यह दो साल तक असर करेगी और वायरस को दूर रखेगी।’

इसलिए आप कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर के उपयोग की सलाह जैसी बातों की जगह डॉक्टर द्वारा सिद्ध उपाय ही अपनाएं। कोरोना महामारी के कारण अगर किसी व्यक्ति को खांसी, सर्दी और बुखार के लक्षण महसूस होते हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। फिलहाल कई देशों में कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। देखना होगा कि लोगों तक वैक्सीन कब तक पहुंचेगी।

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उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में कोविड-19 में गोमूत्र और गोबर से जुड़ी जानकारी दी गई है। अगर आपका इस विषय से जुड़ा कोई सवाल है तो वह भी कमेंट बॉक्स के जरिए आप हमसे शेयर कर सकते हैं। आपको यह लेख कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताइए। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए बेहतर होगा कि आप किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/08/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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